दुर्घटना
मुंबई: वर्ली डिपो में टायर भरते समय विस्फोट से बेस्ट टेक्नीशियन की मौत
मुंबई: सोमवार, 14 अक्टूबर को वर्ली बस डिपो में एक दुखद दुर्घटना हुई, जब बृहन्मुंबई विद्युत आपूर्ति और परिवहन (बेस्ट) के लिए वेट लीज ऑपरेटर के रूप में काम करने वाले एक तकनीशियन की बस के टायर में हवा भरते समय मौत हो गई। मृतक की पहचान 30 वर्षीय गणेश देवेंद्र के रूप में हुई है, जो टाटा द्वारा बेस्ट के लिए वेट लीज संचालन के हिस्से के रूप में काम करता था। गणेश इस साल 20 जून को कंपनी में टायरमैन के रूप में काम करने के लिए शामिल हुआ था।
वास्तव में क्या हुआ?
बेस्ट प्रवक्ता के हवाले से यह घटना उस समय हुई जब गणेश वर्ली डिपो में वेट लीज ऑपरेटर की कार्यशाला में बस के टायर में हवा भर रहा था। दुर्भाग्य से, टायर फट गया, जिससे वह बहुत ज़ोर से पीछे की ओर गिर गया। उसके सिर में गंभीर चोटें आईं और वह तुरंत बेहोश हो गया। घटनास्थल पर मौजूद वेट लीज स्टाफ ने उसे केईएम अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने शाम 4:05 बजे उसे मृत घोषित कर दिया।
अगले दिन 15 अक्टूबर को शव का पोस्टमार्टम किया गया और 16 अक्टूबर को उसका अंतिम संस्कार किया गया। सूत्रों ने बताया कि गणेश का परिवार मुंबई से बाहर रहता था, जिसके कारण अंतिम संस्कार में एक दिन की देरी हुई।
यूनियनों से सुरक्षा और प्रशिक्षण की मांग
इस दुखद घटना के मद्देनजर यूनियनों ने वेट लीज तकनीकी कर्मचारियों को दिए जाने वाले प्रशिक्षण के बारे में चिंता जताई है, और इस तरह की दुर्घटनाओं को रोकने के लिए अधिक व्यापक सुरक्षा प्रशिक्षण की आवश्यकता पर बल दिया है। दूसरी ओर, बेस्ट प्रशासन के अधिकारियों ने कहा है कि वेट लीज कर्मचारियों के लिए पहले से ही नियमित प्रशिक्षण आयोजित किया जाता है। फिर भी, इस विशेष घटना की परिस्थितियों की जांच के लिए एक जांच शुरू की जाएगी।
यह घातक दुर्घटना ऐसे समय में हुई है जब बेस्ट के लिए स्थिति पहले से ही तनावपूर्ण है, क्योंकि वे वर्तमान में एक अन्य वेट लीज ऑपरेटर से संबंधित मुद्दों से निपट रहे हैं। इस ऑपरेटर ने हाल ही में कई अनसुलझे मुद्दों पर बेस्ट के साथ मतभेदों के कारण 280 बसों के बेड़े को वापस ले लिया था, जिससे परिवहन सेवा के सामने आने वाली चुनौतियाँ और बढ़ गई हैं।
दुर्घटना
नवी मुंबई में दो वाहनों में टक्कर, हादसे में सभी सुरक्षित

मुंबई, 4 अप्रैल : नवी मुंबई के पाम बीच रोड पर शुक्रवार देर रात होंडा सिटी और स्विफ्ट डिजायर कार के बीच टक्कर हुई। हादसे में किसी को गंभीर चोट नहीं आई। सूचना मिलने पर पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और कार चालक की तलाश शुरू कर दी।
जानकारी के अनुसार, स्विफ्ट डिजायर कार को उसके मालिक ने मरम्मत के लिए स्थानीय गैरेज में दिया था। गैरेज के अनुसार, कुछ लोग बिना अनुमति के कार लेकर बाहर निकले और रात करीब 12 बजे तेज रफ्तार में गाड़ी चलाते समय यह हादसा हो गया। हादसे के समय कार में कौन-कौन सवार था, इसकी जानकारी अभी पुलिस जुटा रही है।
हादसे की सूचना मिलते ही नवी मुंबई पुलिस मौके पर पहुंची और दुर्घटना स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि हादसे में कोई गंभीर चोटिल नहीं हुआ, लेकिन दोनों वाहनों को भारी नुकसान हुआ है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और फरार आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
स्थानीय लोगों ने पुलिस को बताया कि पाम बीच रोड पर अक्सर वाहन तेज गति से चलते हैं, जिससे हादसे की आशंका रहती है। वहीं, होंडा सिटी के चालक ने कहा कि वह अचानक सामने आई तेज गति से आ रही स्विफ्ट डिजायर से टकराने से बचने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन कार अनियंत्रित होकर टकरा गई।
