महाराष्ट्र
महाराष्ट्र की सभी 13 लोकसभा सीटों पर कुल मतदान हुआ
शाम 5 बजे तक रिकॉर्ड किया गया:
लोकसभा सीट भिवंडी: कुल 48.89%
भिवंडी पूर्व 43.37%
भिवंडी ग्रामीण 58.00%
भिवंडी पश्चिम 47.80%
कल्याण पश्चिम 43.00%
मुरबाद 51.18%
शाहपुर 50.99%
लोकसभा सीट धुले 48.81%
बगलान 47.01%
धुले शहर 46.16%
धुले ग्रामीण 50.31%
मालेगांव सेंट्रल 57.02%
मालेगांव बाहरी 47.00%
सिंदखेड़ा 45.84%
लोकसभा सीट डिंडोरी 57.06%
चंदवाड 59.15%
डिंडौरी 62.03%
कलवान 62.28%
नंदगांव 52.08%
निफाड 57.10%
येवला 50.33%
लोकसभा सीट कल्याण 41.70%
अंबरनाथ 40.01%
डोंबिवली 42.51%
कल्याण पूर्व 42.58%
कल्याण ग्रामीण 42.73%
मुंब्रा कलवा 40.35%
उल्हासनगर 42.68%
लोकसभा सीट मुंबई उत्तर 46.91%
बोरीवली 50.50%
चारकोप 51.90%
दहिसर 50.37%
कांदिवली पूर्व 40.89%
मैगाथेन 43.20%
मलाड पश्चिम 44.42%
लोकसभा सीट महाराष्ट्र उत्तर मध्य 47.32%
चांदीवली 43.20%
कलिना 48.29%
कुर्ला 48.01%
वांड्रे ईस्ट 46.55%
वांड्रे वेस्ट 49.11%
विले पार्ले 51.09%
लोकसभा सीट मुंबई उत्तर पूर्व 48.67%
भांडुप पश्चिम 48.00%
घाटकोपर पूर्व 52.68%
घाटकोपर पश्चिम 51.52%
मानखुर्द शिवाजी नगर 42.82%
मुलुंड 51.91%
विक्रोली 45.76%
लोकसभा सीट मुंबई उत्तर पश्चिम 49.79%
अंधेरी पूर्व 50.42%
अंधेरी पश्चिम 48.60%
डिंडोशी 49.04%
गोरेगांव 50.05%
जोगेश्वरी पूर्व 52.35%
वर्सोवा 48.12%
लोकसभा सीट मुंबई दक्षिण 44.22%
बाइकुला 41.30%
कोलाबा 34.29%
मालाबार हिल 48.80%
मुंबादेवी 46.77%
शिवडी 48.33%
वर्ली 45.81%
लोकसभा सीट मुंबई साउथ सेंट्रल 48.26%
अणुशक्ति नगर 47.75%
चेंबूर 50.33%
धारावी 45.12%
माहिम 51.12%
सायन कोलीवाड़ा 45.20%
वडाला 51.25%
लोकसभा सीट नासिक 51.16%
देवलाली 49.80%
इगतपुरी 57.11%
नासिक सेंट्रल 51.01%
नासिक पूर्व 49.23%
नासिक पश्चिम 45.08%
सिन्नर 58.70%
लोकसभा सीट पालघर 54.32%
बोईसर 54.29%
दहानु 62.38%
नालासोपारा 44.96%
पालघर 57.30%
वसई 53.06%
विक्रमगढ़ 62.70%
लोकसभा सीट ठाणे 45.38%
ऐरोली 42.66%
बेलापुर 47.12%
कोपरी पचपखाड़ी 51.07%
मीरा भयंदर 43.25%
ओवला – माजीवाड़ा 44.29%
ठाणे 45.99%
महाराष्ट्र
घाटकोपर रोड चौड़ीकरण से प्रभावित 28 स्ट्रक्चर गिराए गए

मुंबई ; घाटकोपर (वेस्ट) में झुनझुनवाला कॉलेज और अंधेरी-घाटकोपर लिंक रोड के बीच सड़क चौड़ीकरण से प्रभावित 28 स्ट्रक्चर को गिराने का अभियान कल (7 अक्टूबर, 2026) मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के ‘एन’ वार्ड (एन वार्ड) ऑफिस द्वारा चलाया गया। इस अभियान का नेतृत्व असिस्टेंट कमिश्नर (‘एन’ वार्ड) जयदीप मोरे ने किया। ऑपरेशन के दौरान म्युनिसिपल अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ पर्याप्त पुलिस सुरक्षा भी तैनात की गई थी।
महाराष्ट्र
