राजनीति
इंदौर के युग पुरुष आश्रम की मान्यता निरस्त
इंदौर, 27 दिसंबर। मध्य प्रदेश की व्यापारिक नगरी इंदौर में बच्चों की मौत के कारण चर्चा में आए युग पुरुष बौद्धिक विकास केंद्र आश्रम की मान्यता निरस्त कर दी गई है। मान्यता निरस्त करने की कार्रवाई सामाजिक न्याय विभाग संचालनालय द्वारा की गई है।
पिछले दिनों बच्चों की मौत के कारण युगपुरुष बौद्धिक विकास केंद्र आश्रम चर्चा में आया था। यहां दो सौ से ज्यादा बच्चे रहते थे और एक के बाद एक कर 10 बच्चों की मौत हो गई थी। इस मामले में जिला प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की और अब सामाजिक न्याय विभाग संचालनालय द्वारा मान्यता ही निरस्त कर दी गई है। यह सरकारी अनुदान प्राप्त संस्था है। बच्चों की मौत की वजह खून की कमी और संक्रमण बताया जा रहा है।
ज्ञात हो कि इस आश्रम में प्रदेश से करीब 200 से अधिक मानसिक-शारीरिक दिव्यांग अनाथ बच्चों को रखा जाता था। युगपुरुष संस्था द्वारा दिव्यांग बच्चों के आश्रम के अलावा अस्पताल भी संचालित किया जाता है। वहां करीब हर तरह के प्राथमिक उपचार की सुविधा उपलब्ध होने का दावा किया जाता था।
बताया गया है कि इस आश्रम में बच्चों की मौत के बाद जांच कराई गई। इस जांच में कई लापरवाही सामने आई। पाया गया कि बच्चों के खाने पीने में गंभीर कोताही बरती गई। इसके साथ बच्चों की बीमारी सामने आने पर भी उपचार के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए। बच्चों की मौत के बाद परिजनों की सहमति से अन्य बच्चों को सेवा धाम आश्रम में स्थानांतरित करना पड़ा था।
इंदौर के इस आश्रम में गड़बड़ियां सामने आने से पहले राज्य के अन्य हिस्सों में संचालित अन्य आश्रमों में भी गड़बड़ियां भी सामने आ चुकी थी। ऐसी संस्थाओं के खिलाफ विभिन्न स्तरों पर कार्रवाई भी हुई है।
अंतरराष्ट्रीय समाचार
नेपाल की भीषण त्रासदी में पूर्वी चंपारण के एक ही परिवार के 5 लोग लापता, गांव में पसरा मातम

नेपाल में भीषण त्रासदी के बाद बिहार के पूर्वी चंपारण में भी मातम छाया है। आदापुर के लाला छपरा गांव के बुधन शाह का परिवार अभी तक लापता है। फिलहाल, परिजन नेपाल में फंसे अपने परिवार के सदस्यों की सलामती की खबर का इंतजार कर रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, लाला छपरा गांव निवासी बुधन शाह का परिवार पिछले करीब चार वर्षों से नेपाल में रहकर कबाड़ खरीदने और मजदूरी का काम करता था। हादसे के दौरान बुधन शाह और उनके दो बेटे सुरक्षित बताए जा रहे हैं, लेकिन मकान में मौजूद उनकी पत्नी मानती देवी, तीन बेटियां संध्या, आशा और रूपा और दो वर्षीय नातिन आयुषी बाढ़ के तेज बहाव में बहकर लापता हो गईं।
बताया जा रहा है कि संध्या अपनी दो वर्षीय बच्ची आयुषी के साथ अपनी मां से मिलने पहुंची थीं। इसी दौरान नेपाल में आई भीषण बाढ़ ने तबाही मचा दी और परिवार के पांच सदस्य तेज पानी की चपेट में आकर लापता हो गए।
घटना की सूचना मिलते ही लाला छपरा गांव में परिजनों और ग्रामीणों के बीच चिंता और मातम का माहौल है। नेपाल के आपदा प्रभावित इलाकों में नेटवर्क और इंटरनेट सेवा बाधित होने के कारण परिजनों का संपर्क भी टूट गया है। इससे परिवार की चिंता और बढ़ गई है।
