Connect with us
Monday,12-October-2026
ताज़ा खबर

आपदा

INS ब्रह्मपुत्र दुर्घटना: क्या भारतीय नौसेना बहुत सारे जहाज खो रही है? ऐसी त्रासदी से कैसे बचा जा सकता है?

Published

on

मुंबई डॉकयार्ड में आईएनएस ब्रह्मपुत्र की घटना, जिसमें भारतीय नौसेना के बहुउद्देशीय फ्रिगेट को जहाज पर लगी आग के कारण नुकसान पहुंचा, ने भारतीय नौसेना के जहाजों के आसपास की स्थिति को सामने ला दिया है। भले ही आग पर काबू पा लिया गया था, लेकिन जहाज ने अपनी कुछ उछाल खो दी और अपनी बाईं ओर झुक गया, या जैसा कि शिपिंग और नौसेना की भाषा में इसे बंदरगाह की ओर कहा जाता है।

दुर्भाग्य से आईएनएस ब्रह्मपुत्र दुर्घटनाओं से क्षतिग्रस्त या नष्ट हुई भारत की नौसेना संपत्तियों की लंबी सूची में शामिल हो गया है। भारतीय तटों की रक्षा के लिए बनाए गए ये जहाज और पनडुब्बियां उन कारकों का शिकार बन गईं जिन्हें लंबे समय से रोका जा सकता था।

आईएनएस ब्रह्मपुत्र: प्रमुख तथ्य

आईएनएस ब्रह्मपुत्र ‘ब्रह्मपुत्र’ श्रेणी का पहला स्वदेशी रूप से निर्मित गाइडेड मिसाइल फ्रिगेट है। भारतीय नौसेना ने इस जहाज को अप्रैल 2000 में कमीशन किया था। इसके कर्मचारियों में 40 अधिकारी और 330 नाविक शामिल हैं।

125 मीटर लंबा यह युद्धपोत 5300 टन विस्थापन का है और 30 नॉट की गति तक पहुँचने में सक्षम है। इसकी मारक क्षमता में सतह से हवा में मार करने वाली, सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइल के अलावा मध्यम दूरी की बंदूकें, रडार, सोनार, पनडुब्बी रोधी रॉकेट और बहुत कुछ शामिल है। जहाज में अपने डेक से सीकिंग और चेतक हेलीकॉप्टरों को संचालित करने की भी क्षमता है।

झुके हुए जहाज को सीधा करना वाकई एक बहुत बड़ा काम होगा। मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि मुंबई डॉक में यह क्षमता नहीं है और भारत को आईएनएस ब्रह्मपुत्र को फिर से सीधा करने के लिए विदेशी फर्मों को नियुक्त करना होगा।

कोई भी दुर्घटना और जानमाल का नुकसान भारत के लिए एक झटका है और आदर्श रूप से ऐसी कोई दुर्घटना नहीं होनी चाहिए। ऐसी असफलताओं को रोकने के लिए क्या किया जा सकता है?

शौर्य चक्र विजेता भारतीय नौसेना के कैप्टन (सेवानिवृत्त) दिलीप डोंडे ने कहा, “अपनी प्रक्रियाओं को व्यवस्थित रखें। अपनी गलतियों से सीखें।”

किसी भी अन्य पेशेवर सशस्त्र बल की तरह भारतीय नौसेना में भी सख्त प्रक्रियाएं और प्रोटोकॉल हैं। जब जहाज की मरम्मत की जा रही होती है, तब भी प्रक्रियाएं मौजूद होती हैं।

लेकिन क्या मरम्मत के दौरान जहाज अधिक असुरक्षित होता है?

कैप्टन (सेवानिवृत्त) सरबजीत सिंह परमार, जिन्होंने मरम्मत और मरम्मत के दौरान जहाजों की कमान संभाली है, ने कहा, “हां।”

उन्होंने कहा, “आप मरम्मत के दौरान जहाज से व्यवहार की उम्मीद नहीं कर सकते हैं,” उन्होंने कहा कि मरम्मत के दौरान जहाज को तैरते और सीधा रखना एक चुनौतीपूर्ण, नाजुक काम है।

समुद्र में मिशन पर तैनात एक ऑपरेशनल जहाज पूरी तरह से कार्यात्मक लड़ाकू इकाई है। लेकिन मरम्मत के दौरान, चीजें मुश्किल हो सकती हैं, उदाहरण के लिए, अगर कोई हिस्सा दाईं ओर (स्टारबोर्ड साइड) से हटा दिया जाता है, तो जहाज दाईं ओर (पोर्ट साइड) भारी हो जाता है और इसके विपरीत।

