राजनीति
सीडब्ल्यूसी ने राहुल गांधी को लोकसभा में विपक्ष का नेता नियुक्त करने का प्रस्ताव पारित किया
कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) ने शनिवार को एक प्रस्ताव पारित कर पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी को लोकसभा में विपक्ष का नेता बनने के लिए कहा।
राहुल गांधी ने हाल ही में संपन्न आम चुनावों में केरल की वायनाड सीट और उत्तर प्रदेश की रायबरेली सीट जीती।
सबसे पुरानी पार्टी ने शनिवार को अपनी प्रमुख कार्य समिति की बैठक की। देर शाम कांग्रेस पार्टी अपने नवनिर्वाचित लोकसभा सांसदों और राज्यसभा सांसदों की बैठक बुलाएगी।
सीडब्ल्यूसी की बैठक के बाद पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वारिंग ने एएनआई से कहा, ”हम सभी ने राहुल गांधी से विपक्ष का नेता बनने की अपील की है। वह एकमात्र व्यक्ति हैं जो प्रधानमंत्री का सामना कर सकते हैं। और जब राहुल गांधी खड़े होंगे।” देश के युवा सुरक्षित महसूस करेंगे… हम पंजाब में आम आदमी पार्टी के साथ कभी गठबंधन नहीं चाहते थे… हमारा फैसला सही था…”कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि, “सीडब्ल्यूसी ने सर्वसम्मति से राहुल गांधी से लोकसभा में विपक्ष के नेता का पद लेने का अनुरोध किया…राहुल जी संसद के अंदर इस अभियान का नेतृत्व करने के लिए सबसे अच्छे व्यक्ति हैं…”
बीजेपी का ‘कांग्रेस मुक्त’ का दावा फेल: कांग्रेस नेता अजय राय
“यह सीडब्ल्यूसी की इच्छा थी कि राहुल गांधी को विपक्ष का नेता बनाया जाए और वह आम आदमी की आवाज बनें और संसद में उनके मुद्दे उठाएं… हम इस पर काम कर रहे हैं कि हमें कुछ राज्यों में कम सीटें क्यों मिलीं। ‘कांग्रेस मुक्त’ का उनका दावा सीडब्ल्यूसी की बैठक के बाद कांग्रेस नेता अजय राय ने कहा, ‘विफल हो गया है और देश अब फिर से ‘कांग्रेस युक्त’ बन गया है।’
राजनीति
फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने को लेकर पीएम मोदी के पोस्ट पर विपक्षी नेताओं की प्रतिक्रिया, प्रियंका बोलीं-सिस्टम से भरोसा टूटा

पेपर लीक मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से किए गए ‘एक्स’ पोस्ट पर विपक्षी नेताओं की प्रतिक्रिया सामने आई है। विपक्षी नेताओं ने सरकार पर निशाना साधा है।
कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने कहा, “ये तो वैसी ही बात है कि बच्चों का कुछ और कहना है और आप (पीएम) कुछ और कह रहे हैं। नेताओं के नेतृत्व दिखाने का समय आ गया है, वे नेतृत्व दिखाएं। बच्चों की बातें सुनें। बच्चों की स्पष्ट मांगें हैं कि धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें और जिन्होंने मारा-पीटा है उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। इनको पहले बच्चों की मांगों की माननी चाहिए। बच्चों का सिस्टम में भरोसा टूट गया है।”
प्रियंका गांधी ने आगे कहा कि अगर सिस्टम द्वारा कोई समाधान किया जाएगा तो बच्चे इसको स्वीकार नहीं करेंगे। अगर प्रधानमंत्री को समाधान करना है तो बच्चों की मांगें सुनें और पूरी करें, तभी समाधान निकल पाएगा।
पेपर लीक में शामिल लोगों को कड़ी सजा दिलाने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने के प्रधानमंत्री मोदी के ‘एक्स’ पोस्ट पर कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा, “आजकल कोई भी उनकी बातों पर यकीन नहीं करता। उनकी बातों का भरोसा पहले ही खत्म हो चुका है। सबसे पहले, उन्हें धर्मेंद्र प्रधान को शिक्षा मंत्रालय से हटाना होगा। फिर उन्हें छात्रों से बात करनी होगी।”