उधर, नेपाल में तबाही के बाद उत्तर बिहार में खतरा बरकरार है। कोशी बैराज पर सतर्कता बढ़ाई गई है। आशंका है कि नेपाल की दो दर्जन नदियों से उत्तर बिहार को बड़ा खतरा हो सकता है।
अभी भी बिहार में कई नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है। गंगा, बागमती, कोशी सहित कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। गंगा नदी का बहाव पटना में 65 सेंटीमीटर, हाथीदह में 70 सेंटीमीटर, भागलपुर और कहलगांव में 81 सेंटीमीटर खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।
महाराष्ट्र
मुंबई में वोटर लिस्ट के स्पेशल रिवीजन के लिए डॉक्यूमेंट्स और ड्राफ्ट सबमिशन

मुंबई इलेक्टोरल रोल के लिए स्पेशल रिवीजन प्रोग्राम के बारे में एक रिवाइज्ड शेड्यूल 19 अगस्त 2026 को इलेक्शन कमीशन ऑफ़ इंडिया से मिला था। इसके अनुसार, इलेक्शन कमीशन ऑफ़ इंडिया ने 24 अगस्त 2026 को मुंबई शहर और मुंबई सबअर्बन जिलों के सभी असेंबली इलाकों में पोलिंग स्टेशनों को रैशनलाइज़ करने के प्रस्ताव को मंज़ूरी दी। 2026 ड्राफ्ट वोटर लिस्ट के पब्लिकेशन के बाद, ड्राफ्ट के बारे में दावे और आपत्तियां 31 अगस्त 2026 और 30 सितंबर 2026 के बीच संबंधित असेंबली इलाके के ऑफिस में स्वीकार की जाएंगी। इन असेंबली इलाके के हिसाब से ऑफिस के पतों की लिस्ट मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन की ऑफिशियल वेबसाइट पर पब्लिश कर दी गई है। प्रोग्राम 2026 दावे और आपत्तियां असेंबली इलाके के हिसाब से ऑफिस के पते की लिस्ट 31 अगस्त, 2026 और 29 अक्टूबर, 2026 के बीच, ‘अनमैप्ड’ वोटर्स, डेटा में गड़बड़ी वाले वोटर्स और उन लोगों को जिन्होंने संबंधित इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर्स के ऑफिस के ज़रिए दावे और आपत्तियां फाइल की हैं, उन्हें नोटिस भेजे जाएंगे। इन दावों और आपत्तियों को बाद की सुनवाई के ज़रिए सुलझाया जाएगा। इसके अलावा, फ़ाइनल इलेक्टोरल रोल 4 नवंबर, 2026 को पब्लिश किए जाएँगे। जो लोग 1 अक्टूबर, 2026 तक 18 साल के हो जाएँगे, वे 31 अगस्त, 2026 से 30 सितंबर, 2026 के बीच रूप 6 (नए वोटर्स के लिए एप्लीकेशन फ़ॉर्म) भरकर और ज़रूरी डॉक्यूमेंट जमा करके अपना नाम इलेक्टोरल रोल में शामिल करवा सकते हैं। जिन वोटर्स के नाम ड्राफ़्ट इलेक्टोरल रोल में शामिल नहीं हैं या उन्हें इससे बाहर कर दिया गया है, वे 31 अगस्त, 2026 से 30 सितंबर, 2026 के बीच रूप 6 (नए वोटर्स के लिए एप्लीकेशन फ़ॉर्म) भरकर और ज़रूरी डॉक्यूमेंट जमा करके अपना नाम इलेक्टोरल रोल में शामिल करवा सकते हैं।
राष्ट्रीय समाचार
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने बच्चों के साथ मनाया रक्षाबंधन, बोलीं- ‘भाई-बहन के रिश्ते से कहीं बढ़कर है राखी का महत्व’

