अपराध
उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने बढ़ते तनाव के बीच धार्मिक प्रतीकों का अपमान करने के खिलाफ चेतावनी दी
लखनऊ: पैगंबर मोहम्म(S.A.W) के खिलाफ पुजारी यति नरसिंहानंद की भड़काऊ टिप्पणी के मद्देनजर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को एक कड़ा संदेश देते हुए चेतावनी दी कि किसी भी धर्म के धार्मिक हस्तियों और संतों के खिलाफ अपमानजनक बयान बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने घोषणा की है कि किसी भी धर्म के धार्मिक हस्तियों और संतों के खिलाफ अपमानजनक और आपत्तिजनक बयान बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे।
उत्तर प्रदेश के सीएम ने सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखने की आवश्यकता पर बात की
कानून और व्यवस्था की समीक्षा बैठक में बोलते हुए, आदित्यनाथ ने सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया, खासकर शारदीय नवरात्रि और विजयादशमी जैसे प्रमुख त्योहारों के साथ।
मुख्यमंत्री ने यह स्पष्ट किया कि जाति, पंथ या धर्म की परवाह किए बिना धार्मिक प्रतीकों का अपमान या अपमान करने का कोई भी प्रयास सख्त कानूनी परिणामों से निपटा जाएगा।
“देवताओं, संतों या पूजनीय व्यक्तियों के बारे में अपमानजनक टिप्पणी करने वाले किसी भी व्यक्ति को कानून के तहत जवाबदेह ठहराया जाएगा। आदित्यनाथ ने अपमानजनक टिप्पणियों के प्रति अपनी सरकार की शून्य-सहिष्णुता की नीति को मजबूत करते हुए कहा। उन्होंने अराजकता के व्यापक मुद्दे को भी संबोधित करते हुए कहा, ‘जबकि लोगों को विरोध करने का अधिकार है, किसी को भी विरोध की आड़ में सार्वजनिक व्यवस्था को बाधित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। ऐसी घटनाओं के जवाब में हिंसा, तोड़फोड़ या आगजनी स्वीकार नहीं की जाएगी।”
विवाद के बारे में
आदित्यनाथ की टिप्पणी गाजियाबाद के पुजारी यति नरसिंहानंद द्वारा भड़काए गए ताजा विवाद के बीच आई है, जो भड़काऊ बयान देने के लिए कुख्यात हैं।
पैगंबर मुहम्मद(S.A.W) को निशाना बनाने वाली नरसिंहानंद की हालिया टिप्पणियों ने आक्रोश पैदा कर दिया है, जिसके कारण एफआईआर दर्ज की गई है। उनके सहयोगियों ने दावा किया है कि उन्हें गाजियाबाद में हिरासत में लिया गया है, हालांकि पुलिस ने अभी तक उनकी हिरासत की पुष्टि नहीं की है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समीक्षा बैठक की
समीक्षा बैठक के दौरान, आदित्यनाथ ने मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक और अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) सहित वरिष्ठ अधिकारियों के साथ त्योहार की तैयारियों पर चर्चा की और उनसे पूरे राज्य में शांतिपूर्ण उत्सव सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
उन्होंने जोर देकर कहा, “प्रत्येक समुदाय की आस्था का सम्मान किया जाना चाहिए और उत्सव को हर्षोल्लास के साथ शांतिपूर्ण तरीके से मनाया जाना चाहिए।”
उन्होंने स्थानीय कानून प्रवर्तन को निर्देश दिया कि वे अशांति पैदा करने का प्रयास करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ त्वरित कार्रवाई करें।
“नागरिकों के लिए महान हस्तियों का सम्मान करना ज़रूरी है, लेकिन यह सम्मान वास्तविक और स्वैच्छिक होना चाहिए। किसी को भी कृतज्ञता या श्रद्धा व्यक्त करने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता,” आदित्यनाथ ने समुदायों के बीच आपसी सम्मान के महत्व को रेखांकित किया। मुख्यमंत्री ने त्यौहारों के मौसम के दौरान कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए राज्य की प्रतिबद्धता को भी दोहराया।
उन्होंने पुलिस को निर्देश दिया कि, “किसी भी संभावित उपद्रवी को पहले ही पहचान लें तथा व्यवधान को रोकने के लिए उनके विरुद्ध निर्णायक कार्रवाई करें।”
