अंतरराष्ट्रीय समाचार
विश्व अर्थव्यवस्था में अधिक स्थिरता और निश्चितता डालेगा चीन : चीनी विदेश मंत्रालय
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बीजिंग, 27 फरवरी। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन च्येन ने प्रेस वार्ता में बताया कि चीन विकास को अंतर्राष्ट्रीय एजेंडा के केंद्र में रखना जारी रखेगा और मानवता के साझे भविष्य वाले समुदाय की अवधारणा के अनुसार विश्व आर्थिक विकास में अधिक स्थिरता और निश्चितता डालेगा।
संबंधित सवाल के जवाब में प्रवक्ता ने कहा कि चीन हमेशा वैश्विक अर्थव्यवस्था की स्थिरता में प्रमुख योगदानकर्ता बना रहा है। विश्व की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के नाते वैश्विक वृद्धि में चीन का योगदान 30 प्रतिशत है। चीन 150 से अधिक देशों और क्षेत्रों का मुख्य व्यापार साझेदार है, जो वैश्विक उत्पादन और सप्लाई चेन की स्थिरता और सुगमता में एक अपरिहार्य कड़ी है।
प्रवक्ता ने कहा कि चीन समावेशी आर्थिक भू-मंडलीकरण की वकालत करता है। चीन इस पर कायम रहता है कि विभिन्न देश एक साथ आर्थिक विकास का केक बड़ा बनाओ और अच्छी तरह उसे बांटो, न कि अपना देश पहले हो या एक ही देश के नेतृत्व पर कायम रहना हो।
उन्होंने कहा कि इधर कुछ साल चीन नई किस्म वाली उत्पादक शक्ति के विकास को गति दे रहा है। चीन अपने गुणवत्ता विकास से वैश्विक आर्थिक ट्रांसफॉर्मेशन में शक्ति डालेगा।
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साल 2024 : पेइचिंग में 2,012 विदेशी निवेश वाले उद्यम स्थापित हुए
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बीजिंग, 27 फरवरी। चीन की राजधानी पेइचिंग में वर्ष 2024 के दौरान 2,012 विदेशी निवेश वाले उद्यम स्थापित हुए हैं, जो पिछले साल 2023 की तुलना में 16.4 प्रतिशत अधिक है। यह जानकारी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सामने आई, जिसमें शहर के निर्माण और विकास से जुड़ी प्रगति पर चर्चा हुई।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान, पेइचिंग नगर वाणिज्य ब्यूरो के उप प्रधान क्वो वनच्ये ने बताया कि शहर ने सेवा उद्योग के खुलेपन को बढ़ाने और एक व्यापक प्रदर्शन क्षेत्र बनाने के लिए “2.0 योजना” के तहत 152 कार्यों को पूरा किया है। इनमें से 86 प्रतिशत से अधिक कार्यों पर अमल हुआ है। साथ ही, व्यवसायों का समर्थन करने और उन्हें लाभ पहुंचाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं और निवेश सुविधा के स्तर में निरंतर सुधार किया गया है।
इसके अलावा, पेइचिंग ने “विदेशी निवेश नियम” लागू किए और “वैश्विक सेवा साझेदार कार्यक्रम” शुरू किया, जिसके तहत 13 कंपनियों को पहले चरण में साझेदार के रूप में चुना गया। विदेशी निवेश वाले उद्यमों के लिए गोलमेज बैठक तंत्र तथा “बंद लूप” मांग प्रतिक्रिया तंत्र में सुधार किया गया और विदेशी निवेश वाले उद्यमों के लिए सैकड़ों गोलमेज बैठकें आयोजित की गईं।
पेइचिंग नगर वाणिज्य ब्यूरो के अधिकारी के अनुसार, भविष्य में पेइचिंग मूल्य-वर्धित दूरसंचार और चिकित्सा देखभाल जैसे क्षेत्रों में खुलेपन के विस्तार के नीतिगत अवसरों का अच्छा उपयोग करते हुए अधिक प्रतिष्ठित विदेशी निवेश परियोजनाओं की प्राप्ति का प्रयास करेगा, निवेश वाले उद्यमों के लिए “बंद लूप” मांग प्रतिक्रिया तंत्र में सुधार करेगा, वैश्विक सेवा साझेदारों का विस्तार जारी रखेगा और विदेशी निवेश कार्य के वैधीकरण और मानकीकरण में सुधार करेगा।
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लेबनान में इजरायली ड्रोन हमला, दो लोगों की मौत
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बेरूत, 26 फरवरी। लेबनान की पूर्वी पर्वत श्रृंखला के पास जनता के शारा क्षेत्र में इजरायली ड्रोन हमले में दो लोगों की मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गए।
सोशल मीडिया ने सरकारी राष्ट्रीय समाचार एजेंसी (एनएनए) के हवाले से बताया कि इजरायली बलों ने दक्षिणी लेबनान के अल्मा अल-शाब गांव और नकौरा शहर के बीच रोशनी वाली लाइटें भी गिराईं।
इजरायल और लेबनान के बीच 27 नवंबर, 2024 से युद्धविराम समझौता लागू है। इसने गाजा युद्ध के कारण लगभग 14 महीने से चल रही लड़ाई पर रोक लगा दी है। हालांकि इजरायल के रुक रुक कर सैनिक कार्रवाइयां करता रहता है।
इस समझौते में लेबनानी क्षेत्र से इजरायली सेना की वापसी की बात कही गई थी, लेकिन 18 फरवरी की समय-सीमा के बावजूद इजरायल ने बॉर्डर पर पांच स्थानों पर अपनी उपस्थिति बनाए रखी है।
इससे पहले इजरायल की सेना ने कहा था कि उसने युद्ध विराम समझौते के बावजूद दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्लाह के ठिकानों को निशाना बनाकर हवाई हमले शुरू किए हैं।