पूरे भारत में शुक्रवार को रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जा रहा है। इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने शुक्रवार को राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र में अलग-अलग स्कूलों और संगठनों के बच्चों के साथ रक्षाबंधन मनाया। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन का महत्व भाई-बहन के रिश्ते से कहीं बढ़कर है।
राष्ट्रपति ने बच्चों के साथ विशेष रक्षाबंधन समारोह की झलकियां शेयर कीं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “रक्षाबंधन का महत्व भाई-बहन के रिश्ते से कहीं बढ़कर है। राखी का पवित्र धागा परिवार के सदस्यों, दोस्तों और यहां तक कि पेड़ों पर भी बांधा जा सकता है, जो प्यार और देखभाल के बंधन का प्रतीक है।”
पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर जोर देते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने बच्चों से पेड़-पौधों की देखभाल करने का भी आग्रह किया।
इससे पहले, रक्षाबंधन पर राष्ट्रपति ने देशवासियों के नाम संदेश जारी किया। उन्होंने सभी भारतीयों को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए कहा, “रक्षा-बंधन की पावन परंपरा, प्राचीन काल से, हमारी उपासना और संस्कृति का अंग रही है। श्रद्धापूर्वक हाथ पर बांधे गए धागे को, रक्षा हेतु पवित्र सूत्र- बंधन, यानी रक्षा-बंधन माना गया है। अनेक श्लोकों और मंत्रों में, ‘रक्षै, मा चल, मा चल’ इन शब्दों में अनुरोध किया जाता है कि ‘हे रक्षा रूपी बंधन, तुम सदैव अचल रहो।'”
उन्होंने कहा, “समय के साथ, रक्षा-बंधन, बहन की रक्षा के लिए भाई के हाथ पर राखी बांधने के भावपूर्ण सामाजिक पर्व के रूप में लोकप्रिय हुआ। यह पर्व भाई-बहनों, मित्रों तथा परिवार और समाज के विभित्र सदस्यों के बीच आत्मीयता, सम्मान और एक-दूसरे के प्रति उत्तरदायित्व के भाव को सुदृढ़ करता है।”
राष्ट्रपति ने कहा कि यह पर्व हमें याद दिलाता है कि जीवन के हर रिश्ते की नींव विश्वास, संवेदनशीलता और परस्पर सहयोग पर आधारित होती है। उन्होंने आह्वान किया कि रक्षाबंधन के शुभ अवसर पर हम समाज और देश की रक्षा के लिए संकल्प लें। साथ ही, इसी भावना के साथ विकसित भारत के निर्माण के लिए आगे बढ़ते रहें।
-
दुर्घटना12 months agoनागपुर विस्फोट: बाजारगांव स्थित सौर ऊर्जा संयंत्र में बड़ा विस्फोट; 1 की मौत, कम से कम 10 घायल
-
व्यापार6 years agoआईफोन 12 का उत्पादन जुलाई से शुरू होगा : रिपोर्ट
-
महाराष्ट्र1 year agoमीरा भयंदर हजरत सैयद बाले शाह बाबा की मजार को ध्वस्त करने का आदेश
-
महाराष्ट्र1 year agoईद 2025 पर डोंगरी में दंगे और बम विस्फोट की ‘चेतावनी’ के बाद मुंबई पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी
-
राजनीति1 year agoवक्फ संशोधन बिल लोकसभा में होगा पेश, भाजपा-कांग्रेस समेत कई पार्टियों ने जारी किया व्हिप
-
अपराध4 years agoभगौड़े डॉन दाऊद इब्राहिम के गुर्गो की ये हैं नई तस्वीरें
-
खेल1 year agoआईपीएल 2025 : शानदार रिकॉर्ड के नाम रहा एमआई और केकेआर का मैच, डेब्यूटेंट अश्विनी ने रचा इतिहास
-
महाराष्ट्र1 year agoहाईकोर्ट ने मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोटिस जारी किया, मस्जिदों के लाउडस्पीकर विवाद पर