आदित्यनाथ ने पुलिस को त्योहारों के दौरान महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देने का भी निर्देश दिया। उन्होंने महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा के लिए भीड़भाड़ वाले इलाकों में पैदल गश्त और पीआरवी 112 इकाइयों की मौजूदगी बढ़ाने का आह्वान किया।
अपराध
दिल्ली पुलिस ने किया अंतरराज्यीय बाल तस्करी गिरोह का भंडाफोड़, 12 आरोपी गिरफ्तार

ARREST
दिल्ली पुलिस की सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट यूनिट ने एक बड़े अंतरराज्यीय बाल तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इस कार्रवाई के दौरान 5 नवजात बच्चों को रेस्क्यू किया है। यह गिरोह लंबे समय से नवजात बच्चों की खरीद-फरोख्त में शामिल था और देश के अलग-अलग राज्यों में सक्रिय था।
पुलिस के अनुसार, यह नेटवर्क बेहद संगठित तरीके से काम करता था। आरोपी पहले दूसरे राज्यों से नवजात बच्चों को लाते थे और फिर उनके जन्म रिकॉर्ड और पहचान दस्तावेजों में फर्जीवाड़ा कर उन्हें अवैध रूप से बेच देते थे। शुरुआती जांच में सामने आया है कि गिरोह लाखों रुपए लेकर जरूरतमंद और संतानहीन दंपतियों को बच्चे बेच देता था।
दिल्ली पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों में कुछ की गिरफ्तारी दिल्ली से हुई है, जबकि अन्य को राजस्थान से पकड़ा गया है। यह गिरोह कई राज्यों में फैला हुआ था और हरियाणा सहित अन्य जगहों पर भी बच्चों को बेचे जाने के संकेत मिले हैं। पुलिस का कहना है कि यह एक बड़ा रैकेट है जो लंबे समय से सक्रिय था और अब तक 20 से अधिक बच्चों की अवैध खरीद-फरोख्त की बात सामने आई है।
जांच अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी अस्पतालों और अन्य माध्यमों से नवजात बच्चों को हासिल करने के बाद उनकी पहचान छुपाते थे। इसके लिए फर्जी जन्म प्रमाण पत्र और अन्य दस्तावेज तैयार किए जाते थे, ताकि बच्चों को कानूनी रूप से गोद लेने जैसा दिखाया जा सके।
पुलिस ने इस पूरे मामले में गहन जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। साथ ही, यह भी जांच हो रही है कि बच्चों को किन-किन राज्यों में और किन लोगों को बेचा गया है।
रेस्क्यू किए गए 5 नवजात बच्चों को फिलहाल सुरक्षित स्थान पर रखा गया है और बाल कल्याण समिति की निगरानी में उन्हें आगे की देखभाल दी जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि इस तरह के संगठित अपराधों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और पूरे नेटवर्क को जल्द ही पूरी तरह उजागर किया जाएगा।
दिल्ली पुलिस ने इस कार्रवाई को मानव तस्करी के खिलाफ एक बड़ी सफलता बताया है और कहा है कि मामले में आगे और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।
अपराध
वायु सेना अधिकारी की पत्नी से जुड़े जबरन धर्मांतरण मामले में मौलवी गिरफ्तार

नागपुर पुलिस ने भारतीय वायु सेना के एक अधिकारी की 24 वर्षीय पत्नी के कथित जबरन धर्म परिवर्तन मामले में एक मौलवी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान हजरत मौलाना के रूप में हुई है। पुलिस ने उसे मध्य प्रदेश से हिरासत में लिया और आगे की पूछताछ के लिए नागपुर लाया है।
महिला ने अपनी शिकायत में पूर्व सहपाठी और उसके कई साथियों पर दुष्कर्म, ब्लैकमेल, जबरन धर्म परिवर्तन और काला जादू से जुड़े कथित अनुष्ठान कराने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।
इस सप्ताह सामने आए इस मामले ने तब और तूल पकड़ लिया, जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ। वीडियो में कथित तौर पर एक व्यक्ति महिला का हाथ पकड़कर धार्मिक आयतें पढ़ता दिखाई दे रहा है। इस वीडियो के सामने आने के बाद मामले को लेकर लोगों में आक्रोश बढ़ गया और पुलिस जांच तेज कर दी गई।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, मुख्य आरोपी 26 वर्षीय अयाज मदारे और उसका सहयोगी अमीन शेख पहले से ही पुलिस हिरासत में हैं। जांच एजेंसियों का मानना है कि गिरफ्तार मौलवी ने कथित धर्म परिवर्तन की प्रक्रिया और निकाह कराने में अहम भूमिका निभाई थी।
