राष्ट्रीय समाचार
यूपी के महोबा में पहाड़ ब्लास्ट में चार की मौत
उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में मंगलवार को कबरई के पहरा पहाड़ में खनन कार्य में ब्लास्टिंग के दौरान चार मजदूरों की मौत हो गई। वहीं, कई लोगों के दबे होने की आशंका है। पुलिस प्रशासन की टीम रेस्क्यू ऑपरेशन में लगी हैं। घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
मिली जानकारी के अनुसार महोबा जिले के कबरई थाना क्षेत्र के पहरा गांव के पास पहाड़ में विस्फोट के दौरान चार लोगों की मौत हो गई और कई लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है। सूचना पर पहुंची पुलिस रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी है।
आक्रोशित परिजनों ने मौके पर हंगामा भी शुरू कर दिया और जाम लगा दिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी हादसे का संज्ञान लेते हुए मृतकों के शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंच कर राहत कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।
राजनीति
राहुल गांधी को राहत, सुप्रीम कोर्ट ने वीर सावरकर पर टिप्पणी से जुड़े आपराधिक मानहानि मामले को किया रद्द

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को हिंदुत्व विचारक वीर सावरकर पर टिप्पणी से जुड़े मानहानि मामले में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के खिलाफ निचली अदालत में चल रही कार्यवाही को रद्द किया। जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस शील नागू की बेंच ने शुक्रवार को यह फैसला दिया।
सुप्रीम कोर्ट ने पाया कि इस मामले में राहुल गांधी पर मुकदमा चलाने के लिए कानून के तहत जरूरी मंजूरी नहीं ली गई थी। प्रक्रिया में इस कमी पर ध्यान देते हुए शुक्रवार को शीर्ष अदालत ने कांग्रेस नेता के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही और जारी किए गए समन को रद्द कर दिया।
यह मामला 2022 में ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के दौरान राहुल गांधी के महाराष्ट्र में दिए गए विवादित बयान से जुड़ा है। इसमें उन्होंने वीर सावरकर को ‘अंग्रेजों का नौकर’ बताया था। साथ ही, कांग्रेस सांसद ने कहा था कि सावरकर ‘अंग्रेजों से पेंशन लेते थे।’
वकील नृपेंद्र पांडे ने इसको लेकर निकली अदालत में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने राहुल गांधी पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 153ए (दुश्मनी को बढ़ावा देना) और 505 (सार्वजनिक उपद्रव) के तहत आरोप लगाए थे।
नृपेंद्र पांडे का दावा था कि ये टिप्पणियां समाज में नफरत फैलाने के इरादे से की गई थीं। पांडे की शिकायत में यह भी कहा गया था कि महात्मा गांधी ने पहले सावरकर को देशभक्त माना था। जून 2023 में, मजिस्ट्रेट कोर्ट ने पांडे की शिकायत खारिज कर दी, जिसके बाद वकील नृपेंद्र पांडे ने सेशंस कोर्ट में इसे चुनौती दी।
सेशंस कोर्ट ने याचिका स्वीकार कर ली और मामले को वापस मजिस्ट्रेट कोर्ट भेज दिया। इसके बाद, दिसंबर 2024 में निचली अदालत ने राहुल गांधी के खिलाफ पहली नजर में आईपीसी 153(ए) और 505 के तहत केस मानते हुए उन्हें समन जारी किया था। इसी मामले में 4 अप्रैल 2025 को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राहुल को कोई राहत देने से इनकार कर दिया। इसके बाद गांधी ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी।
राष्ट्रीय समाचार
ग्लोबल स्पेस मार्केट का 10 फीसदी हिस्सा हासिल कर सकता है भारत : अमेरिकी वाणिज्य विभाग

अगले सात सालों में ग्लोबल स्पेस मार्केट में भारत की हिस्सेदारी पांच गुना बढ़ सकती है। ऐसा इसलिए होगा क्योंकि पॉलिसी में सुधार और अमेरिका के साथ करीबी रिश्तों से भारत के प्राइवेट स्पेस इंडस्ट्री की वृद्धि में तेजी आएगी। यह जानकारी अमेरिकी वाणिज्य विभाग ने दी है।