इस चरण में जहाज की झुकाव (झुकाव) को बनाए रखना और उसका निरीक्षण करना महत्वपूर्ण है। झुकाव को एक निश्चित बिंदु तक नियंत्रित किया जा सकता है, लेकिन अगर यह एक निश्चित सीमा को पार कर जाता है, तो जहाज के पानी में अपना संतुलन खोने और पूरी तरह से एक तरफ झुकने या यहां तक ​​कि पलटने की संभावना हमेशा बनी रहती है।

कैप्टन (सेवानिवृत्त) परमार ने कहा, “दुनिया की सभी नौसेनाओं को इस समस्या का सामना करना पड़ता है,” “इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि यह भारतीय नौसेना है या अमेरिकी या चीनी। ये कारक सभी को परेशान करते हैं।”

उनकी राय में, INS ब्रह्मपुत्र में आग शॉर्ट सर्किट या वेल्डिंग ऑपरेशन से निकली चिंगारी के कारण लगी थी। चूंकि ईंधन और गोला-बारूद को रिफिट के दौरान जहाज से हटा दिया जाता है, इसलिए ये आग के लिए जिम्मेदार नहीं हो सकते हैं जिसके बाद जहाज एक तरफ झुक गया। इस स्टोरी के प्रकाशित होने तक, भारतीय नौसेना ने INS ब्रह्मपुत्र की घटना की जांच के आदेश दे दिए थे। जांच पूरी होने के बाद आग लगने के कारणों की घोषणा की जाएगी।

“हर काम के लिए प्रक्रिया और प्रोटोकॉल होते हैं। अगर कोई वेल्डर जहाज के किसी हिस्से की मरम्मत कर रहा है, तो उसके पास एक फायर फाइटर का होना ज़रूरी है,” उन्होंने कहा।

तो ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या किया जा सकता है?

कैप्टन (सेवानिवृत्त) परमार ने कहा, “यह जांच की जानी चाहिए कि क्या प्रक्रिया का पालन करने में कोई त्रुटि हुई है।”

जांच में मरम्मत कार्यों को निर्देशित करने वाले वर्तमान नियमों पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए और ज़रूरत पड़ने पर उन्हें बदला जाना चाहिए।

चूंकि मुंबई में भारतीय नौसेना के जहाज के क्षतिग्रस्त होने की यह तीसरी घटना है, इसलिए भारत के पश्चिमी नौसेना कमान के मुख्यालय को काफ़ी आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। लेकिन सेवानिवृत्त नौसेना कप्तान ने कहा कि अभी पूरे डॉक को दोष देना जल्दबाजी होगी।

अंतरराष्ट्रीय समाचार

फिलीपींस के विनाशकारी भूकंप में अब तक 47 की मौत, सैकड़ों घायल

Published

on

मनीला, 11 जून: फिलीपींस के दक्षिणी द्वीप क्षेत्र मिंडानाओ तट के पास सोमवार को आए 7.8 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने भारी तबाही मचाई है। देश की आपदा प्रबंधन एजेंसी के अनुसार, इस आपदा में अब तक 47 लोगों की मौत हो चुकी है, 31 लापता हैं और 688 से अधिक लोग घायल हुए हैं।

नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट काउंसिल (एनडीआरआरएमसी) ने गुरुवार को बताया कि 75,000 से अधिक परिवार भूकंप पीड़ित हैं, जबकि लगभग 3.46 लाख लोगों पर इसका सीधा असर पड़ा है। 45,000 से ज्यादा लोगों को अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा और 12,600 से अधिक मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं।

भूकंप के बाद 45 अन्य घटनाएं भी दर्ज की गईं, जिनमें अधिकांश भूस्खलन (लैंडस्लाइड) से जुड़ी थीं। कई सड़कें, पुल, एक हवाई अड्डा और दो बंदरगाह प्रभावित हुए हैं, जिससे राहत और बचाव कार्यों में भी मुश्किलें आ रही हैं। इसके अलावा कृषि, पशुपालन और मत्स्य उद्योग को भी भारी नुकसान पहुंचा है। 48 शहरों और नगरपालिकाओं में बिजली आपूर्ति बाधित हुई।

फिलीपींस इंस्टीट्यूट ऑफ वोल्कैनोलॉजी एंड सिसमोलॉजी के अनुसार, भूकंप स्थानीय समयानुसार सुबह 7:37 बजे आया। इसका केंद्र मासिम तट से लगभग 32 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में और 33 किलोमीटर की गहराई पर था।

सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में जनरल सैंटोस शामिल है, जहां कई इमारतों को नुकसान पहुंचा। एक दो-मंजिला स्कूल भवन ढह गया, जिसमें छात्रों के फंसे होने की आशंका जताई गई। अधिकारी घटना की पुष्टि और बचाव कार्य में जुटे हुए हैं।

ऑनलाइन सामने आए वीडियो में विश्वविद्यालयों, रेस्तरां और अन्य व्यावसायिक इमारतों के ढहने के दृश्य दिखाई दे रहे हैं। कई स्थानों पर इमारतों के शीशे टूट गए और साइनबोर्ड गिर गए, जिससे लोगों में दहशत फैल गई। जान बचाने के लिए स्थानीय निवासी तुरंत घरों और दफ्तरों से बाहर निकल आए।

यह भूकंप ऐसे समय आया जब गर्मियों की छुट्टियों के बाद पूरे फिलीपींस में स्कूल दोबारा खुलने शुरू हुए थे। कई स्कूलों के सीसीटीवी फुटेज में भूकंप के दौरान तेज झटके महसूस होते दिखाई दिए, जहां शिक्षक और छात्र या तो तुरंत बाहर निकले या फिर मेज के नीचे शरण लेते नजर आए।

स्थानीय मीडिया के अनुसार, शिक्षा विभाग के आंकड़ों के मुताबिक छह क्षेत्रों के 43 शिक्षा प्रभागों के कुल 8,642 स्कूलों को किसी न किसी तरह से नुकसान पहुंचा है।

राहत और बचाव कार्य लगातार जारी हैं, जबकि अधिकारियों को आशंका है कि मृतकों और घायलों की संख्या अभी और बढ़ सकती है।

Continue Reading

अंतरराष्ट्रीय

फिसीपींस में भूकंप के बाद 37 हुई मृतकों की संख्या, 20 हजार लोग हुए विस्थापित

Published

on

नई दिल्ली, 9 जून: दक्षिणी फिलीपींस के सारंगनी प्रांत में सोमवार सुबह आए 7.8 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप से भारी तबाही हुई है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इस आपदा में मृतकों की संख्या बढ़कर 37 हो गई है, जबकि लगभग 20 हजार लोगों को अपने घर छोड़ने पड़े हैं।

भूकंप में करीब 500 लोग घायल हुए हैं। इसके अलावा कई इमारतों को नुकसान पहुंचा है और अनेक क्षेत्रों में स्कूलों तथा उड़ानों का संचालन प्रभावित हुआ। भूकंप के बाद जापान सहित कई देशों ने सुनामी की चेतावनी जारी की थी, जिसे बाद में वापस ले लिया गया।

फिलीपींस के सिविल डिफेंस कार्यालय की प्रवक्ता जूनी कैस्टिलो ने बताया कि साउथ कोटाबाटो के जनरल सैंटोस शहर में 10 लोगों की मौत की सूचना मिली है। यह पोर्ट सिटी 7 लाख से अधिक आबादी वाला क्षेत्र है। यहां कम से कम 12 लोगों के लापता होने की भी सूचना है। अधिकांश मौतें मलबा गिरने, इमारतों के ढहने और भूस्खलन के कारण हुई हैं।

समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, फिलीपींस नेशनल पुलिस ने पहले बताया था कि कम से कम 134 लोग घायल हुए हैं। जनरल सैंटोस में एक दो मंजिला स्कूल भवन भी ढह गया, जिसमें छात्रों के फंसे होने की आशंका जताई गई। अधिकारियों ने कहा कि वे घटना से जुड़ी जानकारियों का सत्यापन कर रहे हैं।

सोशल मीडिया और ऑनलाइन वीडियो में आपदा प्रभावित क्षेत्रों में यूनिवर्सिटी और रेस्टोरेंट की बिल्डिंगें गिर गईं। कई व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को स्ट्रक्चरल डैमेज हुआ, साइनबोर्ड गिर गए और खिड़कियों के शीशे टूट गए। भूकंप के झटकों के बाद लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागते नजर आए।

फिलीपींस में गर्मी की छुट्टियां समाप्त होने के बाद स्कूल खुले ही थे कि यह शक्तिशाली भूकंप आ गया। कई स्कूलों के सर्विलांस फुटेज में भूकंप के दौरान जोरदार झटके दिखे। शिक्षकों और छात्रों को या तो तुरंत निकाला गया या वे डेस्क के नीचे छिप गए। देश के शिक्षा विभाग ने कहा कि जिन स्कूलों पर असर पड़ा है, उनमें 5,800 से ज्यादा स्टूडेंट्स हैं। इन स्टूडेंट्स की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए क्लास रोकने का आदेश दिया गया है।

