अपराध
हलद्वानी हिंसा: मजिस्ट्रियल जांच के आदेश; 5 गिरफ्तार, 3 एफआईआर दर्ज
उत्तराखंड की मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने कुमाऊं मंडल के आयुक्त को निर्देश दिये हैं कि वह 15 दिन के भीतर नैनीताल जिले के हल्द्वानी शहर के वनभूल पुरा थाना क्षेत्र में हुई हिंसा की घटना की मजिस्ट्रियल जांच करायें और अपनी जांच रिपोर्ट उन्हें उपलब्ध करायें. सरकार।
इस बीच, अधिकारियों ने 8 फरवरी को हलद्वानी के बनभूलपुरा इलाके में अतिक्रमण विरोधी अभियान के बाद भड़की हिंसा में 19 नामित व्यक्तियों और कुल 5,000 अज्ञात लोगों के खिलाफ दर्ज तीन एफआईआर में पांच लोगों को गिरफ्तार किया है और 19 लोगों को नामित किया है।
हलद्वानी हिंसा में 5 की मौत
गुरुवार को अतिक्रमण विरोधी अभियान के बाद भड़की हिंसा में पांच लोगों की मौत हो गई, जिसके बाद इलाके में कर्फ्यू लगा दिया गया. तीन प्राथमिकियां शुक्रवार को दर्ज की गईं और पुलिस ने जोर देकर कहा कि कोई ताजा हिंसा नहीं हुई और स्थिति नियंत्रण में है।
राज्य के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजी) कानून एवं व्यवस्था एपी अंशुमान ने कहा, “हल्द्वानी में स्थिति सामान्य है, कर्फ्यू हटा लिया गया है। बनभूलपुरा में कर्फ्यू जारी है। तीन एफआईआर दर्ज की गई हैं और पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है…सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है…पांच लोगों की मौत हो गई और तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। कई पुलिस अधिकारी घायल हो गए…” पुलिस ने कहा कि उन्होंने कई लोगों को हिरासत में लिया है और तलाशी शुरू हो गई है और उपद्रवियों की पहचान की जा रही है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) नैनीताल पीएन मीना ने यह भी कहा कि तीन मामले दर्ज किए गए हैं जिनमें 19 लोगों को नामित किया गया है और 5,000 अज्ञात लोगों को भी मामलों में शामिल किया गया है. अतिक्रमण विरोधी अभियान के बाद गुरुवार रात हुई झड़पों के बाद हिंसा प्रभावित क्षेत्र के कुछ हिस्सों में सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया गया है। कल मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हल्द्वानी का दौरा किया और कहा कि महिला अधिकारियों समेत पुलिस कर्मियों पर हमला बेहद निंदनीय है.
सीएम स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहे हैं
मुख्यमंत्री ने हिंसा में घायल महिला पुलिस टीम और अन्य पुलिसकर्मियों, प्रशासन, नगर निगम कर्मियों और पत्रकारों का हाल भी पूछा. धामी ने कहा कि जिन लोगों ने कानून तोड़ा है और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया है, उनके सभी वीडियो फुटेज और पैरों के निशान उपलब्ध हैं. इस घटना में शामिल सभी बदमाशों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की प्रक्रिया चल रही है. मुख्यमंत्री ने बनभूलपुरा में शांति एवं कानून व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए एडीजी कानून एवं व्यवस्था एपी अंशुमन को प्रभावित क्षेत्र में कैंप करने के निर्देश दिये हैं.अवैध निर्माण हटाने के दौरान पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों व कर्मियों पर हमले और इलाके में अशांति फैलाने की घटनाओं पर सख्त रुख अपनाते हुए सीएम ने उपद्रवी तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के भी निर्देश दिये हैं. मुख्यमंत्री ने स्थानीय लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और उपद्रवी तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं.
उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिये कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने की इजाजत किसी को नहीं दी जायेगी.
उत्तराखंड की मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने लिया जायजा
प्रशासनिक अधिकारियों को क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए हर समय लगातार सतर्क रहना चाहिए और हर स्थिति में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने का प्रयास करना चाहिए। उत्तराखंड की मुख्य सचिव राधा रतूड़ी भी हालात का जायजा लेने के लिए शुक्रवार को हिंसा प्रभावित इलाकों में पहुंचीं.
मुख्य सचिव ने नैनीताल के जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखने के निर्देश दिये हैं. रतूड़ी ने बनभूलपुरा थाने का निरीक्षण किया और जिला प्रशासन एवं पुलिस अधिकारियों को आम जनता की सुरक्षा एवं शांति को सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखते हुए कानून व्यवस्था बनाए रखने के सख्त निर्देश दिए.
