अंतरराष्ट्रीय
वीजा मुद्दों ने नेट गेंदबाजों उमरान मलिक, कुलदीप सेन की ऑस्ट्रेलिया रवानगी में विलम्ब
भारत के सबसे तेज गेंदबाज उमरान मलिक और कुलदीप सेन की टी20 विश्व कप के लिए ऑस्ट्रेलिया रवानगी में वीजा मुद्दों के कारण विलम्ब हो गया है।
रिपोर्टों के अनुसार 22 वर्षीय मलिक को विश्व कप के लिए नेट गेंदबाज के रूप में चुना गया था, वह अब सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में जम्मू कश्मीर टीम के लिए मोहाली में उतरेंगे।
तेह गेंदबाज को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) से मुश्ताक अली ट्रॉफी के लिए जम्मू-कश्मीर टीम से जुड़ने की छूट मिली थी। वह अब मेघालय के खिलाफ एलीट ग्रुप सी मैच के लिए मोहाली में टीम के साथ जुड़ गए हैं।
यह अभी पत्ता नहीं है कि मलिक कब ऑस्ट्रेलिया की उड़ान पकड़ेंगे और यह भी स्पष्ट नहीं है कि मुश्ताक अली ट्रॉफी में वह जम्मू कश्मीर के लिए कितने मैच खेल पाएंगे। हालांकि यह स्पष्ट है कि वह मेघालय के खिलाफ मैच के लिए उपलब्ध रहेंगे।
रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि एक अन्य नेट गेंदबाज कुलदीप सेन की ऑस्ट्रेलिया रवानगी में भी विलम्ब हुआ है। हालांकि यह अभी स्पष्ट नहीं है कि वह मंगलवार को राजकोट में राजस्थान के खिलाफ मुश्ताक अली ट्रॉफी में मध्य प्रदेश की तरफ से खेलेंगे या नहीं।
प्रारम्भ में मलिक, मोहम्मद सिराज और सेन को पर्थ में भारत के ट्रेनिंग ठिकाने के लिए छह अक्टूबर को भारतीय टीम के साथ उड़ान भरनी थी। सिराज को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए चुन लिया गया लेकिन मलिक वीजा मुद्दों के कारण उड़ान चूक गए।
मलिक और सेन के अन्य वैकल्पिक खिलाड़ियों के साथ 12 अक्टूबर को ऑस्ट्रेलिया रवाना होने की उम्मीद है।
अंतरराष्ट्रीय
ईरानी मीडिया का दावा ‘एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमला हुआ’, खोर्रमशहर के गवर्नर बोले ‘पाइपलाइन को बनाया निशाना’

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तेहरान, 24 मार्च : ईरानी मीडिया ने दावा किया है कि मंगलवार को दो गैस संयंत्रों और एक पाइपलाइन को निशाना बनाया गया। फार्स न्यूज एजेंसी के मुताबिक। यह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पावर इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमला न करने की टिप्पणी के बाद किया गया।
फार्स न्यूज एजेंसी ने कहा, “इजरायली और अमेरिकी दुश्मन के लगातार हमलों के तहत, इस्फहान में कावेह स्ट्रीट पर गैस एडमिनिस्ट्रेशन बिल्डिंग और गैस प्रेशर रेगुलेशन स्टेशन को निशाना बनाया गया।”
सेंट्रल ईरान में फैसिलिटी को हुए “थोड़े नुकसान” को रिपोर्ट करने वाला फार्स ईरान का अकेला न्यूज आउटलेट है। इसने कहा कि एक हमले में देश के दक्षिण-पश्चिम में खोर्रमशहर पावर प्लांट की गैस पाइपलाइन को भी निशाना बनाया गया।
फार्स ने इराक की सीमा से लगे शहर के गवर्नर के हवाले से बताया, “खोर्रमशहर गैस पाइपलाइन प्रोसेसिंग स्टेशन के बाहर के इलाके में एक प्रोजेक्टाइल गिरा।”