जनरल सैंटोस इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने पूरी सुरक्षा जांच के लिए स्थानीय समय के हिसाब से सुबह 8:45 बजे से दोपहर 3 बजे तक ऑपरेशन रोक दिया। तीन एयरलाइनों ने कुल 17 घरेलू उड़ानें कैंसिल कर दीं। सिविल एविएशन अधिकारियों के मुताबिक, एयरपोर्ट पर लैंडिंग और टेकऑफ ऑपरेशन अभी सोमवार दोपहर 3 बजे से 11 जून शाम 6 बजे तक सरकारी, मिलिट्री और मानवीय मदद वाली उड़ानों तक ही सीमित हैं।

Continue Reading

आपदा

तमिलनाडु में एलपीजी की कमी से एक लाख रेस्तरां बंद होने के कगार पर: वेंकटसुब्बू

Published

on

gas

चेन्नई, 11 मार्च : तमिलनाडु होटल ओनर्स एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि राज्यभर में व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों की गंभीर कमी के कारण अगले दो दिनों के भीतर लगभग एक लाख रेस्तरां बंद हो सकते हैं। एसोसिएशन ने केंद्र सरकार से व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को खाना पकाने की गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए तत्काल उपाय करने का आग्रह किया है।

एसोसिएशन के अध्यक्ष एम. वेंकटसुब्बू ने कहा कि व्यावसायिक खाना पकाने की गैस की आपूर्ति में व्यवधान का असर कई जिलों के रेस्टोरेंट पर पड़ना शुरू हो गया है। अगर स्थिति ऐसी ही बनी रही तो बड़े रेस्टोरेंट से लेकर छोटे चाय-स्टॉलों तक, सभी को अपना संचालन बंद करने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है।

उन्होंने कहा कि लगभग 50 लाख श्रमिक प्रत्यक्ष रूप से रेस्तरांओं पर निर्भर हैं, जबकि अन्य 50 लाख लोग अप्रत्यक्ष रूप से इस क्षेत्र पर निर्भर हैं। अगर गैस की आपूर्ति तुरंत बहाल नहीं की गई, तो पूरा उद्योग संकट में आ जाएगा।

उन्होंने केंद्र सरकार से रेस्तरांओं और होटलों को व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए तत्काल युद्धस्तर के उपाय करने का आग्रह किया।

वेंकटसुब्बू ने बताया कि यहां तक कि बड़े रेस्तरांओं को कारखाना अधिनियम के तहत कारखानों के रूप में वर्गीकृत किया गया है, फिर भी उन्हें औद्योगिक इकाइयों को दी जाने वाली बिजली दरों में छूट नहीं मिलती है। उन्होंने सरकार से रेस्तरांओं को वैकल्पिक रूप से निजी स्रोतों से कम दरों पर बिजली खरीदने की अनुमति देने का अनुरोध किया।

इस बीच अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष से गैस आपूर्ति में बाधा का असर तमिलनाडु के कई जिलों पर पड़ना शुरू हो गया है। मंगलवार को चेन्नई और वेल्लोर जैसे जिलों में स्थिति काफी हद तक नियंत्रण में रही लेकिन अगर आपूर्ति में सुधार नहीं हुआ तो पर्यटन पर निर्भर रेस्तरां और होटल बुधवार से बंद होने शुरू हो सकते हैं।

विलुपुरम और कल्लकुरुची से मिली रिपोर्टों से पता चलता है कि घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की बुकिंग में भारी वृद्धि हुई है, जिससे डिलीवरी के लिए प्रतीक्षा अवधि 21 दिन से बढ़कर 25 दिन हो गई है। गैस वितरकों ने कहा कि अब सिलेंडर केवल उन्हीं ग्राहकों को दिए जा सकते हैं जिन्होंने पहले से बुकिंग करा रखी है।

तिरुची, पुदुक्कोट्टई, तंजावुर, करूर, पेरम्बालूर और अरियालूर के रेस्तरां मालिकों ने बताया कि उनके पास व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों का स्टॉक केवल दो दिनों के लिए ही बचा है क्योंकि इन जिलों में आपूर्ति ट्रक नहीं पहुंचे हैं। तिरुवनमलाई और कुड्डालोर में भी कमी की सूचना मिली है, जहां व्यावसायिक सिलेंडरों की बुकिंग अस्थायी रूप से निलंबित कर दी गई है।

कोयंबटूर में कई बड़े रेस्तरां ने गैस की बचत करने के लिए पहले ही मेनू में शामिल वस्तुओं की संख्या कम कर दी है और संचालन के घंटे भी घटा दिए हैं। इस संकट का असर मदुरै, रामनाथपुरम, दिंडीगुल, थेनी, शिवगंगा और विरुधुनगर जैसे जिलों पर भी पड़ रहा है, जहां सोमवार से व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति कथित तौर पर बंद है।

