राष्ट्रीय समाचार
नई दिल्ली में वैश्विक निवेशक शिखर सम्मेलन 2023: उत्तराखंड सरकार ने पंप स्टोरेज परियोजनाएं स्थापित करने के लिए जेएसडब्ल्यू नियो एनर्जी लिमिटेड के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए
बुधवार को नई दिल्ली में ग्लोबल इन्वेस्टर समिट 2023 के रोड शो के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में उत्तराखंड सरकार और जेएसडब्ल्यू नियो एनर्जी लिमिटेड के बीच 15 हजार करोड़ रुपये के एमओयू पर हस्ताक्षर किये गये। एमओयू के तहत अल्मोडा में 1500 मेगावाट के 2 पंप स्टोरेज विकसित किये जायेंगे। इसके साथ ही मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड में पंप स्टोरेज प्लांट, सीमेंट, खेल, प्रशिक्षण केंद्र, पेयजल, कुमाऊं के मंदिरों के जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण (मानसखंड मंदिर माला अंडर सीएसआर) के क्षेत्र में सहयोग की अपेक्षा की। जेएसडब्ल्यू ने अल्मोडा में भंडारण परियोजनाएं स्थापित करने की योजना बनाई है
एमओयू के तहत, जेएसडब्ल्यू एनर्जी अल्मोडा में 1500 मेगावाट क्षमता की 2 स्व-पहचान वाली पंप स्टोरेज परियोजनाएं स्थापित करने की योजना बनाएगी, जिन्हें अगले 5-6 वर्षों में विकसित किया जाएगा।इस योजना में कोसी नदी से 8-10 किमी की दूरी पर अल्मोडा के जोसकोटे गांव में साइट 1 पर निचला बांध/जलाशय और कोसी नदी से 16 किमी की दूरी पर अल्मोडा के कुरचौन गांव में साइट 2 पर ऊपरी जलाशय बनाने का प्रस्ताव है।आसपास की बड़ी आबादी को लाभ पहुंचाने वाली योजना इस योजना से बड़ी आबादी को पेयजल आपूर्ति और कृषि के लिए सिंचाई की सुविधा मिलेगी। इसके साथ ही यह योजना 1000 लोगों को रोजगार के अवसर प्रदान करेगी।उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने राज्य में पीएसपी के विकास को बढ़ावा देने के लिए उत्तराखंड पंप स्टोरेज परियोजना नीति तैयार की है, जो डेवलपर्स को प्रमुख प्रोत्साहन प्रदान करती है। एमओयू के दौरान सचिव डॉ. मीनाक्षी सुंदरम, श्री विनय शंकर पांडे, एमडी सिडकुल श्री रोहित मीना और जेएसडब्ल्यू नियो एनर्जी लिमिटेड के निदेशक श्री ज्ञान बद्र कुमार उपस्थित थे।
राष्ट्रीय समाचार
संभावनाओं का साल 2026 : आदित्य-एल1 से सौर तूफानों की भविष्यवाणी में भारत को मिल सकती है बड़ी बढ़त

नई दिल्ली, 3 जनवरी: ‘सोलर मिशन’ आदित्य-एल1 के योगदान से भारत शक्तिशाली सौर तूफानों को समझने और उनकी भविष्यवाणी करने के लिए बेहतर रूप से तैयार है। भारत के ‘सोलर मिशन’ से नए साल यानी 2026 में विज्ञान के क्षेत्र में नए चमत्कार देखने की संभावनाएं और अधिक होंगी।
भारत की पहली सौर अंतरिक्ष वेधशाला के रूप में आदित्य-एल1 अपने मिशन पर लगातार आगे बढ़ रहा है। यह साल आदित्य-एल1 के लिए खास होगा, क्योंकि यह सूर्य को उसके सबसे सक्रिय दौर ‘सोलर मैक्सिमम’ में देख सकता है।
अमेरिका की अंतरिक्ष एजेंसी नासा के मुताबिक, सूर्य अपने सोलर मैक्सिमम चरण में प्रवेश कर चुका है। सौर चक्र एक प्राकृतिक प्रक्रिया है, जिसके दौरान सूर्य कम और अधिक चुंबकीय सक्रियता के चरणों से गुजरता है। लगभग हर 11 साल में सौर चक्र के चरम पर सूर्य के चुंबकीय ध्रुव उलट जाते हैं। इसका मतलब है कि सूर्य शांत अवस्था से अत्यधिक सक्रिय और तूफानी स्थिति में पहुंच जाता है।
नासा में स्पेस वेदर प्रोग्राम के निदेशक जेमी फेवर्स ने एक बयान में कहा था, “सौर अधिकतम के दौरान सौर धब्बों की संख्या बढ़ जाती है और इसके साथ ही सौर गतिविधि भी तेज हो जाती है। साथ ही पृथ्वी और पूरे सौर मंडल पर इसके वास्तविक प्रभाव भी पड़ते हैं।”