पुलिस ने बताया कि अब उन्हें गैरेज के सीसीटीवी फुटेज और आसपास के इलाके के लोगों के बयान के आधार पर आरोपियों की पहचान करने में मदद मिल सकती है। स्विफ्ट डिजायर के चालक और अन्य सवारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है और पुलिस उनकी गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी हुई है।
फिलहाल पुलिस मामले के सभी पहलुओं से जांच कर रही है और आश्वस्त किया है कि जल्द ही दोषियों को पकड़ कर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि हादसे की जगह लगे सीसीटीवी फुटेज को लेकर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से आरोपी की पहचान की गई है। उसकी गिरफ्तारी के लिए कई टीमों का गठन किया जा रहा है, जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
दुर्घटना
नासिक में दर्दनाक हादसा, कार के कुएं में गिरने से 9 लोगों की मौत

नासिक, 4 अप्रैल : महाराष्ट्र के नासिक में बड़ा हादसा हो गया। शहर के शिवाजीनगर इलाके में शुक्रवार रात करीब 10 बजे सड़क किनारे बने कुएं में कार गिरने से एक ही परिवार के 9 लोगों की मौत हो गई। इस घटना से पूरे डिंडोरी तालुका में मातम पसर गया है। पुलिस मामले की जांच पड़ताल कर रही है।
मिली जानकारी के मुताबिक, शिवाजीनगर के राजे बैंक्वेट हॉल में वडजे क्लासेस की तरफ से एक मीटिंग रखी गई थी। मीटिंग के लिए इंदौर (ताल. डिंडोरी) से दरगोड़े परिवार आया था। मीटिंग के बाद दरगोड़े परिवार अपनी मारुति एक्सएल कार से घर लौट रहे था, तभी ड्राइवर का कंट्रोल खो गया, जिससे कार सड़क किनारे पानी से भरे कुएं में गिर गई। इस दुर्घटना के बाद मौके पर लोगों की भारी भीड़ लग गई।
हादसे की खबर मिलते ही तहसीलदार मुकेश कांबले, पुलिस इंस्पेक्टर भगवान माथुरे, चीफ ऑफिसर संदीप चौधरी पुलिस, फायर ब्रिगेड, डिजास्टर मैनेजमेंट टीम और लोकल लोगों के साथ मौके पर पहुंचे। कुआं पानी से भरा हुआ था, जिससे रेस्क्यू ऑपरेशन में काफी मुश्किलें आईं। आधी रात को दो क्रेन की मदद से कार को बाहर निकाला गया।
इस हादसे में कार से 8 लोगों की लाशें निकाली गईं, जबकि कुएं में डूबी एक लड़की की तलाश के लिए स्पेशल ऑपरेशन चलाया गया। बाद में उसकी भी लाश मिल गई।
मरने वालों में सुनील दत्तात्रेय दरगोड़े (32), रेशमा सुनील दरगोड़े (27), राखी उर्फ गुणवंती (10), माधुरी अनिल दरगोड़े (13), श्रवणी अनिल दरगोड़े (11), आशा अनिल दरगोड़े (32), श्रेयश अनिल दरगोड़े (11), सृष्टि अनिल दरगोड़े (14) और समृद्धि राजेश दरगोड़े (7) शामिल हैं।
एनडीआरएफ की टीम भी मौके पर पहुंच गई। देर रात तक रेस्क्यू का काम जारी रहा। डिंडोरी पुलिस ने इस दिल दहला देने वाली घटना को दर्ज कर लिया है और आगे की जांच चल रही है।
दुर्घटना
आंध्र प्रदेश व तेलंगाना में पिछले छह माह में बस में आग लगने के चार बड़े हादसे हुए

अमरावती, 26 मार्च : आंध्र प्रदेश के मार्कापुरम जिले में गुरुवार को हुई भीषण बस हादसे में आग लगने से 14 लोगों की मौत हो गई और 22 अन्य घायल हो गए। आंध्र प्रदेश व तेलंगाना में बसों से जुड़े घातक हादसों की श्रृंखला की यह ताजा घटना है।
पिछले छह महीनों में आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में कम से कम चार बड़ी बस दुर्घटनाएं हुई हैं।
24 अक्टूबर, 2025 को आंध्र प्रदेश के कर्नूल शहर के पास एक निजी बस में आग लगने से 19 लोगों की जलकर मौत हो गई थी। यह हादसा तब हुआ जब बस सड़क पर दुर्घटना के बाद पड़ी एक मोटरसाइकिल के ऊपर से गुजर गई।
46 लोगों को लेकर चल रही यह बस हैदराबाद से बेंगलुरु जा रही थी, तभी कर्नूल के बाहरी इलाके में स्थित चिन्नाटेकुर गांव के पास यह भीषण हादसा हुआ था। इस हादसे में दो बच्चों सहित 19 यात्री जिंदा जल गए थे, जबकि दोनों ड्राइवरों सहित 27 यात्री खिड़कियों के शीशे तोड़कर बाहर निकलने में सफल रहे थे।
