राष्ट्रीय समाचार
संभल की जामा मस्जिद के निकट बन रही पुलिस चौकी
संभल, 27 दिसंबर। उत्तर प्रदेश के संभल स्थित जामा मस्जिद के पास पुलिस चौकी बनाई जाएगी। इसके लिए पुलिस विभाग ने शुक्रवार को जुम्मे की नमाज के बाद जामा मस्जिद के निकट खाली पड़े मैदान में पैमाइश कर चूने से मार्किंग की।
संभल के एएसपी श्रीश चन्द्र ने बताया कि आसपास के इलाके को देखते हुए यहां पर एक स्थायी पुलिस चौकी बन रही है। जिससे पुलिस बल आसानी से रह सके और यहां सुरक्षा व्यवस्था में कार्य कर सके। इस परिसर की संवेदनशीलता और सुरक्षा को देखते हुए यहां पर एक पुलिस चौकी जरूरी थी। इसी कारण चौकी का निर्माण किया जाएगा।
इसके पहले जब पुलिस फोर्स मस्जिद के बाहर पहुंची तो मस्जिद कमेटी और आसपास के लोग अपनी जमीनों के कागजात लेकर उनके पास पहुंचे।
पुलिस ने बताया कि कागजात की जांच की जाएगी। पुलिस टीम ने उस जगह की नाप की है, जहां चौकी का निर्माण किया जाना है। जिस जगह पर चौकी का निर्माण किया जाएगा, उस जगह को चूना डालकर चिह्नित किया गया है।
संभल में 24 नवंबर को हिंसा हुई थी। इसके बाद से यहां पर पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। हिंसा के बाद पुलिस प्रशासन एहतियाती कदम उठा रहा है। संभल में तमाम पुलिस फोर्स तैनात की गई है। इसके अलावा धर्मगुरुओं के साथ भी संवाद किया गया है।
बता दें कि संभल के कई इलाकों में खुदाई की जा रही है। इस दौरान धार्मिक मान्यताओं से जुड़े कई प्रतीक चिन्ह और अवशेष मिले हैं।
दूसरी तरफ फिरोजपुर गांव स्थित फिरोजपुर किले के बाहर किए गए अवैध अतिक्रमण को हटाने का काम ग्रामीणों ने खुद ही शुरू कर दिया है। ग्रामीणों ने फिरोजपुर किले के प्रवेश द्वार पर किए गए अवैध निर्माण को हटा दिया है।
इससे पहले प्रशासन ने पुरातत्व विभाग के अधिकारियों के साथ फिरोजपुर किले के अंदर का सर्वेक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान गेट पर मौजूद अवैध निर्माण हटाने को लेकर चेतावनी भी दी थी। इसके बाद स्थानीय लोगों ने खुद ही अवैध अतिक्रमण हटा लिया।
राष्ट्रीय समाचार
बाजार की पाठशाला: इन लोगों के लिए 31 अगस्त है आईटीआर फाइल करने की डेडलाइन, जानिए किसके लिए कौन-सा फॉर्म होगा सही

अगर आप नौकरी के साथ कारोबार, पेशे या स्वतंत्र रूप से काम करके कमाई करते हैं, तो आपके लिए आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तारीख नजदीक आ गई है। बिना कर ऑडिट वाली कारोबारी या पेशेवर आय रखने वाले करदाताओं को 31 अगस्त 2026 तक अपना आयकर रिटर्न दाखिल करना होगा। वहीं, जिन कारोबारियों और पेशेवरों के खातों का कर ऑडिट जरूरी है, उनके लिए रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 अक्टूबर 2026 है। ऐसे करदाताओं के लिए रिटर्न दाखिल करने से पहले यह समझना जरूरी है कि उनकी आय और वित्तीय स्थिति के आधार पर कौन-सा रिटर्न फॉर्म लागू होगा।
आयकर विभाग के अनुसार, 31 जुलाई की अंतिम तारीख तक 6.5 करोड़ से अधिक आयकर रिटर्न दाखिल किए जा चुके थे, जिनमें वेतनभोगी लोगों, पेंशनभोगियों, छात्रों की आय वाले करदाताओं और अलग-अलग स्रोतों से आय प्राप्त करने वाले लोगों के रिटर्न शामिल हैं। इनमें कारोबार (बिजनेस) और पेशे (प्रोफेशन) से आय वाले बड़ी संख्या में करदाता भी शामिल रहे। अब बिना कर ऑडिट वाले कारोबार या पेशे से आय रखने वाले बाकी करदाताओं के लिए 31 अगस्त की तारीख महत्वपूर्ण है।