रामेश्वरम में लगभग 90 प्रतिशत रेस्तरां एलपीजी सिलेंडरों पर पूरी तरह निर्भर हैं। उद्योग प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी है कि अगर आपूर्ति जल्द बहाल नहीं की गई तो तमिलनाडु भर में रेस्तरां के बड़े पैमाने पर बंद होने की आशंका है।

Continue Reading
Advertisement
राष्ट्रीय समाचार26 minutes ago

जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाने पर अभिजीत दिपके का हमला, बोले-सरकार को विरोध की आवाज से दिक्कत

खेल42 minutes ago

भारत बनाम वेस्टइंडीज: आईसीसी ने पॉवेल और रदरफोर्ड को फटकारा, खाते में डिमेरिट अंक भी जुड़ा

राष्ट्रीय समाचार47 minutes ago

वित्त वर्ष 27 की दूसरी तिमाही में मिले-जुले रह सकते हैं नतीजे, चुनिंदा क्षेत्रों में मांग मजबूत : रिपोर्ट

व्यापार50 minutes ago

सस्ते में सोना और चांदी खरीदने का मौका; कीमतें करीब 1,400 रुपए तक घटीं

अपराध57 minutes ago

ओडिशा से रायपुर लाया जा रहा 23.5 किलो गांजा जब्त, चार तस्कर गिरफ्तार

राष्ट्रीय समाचार1 hour ago

झारखंड हाईकोर्ट ने जेपीएससी की तीन परीक्षाओं की नियुक्तियां रद्द करने के सरकार के आदेश पर फैसला सुरक्षित रखा

राजनीति1 hour ago

देशभर में ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे के लिए आंदोलन होगा: इंडिया ब्लॉक

अंतरराष्ट्रीय समाचार2 hours ago

खेतों से स्कूलों तक फ्रांस में बेचैनी, महंगाई से लेकर एआई तक ने बढ़ाई चिंता

व्यापार2 hours ago

वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही में सिक्योरिटाइजेशन वॉल्यूम में हुई 42 प्रतिशत की बढ़ोतरी, रिकॉर्ड 1.47 लाख करोड़ रुपए का कारोबार

खेल3 hours ago

शंघाई मास्टर्स: जीत के बाद कैस्पर रूड और ऑगर-एलियासिम के बीच ‘राउंड ऑफ 16’ का मुकाबला तय

बॉलीवुड2 weeks ago

टीवी एक्ट्रेस प्रत्युषा बनर्जी सुसाइड केस में 10 साल बाद कोर्ट ने बॉयफ्रेंड पर सुनाया फैसला

अपराध3 days ago

दिल्ली पुलिस ने मकोका के दो फरार आरोपियों को गिरफ्तार किया, 30 लाख रुपए बरामद

खेल4 weeks ago

14 जनवरी से होगा डब्ल्यूपीएल 2027 का आगाज, 28 अक्टूबर को कोच्चि में होगी खिलाड़ियों की नीलामी

मनोरंजन4 weeks ago

‘बिग बॉस 20’ में एक तरफ अरिश्फा का गुस्सा, दूसरी तरफ रीति तिवारी के आंसू, बोलीं- ‘मेरे खिलाफ गए तो लड़ूंगी’

राजनीति2 days ago

“आप” का आरोप: जंतर-मंतर पर प्रदर्शन रोकने के लिए दिल्ली छावनी में तब्दील

राष्ट्रीय समाचार3 weeks ago

कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से बाजार को मिला सपोर्ट, सेंसेक्स 564 अंक चढ़ा; फार्मा, एफएमसीजी और रियल्टी शेयरों में तेजी

राजनीति2 weeks ago

अखिलेश यादव का चुनावी ऐलान : सत्ता में आए तो पुरानी पेंशन बहाल, शिक्षामित्रों को शिक्षक बनाने का वादा

व्यापार1 week ago

गांधी जयंती के चलते भारतीय शेयर बाजार बंद, एनएसई और बीएसई पर नहीं होगा कारोबार

अपराध3 weeks ago

पंजाब में 47 किलो हेरोइन और अवैध हथियारों के साथ 4 तस्कर गिरफ्तार, सीमा पार से जुड़े तार

मनोरंजन3 weeks ago

अर्चना पूरन सिंह ने कॉमेडी का असली नियम बताया, कहा- साथी कलाकार को बेहतर बनाना जरूरी

रुझान