Connect with us
Sunday,08-November-2026
ताज़ा खबर

व्यापार

सपाट खुला भारतीय शेयर बाजार, सेंसेक्स 73,600 स्तर से ऊपर

Published

on

मुंबई, 6 मार्च। मिश्रित वैश्विक संकेतों के बीच गुरुवार को भारतीय बेंचमार्क सूचकांक लगभग सपाट खुले, क्योंकि शुरुआती कारोबार में आईटी और एफएमसीजी सेक्टरों में बिकवाली देखी गई।

सुबह करीब 9.33 बजे सेंसेक्स 58.07 अंक या 0.0.08 प्रतिशत की गिरावट के साथ 73,672.16 पर कारोबार कर रहा था, जबकि निफ्टी 12.65 अंक या 0.06 प्रतिशत की गिरावट के साथ 22,324.65 पर था।

निफ्टी बैंक 205.85 अंक या 0.42 प्रतिशत की बढ़त के साथ 48,695.80 पर था। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 481.35 अंक या 0.98 प्रतिशत की बढ़त के साथ 49,649.70 पर कारोबार कर रहा था। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 128.30 अंक या 0.92 प्रतिशत की बढ़त के साथ 15,429.35 पर था।

बाजार पर नजर रखने वालों के अनुसार, सकारात्मक शुरुआत के बाद निफ्टी को 22,200, 22,100 और 22,000 पर सपोर्ट मिल सकता है। हाईर साइड पर, 22,450 और उसके बाद 22,550 और 22,700 पर तत्काल रेजिस्टेंस हो सकता है।

आरबीआई 12 मार्च और 18 मार्च को 50,000 करोड़ रुपये की दो ओपन मार्केट ऑपरेशन खरीद और 24 मार्च को 36 महीने की अवधि के लिए 10 बिलियन डॉलर की यूएसडी/आईएनआर खरीद/बिक्री स्वैप नीलामी आयोजित करेगा। इससे सिस्टम में अधिक तरलता आएगी।

एचडीएफसी सिक्योरिटीज में प्राइम रिसर्च के प्रमुख देवर्ष वकील ने कहा, “निफ्टी 6 फरवरी, 2025 के बाद पहली बार अपने 5-डे एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (ईएमए) से ऊपर बंद हुआ, जो संभावित रूप से शॉर्ट टर्म में मंदी से तेजी में बदलाव की प्रवृत्ति का संकेत देता है।”

इस बीच, सेंसेक्स पैक में टाटा मोटर्स, एशियन पेंट्स, जोमैटो, टाटा स्टील, इंडसइंड बैंक, हिंदुस्तान यूनिलीवर, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक, एचसीएल टेक, टीसीएस और बजाज फिनसर्व टॉप गेनर्स थे। वहीं, कोटक महिंद्रा बैंक, पावरग्रिड, इंफोसिस और अल्ट्राटेक सीमेंट टॉप लूजर्स थे।

अमेरिकी बाजारों में पिछले कारोबारी सत्र में, डॉव जोन्स 1.14 प्रतिशत बढ़कर 43,006.59 पर बंद हुआ। एसएंडपी 500 इंडेक्स 1.12 प्रतिशत बढ़कर 5,842.63 पर और नैस्डैक 1.46 प्रतिशत बढ़कर 18,552.73 पर बंद हुआ।

एशियाई बाजारों में, केवल बैंकॉक लाल निशान पर कारोबार कर रहा था। जबकि चीन, जापान, सियोल, जकार्ता और हांगकांग हरे निशान पर कारोबार कर रहे थे।

विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने 5 मार्च को दसवें दिन अपनी बिकवाली जारी रखी और 2,895.04 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने भी 20वें दिन अपनी खरीद को बढ़ाया और उसी दिन 3,370.60 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

व्यापार

ई20 पेट्रोल विवाद पर तेल कंपनियों ने जारी किया स्पष्टीकरण, कहा- कर्नाटक में 26-31 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रण के दावे भ्रामक

Published

on

ई20 पेट्रोल विवाद पर तेल कंपनियों ने जारी किया स्पष्टीकरण, कहा- कर्नाटक में 26-31 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रण के दावे भ्रामक