मई 2024 में आदित्य-एल1 ने पिछले दो दशकों में सबसे प्रबल सौर तूफान का सामना किया, जिसने पृथ्वी के पर्यावरण को बुरी तरह प्रभावित किया। इसे ‘गैनन तूफान’ कहा जाता है। यह सौर तूफान सूर्य पर होने वाले विशाल विस्फोटों की एक शृंखला से बनता है, जिन्हें प्रभामंडलीय द्रव्यमान उत्सर्जन (सीएमई) कहा जाता है। सीएमई, सूर्य की तरफ से अंतरिक्ष में छोड़े गए गर्म गैस और चुंबकीय ऊर्जा के एक विशाल बुलबुले जैसा होता है। जब ये बुलबुले पृथ्वी से टकराते हैं, तो ये हमारे ग्रह के चुंबकीय कवच को हिला सकते हैं और उपग्रहों, संचार प्रणालियों, जीपीएस और यहां तक कि विद्युत ग्रिड के लिए भी गंभीर समस्याएं पैदा कर सकते हैं।
मई 2024 के सौर तूफान के दौरान, वैज्ञानिकों ने एक असामान्य चीज देखी। सूर्य के चुंबकीय क्षेत्र, जो सौर तूफान के अंदर मुड़ी हुई रस्सियों की तरह होते हैं, तूफान के भीतर टूटकर फिर से जुड़ रहे थे। आमतौर पर, एक सीएमई एक मुड़ी हुई ‘चुंबकीय रस्सी’ लेकर चलता है जो पृथ्वी के पास आते ही पृथ्वी के चुंबकीय कवच से परस्पर क्रिया करती है। लेकिन इस बार, दो सीएमई अंतरिक्ष में टकराए और एक-दूसरे को इतनी जोर से दबाया कि उनमें से एक के अंदर की चुंबकीय क्षेत्र की रेखाएं टूट गईं और नए ढंग से फिर से जुड़ गईं, इस प्रक्रिया को चुंबकीय पुनर्संयोजन कहा जाता है। चुंबकीय क्षेत्र के इस अचानक विपर्यास ने तूफान के प्रभाव को पहले से कहीं ज्यादा शक्तिशाली बना दिया। उपग्रहों ने कणों की अचानक गति बढ़ने का भी पता लगाया, जो उनकी ऊर्जा में वृद्धि का संकेत है।
इस खोज के केंद्र में भारत की पहली सौर वेधशाला, आदित्य-एल1 है। शोधकर्ता पहली बार अंतरिक्ष के कई सुविधाजनक बिंदुओं से एक ही अत्यधिक शक्तिशाली सौर तूफान का अध्ययन कर सके। भारत के आदित्य-एल1 मिशन से सटीक चुंबकीय क्षेत्र माप की बदौलत, वैज्ञानिक इस पुनर्संयोजन क्षेत्र का मानचित्रण करने में सक्षम हुए। उन्होंने पाया कि जिस क्षेत्र में सीएमई का चुंबकीय क्षेत्र टूटकर फिर से जुड़ रहा था, वह बहुत बड़ा था (लगभग 1.3 मिलियन किलोमीटर चौड़ा, यानी पृथ्वी के आकार का लगभग 100 गुना)। यह पहला मौका था जब सीएमई के अंदर इतना बड़ा चुंबकीय विखंडन और पुनर्संयोजन देखा गया था।
यह खोज इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे सूर्य से पृथ्वी की ओर आते समय सौर तूफानों के विकास के बारे में हमारी समझ बढ़ती है। यह वैश्विक अंतरिक्ष विज्ञान में भारत के बढ़ते नेतृत्व को दर्शाता है।
राजनीति
महाराष्ट्र महानगरपालिका चुनावों से पहले महायुति को बढ़त, 66 उम्मीदवारों का निर्विरोध चुना जाना तय

DEVENDR FADNVIS
मुंबई, 3 जनवरी: महाराष्ट्र में महानगरपालिका चुनावों से पहले भाजपा के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन को जबरदस्त बढ़त मिली है। महायुति की 66 सीटों पर जीत तय है, जबकि दो सीटों पर अजित पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी को सफलता मिली है।
महानगरपालिका चुनावों की प्रक्रिया में शुक्रवार को नामांकन पत्रों की वापसी की अंतिम तिथि समाप्त होने के बाद अलग-अलग विपक्षी दलों और गठबंधनों के उम्मीदवारों ने अपने नाम वापस ले लिए, जिसके चलते कुल 68 उम्मीदवारों का निर्विरोध चुना जाना तय है। इन 68 उम्मीदवारों में से 66 भाजपा–शिवसेना गठबंधन से हैं, जबकि उपमुख्यमंत्री अजित पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के दो उम्मीदवार भी निर्विरोध विजयी हुए हैं।
मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर) की कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका में सबसे अधिक 21 महायुति उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए हैं, जिनमें भाजपा के 15 और शिवसेना के 6 उम्मीदवार शामिल हैं। उत्तर महाराष्ट्र के जलगांव जिले में, जो पारंपरिक रूप से भाजपा और शिवसेना दोनों के लिए मजबूत राजनीतिक क्षेत्र माना जाता है, दोनों दलों को बराबर सफलता मिली है। भाजपा और शिवसेना के छह-छह उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं।