राज्य सरकार ने शुक्रवार को पूरे राज्य में हाई अलर्ट जारी कर दिया. इस बीच, जिला प्रशासन ने इंटरनेट सेवाओं को निलंबित करने और सभी स्कूलों और कॉलेजों को बंद करने का आदेश दिया है। राज्य के एडीजी लॉ एंड ऑर्डर एपी अंशुमान ने शुक्रवार को कहा, ”(घटना में) 100 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए हैं।” नैनीताल की डीएम वंदना सिंह ने शुक्रवार को कहा, ”अब तक आधिकारिक जानकारी के अनुसार, दो लोगों की मौत हो गई है।”
अपराध
मुंबई में डिलीवरी वाहन से 27 गैस सिलेंडर चोरी, जांच जारी

gas
मुंबई, 28 मार्च : ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच युद्ध के बाद से अचानक गैस सिलेंडरों के लिए मारामारी शुरू हो गई है। आने वाले दिनों में ऊर्जा संकट से जुड़ी चिंताओं के बीच कांदिवली पश्चिम के चारकोप इलाके में चोर डिलीवरी वाहन का ताला तोड़कर 27 सिलेंडर ले गए।
पुलिस ने शनिवार को बताया कि यह घटना 25 और 26 मार्च की दरमियानी रात को हुई। आरोपियों ने गैस वितरण के लिए इस्तेमाल होने वाले एक टैंपो को निशाना बनाया और 27 सिलेंडर लेकर फरार हो गए। इनमें पांच भरे हुए और 22 खाली सिलेंडर थे।
मुंबई पुलिस ने बताया कि अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ चारकोप पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है और दोषियों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
मलाड पश्चिम के जय जनता नगर के निवासी शिकायतकर्ता नंदकुमार रामराज सोनी (35) पिछले सात वर्षों से चारकोप में श्रीजी गैस सर्विस के साथ डिलीवरी एजेंट के रूप में काम कर रहा है।
वह टैंपो का इस्तेमाल करके घर-घर जाकर ग्राहकों को एलपीजी सिलेंडर पहुंचाता है। 25 मार्च को नंदकुमार ने अपनी रोजाना की डिलीवरी का काम पूरा किया और फिर रात करीब 11 बजे घर लौटने से पहले टैंपो को चारकोप इलाके में खड़ा कर दिया। वाहन में अगले दिन वितरण के लिए रखे गए सिलेंडर लदे हुए थे।
जब वह 26 मार्च को सुबह करीब 8 बजे उसी जगह पर वापस आए, तो उन्होंने पाया कि वाहन के साथ छेड़छाड़ की गई है। टैंपो की खिड़की का शीशा टूटा हुआ था और पीछे का ताला भी टूटा हुआ था। जांच करने पर नंदकुमार ने पाया कि सभी सिलेंडर चोरी हो चुके थे। चोरी हुए सिलेंडरों की कुल कीमत लगभग 15,500 रुपये आंकी गई है।
शुरुआत में नंदकुमार ने अपने सहकर्मियों से संपर्क करके यह पता लगाने की कोशिश की कि क्या सिलेंडरों को किसी और जगह ले जाया गया है, लेकिन कोई जानकारी न मिलने पर उन्होंने पुलिस से संपर्क किया और शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपियों को पकड़ने के लिए कई टीमें गठित की गई हैं। इलाके के सीसीटीवी फुटेज में कुछ संदिग्ध व्यक्ति वाहनों के साथ नजर आए हैं और उनकी पहचान करने के प्रयास जारी हैं।
जांचकर्ता चोरी हुए सिलेंडरों का पता लगाने के लिए स्क्रैप बाजारों और अवैध गैस व्यापार नेटवर्क से जुड़े व्यक्तियों से भी पूछताछ कर रहे हैं।
अपराध
मुंबई : विदेशी नागरिक से लूट के मामले में दो पुलिसकर्मी गिरफ्तार, तीन की तलाश जारी

मुंबई, 28 मार्च : मुंबई के जूहू इलाके में दो पुलिस कांस्टेबल एक फॉरेक्स कंपनी के डिलीवरी एग्जीक्यूटिव का अपहरण कर उससे 10,000 अमेरिकी डॉलर लूटने के आरोप में गिरफ्तार किए गए हैं। जबकि लूटी गई रकम अभी तक बरामद नहीं हो सकी है।
मुंबई पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में तीन अन्य आरोपी अब भी फरार है, उनकी तलाश की जा रही है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान संदीप शिंदे (33) और गजेंद्र राजपूत (40) के रूप में हुई है। दोनों क्रमशः बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स और जोगेश्वरी पुलिस स्टेशन में तैनात थे। आरोप है कि उन्होंने अपनी वर्दी और पद का दुरुपयोग करते हुए इस पूरी वारदात को अंजाम दिया।