बिजनेस या प्रोफेशन से आय होने पर आम तौर पर आईटीआर-3 या आईटीआर-4 में से किसी एक फॉर्म का इस्तेमाल किया जाता है। सही फॉर्म का चुनाव करदाता की आय, कारोबार की प्रकृति और कर व्यवस्था पर निर्भर करता है। गलत फॉर्म में रिटर्न दाखिल करने से बाद में कर विभाग की ओर से परेशानी या स्पष्टीकरण की जरूरत पड़ सकती है।
आईटीआर-3 उन व्यक्तियों और हिंदू अविभाजित परिवारों (एचयूएफ) के लिए होता है, जिनकी आय बिजनेस या प्रोफेशन से होती है और जो प्रिजम्प्टिव टैक्सेशन यानी अनुमानित कर व्यवस्था का विकल्प नहीं चुनते हैं।
अगर टैक्सपेयर नियमित रूप से अकाउंट बुक्स मेंटेन करता है, उसकी कुल आय 50 लाख रुपये से अधिक है या वह फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस यानी एफएंडओ ट्रेडिंग करता है, तो कई मामलों में आईटीआर-3 लागू हो सकता है।
आईटीआर-3 के जरिए वे टैक्सपेयर्स वेतन या पेंशन, हाउस प्रॉपर्टी, बिजनेस या प्रोफेशन, कैपिटल गेन्स और अन्य स्रोतों से होने वाली आय की जानकारी दे सकते हैं। आम तौर पर यह फॉर्म उन व्यक्तियों या एचयूएफ के लिए इस्तेमाल होता है, जो आईटीआर-1, आईटीआर-2 या आईटीआर-4 के तहत रिटर्न दाखिल करने के योग्य नहीं हैं।
वहीं, आईटीआर-4 यानी सुगम उन व्यक्तियों, एचयूएफ और फर्म के लिए है, जो प्रिजम्प्टिव टैक्सेशन स्कीम के तहत बिजनेस या प्रोफेशनल इनकम घोषित करते हैं और जिनकी कुल आय निर्धारित सीमा के भीतर है। सामान्य तौर पर इसमें 50 लाख रूपये तक की कुल आय वाले पात्र टैक्सपेयर्स शामिल हो सकते हैं।
इसमें बिजनेस या प्रोफेशन से होने वाली आय के अलावा वेतन या पेंशन, अधिकतम दो हाउस प्रॉपर्टी से आय और ब्याज, फैमिली पेंशन तथा डिविडेंड जैसी अन्य स्रोतों से आय भी शामिल की जा सकती है। निर्धारित शर्तों के तहत कृषि आय 5,000 रूपये तक और सेक्शन 112ए के तहत आने वाले कुछ लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स भी इसमें रिपोर्ट किए जा सकते हैं।
हालांकि, हर टैक्सपेयर आईटीआर-4 का इस्तेमाल नहीं कर सकता। अगर सेक्शन 112ए के तहत शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन्स या निर्धारित सीमा से अधिक लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स है, अनलिस्टेड इक्विटी शेयर हैं, विदेशी संपत्ति या विदेश से आय है, घाटे को आगे कैरी फॉरवर्ड करना है, या ऐसी आय है जिस पर विशेष दर से टैक्स लगता है, तो आईटीआर-4 का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। कंपनी के डायरेक्टर भी इस फॉर्म के जरिए रिटर्न दाखिल नहीं कर सकते।
विशेषज्ञों के अनुसार, आयकर रिटर्न दाखिल करने से पहले करदाताओं को फॉर्म 26एएस, वार्षिक सूचना विवरण यानी एआईएस, करदाता सूचना सारांश यानी टीआईएस, फॉर्म 16 और फॉर्म 16ए की जानकारी जांच लेनी चाहिए।
साथ ही बैंक खाते और कर भुगतान से जुड़े चालान भी तैयार रखने चाहिए। कारोबारियों को बिक्री-खरीद का रिकॉर्ड, लाभ-हानि खाता, बैलेंस शीट, बिल और चालान, जीएसटी रिटर्न तथा भुगतान माध्यमों से मिले डिटेल्स का भी मिलान करना चाहिए।
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर करदाता ने शेयर बाजार में निवेश या ट्रेडिंग की है, तो ब्रोकरेज स्टेटमेंट, कॉन्ट्रैक्ट नोट, डीमैट स्टेटमेंट और कैपिटल गेन्स से जुड़ी पूरी जानकारी तैयार रखनी चाहिए। इनका मिलान एआईएस और बैंक रिकॉर्ड से करना जरूरी है। इसी तरह, किराये से आय पाने वाले प्रॉपर्टी मालिकों को रेंट एग्रीमेंट, नगर निगम टैक्स की रसीद, प्रॉपर्टी के मालिकाना हक से जुड़े दस्तावेज और होम लोन के ब्याज का सर्टिफिकेट संभालकर रखना चाहिए।