नई दिल्ली, 7 नवंबर (आईएएनएस)। ई20 पेट्रोल की गुणवत्ता को लेकर कर्नाटक में उठे सवालों के बीच सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल), हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) और इंडियन ऑयल कॉर्प लिमिटेड (आईओसीएल) ने स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा है कि कुछ पेट्रोल पंपों पर ई20 पेट्रोल में 26 से 31 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रण होने के दावे निर्धारित परीक्षण मानकों पर आधारित नहीं हैं। कंपनियों ने कहा कि आधिकारिक जांच में ऐसे दावों की पुष्टि नहीं हुई है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में बीपीसीएल ने कहा, “देश के 27 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से लिए गए 893 नमूनों की जांच की गई, जिनमें कर्नाटक के 56 नमूने भी शामिल थे। सभी नमूने निर्धारित 19 से 21 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रण की सीमा के अनुरूप पाए गए।”

कंपनी ने कहा कि उपभोक्ता केवल आधिकारिक और सत्यापित सूचनाओं पर ही भरोसा करें तथा अपुष्ट दावों से प्रभावित न हों।

बीपीसीएल ने यह भी स्पष्ट किया कि एथेनॉल मिश्रण की प्रक्रिया पूरी तरह स्वचालित और कैलिब्रेटेड होती है। रिफाइनरियों और डिपो में यह कार्य मशीनों के जरिए किया जाता है, न कि मैन्युअल रूप से। कंपनी ने बताया कि ईंधन को बाजार में भेजने से पहले उसकी गुणवत्ता की जांच की जाती है ताकि वह आईएस 17021 मानक के अनुरूप हो।

इस बीच, एचपीसीएल ने भी एक बयान जारी करते हुए कहा कि कर्नाटक के कुछ पेट्रोल पंपों पर 26-31 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रण की खबरें निर्धारित परीक्षण प्रक्रिया से प्रमाणित नहीं हैं। कंपनी ने दोहराया कि देशभर से लिए गए सभी 893 नमूने निर्धारित मानकों के अनुरूप पाए गए हैं।

एचपीसीएल ने कहा कि इंडियन ऑयल (आईओसीएल), बीपीसीएल और एचपीसीएल ने राज्य सरकार के साथ संयुक्त और पारदर्शी परीक्षण की मांग की है, ताकि इस मुद्दे पर स्वतंत्र और वैज्ञानिक रूप से सत्यापित आकलन किया जा सके।

इसके साथ ही, इंडियन ऑयल कॉर्प लिमिटेड (आईओसीएल) ने भी एक एक्स पोस्ट में कहा, “कर्नाटक के कुछ खुदरा दुकानों पर अत्यधिक इथेनॉल मिलावट के हालिया दावों की पुष्टि निर्धारित प्रक्रियाओं के तहत किए गए परीक्षणों से नहीं होती है। 27 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से लिए गए सभी 893 नमूनों (जिनमें कर्नाटक के 56 नमूने भी शामिल हैं) में इथेनॉल की मात्रा निर्धारित 19-21 प्रतिशत सीमा के भीतर पाई गई। इंडियन ऑयल ने बीपीसीएल और एचपीसीएल के साथ मिलकर राज्य सरकार से तथ्यों की पुष्टि के लिए संयुक्त और पारदर्शी परीक्षण की मांग की है। इंडियन ऑयल ईंधन की गुणवत्ता, पारदर्शिता और ग्राहकों के भरोसे के प्रति दृढ़ है। हम ग्राहकों से आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त सत्यापित जानकारी पर भरोसा करने का आग्रह करते हैं।”

कंपनियों का कहना है कि वे ईंधन की गुणवत्ता, नियामकीय अनुपालन और उपभोक्ता विश्वास के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने आग्रह किया है कि उपभोक्ता केवल आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर ही भरोसा करें और सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से प्रसारित अपुष्ट दावों से बचें।

Continue Reading

राष्ट्रीय समाचार

‘अल नीनो’ से प्रभावित 225 जिलों के लिए केंद्र की विशेष योजना, रबी बुवाई में मदद करेगा नया कृषि डैशबोर्ड

Published

on

केंद्र सरकार ने ‘अल नीनो’ मौसम प्रणाली के चलते इस वर्ष अनियमित मानसून से प्रभावित देशभर के 225 जिलों में मौजूदा रबी सीजन में बुवाई को सुगम बनाने के लिए आपातकालीन योजना तैयार की है।

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के महानिदेशक एमएल जाट ने पत्रकारों से कहा, “हम एक गतिशील डैशबोर्ड विकसित करके आकस्मिक योजना को एक नए स्तर पर ले जा रहे हैं। यह डैशबोर्ड भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के साप्ताहिक पूर्वानुमानों, जल निकायों से संबंधित आंकड़ों और अन्य प्रासंगिक जानकारियों को एकीकृत करेगा, जिससे अधिकारियों को स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर निर्णय लेने में मदद मिलेगी।”