नासिक-अहमदाबाद मार्ग पर बस दुर्घटनाग्रस्त; 2 यात्रियों की मौत और 6 घायल

महाराष्ट्र के नासिक जिले के पेठ तालुका में करंजाली के निकट सावलघाट क्षेत्र में नासिक-अहमदाबाद मार्ग पर एक बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे में दो यात्रियों की मौत हो गई जबकि छह यात्री घायल हुए हैं।
जिला नियंत्रण कक्ष को दुर्घटना की सूचना 6 अक्टूबर की रात 11 बजे प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और मेडिकल इमरजेंसी सेवाओं ने तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। घटना के समन्वय के लिए दो पुलिस निरीक्षक और एक अनुविभागीय पुलिस अधिकारी तत्काल घटनास्थल की ओर रवाना हुए। बस में सवार सभी यात्रियों को सुरक्षित रूप से बाहर निकाला गया और घायलों को अलग-अलग एम्बुलेंस के माध्यम से उपचार के लिए नाशिक लाया गया।
रात 00:30 बजे से 02:15 बजे के बीच नासिक सिविल अस्पताल में आठ लोगों को लाया गया। इनमें सात व्यक्ति जीवित थे जबकि एक व्यक्ति को मृत अवस्था में अस्पताल लाया गया। इसके अलावा दुर्घटना में एक अन्य व्यक्ति की भी मौत हुई है। वर्तमान में दो घायल मरीज सिविल अस्पताल में भर्ती हैं जबकि अन्य घायलों का प्राथमिक उपचार कर उन्हें अस्पताल में भर्ती किए बिना छुट्टी दे दी गई।
हादसे में घायल प्रमिला राउत (53) को गंभीर चोट के कारण सिविल अस्पताल के ई-वार्ड में भर्ती किया गया है। वहीं, बाल विमल जगदीश (65) के बाएं हाथ की ह्यूमरस हड्डी में फ्रैक्चर होने के कारण उन्हें एमओडब्ल्यू वार्ड में भर्ती किया गया है। अन्य घायलों में यश देसाई, आरती देसाई, नयन वासोने तथा स्वाति सुरेश बडाणे शामिल हैं।
दुर्घटना में राहुल ओझा और महेंद्र पाल (48) की मौत हुई है। महेंद्र पाल को सिविल अस्पताल, नासिक में मृत अवस्था में लाया गया था। मृतकों के परिजनों से संपर्क कर आवश्यक कानूनी एवं प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, पेठ तालुका के सावलघाट क्षेत्र में हादसे के समय बादल और कोहरे की स्थिति के कारण दृश्यता काफी कम थी। प्रशासन की प्राथमिक जांच में कम दृश्यता को दुर्घटना का प्रमुख कारण माना गया है। हालांकि हादसे के वास्तविक कारणों को लेकर संबंधित एजेंसियों की जांच जारी है।
महाराष्ट्र
‘विद्यार्थियों की मांग नहीं मानी तो पूरा महाराष्ट्र बंद करेंगे,’ मनोज जरांगे पाटिल की सरकार को चेतावनी

महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (एमपीएससी) के अध्यक्ष विवेक भीमनवार के इस्तीफे और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की मांग को लेकर पुणे में छात्रों का एक बड़ा आंदोलन चल रहा है। इस आंदोलन का जमीनी नेतृत्व राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी-शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार कर रहे हैं। इस बीच मराठा आरक्षण आंदोलनकारी मनोज जरंगे पाटिल भी आंदोलन में शामिल हुए। उन्होंने छात्रों से बातचीत की और उनकी मांगों को लेकर सरकार पर निशाना साधा।