टैक्सपेयर्स को लागू होने पर टैक्स ऑडिट रिपोर्ट, फॉर्म 10-आईईए की अनॉलेजमेंट और विभिन्न डिडक्शन का दावा करने के समर्थन में जरूरी दस्तावेज भी तैयार रखने चाहिए। रिटर्न दाखिल करते समय जल्दबाजी के बजाय एआईएस, टीआईएस, फॉर्म 26एएस , बैंक स्टेटमेंट और अन्य रिकॉर्ड को अच्छी तरह मिलाना जरूरी है।
इसके अलावा, इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने से पहले सबसे महत्वपूर्ण बात सही आईटीआर फॉर्म का चुनाव करना है। गलत फॉर्म में रिटर्न दाखिल करने पर बाद में परेशानी हो सकती है। इसलिए अपनी आय के स्रोत, बिजनेस या प्रोफेशन की प्रकृति, कैपिटल गेन्स, विदेशी संपत्ति, शेयर बाजार की ट्रेडिंग और लागू टैक्स व्यवस्था को ध्यान में रखकर ही आईटीआर-3 या आईटीआर-4 का चुनाव करें।
इसके साथ ही विशेषज्ञों का कहना हैं कि आयकर विभाग के ई-फाइलिंग पोर्टल पर कई जानकारियां पहले से भरी हुई मिलती हैं, लेकिन उन्हें बिना जांचे स्वीकार नहीं करना चाहिए। रिटर्न जमा करने के बाद ई-सत्यापन पूरा करना भी जरूरी है।
जटिल आय या कई स्रोतों से कमाई होने की स्थिति में रिटर्न दाखिल करने से पहले चार्टर्ड अकाउंटेंट या योग्य टैक्स एक्सपर्ट की सलाह लेना भी उपयोगी हो सकता है।
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तमिलनाडु में बारिश, तेज हवाओं और बढ़ते तापमान की संभावना, मछुआरों को समुद्र के पास न जाने की सलाह

चेन्नई में क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र ने अगले चार दिनों में तमिलनाडु के पश्चिमी घाट वाले ज़िलों में एक-दो जगहों पर आंधी-तूफ़ान के साथ मध्यम बारिश का अनुमान लगाया है।
मौसम विभाग के अधिकारियों ने बताया कि राज्य के तटीय इलाकों में निचले वायुमंडल में कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इसके असर से शनिवार को कुछ जगहों पर हल्की बारिश हो सकती है, खासकर चेन्नई, चेंगलपट्टू, विल्लुपुरम, कुड्डालोर, कल्लाकुरिची, तिरुचि, अरियालुर, पेरम्बलुर, शिवगंगा और रामनाथपुरम ज़िलों में। डेल्टा जिलों के साथ-साथ पड़ोसी पुडुचेरी और कराईकल में भी दिन के समय हल्की बारिश की उम्मीद है।
वहीं, बड़े पैमाने पर बारिश की उम्मीद नहीं है, लेकिन कहीं-कहीं होने वाली बारिश से राज्य के कई हिस्सों में गर्मी से कुछ समय के लिए राहत मिल सकती है।
क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र ने कहा कि पश्चिमी घाट से सटे जिलों में एक-दो जगहों पर 31 अगस्त तक मध्यम बारिश हो सकती है। आंधी-तूफान के साथ 50 किमी प्रति घंटे तक की तेज हवाएं भी चल सकती हैं। लोगों को सलाह दी गई है कि वे गरज और बिजली चमकने के दौरान सावधान रहें, खासकर खुली जगहों और पेड़ों या कमजोर ढांचों के पास से दूर रहें। बारिश की संभावना के बावजूद, दिन का तापमान ज्यादा रहने की उम्मीद है।
क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, अगले चार दिनों में तमिलनाडु में अधिकतम तापमान सामान्य से तीन डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है। इसलिए, जिन इलाकों में बारिश नहीं होगी, वहां गर्मी और बेचैनी बनी रह सकती है। इस बीच, दक्षिणी तमिलनाडु तट पर काम करने वाले मछुआरों के लिए एक अलग चेतावनी जारी की गई है। 31 अगस्त तक समुद्र में तेज़ हवाओं (65 किमी प्रति घंटे तक की गति) के साथ खराब मौसम की संभावना है।
