राष्ट्रीय समाचार
गोधरा जाने वाली दाहोदा-आनंद ट्रेन के इंजन में आग लग गई
गुजरात के दाहोद के पास शुक्रवार को गोधरा जाने वाली ट्रेन के इंजन में आग लग गई। सोशल मीडिया पर आग के भयावह दृश्य सामने आए. यह घटना दाहोद-आनंद मेमू ट्रेन नंबर पर हुई। 9350 जैसे ही आग तेजी से कनेक्टिंग कोचों तक फैल गई, जिससे यात्रियों में घबराहट और चिंता पैदा हो गई। हालाँकि, अग्निशमन अधिकारियों ने आग पर काबू पा लिया, और किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। बताया गया कि सभी यात्री सुरक्षित हैं। ट्रेन सुबह करीब 11:38 बजे दाहोद से रवाना हुई थी और जेकोट पहुंची थी, तभी आग लग गई। यात्रियों को जेकोट रेलवे स्टेशन पर ट्रेन से उतरने का निर्देश दिया गया। वीडियो में अग्निशामकों को आग पर काबू पाने के लिए काम करते हुए दिखाया गया है। दृश्यों के अनुसार, ट्रेन का इंजन जल गया था। खबरों के मुताबिक, ट्रेन के एक एसी कोच में रिसाव हो गया था। इसके बाद, अधिकारियों को सूचित किया गया और रतलाम मंडल के अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। रेलवे अधिकारियों के अलावा, दाहोद के अग्निशमन विभाग को सतर्क किया गया और स्थान पर भेजा गया। दाहोद एएसपी सिद्धार्थ भी जेकोट गांव पहुंचे.
राष्ट्रीय समाचार
इंदौर की छात्रा के सवाल को लेकर राहुल गांधी ने केंद्र सरकार से मांगा जवाब

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी इन दिनों ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के जरिए छात्रों और युवाओं से संवाद कर रहे हैं। इसी सिलसिले में वह 19 सितंबर को मध्य प्रदेश के इंदौर पहुंचे, जहां उन्होंने छात्रों से बातचीत की और उनकी शिक्षा, हॉस्टल, रोजगार तथा प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी समस्याएं सुनीं।
राहुल गांधी ने दावा किया कि इंदौर में संवाद के दौरान एक छात्रा ने उनसे हॉस्टल और रहने की समस्या को लेकर सवाल किया। इसके बाद उन्होंने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उस सवाल का जिक्र करते हुए केंद्र सरकार से जवाब मांगा। राहुल गांधी ने अपनी पोस्ट में छात्रा का सवाल लिखा कि सरकार के पास दिया जलाने के लिए पैसा है-हमारे हॉस्टल के लिए क्यों नहीं।
राहुल गांधी ने कहा कि यह सवाल कल इंदौर में एक छात्रा ने मुझसे पूछा। गांव से पढ़ने शहर आई छात्रा ने कहा कि हॉस्टल है नहीं, तो पीजी में रहना पड़ता है। सिर्फ सुरक्षित रहने में लाखों खर्च हो जाते हैं। हर महीने किराए की चिंता और बेघर होने का डर इसी में पढ़ाई करनी पड़ती है। कई लड़कियां इसी वजह से पढ़ाई छोड़ देती हैं। सिर्फ इसलिए कि रहने की जगह नहीं है। आवास भत्ता महंगाई के साथ बढ़ता नहीं और ऊपर से भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाता है।
राहुल गांधी ने अपने पोस्ट में पीएम मोदी से इस सवाल का जवाब मांगते हुए कहा कि क्या उस बच्ची के सवाल का कोई जवाब है। इंदौर में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम से पहले राहुल गांधी कोटा, पुणे, प्रयागराज आदि स्थानों पर छात्रों से संवाद कर चुके हैं।
राहुल गांधी ने कहा कि यह व्यवस्था क्या है, छात्र क्या होता है, और उसे व्यवस्था कैसे दबा रही है? छात्र के भविष्य को व्यवस्था चुनौती दे रही है। युवा देश के भविष्य हैं और युवा के बगैर कोई भी देश मजबूत नहीं बन सकता है। छात्र के अंदर अलग-अलग गुण होते हैं। छात्र में सबसे बड़ा गुण सवाल पूछने का होता है। छात्र प्राकृतिक तौर पर सवाल पूछते हैं और जिज्ञासु होते हैं, अलग-अलग विषयों पर सवाल पूछते हैं। छात्र मोहब्बत-पसंद होते हैं, वे नफरत नहीं करते हैं, एक-दूसरे से प्यार से बर्ताव करते हैं, और एक-दूसरे का सम्मान करते हैं। उनमें मानवता की भावना होती है।
अपराध
पंजाब में 47 किलो हेरोइन और अवैध हथियारों के साथ 4 तस्कर गिरफ्तार, सीमा पार से जुड़े तार