मनोज जरांगे पाटिल ने कहा, “बच्चों, अगर इन लोगों ने आपकी बात नहीं सुनी तो यहां बैठे सभी नेताओं से भी कहता हूं और आपसे भी कहता हूं, आपके लिए पूरा महाराष्ट्र बंद कर देंगे। इन्हें क्या हो गया है, इन्हें घमंड हो गया है।”
उन्होंने छात्रों से कहा, “आपके साथ हुआ अन्याय जाति से परे है। अगर मैं जातिवादी होता तो यहां नहीं आता। यहां महाराष्ट्र के किसानों के बच्चे बैठे हैं और मैं किसान का बेटा बनकर आया हूं, जाति के नाम पर नहीं।”
जरांगे पाटिल ने कहा कि आरक्षण की मांग करने का मतलब यह नहीं है कि वे छात्रों को उनके हाल पर छोड़ देंगे। उन्होंने कहा कि मेहनतकश माता-पिता की उम्मीद है कि उनके बेटे और बेटियां भी अधिकारी बनें और सरकार को इस भावना को समझना चाहिए।
छात्रों के आंदोलन को समर्थन देने को राजनीति बताने पर भी जरांगे पाटिल ने सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि क्या सरकार चाहती है कि छात्रों के पीछे कोई खड़ा न हो और उन्हें कोई ताकत न मिले।
उन्होंने पूछा, “रोहित दादा राजनीतिक नेतृत्व करते हैं, इस पर किसी को संदेह है तो राज्य सरकार मुझे इसका जवाब दे। इससे पहले एमपीएससी में दो साल की अवधि बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन हुआ था। क्या वह राजनीतिक था? फिर यह आंदोलन राजनीतिक कैसे हुआ? आज बच्चे अनशन पर बैठे हैं। उनकी जान का क्या? उनके सवालों का क्या? आप हर बात को राजनीतिक रंग क्यों देंगे?”
पत्रकारों से बातचीत में जरांगे पाटिल ने कहा कि छात्रों को न्याय मिलना चाहिए और सीएम फडणवीस को जवाब देना चाहिए। गृहमंत्री के तौर पर उन्हें विद्यार्थियों का दिल जीतने का काम करना चाहिए।
छात्रों के बीच तीन गुटों में आंदोलन होने के सवाल पर उन्होंने कहा, “न कांग्रेस आपकी है, न राष्ट्रवादी आपकी है, न भाजपा आपकी है, न शिवसेना आपकी है, न महायुति आपकी है, न महाविकास आघाड़ी आपकी है। हमारे असली हीरो हमारे माता-पिता हैं। वे मेहनत करके हमें पढ़ाते हैं।”
उन्होंने कहा कि आंदोलन तीन जगह हो या एक जगह, न्याय छात्रों को ही चाहिए। मुख्यमंत्री को सभी आंदोलनों पर तत्काल ध्यान देकर उनकी मांगें पूरी करनी चाहिए और उनका विश्वास जीतना चाहिए। उन्होंने छात्रों से एकजुट रहने की अपील भी की।
सरकार के मंत्री और विधायक एक आंदोलन की ओर जा रहे हैं जबकि दूसरे आंदोलन की ओर सरकार का प्रतिनिधिमंडल नहीं आया है, इस सवाल पर उन्होंने कहा कि सरकार को सभी जगह जाना चाहिए और छात्रों की राय सुननी चाहिए।
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