पुलिस के अनुसार, घटना 25 मार्च की दोपहर करीब 2 बजे की है। पीड़ित बांद्रा स्थित एक फॉरेक्स कंपनी में डिलीवरी एग्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत है। वह जूहू इलाके में विदेशी मुद्रा देने पहुंचा था। इसी दौरान जूहू सर्कल के पास आरोपियों ने उसे एक एर्टिगा कार में जबरन बैठाकर अगवा कर लिया। कार के अंदर आरोपियों ने उसके साथ मारपीट की और उसे झूठे केस में फंसाने की धमकी दी।
इसके बाद आरोपी पीड़ित को दहिसर ले गए, जहां उससे 10,000 डॉलर से भरा बैग छीन लिया गया। आरोप है कि इस दौरान पीड़ित की लगातार पिटाई भी की गई। हालांकि, पीड़ित ने शोर मचाया और आसपास के लोग आ गए। इसके बाद पूरे मामले की जानकारी पुलिस को दी गई। सूचना मिलने पर पुलिस की पेट्रोलिंग टीम मौके पर पहुंच गई।
लोगों को आता देख आरोपी भगाने लगे लेकिन पुलिस एक ही आरोपी की गिरफ्तार कर पाई जबकि दूसरा भीड़ का फायदा उठाकर भाग गया। फॉरेक्स कंपनी के डिलीवरी एग्जीक्यूटिव से लूट की सूचना मिलते ही पुलिस के आला अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और दूसरे आरोपी गजेंद्र राजपूत को ठाणे स्थित उसके घर से गिरफ्तार किया गया। दोनों आरोपियों के खिलाफ अपहरण, उगाही, डकैती और सरकारी कर्मचारी बनकर अपराध करने जैसे गंभीर आरोपों में मामला दर्ज किया गया है।
फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और फरार तीन आरोपियों की तलाश में कई टीमें जुटी हुई हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीम का गठन किया गया है। जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
अपराध
महाराष्ट्र विधानसभा के फर्जी एंट्री पास मामले में पुलिस ने 5 आरोपियों को किया गिरफ्तार

CRIME
मुंबई, 27 मार्च : महाराष्ट्र विधानसभा सत्र के दौरान फर्जी एंट्री पास बनाए जाने का मामला सामने आया है। मुंबई की मरीन ड्राइव पुलिस ने इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें मंत्रालय में काम करने वाले कर्मचारी भी शामिल हैं। मुंबई पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
जानकारी के अनुसार, महाराष्ट्र में विधानसभा सत्र के दौरान एंट्री के लिए नकली पास बनाने की बात सामने आई थी। इस मुद्दे को राज्य सरकार में मंत्री उदय सामंत ने भी उठाया था। मुंबई पुलिस ने बताया कि इस मामले में जांच के दौरान पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें से कुछ मंत्रालय में काम करने वाले कर्मचारी हैं।
मरीन ड्राइव पुलिस की ओर से गिरफ्तार किए गए पांच आरोपियों की पहचान केशव गुंजल (53), गणपत भाऊ जावले (50), नागेश शिवाजी पाटिल (42), मनोज आनंद मोरबले (40) और स्वप्निल रमेश तायडे (40) के रूप में हुई है।
पुलिस सूत्रों ने जानकारी दी कि आरोपी दत्तात्रय गुंजाल को पास दिया गया था। उस पर कथित रूप से मुख्यमंत्री कार्यालय सलाहकार लिखा था। विधानभवन पुलिस को इस पास पर शक हुआ और उसके बाद पूछताछ शुरू की गई। इसके बाद विधानभवन पुलिस की जांच में पूरा मामला खुलकर सामने आया। एक शिकायत के बाद पुलिस ने मामला दर्ज करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पूरे नेटवर्क में और भी लोग शामिल हो सकते हैं। इसलिए मामले में कुछ अन्य आरोपियों की तलाश भी की जा रही है। सूत्रों ने बताया कि इसमें अभी तक कहीं भी पैसे के लेन-देन की बात सामने नहीं आई है, लेकिन मरीन ड्राइव पुलिस आगे की जांच कर रही है।
बता दें कि महाराष्ट्र विधानसभा का बजट सत्र 25 मार्च को संपन्न हुआ। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 6 मार्च को सदन में बजट पेश किया।
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