अपराध
तेलंगाना उच्च न्यायालय ने ‘विधायकों की खरीद फरोख्त’ मामले की जांच पर रोक लगाई
तेलंगाना उच्च न्यायालय ने शनिवार को ‘विधायकों की खरीद फरोख्त’ मामले में चल रही जांच पर अगले आदेश तक रोक लगा दी। तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के चार विधायकों को खरीदने के कथित प्रयास की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की मांग वाली भाजपा की याचिका पर अदालत की एकल पीठ ने अंतरिम आदेश पारित किया। न्यायमूर्ति बी. विजयसेन रेड्डी ने राज्य सरकार और अन्य प्रतिवादियों को चार नवंबर तक जवाब दाखिल करने को कहा।
याचिकाकर्ता के वकील रचना रेड्डी ने कहा कि अदालत ने अगले आदेश तक जांच को अस्थायी रूप से टाल दिया। उन्होंने कहा कि चूंकि टीआरएस नेता बिना प्रथम ²ष्टया या परिस्थितिजन्य साक्ष्य के मामले में भाजपा का नाम ले रहे हैं, इसलिए याचिकाकर्ता ने निष्पक्ष जांच के लिए मामले को सीबीआई को स्थानांतरित करने की मांग करते हुए उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। न्यायाधीश ने स्पष्ट किया कि उनका आदेश केवल कुछ दिनों के लिए है और किसी अन्य एकल न्यायाधीश द्वारा आरोपियों की रिमांड की अनुमति देने वाले आदेश के विरोध में नहीं है।
इससे पहले न्यायमूर्ति एस. सुमलता ने निचली अदालत के तीनों आरोपियों की रिमांड खारिज करने के आदेश को रद्द कर दिया था। न्यायाधीश ने निचली अदालत से आरोपियों को पुलिस द्वारा पेश करने पर न्यायिक हिरासत में भेजने को कहा। न्यायमूर्ति चिलाकुर सुमलता ने साइबराबाद पुलिस द्वारा दायर एक आपराधिक पुनरीक्षण याचिका पर आदेश पारित किया जिसमें आरोपी की रिमांड को खारिज करने वाले एसीबी विशेष अदालत के न्यायाधीश के आदेश को रद्द करने की मांग की गई थी।
एसपीई और एसीबी मामलों के पहले अतिरिक्त विशेष न्यायाधीश ने गुरुवार की देर रात आरोपियों को उनके सामने पेश किए जाने पर रिमांड अर्जी खारिज कर दी थी। न्यायाधीश ने कहा कि पुलिस आपराधिक प्रक्रिया संहिता की धारा 41ए के तहत आरोपी को नोटिस जारी करने की अनिवार्य प्रक्रिया का पालन करने में विफल रही। इस आदेश को चुनौती देते हुए साइबराबाद पुलिस ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। उच्च न्यायालय के न्यायाधीश ने कहा कि निचली अदालत ने सीआरपीसी की धारा 41 के तहत नोटिस के बारे में सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर विचार नहीं किया। न्यायाधीश ने कहा कि यदि जांच अधिकारी को लगता है कि नोटिस जारी करने की कोई आवश्यकता नहीं है, तो वह तदनुसार कार्रवाई कर सकता है।
इस आदेश के चंद घंटे बाद साइबराबाद पुलिस ने रामचंद्र भारती उर्फ सतीश शर्मा, कोरे नंद कुमार उर्फ नंदू और सिम्हायाजी को गिरफ्तार कर लिया। कथित तौर पर भाजपा के एजेंट तीनों आरोपियों को पुलिस ने 26 अक्टूबर की रात हैदराबाद के पास मोइनाबाद के एक फार्महाउस से गिरफ्तार किया था, जब वे कथित तौर पर टीआरएस के चार विधायकों को मोटी रकम का लालच देने की कोशिश कर रहे थे।
साइबराबाद पुलिस ने एक विधायक पायलट रोहित रेड्डी की गुप्त सूचना पर छापेमारी की। रेड्डी ने आरोप लगाया कि आरोपियों ने उन्हें 100 करोड़ रुपये और तीन अन्य को 50-50 करोड़ रुपये की पेशकश की। आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था।
अपराध
बंगाल पुलिस की छापेमारी में 28 करोड़ रुपये और 15 किलो सोना जब्त, तुलु मंडल का रिश्तेदार गिरफ्तार

पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में लगभग 24 घंटे तक चली छापेमारी, तलाशी अभियान और पूछताछ के बाद पुलिस ने गुरुवार को जिले के पत्थर खदान कारोबारी तुलु मंडल के रिश्तेदार मीनार मंडल को गिरफ्तार कर लिया।
बुधवार दोपहर शुरू हुए इस अभियान के दौरान पुलिस ने मीनार मंडल के घर से भारी मात्रा में नकदी और सोना बरामद किया। बरामद नकदी की गिनती के लिए पुलिस को स्थानीय बैंक शाखा से करेंसी काउंटिंग मशीनें लानी पड़ी।
गुरुवार सुबह नकदी की गिनती और दोबारा गिनती पूरी होने के बाद जांच दल के एक सदस्य ने बताया कि बरामद नकदी की कुल राशि 28 करोड़ रुपये से कुछ अधिक पाई गई।
उन्होंने बताया कि इसके अलावा मीनार मंडल के घर से 15 किलोग्राम सोना भी बरामद किया गया है, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत 21 करोड़ रुपये से अधिक है।
उन्होंने कहा, “बरामद नकदी और सोने की कुल अनुमानित कीमत लगभग 50 करोड़ रुपये है।”
गुरुवार सुबह मीनार मंडल को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर पहले स्थानीय पुलिस थाने ले जाया गया। वहीं, पुलिस उसके घर से नकदी और सोने से भरे दो ट्रंक भी अपने साथ ले गई।
मीनार मंडल को दिन में बाद में सूरी स्थित जिला अदालत में पेश किया जाएगा, जहां सरकारी वकील उसकी पुलिस हिरासत की मांग करेंगे।
शुरुआत में मीनार मंडल ने इतनी बड़ी मात्रा में नकदी और सोने के स्रोत को लेकर पुलिस के बार-बार पूछे गए सवालों का जवाब देने से इनकार कर दिया। हालांकि, बाद में उसने स्वीकार किया कि बरामद नकदी और सोना एक संगठित अपराध सिंडिकेट से जुड़ा हुआ था। इसकी पुष्टि बीरभूम के पुलिस अधीक्षक बिदित राज बुंदेश ने की।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, पिछले मंगलवार को बीरभूम के मोहम्मद बाजार थाना पुलिस ने सात डकैतों को गिरफ्तार किया था। उन्हीं डकैतों से मिली जानकारी के आधार पर जांचकर्ताओं को मीनार मंडल के घर में नकदी और सोने के इस बड़े जखीरे का पता चला। इसके बाद बुधवार दोपहर उसके घर पर छापेमारी और तलाशी अभियान शुरू किया गया, जो गुरुवार सुबह तक जारी रहा।
बताया जाता है कि मीनार मंडल राज्य परिवहन निगम में बस चालक था। हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि वह तुलु मंडल के पत्थर खदान कारोबार में बड़े स्तर पर शामिल था। तुलु मंडल को बीरभूम में तृणमूल कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष अनुव्रत मंडल का करीबी माना जाता है।
मीनार मंडल के घर से इतनी बड़ी मात्रा में नकदी और सोना बरामद होने से उसके पड़ोसी भी हैरान रह गए हैं। इससे पहले भी पत्थर खदान कारोबारी तुलु मंडल पर अवैध पत्थर खनन के आरोप लग चुके हैं।
अपराध
मुंबई में आतंक! जुल्फिकार गैंग पर बिल्डर से हफ्ता मांगने और उसकी हत्या करने का आरोप, मुंबई क्राइम ब्रांच की कार्रवाई, 12 गुंडे गिरफ्तार

मुंबई क्राइम ब्रांच ने एक बिल्डर से 25 लाख रुपये की फिरौती मांगने के आरोप में गैंगस्टर जुल्फिकार बेहलीम और उसके भाई मोहसिन बेहलीम को गिरफ्तार करने का दावा किया है। इन दोनों ने बिल्डर से 25 लाख रुपये की फिरौती मांगी थी और उसे जान से मारने की धमकी भी दी थी। इस संबंध में बिल्डर ने गैंगस्टर जुल्फिकार और उसके भाई समेत 12 गैंगस्टरों के खिलाफ केस दर्ज कराया था। क्राइम ब्रांच यूनिट 9 ने जाल बिछाकर इन 12 आरोपियों को फिरौती लेते हुए गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के खिलाफ एक्सटॉर्शन और आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। कोर्ट ने आरोपियों को 31 जुलाई तक रिमांड पर रखने का आदेश दिया है। जुल्फिकार और मोहसिन ने मुंबई शहर और उपनगरों में आतंक मचाया था और कई बिल्डरों से फिरौती मांगने की कोशिश भी की थी। इसलिए पुलिस ने अपील की है कि अगर इस गैंग ने किसी से फिरौती मांगी है तो वे उनके खिलाफ पुलिस और क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज करा सकते हैं। यह कार्रवाई मुंबई पुलिस कमिश्नर देविन भारती, जॉइंट पुलिस कमिश्नर अनिल ने की। जांच कंभारे डीसीपी नुनाथ धोले और क्राइम यूनिट इंचार्ज सचिन प्रणक ने की।
अपराध
एएनसी की कार्रवाई : 3.5 मिलियन के साथ एमडी जब्त, एक गिरफ्तार

ARREST
मुंबई एंटी-नारकोटिक्स सेल ने एक ड्रग स्मगलर को गिरफ्तार किया है, जिसके पास से 35 लाख रुपये से ज़्यादा कीमत की एमडी मेफेडोन बरामद हुई है। मुंबई के बांद्रा इलाके में एक संदिग्ध व्यक्ति संदिग्ध हालत में मिला। जब उसकी तलाशी ली गई, तो पुलिस को उसके पास से 142 ग्राम एमडी मिला, जिसकी कीमत 35 लाख रुपये बताई जा रही है। उसके खिलाफ खेरवाड़ी पुलिस में एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई एएनसी वर्ली यूनिट ने की।
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