उन्होंने आगे कहा कि प्रस्तावित डैशबोर्ड उपयोगकर्ताओं को जिला स्तर पर जानकारी प्राप्त करने की सुविधा प्रदान करेगा।

आईसीएआर प्रमुख ने कहा कि जिस जिले को पहले सूखाग्रस्त श्रेणी में रखा गया था, आने वाले दिनों में पर्याप्त बारिश होने पर वह इस श्रेणी से बाहर निकल सकता है। इसलिए, आईएमडी के ताजा पूर्वानुमानों और बारिश के आंकड़ों का उपयोग करके आकलन को संशोधित किया जाना चाहिए, जिनमें अगले 15 दिनों के अनुमान भी शामिल हैं।

30 अक्टूबर तक लगभग 38 लाख हेक्टेयर में रबी की फसलें (जिनमें गेहूं भी शामिल है) बोई जा चुकी हैं, जो पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में लगभग 46 प्रतिशत कम है। हालांकि, एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह गेहूं उत्पादक क्षेत्र में बेमौसम बारिश के कारण भी है, जिसके चलते बुवाई में देरी हुई है और अब इसमें तेजी आने की उम्मीद है।

आईसीएआर प्रमुख ने कहा कि नया डैशबोर्ड केवल आपातकालीन योजना के लिए चिन्हित 225 जिलों तक सीमित न रहकर पूरे देश को कवर करेगा। उन्होंने कहा कि यह प्लेटफॉर्म केवल आपातकालीन योजना तक ही सीमित नहीं रहेगा। यह सामान्य कृषि परिस्थितियों के लिए भी सलाह प्रदान करेगा, जिससे किसानों और अधिकारियों को विभिन्न परिस्थितियों में उचित कार्रवाई तय करने में मदद मिलेगी।

उन्होंने कहा कि आईसीएआर का अंतिम उद्देश्य इस डैशबोर्ड को एग्रीस्टैक पहल के साथ एकीकृत करना है ताकि विभिन्न कृषि स्रोतों से प्राप्त जानकारी को एक साथ लाया जा सके।

महानिदेशक एमएल जाट ने बताया कि आईसीएआर ने धान की कटाई के बाद खाली पड़ी जमीनों में तिलहन और दलहन की खेती बढ़ाने के अवसरों का अध्ययन करने के लिए एक कार्य बल का गठन किया है। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में फसल विविधता की अपार संभावनाएं हैं।

जाट ने कहा, “जिन स्थानों पर गेहूं के लिए मिट्टी में नमी अपर्याप्त है, वहां किसान उपयुक्त तिलहन और दलहन की फसलें उगाने पर विचार कर सकते हैं।”

उन्होंने कहा कि किसानों को पोषक तत्वों की कमी के आधार पर उर्वरकों के कुशल उपयोग की योजना बनाने में सक्षम बनाने के लिए अगले दो से चार महीनों में एक अलग मृदा स्वास्थ्य नीति शुरू किए जाने की उम्मीद है।

Continue Reading

राष्ट्रीय समाचार

एलआईसी का तिमाही-छमाही प्रदर्शन काफी मजबूत, आईडीबीआई बैंक विनिवेश से बैंकएश्योरेंस कारोबार पर नहीं पड़ेगा बड़ा असर: सीईओ

Published

on

भारत के सबसे बड़ी सरकारी जीवन बीमा और निवेश कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (एमडी व सीईओ) आर. दोराईस्वामी ने शनिवार को कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही और पहली छमाही में एलआईसी का प्रदर्शन काफी मजबूत रहा है। उन्होंने बताया कि नए व्यवसाय प्रीमियम, कुल प्रीमियम आय और अन्य प्रमुख वित्तीय मानकों में अच्छी वृद्धि दर्ज की गई है। साथ ही कंपनी का वैल्यू ऑफ न्यू बिजनेस (वीएनबी) मार्जिन भी पिछले वर्ष की तुलना में बेहतर हुआ है।

न्यूज एजेंसी आईएएनएस से खास बातचीत में दोराईस्वामी ने कहा कि हाल के महीनों में शेयर बाजारों में बढ़ती अस्थिरता और इक्विटी निवेश साधनों के मूल्यांकन पर दबाव का असर बाजार से जुड़े बीमा उत्पादों, खासकर यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान (यूएलआईपी) की बिक्री पर पड़ा है। उन्होंने कहा कि निवेशकों की रुचि नियमित प्रीमियम वाले मार्केट-लिंक्ड उत्पादों में कुछ कम हुई, जिसके कारण दूसरी तिमाही में यूएलआईपी बिक्री में गिरावट दर्ज की गई। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि यह केवल बाजार की स्थिति का परिणाम नहीं था, बल्कि एलआईसी ने प्रबंधन स्तर पर भी रणनीतिक बदलाव करते हुए उच्च टिकट साइज वाले यूएलआईपी और प्रोटेक्शन बिजनेस पर अधिक ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने कहा कि बाजार की धारणा में सुधार के साथ चालू और आगामी तिमाही में बेहतर नतीजों की उम्मीद है।