मछुआरों को सलाह दी गई है कि वे चेतावनी की अवधि के दौरान दक्षिणी तमिलनाडु के तटीय जलक्षेत्र, मन्नार की खाड़ी और उससे सटे कोमोरिन सागर में न जाएं। जो लोग पहले से ही समुद्र में हैं, उनसे सावधानी बरतने और मौसम विभाग की आधिकारिक जानकारी का पालन करने का आग्रह किया गया है। अधिकारियों ने मछली पकड़ने वाले समुदायों को तेज हवाओं को देखते हुए अपनी नावों और उपकरणों को सुरक्षित रखने की भी सलाह दी है।
इसके साथ ही तूफ़ानी समुद्र में छोटी मछली पकड़ने वाली नावें ख़ास तौर पर ख़तरे में रहती हैं। इसलिए, क्रू को सलाह दी गई है कि वे तब तक अपना काम रोक दें जब तक हालात बेहतर न हो जाएं और मौसम विभाग नए आकलन के बाद अपनी चेतावनी आधिकारिक तौर पर वापस न ले ले।
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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने बच्चों के साथ मनाया रक्षाबंधन, बोलीं- ‘भाई-बहन के रिश्ते से कहीं बढ़कर है राखी का महत्व’

पूरे भारत में शुक्रवार को रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जा रहा है। इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने शुक्रवार को राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र में अलग-अलग स्कूलों और संगठनों के बच्चों के साथ रक्षाबंधन मनाया। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन का महत्व भाई-बहन के रिश्ते से कहीं बढ़कर है।
राष्ट्रपति ने बच्चों के साथ विशेष रक्षाबंधन समारोह की झलकियां शेयर कीं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “रक्षाबंधन का महत्व भाई-बहन के रिश्ते से कहीं बढ़कर है। राखी का पवित्र धागा परिवार के सदस्यों, दोस्तों और यहां तक कि पेड़ों पर भी बांधा जा सकता है, जो प्यार और देखभाल के बंधन का प्रतीक है।”
पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर जोर देते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने बच्चों से पेड़-पौधों की देखभाल करने का भी आग्रह किया।
इससे पहले, रक्षाबंधन पर राष्ट्रपति ने देशवासियों के नाम संदेश जारी किया। उन्होंने सभी भारतीयों को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए कहा, “रक्षा-बंधन की पावन परंपरा, प्राचीन काल से, हमारी उपासना और संस्कृति का अंग रही है। श्रद्धापूर्वक हाथ पर बांधे गए धागे को, रक्षा हेतु पवित्र सूत्र- बंधन, यानी रक्षा-बंधन माना गया है। अनेक श्लोकों और मंत्रों में, ‘रक्षै, मा चल, मा चल’ इन शब्दों में अनुरोध किया जाता है कि ‘हे रक्षा रूपी बंधन, तुम सदैव अचल रहो।'”
उन्होंने कहा, “समय के साथ, रक्षा-बंधन, बहन की रक्षा के लिए भाई के हाथ पर राखी बांधने के भावपूर्ण सामाजिक पर्व के रूप में लोकप्रिय हुआ। यह पर्व भाई-बहनों, मित्रों तथा परिवार और समाज के विभित्र सदस्यों के बीच आत्मीयता, सम्मान और एक-दूसरे के प्रति उत्तरदायित्व के भाव को सुदृढ़ करता है।”
राष्ट्रपति ने कहा कि यह पर्व हमें याद दिलाता है कि जीवन के हर रिश्ते की नींव विश्वास, संवेदनशीलता और परस्पर सहयोग पर आधारित होती है। उन्होंने आह्वान किया कि रक्षाबंधन के शुभ अवसर पर हम समाज और देश की रक्षा के लिए संकल्प लें। साथ ही, इसी भावना के साथ विकसित भारत के निर्माण के लिए आगे बढ़ते रहें।
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