पंजाब पुलिस ने एक बार फिर ड्रग और हथियार तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने बड़ी मात्रा में हेरोइन और हथियार के साथ 4 तस्करों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों के कनेक्शन सीमा पार से जुड़े हैं।
पंजाब डीजीपी की ओर से एक्स पोस्ट में कहा गया, “एक बड़ी कामयाबी में फरीदकोट पुलिस ने सीमा पार हेरोइन तस्करी के एक नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए 4 लोगों को पकड़ा है। इनके कब्जे से 47.3 किलो हेरोइन, 3 पिस्तौल, 3 मैगजीन, 15 कारतूस और 2 गाड़ियां बरामद की हैं।”
डीजीपी ने बताया कि शुरुआती जांच से पता चला है कि पकड़े गए आरोपी पंजाब में हेरोइन और अवैध हथियारों की सीमा पार तस्करी में शामिल एक नेटवर्क से जुड़े हैं। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ पुलिस स्टेशन सादिक और फरीदकोट में एफआईआर दर्ज की गई है। इस बड़े नेटवर्क का पता लगाने और इसके आगे-पीछे के कनेक्शन का पता लगाने के लिए आगे की जांच चल रही है।
इसके पहले काउंटर इंटेलिजेंस अमृतसर ने सीमा पार नशीले पदार्थों की तस्करी करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए 3 मुख्य आरोपियों को पकड़ा था और 17 किलो हेरोइन बरामद की थी। शुरुआती जांच से पता चला है कि ये आरोपी सीमा पार के तस्करों के साथ मिलकर काम कर रहे थे और आगे सप्लाई के लिए हेरोइन की खेप ले रहे थे।
पुलिस स्टेशन स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल अमृतसर में पकड़े गए तस्करों के खिलाफ एअफआईआर दर्ज की गई है। आगे की जांच जारी है ताकि तस्करी के पूरे नेटवर्क (आगे और पीछे के कनेक्शन) का पता लगाया जा सके, इसमें शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा सके और सीमा पार नशीले पदार्थों की तस्करी के बड़े नेटवर्क को खत्म किया जा सके। डीजीपी ने दोहराया कि पंजाब पुलिस सीमा पार तस्करी पर कड़ी नजर रख रही है और ड्रग तस्करी व संगठित आपराधिक नेटवर्क को खत्म करने के लिए कड़े कदम उठा रही है।
राष्ट्रीय समाचार
‘मिशन सहयोग’: सीईआईआर की मदद से 104 गुम मोबाइल बरामद, 21 लाख रुपए के फोन मालिकों को लौटाए

गुम या खो चुके मोबाइल फोन की तलाश कर रहे लोगों के लिए ग्रेटर नोएडा पुलिस ने बड़ी राहत दी है। पुलिस कमिश्नर गौतमबुद्धनगर लक्ष्मी सिंह के निर्देशन और पुलिस उपायुक्त ग्रेटर नोएडा रवि शंकर निम के नेतृत्व में चलाए जा रहे ‘मिशन सहयोग’ के तहत सर्विलांस सेल ग्रेटर नोएडा ने तकनीकी माध्यमों की मदद से बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने विभिन्न कंपनियों के 104 कीमती स्मार्टफोन बरामद किए हैं। बरामद मोबाइल फोनों की कुल अनुमानित कीमत करीब 21 लाख रुपए बताई गई है।
पुलिस के मुताबिक, 19 सितंबर को बरामद किए गए सभी मोबाइल फोन उनके वास्तविक स्वामियों को सुपुर्द कर दिए गए। मोबाइल वापस मिलने के बाद लोगों के चेहरे पर खुशी दिखाई दी और उन्होंने गौतमबुद्धनगर पुलिस का आभार जताते हुए पुलिस की कार्यप्रणाली की सराहना की। पुलिस जांच में सामने आया कि बरामद किए गए अधिकांश मोबाइल फोन अलग-अलग परिस्थितियों में गुम हुए थे। कई लोगों के मोबाइल भीड़भाड़ वाले स्थानों और साप्ताहिक बाजारों में कहीं गिर गए थे।
कुछ मोबाइल फोन लोगों के दो-पहिया वाहन चलाते समय या सुबह-शाम टहलने के दौरान गिर गए थे। इसके अलावा, कई लोग ऑटो, टैक्सी, बस, मेट्रो और ई-रिक्शा से यात्रा कर रहे थे। इसी दौरान उनके मोबाइल फोन वाहन में छूट गए। मोबाइल गुम होने के बाद संबंधित लोगों ने ग्रेटर नोएडा जोन के अलग-अलग थानों में इसकी सूचना देते हुए गुमशुदगी दर्ज कराई थी।
मोबाइल फोन बरामद करने के लिए ग्रेटर नोएडा पुलिस की सर्विलांस सेल ने तकनीकी विश्लेषण का सहारा लिया। पुलिस ने सीईआईआर (सेंट्रल इक्विपमेंट आईडेंटिट रजिस्टर) पोर्टल की सहायता से गुम हुए मोबाइल फोन को ट्रेस करने की प्रक्रिया शुरू की। तकनीकी जानकारी और सर्विलांस के आधार पर पुलिस टीम ने अलग-अलग स्थानों से मोबाइल फोन का पता लगाया और उन्हें बरामद किया।
पुलिस के अनुसार, बरामद किए गए सभी 104 मोबाइल फोन उनके वास्तविक स्वामियों को वापस कर दिए गए हैं। इस कार्रवाई से उन लोगों को भी राहत मिली है, जिन्होंने मोबाइल फोन गुम होने के बाद उसकी तलाश में पुलिस से संपर्क किया था।
ग्रेटर नोएडा पुलिस का कहना है कि ‘मिशन सहयोग’ के तहत गुम और खोए हुए मोबाइल फोन की बरामदगी के लिए लगातार तकनीकी संसाधनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। सीईआईआर पोर्टल और सर्विलांस सिस्टम की मदद से मोबाइल फोन को ट्रैक करने की प्रक्रिया में पुलिस को सफलता मिल रही है।
मोबाइल फोन वापस मिलने के बाद सभी वास्तविक स्वामियों ने गौतमबुद्धनगर पुलिस का आभार व्यक्त किया। लोगों ने कहा कि मोबाइल फोन उनके लिए महत्वपूर्ण थे और उनके वापस मिलने से उन्हें काफी राहत मिली है।
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