वीएनबी मार्जिन में सुधार को लेकर एलआईसी के सीईओ ने कहा कि इसका सबसे बड़ा कारण उत्पादों के मिश्रण में बदलाव और परिचालन दक्षता में सुधार रहा है। उन्होंने कहा, “परिचालन स्तर पर कई सकारात्मक बदलाव हुए हैं, जिनका सीधा असर लाभप्रदता पर पड़ा है। हालांकि जोखिम-मुक्त ब्याज दरों से संबंधित कुछ प्रतिकूल प्रभाव रहे, लेकिन कुल मिलाकर कंपनी बेहतर मार्जिन दर्ज करने में सफल रही।”

बीमा वितरण प्रणाली में प्रस्तावित नियामकीय बदलावों और वितरण लागत पर संभावित सीमा को लेकर उन्होंने कहा कि भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (आईआरडीएआई) की यह पहल लंबे समय में पॉलिसीधारकों और उद्योग, दोनों के हित में है। उन्होंने कहा कि बीमा वितरण लागत को नियंत्रित करना सही दिशा में उठाया गया कदम है। उन्होंने कहा कि एलआईसी पहले से ही अधिकांश उत्पाद श्रेणियों में प्रस्तावित सीमाओं के भीतर है और कुछ विशेष उत्पादों तथा प्रीमियम भुगतान अवधि से जुड़े मामलों पर नियामक को सुझाव दिए गए हैं। उन्होंने विश्वास जताते हुए कहा कि नियामक विभिन्न पक्षों से मिले सुझावों पर उचित विचार करेगा।

एलआईसी एजेंटों की भूमिका पर बोलते हुए दोराईस्वामी ने कहा, “कंपनी व्यक्तिगत एजेंट नेटवर्क को केवल वितरण चैनल नहीं, बल्कि दीर्घकालिक साझेदार के रूप में देखती है। एजेंटों की उत्पादकता बढ़ाने, प्रशिक्षण देने और उनकी क्षमता निर्माण के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। विशेष रूप से टियर-2 और टियर-3 शहरों में एजेंटों को बीमा क्षेत्र में दीर्घकालिक करियर बनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।”

आईडीबीआई बैंक के प्रस्तावित रणनीतिक विनिवेश पर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि इससे एलआईसी के बैंकएश्योरेंस कारोबार पर कोई बड़ा प्रभाव पड़ने की संभावना नहीं है। उन्होंने कहा, “आईडीबीआई बैंक लंबे समय से एलआईसी का प्रमुख साझेदार रहा है और भविष्य में भी यह सहयोग जारी रहने की उम्मीद है, भले ही बैंक के अन्य जीवन बीमा साझेदार भी हों।”

साइबर सुरक्षा को लेकर दोराईस्वामी ने कहा कि एलआईसी ने अपने आईटी सिस्टम को सुरक्षित बनाने के लिए बड़े पैमाने पर निवेश किया है। उन्होंने बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित सुरक्षा उपायों का भी उपयोग किया जा रहा है और एलआईसी की डिजिटल संरचना को महत्वपूर्ण सूचना अवसंरचना के रूप में विशेष निगरानी और सरकारी सहयोग प्राप्त है।

भविष्य की रणनीति पर उन्होंने कहा, “एलआईसी अब प्रोटेक्शन बिजनेस, हेल्थ इंश्योरेंस, एन्युटी और पेंशन उत्पादों पर विशेष ध्यान दे रही है। हाल में कंपनी ने बीमा प्लेटिनम, जीवन रक्षा, एलआईसी कैंसर कवर और एलआईसी हेल्थ शील्ड जैसे उत्पाद लॉन्च किए हैं। साथ ही सेवानिवृत्ति योजना और नियमित आय से जुड़े उत्पादों को भी प्राथमिकता दी जा रही है।” उन्होंने कहा कि बचत, प्रोटेक्शन, यूएलआईपी, एन्युटी और ग्रुप इंश्योरेंस जैसे सभी क्षेत्रों में संतुलित वृद्धि की रणनीति अपनाई जाएगी।

‘इंश्योरेंस फॉर ऑल 2047’ लक्ष्य पर दोराईस्वामी ने कहा कि एलआईसी देश के हर हिस्से तक बीमा पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि बीमा सखी योजना के माध्यम से हर ग्राम पंचायत में कम से कम एक महिला एजेंट तैनात करने का प्रयास किया जा रहा है।

Continue Reading
Advertisement
राजनीति16 hours ago

क्या यूपी में भी बिहार जैसी सफलता दोहरा पाएंगे असदुद्दीन ओवैसी?