समाजवादी पार्टी के सांसद आनंद भदौरिया ने कहा, “मुझे नहीं पता कि प्रधानमंत्री किस क्रांति की बात कर रहे थे। क्या उस ‘एक्स’ पोस्ट से उन छात्रों की मांगें पूरी होंगी जिन पर लाठीचार्ज हुआ, जो घायल हुए और जो इतने लंबे समय से जंतर-मंतर पर बैठे हैं? क्या बल प्रयोग से घायल हुए छात्रों की आंखों का दर्द ठीक हो पाएगा? संसद सत्र शुरू होने पर, अगर प्रधानमंत्री युवाओं को कोई संदेश देना चाहते थे, तो उन्हें खुद सदन में आकर उनसे बात करनी चाहिए थी।”
जेएमएम सांसद महुआ माजी ने कहा, “आखिरकार, इतने दिनों बाद सरकार की नींद खुली है। 22 दिनों तक जब छात्र जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण विरोध कर रहे थे और सोनम वांगचुक भूख हड़ताल पर थे, तब सरकार बहरी और खामोश क्यों बनी रही? छात्रों ने पहले ही साफ कर दिया था कि वे अपनी मांगें रखने के लिए संसद आएंगे। इस आंदोलन को बढ़ने देने में सरकार की बड़ी भूमिका रही है और अब वह दमनकारी रवैया अपना रही है।”
कांग्रेस सांसद कुमारी शैलजा ने कहा, “अभी तक सिर्फ ‘एक्स’ पोस्ट ही आया है, कोई कार्रवाई नहीं हुई है। भविष्य में यह या वह करेंगे, यह सब तो बस बातें हैं। लोग अब कार्रवाई चाहते हैं। वे जानना चाहते हैं कि आपने इसके जवाब में क्या किया है। न तो कोई इस्तीफा हुआ है, न ही लाठीचार्ज पर कोई अफसोस जताया गया है, और न ही राहुल गांधी की ओर से उठाए गए मुद्दों पर कोई प्रतिक्रिया दी गई है।”
महाराष्ट्र
नीट प्रोटेस्ट पर दिविजा फडणवीस की अपील-प्रदर्शनकारी शिक्षा सुधार का करें समर्थन, राजनीति का नहीं

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की बेटी दिविजा फडणवीस ने नीट और शिक्षा सुधारों को लेकर देशभर में चल रहे प्रदर्शनों पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए लोगों से शांतिपूर्ण प्रदर्शन का समर्थन करने, लेकिन किसी भी राजनीतिक दल या उसकी विचारधारा का बिना सोचे-समझे समर्थन न करने की अपील की।
दिविजा ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में लिखा कि उनसे कई बार इन प्रदर्शनों पर अपनी राय देने के लिए कहा गया। ऐसे में उन्होंने कहा, “लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन नागरिकों का अधिकार है, लेकिन प्रदर्शनकारियों द्वारा पुलिस पर हिंसा और पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों पर हिंसा, दोनों की अनुमति नहीं होनी चाहिए।”
उन्होंने लिखा कि लोग शिक्षा सुधारों की मांग का समर्थन कर सकते हैं, लेकिन जिस राजनीतिक दल या विचारधारा के नेतृत्व में आंदोलन चल रहा है, उसका आंख मूंदकर समर्थन नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी आंदोलन का समर्थन करने से पहले उसके वास्तविक उद्देश्य को समझना जरूरी है।
दिविजा फडणवीस ने लोकतंत्र में विपक्ष की भूमिका पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि एक मजबूत विपक्ष का उद्देश्य देश के हित में काम करना होना चाहिए। विपक्ष को सरकार को बेहतर फैसले लेने में मदद करनी चाहिए, न कि केवल सत्ता पक्ष को बदनाम कर उसका विरोध करना चाहिए।
उन्होंने सोशल मीडिया पर चलने वाले ट्रेंड्स को लेकर भी लोगों को सावधान रहने की सलाह दी। उन्होंने लिखा कि सिर्फ इसलिए किसी आंदोलन का हिस्सा न बनें, क्योंकि वह सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहा है। किसी भी विचारधारा के प्रभाव में आए बिना सोच-समझकर फैसला लें।