मुंबई महानगर क्षेत्र के पनवेल में भी भाजपा ने अपनी पकड़ मजबूत करते हुए सात उम्मीदवारों को निर्विरोध जीत दिलाने में सफलता हासिल की है। भिवंडी में, जिसे लंबे समय से शरद पवार गुट की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी का प्रभावशाली क्षेत्र माना जाता रहा है, वहां भाजपा के छह उम्मीदवारों को निर्विरोध जीत मिली है।
धुले जिले में भाजपा के तीन उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं। अहिल्यानगर में हुए निर्विरोध चुनावों में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी को दो सीटें मिली हैं, जबकि भाजपा ने एक सीट पर निर्विरोध जीत दर्ज की है। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के गृह क्षेत्र ठाणे में भाजपा के साथ मतभेद और राजनीतिक खींचतान के बावजूद शिवसेना ने छह सीटों पर निर्विरोध जीत दर्ज की है।
हालांकि, ठाणे जिले में हुए इन निर्विरोध चुनावों को लेकर राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ने आपत्ति जताते हुए चुनावी प्रक्रिया और सत्तारूढ़ गठबंधन के रवैये पर सवाल खड़े किए हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि हाल ही में संपन्न नगर परिषद चुनावों में लगभग क्लीन स्वीप के बाद ये निर्विरोध जीतें राज्य में सत्तारूढ़ महायुति के लिए मनोवैज्ञानिक बढ़त और नई ऊर्जा लेकर आई हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, निर्विरोध जीत के चलते सत्तारूढ़ दलों को न केवल संगठनात्मक मजबूती मिलेगी, बल्कि वे उन क्षेत्रों में भी पूरी ताकत से प्रचार कर सकेंगे जहां सीधा चुनावी मुकाबला बाकी है।
बता दें कि महाराष्ट्र में बीएमसी समेत अन्य महानगरपालिका चुनावों के लिए 15 जनवरी को मतदान होना है, जबकि 16 जनवरी को नतीजे घोषित किए जाएंगे।
राष्ट्रीय समाचार
इंडिगो फ्लाइट्स में हो सकती है देरी, यात्री लेटेस्ट स्टेटस चेक कर घर से निकलें

नई दिल्ली, 8 दिसंबर: पिछले कुछ दिनों से इंडिगो एयरलाइन की फ्लाइट कैंसिल होने की वजह से यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस बीच दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल (आईजीआई) एयरपोर्ट ने सोमवार सुबह एडवाइजरी जारी की, जिसमें यात्रियों से फ्लाइट से जुड़ी ताजा स्टेटस चेक करने की अपील की गई है।
आईजीआई एयरपोर्ट ने सुबह 6.30 बजे एडवाइजरी जारी की। इसमें लिखा है कि इंडिगो की फ्लाइट्स में देरी हो सकती है। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि किसी भी असुविधा से बचने के लिए एयरपोर्ट जाने से पहले अपनी एयरलाइन से फ्लाइट का लेटेस्ट स्टेटस चेक कर लें।
एडवाइजरी में लिखा है, “हमारी टीमें रुकावटों को कम करने और यात्रा को आसान बनाने के लिए सभी संबंधित लोगों के साथ मिलकर काम कर रही हैं। मेडिकल सहायता सहित किसी भी मदद के लिए कृपया इन्फॉर्मेशन डेस्क पर जाएं, जहां हमारा ग्राउंड स्टाफ आपकी मदद के लिए तैयार है।”
इसके अलावा एयरपोर्ट आने-जाने के लिए मेट्रो, बस और कैब जैसे कई पब्लिक ट्रांसपोर्ट के ऑप्शन उपलब्ध हैं। रियल-टाइम अपडेट और जरूरी जानकारी के लिए कृपया दिल्ली एयरपोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
इससे पहले केंद्रीय नागर विमानन मंत्री राम मोहन नायडू ने रविवार को कहा था कि एविएशन नेटवर्क तेजी से सामान्य हो रहा है और परिचालन पूरी तरह से स्थिर होने तक सुधारात्मक उपाय जारी रहेंगे।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर की एक पोस्ट में बताया था, “पिछले चार दिनों में एयरपोर्ट्स पर यात्रियों की परेशानियों को कम करने के लिए लगातार कई पक्षों से बातचीत की गई है और इसके साथ रियल-टाइम में स्थिति पर निगरानी रखी जा रही है। सभी ऑपरेटरों, हवाईअड्डा निदेशकों, ग्राउंड-हैंडलिंग एजेंसियों और अन्य सभी पक्षकारों के साथ नियमित बैठकें आयोजित की गई हैं।”
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