एफआईआर के अनुसार, महिला ने आरोप लगाया है कि 8 फरवरी 2025 को अयाज उसे एक होटल ले गया, जहां उसके पेय पदार्थ में नशीला पदार्थ मिलाया गया। बेहोश होने के बाद उसकी आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो बना लिए गए। बाद में इन्हीं के जरिए उसे ब्लैकमेल किया गया और पति को भेजने व सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर कई बार यौन उत्पीड़न किया गया। महिला का यह भी आरोप है कि उससे करीब चार लाख रुपए भी वसूले गए।
महिला ने शिकायत में बताया कि वायरल वीडियो में वह रोते हुए खुद को छोड़ने की गुहार लगा रही थी, जबकि आरोपी धार्मिक आयतें पढ़ रहा था। इसके बाद उसे बताया गया कि उसका धर्म परिवर्तन करा दिया गया है और फिर उसके साथ दोबारा यौन उत्पीड़न का प्रयास किया गया।
शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि अयाज नियमित रूप से उसे प्लास्टिक की बोतल से एक तरल पदार्थ पीने के लिए मजबूर करता था। उसने दावा किया कि इसे पीने के बाद वह उर्दू में मंत्र पढ़ता था, उसके चेहरे पर फूंक मारता था और इस प्रक्रिया को सम्मोहन या काला जादू बताता था।
एफआईआर के अनुसार, 31 मई को आरोपी उसे अपने सहयोगी के साथ कलमेश्वर ले गया, जहां हजरत मौलाना ने धार्मिक गतिविधि के दौरान उसकी इच्छा के विरुद्ध उससे “कबूल है” कहलवाया। महिला का आरोप है कि इसके बाद मौलवी ने उसका धर्म परिवर्तन घोषित किया और अयाज के साथ निकाह करा दिया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मौलवी से पूछताछ के दौरान मामले में और भी अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं।
अपराध
पंजाब: पुलिस ने ड्रग्स और नशे की तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ की कार्रवाई, एक गिरफ्तार

पंजाब पुलिस ने ड्रग्स और नशे की तस्करी में संलिप्त तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है। पुलिस अभी इनसे पूछताछ कर मामले के बारे में पूरी जानकारी जुटाने की कोशिश कर रही है।
पुलिस का स्पष्ट कहना है कि इस मामले से जुड़े अगर किसी आरोपी के बारे में जानकारी प्रकाश में आएगी, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने में किसी भी प्रकार की कोताही स्वीकार नहीं की जाएगी। पुलिस ने इस कार्रवाई के बारे में अपने सोशल मीडिया एक्स हैंडल पर जानकारी दी है।
पुलिस के मुताबिक, इन आरोपियों के पास से 5.775 किलोग्राम हेरोइन, 1,33,640 प्रतिबंधित कैप्सूल/गोलियां, 39 कारतूस और 36,600 नकद बरामद किए हैं। पुलिस ने इन आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है।
पुलिस ने बताया कि जिन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, उनसे पूछताछ के आधार पर पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा रहा है, ताकि इस बात की जानकारी सामने आ सके कि इसमें कौन लोग शामिल हैं और किस-किस प्रकार की भूमिकाओं का निर्वहन कर रहे हैं। अगर कोई अवैध गतिविधियों में संलिप्त पाया गया, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होकर रहेगी।
पुलिस का कहना है कि पंजाब को नशा मुक्त बनाने की दिशा में इस तरह की कार्रवाई जरूरी है। हमारा एकमात्र उद्देश्य पंजाब को नशा मुक्त करना है और इस दिशा में हमारी पूरी कार्रवाई जारी रहेगी। हम नहीं चाहते हैं कि पंजाब के युवा किसी भी प्रकार की नशीले पदार्थों की तस्करी में संलिप्त पाए जाए।
बता दें कि पंजाब में सीमा पार से लगातार नशीले पदार्थों की तस्करी की जाती है। पुलिस अब तक इस मामले में कई बड़ी कार्रवाई कर चुकी है। इससे पहले पंजाब पुलिस ने 11 जून को कार्रवाई के दौरान 30 किलोग्राम हेरोइन बरामद की थी। इस मामले में गिरफ्तार आरोपी दुबई में बैठे तस्करों के संपर्क में रहते थे और उनकी मदद से पंजाब में नशीले पदार्थों की तस्करी किया करते थे।
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