अभी ग्लोबल स्पेस मार्केट में भारत की हिस्सेदारी 2 प्रतिशत से भी कम है। लेकिन विभाग के इंटरनेशनल ट्रेड एडमिनिस्ट्रेशन ने अपने अगस्त के ‘एयरोस्पेस एंड डिफेंस एक्सपोर्टर अलर्ट’ में अनुमान लगाया है कि अगले पांच से सात सालों में यह हिस्सेदारी 10 प्रतिशत तक पहुंच जाएगी।
विभाग ने कहा, “भारत का प्राइवेट सेक्टर स्पेस इकोसिस्टम तेजी से विकसित हो रहा है और भारत सरकार के निजीकरण की दिशा में उठाए गए कदमों से इंटरनेशनल स्पेस कंपनियों के लिए भी मौके बनेंगे।” इस अलर्ट में भारत के स्पेस सेक्टर को “मार्केट ऑफ द मंथ” बताया गया है। इसमें अमेरिकी कंपनियों के लिए सैटेलाइट सिस्टम, एडवांस्ड स्पेसफ्लाइट, कनेक्टिविटी, मैन्युफैक्चरिंग और संबंधित टेक्नोलॉजी में निवेश के मौकों पर जोर दिया गया।
1963 में भारत के पहले रॉकेट लॉन्च के समय से ही अमेरिका और भारत स्पेस के क्षेत्र में सहयोग कर रहे हैं। वह रॉकेट अमेरिका में बना ‘नाइक-अपाचे’ था। तब से यह साझेदारी वैज्ञानिक आदान-प्रदान, संयुक्त वर्किंग ग्रुप और मिलकर किए जाने वाले प्रोजेक्ट्स के जरिए बढ़ी है। नासा और अमेरिकी कंपनियों ने इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइजेशन (इसरो) को टेक्नोलॉजी और पार्ट्स भी सप्लाई किए हैं।
विभाग ने कहा कि भारत के नए स्पेस स्टार्टअप्स अमेरिका में अपने कामकाज और मैन्युफैक्चरिंग की मौजूदगी को बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। फरवरी 2026 में ‘बिजनेस काउंसिल फॉर इंटरनेशनल अंडरस्टैंडिंग’ ने ‘इंटरनेशनल ट्रेड एडमिनिस्ट्रेशन’ से सर्टिफाइड अमेरिकी कमर्शियल स्पेस मिशन की बेंगलुरु यात्रा का नेतृत्व किया। अलर्ट में इसे सफल बताया गया है।
विभाग ने कहा, “स्पेस अमेरिका और भारत के बीच सहयोग का एक अहम क्षेत्र है, जिससे व्यापार, टेक्नोलॉजी और संयुक्त नीतिगत प्रयासों के ज़रिए दोनों देशों को फायदा होता है।” व्यावसायिक संबंध ‘अमेरिका-इंडिया सिविल स्पेस जॉइंट वर्किंग ग्रुप’ के जरिए विकसित किए जा रहे हैं। अलर्ट के अनुसार, 2025 में शुरू की गई ‘ट्रस्ट’ पहल से भी सहयोग मजबूत हुआ है।
‘कमर्शियल स्पेस सब-वर्किंग ग्रुप’ का नेतृत्व संयुक्त रूप से अमेरिकी वाणिज्य विभाग और भारत के अंतरिक्ष विभाग द्वारा किया जाता है। इसका मकसद दोनों देशों की कंपनियों के सामने आने वाली बाधाओं को दूर करना है। इसके काम में बाजार तक पहुंच, खरीद, विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (एफडीआई) और निर्यात नियंत्रण शामिल हैं। फरवरी 2025 में दोनों देशों के नेताओं के संयुक्त बयान में अंतरिक्ष अन्वेषण, सुरक्षा और पेशेवर आदान-प्रदान में और मजबूत सहयोग का भी आह्वान किया गया था।
वाणिज्य विभाग ने भारत में प्रवेश करने की इच्छुक अमेरिकी कंपनियों से 7 से 9 सितंबर तक होने वाले ‘बेंगलुरु स्पेस एक्सपो’ में शामिल होने का आग्रह किया। यह कार्यक्रम उद्योग के नेताओं और नीति-निर्माताओं को एक साथ लाएगा और भारतीय तथा अंतरराष्ट्रीय कंपनियों को अपनी क्षमताएं दिखाने का मौका देगा।
राजनीति
मायावती की ब्राह्मण समाज से अपील, बोली-बसपा से जुड़े रहे, 2007 की तरह मिलेगा सम्मान

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने पार्टी में सर्वसमाज की भागीदारी और संगठन को मजबूत करने पर जोर देते हुए ब्राह्मण समाज से पार्टी से मजबूती के साथ जुड़े रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि बसपा ‘सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय’ की नीतियों एवं सिद्धांतों पर चलने वाली पार्टी है और उसका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष के बजाय संविधान की मूल भावना के अनुरूप सर्वसमाज के हित एवं कल्याण के लिए काम करना है।