मनोरंजन16 hours ago

‘राइज एंड फॉल 2’ का सफर बेहद यादगार और भावनात्मक रहा: प्रियंका चाहर चौधरी

राष्ट्रीय समाचार16 hours ago

जम्मू-कश्मीर निजी विश्वविद्यालय नियम-2026 लागू, सीएम उमर अब्दुल्ला ने शिक्षा मंत्री को दी बधाई

खेल16 hours ago

‘गुरनूर बहुत अच्छी गेंदबाजी कर रहे हैं,’ वेलिंगटन में जीत के बाद कप्तान गिल ने तेज गेंदबाज को सराहा

व्यापार16 hours ago

ई20 पेट्रोल विवाद पर तेल कंपनियों ने जारी किया स्पष्टीकरण, कहा- कर्नाटक में 26-31 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रण के दावे भ्रामक

अंतरराष्ट्रीय समाचार17 hours ago

शी चिनफिंग ने ऑस्ट्रिया के चांसलर क्रिश्चियन स्टॉकर से मुलाकात की

राष्ट्रीय समाचार17 hours ago

‘अल नीनो’ से प्रभावित 225 जिलों के लिए केंद्र की विशेष योजना, रबी बुवाई में मदद करेगा नया कृषि डैशबोर्ड

अपराध17 hours ago

मुंबई की ज्वेलरी दुकान में ग्राहक बनकर सोने की चेन चुराने वाला आरोपी दिल्ली में गिरफ्तार, चोरी का सामान बरामद।

राष्ट्रीय समाचार17 hours ago

एलआईसी का तिमाही-छमाही प्रदर्शन काफी मजबूत, आईडीबीआई बैंक विनिवेश से बैंकएश्योरेंस कारोबार पर नहीं पड़ेगा बड़ा असर: सीईओ

अंतरराष्ट्रीय समाचार18 hours ago

पेरिस से भी बड़ा होगा अमेरिकी एयर शो : ट्रंप

अपराध4 weeks ago

दिल्ली पुलिस ने मकोका के दो फरार आरोपियों को गिरफ्तार किया, 30 लाख रुपए बरामद

मनोरंजन4 weeks ago

कनिका-लव की लड़ाई में कूदी आम्रपाली, गुल्लू से हुई बहस

राजनीति4 weeks ago

“आप” का आरोप: जंतर-मंतर पर प्रदर्शन रोकने के लिए दिल्ली छावनी में तब्दील

राष्ट्रीय समाचार4 weeks ago

दिल्ली एयरपोर्ट ने यात्रियों से विरोध-प्रदर्शन के कारण यात्रा की योजना पहले से बनाने की दी सलाह

महाराष्ट्र3 weeks ago

टाइगर श्रॉफ से जुड़ी फायरिंग की घटना पर सियासत तेज, विपक्ष ने महाराष्ट्र सरकार और कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल

फिल्मी खबरे3 weeks ago

“समुदाय से माफी मांगें, वरना अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहें”: टाइगर श्रॉफ पर हमले के बाद लॉरेंस बिश्नोई के चचेरे भाई की सलमान खान को चेतावनी।

फिल्मी खबरे3 weeks ago

टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग की घटना पर अमाल मलिक की प्रतिक्रिया, बोले, ‘आखिर मुंबई में यह सब क्या हो रहा है?’

व्यापार4 weeks ago

सकारात्मक वैश्विक संकेतों के बीच हरे निशान में खुला बाजार, सेंसेक्स में 412 अंकों की बढ़त; निफ्टी में 0.58 प्रतिशत की तेजी

फिल्मी खबरे3 weeks ago

टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग के बाद बॉलीवुड निशाने पर, बिश्नोई गैंग के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू, तीन शूटर गिरफ्तार।

महाराष्ट्र2 weeks ago

मुंबई महानगर क्षेत्र की बढ़ती जरूरतों के लिए महाराष्ट्र सरकार की व्यापक जल योजना तैयार

रुझान