पुलिस जांच में सामने आया कि बस सड़क पर पड़ी मोटरसाइकिल के ऊपर से गुजर गई, जिसे सवार ने डिवाइडर से टकराने के बाद गिरा दिया था। बस ने बाइक को लगभग 200 मीटर तक घसीटा, जिससे घर्षण और ईंधन के रिसाव के कारण आग लग गई और देखते ही देखते पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया।
3 नवंबर 2025 को तेलंगाना के रंगारेड्डी जिले में बस और ट्रक की टक्कर में 19 लोगों की मौत हो गई और 24 अन्य घायल हो गए।बजरी से लदा एक टिपर ट्रक सामने से आ रही तेलंगाना राज्य सड़क परिवहन निगम की बस से टकरा गया। 72 यात्रियों को लेकर चल रही यह बस तंदूर से हैदराबाद आ रही थी।
मृतकों में 10 महिलाएं और 10 महीने का एक बच्चा शामिल था। इस आमने-सामने की टक्कर में बस और ट्रक दोनों के चालक मारे गए। बस की पहली छह पंक्तियों में बैठे यात्री कुचल गए और बजरी के नीचे दब गए, क्योंकि टिपर लॉरी बस के अंदर घुस गई थी।
उसी दिन, आंध्र प्रदेश के एलुरु जिले में एक निजी बस पलट गई, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और 10 अन्य घायल हो गए थे। यह हादसा तब हुआ जब भारती ट्रैवल्स की बस जुबली नगर के पास मोड़ लेते समय पलट गई।
4 नवंबर, 2025 को आंध्र प्रदेश के श्री सत्य साई जिले में एक निजी बस के ट्रक से टकराने से एक व्यक्ति की मौत हो गई और आठ अन्य घायल हो गए थे। यह दुर्घटना चेन्नकोथापल्ले मंडल के धमाजीपल्ली के पास हुई, जब जब्बार ट्रैवल्स की बस मोड़ लेते समय पीछे से ट्रक से टकरा गई थी।
22 जनवरी, 2026 को आंध्र प्रदेश के नंद्याल जिले में एक निजी बस के कंटेनर लॉरी से टकराने के बाद आग लगने से तीन लोगों की मौत हो गई थी। बस का टायर फटने के बाद वह नियंत्रण खो बैठी, डिवाइडर पार कर सामने से आ रही लॉरी से टकरा गई। यह बस आंध्र प्रदेश के नेल्लोर से हैदराबाद जा रही थी, जबकि कंटेनर ट्रक मोटरसाइकिलें ले जा रहा था। टक्कर के बाद दोनों वाहनों में आग लग गई थी।
पुलिस के अनुसार, दोनों वाहनों के चालक और लॉरी का क्लीनर मारे गए जबकि सभी यात्री बच गए। बस में सवार 36 यात्रियों में से चार को मामूली फ्रैक्चर आए और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।
सड़क दुर्घटनाओं में बढ़ोतरी पर चिंता जताते हुए आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने पिछले साल नवंबर में अधिकारियों को दुर्घटनाओं के कारणों का पता लगाने के लिए थर्ड-पार्टी ऑडिट कराने का निर्देश दिया था।
थर्ड-पार्टी ऑडिट से यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि दुर्घटना वाहन में किसी खराबी, चालक की गलती या सड़क निर्माण में खामियों के कारण हुई। मुख्यमंत्री ने 2025 में 15,462 सड़क दुर्घटनाओं में 6,433 लोगों की मौत पर चिंता जताई थी।
देश में सड़क दुर्घटनाओं के मामले में आंध्र प्रदेश आठवें स्थान पर है। अधिकारियों ने बताया कि एक-तिहाई दुर्घटनाएं दोपहिया वाहनों के कारण होती हैं, जबकि 53 प्रतिशत दुर्घटनाएं कारों और दोपहिया वाहनों से जुड़ी स्वयं की दुर्घटनाएं होती हैं।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को नेल्लोर, तिरुपति, पलनाडु, अन्नमय्या और काकीनाडा जिलों में सड़क दुर्घटनाओं में अधिक मौतों के कारणों की जांच करने का निर्देश दिया।
अधिकारियों ने बताया कि 79 प्रतिशत दुर्घटनाएं तेज रफ्तार के कारण होती हैं, 3 प्रतिशत गलत दिशा में गाड़ी चलाने से और 1 प्रतिशत शराब व मोबाइल के इस्तेमाल के कारण होती हैं जबकि 42 प्रतिशत दुर्घटनाएं राष्ट्रीय राजमार्गों पर और 21 प्रतिशत राज्य राजमार्गों पर होती हैं।
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