दिविजा ने कहा कि जब तक आंदोलन छात्रों के हित, शिक्षा सुधार, नीट, पेपर लीक और एनटीए से जुड़े मुद्दों तक सीमित रहता है, तब तक यह उचित है। लेकिन जैसे ही आंदोलन धर्म या इन मुद्दों से बाहर के विषयों की ओर मुड़ता है, उसके इरादे बदल जाते हैं। ऐसे में लोगों को सतर्क रहना चाहिए।
राष्ट्रीय समाचार
504 करोड़ रुपए के सरकारी धन गबन मामले में सीबीआई की बड़ी कार्रवाई, चंडीगढ़-लुधियाना में छापेमारी

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने चंडीगढ़ नगर निगम और चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड (सीएससीएल) के बैंक खातों से सरकारी धन गबन मामले में कार्रवाई करते हुए गुरुवार को चंडीगढ़ और लुधियाना में कई स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। जांच एजेंसी ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य अपने कब्जे में लिए हैं।
सीबीआई के अनुसार, कुल पांच स्थानों पर तलाशी ली गई। इनमें गबन की गई राशि के लाभार्थियों के घर और कारोबारी प्रतिष्ठान, चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड (सीएससीएल) के अधिकारी अनुभव मिश्रा का ठिकाना तथा जांच से जुड़े निजी संस्थानों के परिसर शामिल हैं।
छापेमारी के दौरान जांच एजेंसी को कई अहम सबूत मिले हैं। इनमें डिजिटल स्टोरेज ड्राइव, डिजिटल सिग्नेचर, संपत्ति से जुड़े दस्तावेज, वित्तीय रिकॉर्ड, कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज शामिल हैं। अब इन दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड की बारीकी से जांच और विश्लेषण किया जा रहा है।
सीबीआई ने बताया कि यह मामला पहले हरियाणा राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के पास था। राज्य सरकार के अनुरोध पर बाद में इसकी जांच सीबीआई को सौंपी गई।
जांच एजेंसी के मुताबिक, यह मामला आईडीएफसी फर्स्ट बैंक की सेक्टर-32, चंडीगढ़ शाखा से जुड़े एक बड़े बैंकिंग घोटाले का हिस्सा है। आरोप है कि हरियाणा सरकार के आठ विभागों के करीब 504 करोड़ रुपए सरकारी धन को फर्जी या अस्तित्वहीन फिक्स्ड डिपॉजिट और धोखाधड़ी वाले डेबिट लेनदेन के जरिए निकालकर शेल कंपनियों के माध्यम से इधर-उधर भेज दिया गया।
इस मामले में अब तक सीबीआई 17 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। इनमें आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक के छह बैंक अधिकारी, हरियाणा सरकार के तीन सरकारी कर्मचारी, दो कंपनियां और छह व्यक्ति शामिल हैं।
सीबीआई ने चंडीगढ़ केंद्र शासित प्रदेश से जुड़े दो अन्य मामलों की जांच की। जिनमें पहला मामला चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड (सीएससीएल) और नगर निगम चंडीगढ़ से जुड़ा है, जबकि दूसरा मामला चंडीगढ़ रिन्यूएबल एनर्जी एंड साइंस एंड टेक्नोलॉजी प्रमोशन सोसाइटी (सीआरईएसटी) से संबंधित है।
इन दोनों मामलों में भी सीबीआई पहले ही चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। सीएससीएल मामले में पांच बैंक अधिकारियों, एक सीएससीएल अधिकारी और एक निजी व्यक्ति को आरोपी बनाया गया है। वहीं सीआरईएसटी मामले में पांच बैंक अधिकारी, दो सीआरईएसटी अधिकारी, चार निजी व्यक्ति और दो कंपनियों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया गया है।
सीबीआई ने कहा कि वह इस पूरे मामले में शामिल सभी जिम्मेदार लोगों को कानून के दायरे में लाने के लिए प्रतिबद्ध है। साथ ही गबन किए गए सार्वजनिक धन की पूरी शृंखला का पता लगाकर अपराध से अर्जित राशि को ट्रेस करने की दिशा में जांच लगातार जारी रहेगी।
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