मायावती ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “जैसाकि सर्वविदित है कि बसपा ‘सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय’ की नीतियों एवं सिद्धांत पर चलने वाली विशिष्ट पहचान वाली पार्टी है, जो किसी भी समाज के व्यक्ति विशेष से ज्यादा, परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर के पवित्र संविधान की सच्ची मंशा के मुताबिक, सर्वसमाज के हित व कल्याण के लिए समर्पित है और इसीलिए पार्टी में नेताओं की नहीं, बल्कि पूरे तन, मन, धन से समर्पित अम्बेडकरवादी कार्यकर्ताओं की ही फौज हर स्तर पर अधिकतर सक्रिय है। यही कांशीराम जी द्वारा पार्टी व मूवमेंट के हित में स्थापित परम्परा भी है।”
उन्होंने कहा कि पार्टी से निकाले गए अथवा निजी स्वार्थ के कारण दूसरी पार्टियों में गए लोगों का पार्टी के प्रति समर्पण सवालों के घेरे में रहा है। इसलिए ब्राह्मण समाज व अन्य सभी समाज के जो भी लोग अभी तक पार्टी से निकाले गए हैं या निकाले जा रहे हैं या वे अपने निजी स्वार्थ में दूसरी पार्टियों में चले गए हैं या फिर वे अपने ग़लत कारनामों की वजह से उनसे बचने के लिए खासकर सत्ताधारी पार्टी में शामिल हो गए हैं, तो उनका पार्टी के प्रति समर्पण भाव लोगों की निगाह में भी उनके कार्यों के ऑकलन के आधार पर काफी सशंकित व निराशाजनक बना रहा है।
बसपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि ऐसे लोगों ने पार्टी की सरकार के दौरान भी अपने निजी और पारिवारिक स्वार्थों को प्राथमिकता दी। उन्होंने कहा, “खासकर बसपा सरकार के दौरान भी ऐसे लोगों ने अपने निजी व पारिवारिक स्वार्थ के लिए ही पार्टी से फायदा ज्यादा उठाया है, और अपने समाज व पार्टी के हित के लिए वे लोग अधिकतर निष्क्रिय व उदासीन ही बने रहे हैं। ऐसे लोगों के कारण पार्टी को चुनावों में नुकसान भी उठाना पड़ा।”
मायावती ने आगे कहा, ”इन्हीं सब कारणों से उन लोगों ने अपने समाज को भी सही से बसपा में नहीं जोड़ा है, जो कि पार्टी की अपेक्षा के विरुद्ध इनका यह सब कृत्य होने की वजह से पिछले कई लोकसभा व विधानसभा आम चुनावों में पार्टी को काफी नुकसान भी उठाना पड़ा है, जो किसी से भी छिपा हुआ नहीं है। पार्टी में लंबे समय से ईमानदार, समर्पित और निष्ठावान वरिष्ठ कार्यकर्ताओं द्वारा नए कर्मठ लोगों और विशेषकर युवाओं को तैयार करने का अभियान लगातार जारी है। पार्टी में लंबे अरसे से ईमानदार व हर मामले में पार्टी के प्रति लगातार समर्पित एवं निष्ठावान चले आ रहे पार्टी के वरिष्ठ लोगों द्वारा आए दिन नए कर्मठ व ईमानदार लोगों व खासकर युवाओं को पार्टी की नर्सरी में तैयार किया जाता रहा है, जो यह अभियान पूरी तरह से जारी है।”
उन्होंने कहा कि नए और पुराने कार्यकर्ताओं से पार्टी को बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है। मायावती के मुताबिक, ”अब वे लोग काफी हद तक पार्टी की अपेक्षा के अनुसार जी-जान से लगातार लगे हुए हैं। पार्टी को पूरी उम्मीद है कि ये सभी नए व पुराने लोग हर मामले में ज्यादा बेहतर, साफ-सुथरे व मिशनरी मानसिकता के बनकर उभरेंगे और वे सच्चे अम्बेडकरवादी एवं संविधानवादी संघर्ष के भरपूर तौर पर काम आएंगे।”
बसपा प्रमुख ने ब्राह्मण समाज से पार्टी के साथ मजबूती से जुड़े रहने की अपील करते हुए 2007 की तरह उचित राजनीतिक भागीदारी और सम्मान देने का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा, “पार्टी खासकर ब्राह्मण समाज को यह भी विश्वास दिलाना चाहती है कि वे अपनी पूरी मजबूती के साथ पार्टी से जुड़े रहें और उन्हें हर चुनाव में उनकी तैयारी के आधार पर उनकी भागीदारी यानी चुनावी उम्मीदवार बनाने तथा सरकार बनने पर सन 2007 की तरह ही इनको व अन्य सभी समाज को भी पूरा-पूरा उचित मान-सम्मान जरूर दिया जाता रहेगा।”
मायावती ने कहा कि सर्वसमाज आधारित बसपा को जमीनी स्तर पर मजबूत करने में दलित समाज की महत्वपूर्ण भूमिका होगी और सर्वसमाज आधारित ऐसी अपनी बसपा पार्टी को जमीनी स्तर पर तैयार करने के मामले में अब विशेषकर दलित समाज को ही अपनी अहम भूमिका निभानी है। उन्होंने सर्वसमाज की भागीदारी को पार्टी की ताकत बताते हुए कहा, “वैसे बसपा की नर्सरी, सर्वसमाज के हसीन गुलदस्तों से ही, अधिकतर हरी-भरी व सजी रहती है।
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