गवर्नर के हवाले से बताया कि ईरान के खोर्रमशहर पावर प्लांट की गैस पाइपलाइन को निशाना बनाकर किए गए हमले से प्लांट के ऑपरेशन में कोई रुकावट नहीं आई और न ही कोई नुकसान पहुंचा है।
सोमवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ पोस्ट में दावा किया कि उनके लोग मिडिल ईस्ट तनाव कम करने के लिए प्रयासरत हैं। ईरान के साथ सकारात्मक और रचनात्मक बातचीत जारी है। इसी को देखते हुए उन्होंने पांच दिनों तक ईरान के ऊर्जा संयंत्रों पर हमले न करने का निर्देश दिया है।
हालांकि इसके बाद ईरान का जवाब आया। ईरान ने कहा है कि वह मौजूदा संघर्ष में पीछे हटने वाला नहीं है। स्पष्ट कहा कि जब तक उसे हुए नुकसान की भरपाई नहीं होती, तब तक जंग जारी रहेगी।
ईरानी सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई के वरिष्ठ सैन्य सलाहकार मोहसिन रजेई ने कहा कि ईरान की शर्तें स्पष्ट हैं, सभी आर्थिक प्रतिबंध हटाए जाएं और अमेरिका भविष्य में उसके देश में दखलंदाजी नहीं करेगा इसकी ठोस गारंटी दी जाए।
अंतरराष्ट्रीय
मिडिल ईस्ट संकट का असर: मलेशिया पर्यटन विभाग तलाश रहा नया ट्रांजिट हब

कुआलालंपुर, 24 मार्च : मध्य एशिया में व्याप्त तनाव के बीच मलेशिया दूसरे ट्रांजिट रूट की तलाश में है। देश की सरकारी एजेंसी के अनुसार, पर्यटकों की आमद बरकरार रखने के लिए एशियाई मार्केट पर अपना फोकस बढ़ा रहा है।
देश की सरकारी एजेंसी ‘बरनामा’ ने सोमवार को मिनिस्ट्री ऑफ टूरिज्म, आर्ट्स एंड कल्चर के डिप्टी सेक्रेटरी जनरल (टूरिज्म), चुआ चून ह्वा के हवाले से बताया कि इस संघर्ष ने मिडिल ईस्ट के उन खास ट्रांजिट हब पर असर डाला है, जिनका इस्तेमाल पारंपरिक रूप से एशियाई इलाके में जाने वाले लंबी दूरी के यात्री करते थे। यही वजह है कि सरकार को आगंतुकों को ध्यान में रख दूसरे मार्गों का विकल्प देखना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा, “मिडिल ईस्ट में ट्रांजिट अभी कुछ हद तक रुका हुआ है, इसलिए हम इस स्थिति से निपटने के तरीकों पर विचार कर रहे हैं, जिसमें प्रभावित इलाकों से बचने के लिए दूसरे ट्रांजिट एयरपोर्ट का इस्तेमाल करना शामिल है।”
बरनामा की रिपोर्ट के हवाले से सिन्हुआ ने बताया कि चुआ ने कहा कि सरकार उन क्षेत्रीय मार्केट पर भी अपना फोकस बढ़ा रही है जिन पर इस संघर्ष का खास असर नहीं पड़ा है, खासकर एशिया के अंदर, ताकि ग्लोबल अनिश्चितता से होने वाले रिस्क को कम करने की एक बड़ी रणनीति का हिस्सा बन सके।
चुनौतियों के बावजूद, उन्होंने कहा कि मलेशिया का टूरिज्म आउटलुक पॉजिटिव बना हुआ है, और विजिट मलेशिया 2026 (वीएम2026) में सेट किया गया टारगेट अभी भी हासिल किया जा सकता है।
उनके मुताबिक, 2026 के पहले दो महीनों में मलेशिया आने वालों की संख्या में साल-दर-साल 30 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई, जिसे चीनी न्यू ईयर के दौरान मजबूत डिमांड का सपोर्ट मिला।