एक बयान में, सेना ने कहा कि उसने हथियारों से लैस बुनियादी ढांचे पर हमला किया, जहां ‘हिजबुल्लाह की गतिविधि की पहचान की गई।’
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इजरायल ने हिजबुल्लाह पर दक्षिणी लेबनान में सैन्य अभियान चलाने का आरोप लगाया है, जो इजरायल और लेबनान के बीच हुए समझौतों का उल्लंघन है।
लेबनान की सरकारी मीडिया (एनएनए) ने रिपोर्ट दी है कि ‘इजरायली दुश्मन ने दक्षिणी लेबनान के पश्चिमी क्षेत्र में वादी जिबकिन पर दो ड्रोन हमले किए।’
एजेंसी ने कहा कि इजरायली बलों ने दक्षिणी सीमा क्षेत्र के मध्य इलाके में स्थित अल-दार क्षेत्र पर भी फ्लेयर्स गिराए।
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कॉपर पर संभावित शुल्क की जांच के दिए आदेश
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वाशिंगटन, 26 फरवरी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कॉपर के आयात से अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता को लेकर संबंधित खतरे की जांच के लिए एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए हैं। इस कार्यकारी आदेश के तहत एयरक्राफ्ट, वाहन, जहाज और दूसरे मिलिट्री हार्डवेयर बनाने में इस्तेमाल होने वाले मेटल पर नए शुल्क लगाए जा सकते हैं।
ट्रंप ने वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लुटनिक को 1962 के व्यापार विस्तार अधिनियम की धारा 232 के तहत जांच करने का निर्देश दिया। जिसके अनुसार अगर कोई आयात संयुक्त राज्य अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा को कमजोर करता है तो राष्ट्रपति को आयात प्रतिबंध लगाने की अनुमति है।
मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब ट्रंप अमेरिका के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बढ़ावा देने, अमेरिका के व्यापार घाटे को कम करने और दूसरे नीतिगत लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए शुल्क का उपयोग कर रहे हैं।
व्हाइट हाउस ने एक फैक्ट शीट में कहा, ” इस आयातित कॉपर से संयुक्त राज्य अमेरिका पर पड़ने वाले संभावित खतरे को लेकर जांच की जाएगी। इसका एक उद्देश्य घरेलू उद्योगों की सुरक्षा को लेकर किए जा रहे उपायों की जरूरत का आकलन करना भी होगा।”
इसमें कहा गया है, “जांच के बाद एक रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जिसमें कॉपर की सप्लाई चेन में कमजोरियों की पहचान की जाएगी और अमेरिका की घरेलू कॉपर इंडस्ट्री को और मजबूत करने को लेकर सिफारिशें दी जाएंगी।”
एक सोशल मीडिया पोस्ट में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका के स्टील और एल्युमीनियम इंडस्ट्री की तरह, कॉपर इंडस्ट्री भी “हमारे घरेलू उत्पादन पर हमला करने वाले ग्लोबल एक्टर्स द्वारा तबाह कर दी गई है।”
उन्होंने ट्रुथ सोशल पर लिखा, “हमारी कॉपर इंडस्ट्री को फिर से खड़ा करने के लिए, मैंने अपने वाणिज्य सचिव और यूएसटीआर से कॉपर के आयात की स्टडी करने और अमेरिकियों को बेरोजगार करने वाले अनुचित व्यापार को समाप्त करने का अनुरोध किया है। टैरिफ हमारे अमेरिकी कॉपर इंडस्ट्री को फिर से खड़ा करने और हमारी राष्ट्रीय रक्षा को मजबूत करने में मदद करेंगे।”
यूएसटीआर अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि का संक्षिप्त नाम है।
उन्होंने आगे कहा, “अमेरिकी उद्योग कॉपर पर निर्भर हैं और इसे अमेरिका में ही बनाया जाना चाहिए — कोई छूट नहीं, कोई अपवाद नहीं! ‘अमेरिका फर्स्ट’ अमेरिकी नौकरियों का सृजन करता है और हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा करता है। कॉपर के ‘कम होम’ का समय आ गया है।”
कानून के अनुसार, वाणिज्य सचिव के पास कॉपर के मुद्दे के संबंध में अपने विभाग के निष्कर्षों और सिफारिशों को राष्ट्रपति के समक्ष प्रस्तुत करने के लिए 270 दिन हैं।
सचिव से रिपोर्ट प्राप्त करने के 90 दिनों के भीतर राष्ट्रपति को यह निर्धारित करना है कि क्या वह विभाग के निष्कर्षों से सहमत हैं या नहीं और फिर निर्णय लेते हैं।
हालांकि, व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने अनुमान लगाया कि जांच प्रक्रिया “ट्रंप के समय” में तेजी से आगे बढ़ेगी।
ट्रंप ने पहले ही सभी स्टील और एल्युमीनियम आयातों पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने की योजना की घोषणा कर दी है, जबकि उनका प्रशासन अमेरिकी आयातों पर “रेसिप्रोकल” टैरिफ लगाने की ओर बढ़ रहा है, जो अन्य देशों द्वारा अमेरिकी निर्यात पर लगाए जाने वाले शुल्कों से मेल खाएगा। वह कारों, चिप्स और फार्मास्यूटिकल्स पर संभावित टैरिफ लगाने पर भी विचार कर रहे हैं।
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