उन्होंने आगे कहा कि मार्च का डेटा अभी भी इकट्ठा किया जा रहा है, और अनुमानों में उसी हिसाब से बदलाव किया जा सकता है।
मिडिल ईस्ट में लड़ाई बढ़ने से तेल और गैस की सप्लाई में आई रुकावट को देखते हुए, दुनिया भर के देश फ्यूल बचाने और अपने लोगों के लिए लगातार एनर्जी एक्सेस पक्का करने के लिए कड़े कदम उठा रहे हैं।
इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (आईईए) के एक शीर्ष अधिकारी के अनुसार, पश्चिम एशिया में मौजूदा रुकावटों का असर 1970 के दशक में आए दो बड़े तेल संकटों और रूस के यूक्रेन पर हमला करने के बाद 2022 के नैचुरल गैस संकट के बराबर है।
एशिया, अफ्रीका और यूरोप के देशों ने कई खास कदम उठाए हैं, जिनमें सार्वजनिक छुट्टियों की संख्या बढ़ाना, वर्क-फ्रॉम-होम आदेश, फ्यूल राशनिंग और सीमित फ्यूल रिजर्व को बढ़ाने के लिए इंडस्ट्रियल शटडाउन शामिल हैं।
अंतरराष्ट्रीय
अमेरिका: मार्कवेन मुलिन अब होमलैंड सिक्योरिटी सचिव, सीनेट ने दी मंजूरी

वॉशिंगटन, 24 मार्च : अमेरिकी सीनेट ने डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (डीएचएस) सचिव पद के लिए सीनेटर मार्कवेन मुलिन के नामांकन को मंजूरी दे दी है। उन्होंने मुश्किलों में घिरी क्रिस्टी नोएम की जगह ली है।
वोटिंग में मुलिन के पक्ष में 54 और विरोध में 45 वोट पड़े। दिलचस्प बात यह रही कि एक रिपब्लिकन सीनेटर ने भी उनके खिलाफ वोट किया, जबकि दो डेमोक्रेट्स ने उनका समर्थन किया। मुलिन 2023 से सीनेट में काम कर रहे हैं, और हाउस में एक दशक तक ओक्लाहोमा राज्य का प्रतिनिधित्व किया है।
सिंहुआ न्यूज एजेंसी के अनुसार, उनके नामांकन की घोषणा 5 मार्च को ट्रंप ने की थी और इसे उनके दूसरे कार्यकाल का पहला बड़ा कैबिनेट बदलाव माना जा रहा है।
क्रिस्टी नोएम पर दोनों पार्टियों का दबाव बढ़ रहा था। जनवरी में मिनियापोलिस में फेडरल अधिकारियों द्वारा दो अमेरिकी नागरिकों—रेनी गुड और एलेक्स प्रेट्टी—की गोली मारकर हत्या के बाद स्थिति और गंभीर हो गई। इस घटना ने खासकर डेमोक्रेट्स को इमिग्रेशन एजेंसियों के कामकाज में बदलाव की मांग करने के लिए प्रेरित किया।
इसके अलावा, हाल ही में कांग्रेस की सुनवाई के दौरान नोएम की परफॉर्मेंस भी सवालों के घेरे में रही। 200 मिलियन डॉलर के एक विज्ञापन प्रोजेक्ट को लेकर भी उन्हें कड़ी आलोचना झेलनी पड़ी।
होमलैंड सिक्योरिटी विभाग इस समय फंडिंग और नीतिगत मतभेदों के कारण संकट में है। इमिग्रेशन नियमों को लेकर रिपब्लिकन-डेमोक्रेट्स में टकराव, फंडिंग बिल के बार-बार खारिज होने और जनवरी के अंत में (31 जनवरी से 3 फरवरी) आंशिक शटडाउन से स्थिति प्रतिकूल बनी हुई है।
कांग्रेस ने बाद में बाकी सरकारी एजेंसियों के लिए फंडिंग पास कर दी, लेकिन डीएचएस को केवल दो हफ्ते का अस्थायी फंड मिला, जिससे स्थिति और अनिश्चित बनी रही।
सीनेट द्वारा फंडिंग बिल पांचवीं बार खारिज किए जाने के बाद विभाग के कई अहम हिस्से प्रभावित हुए हैं, जैसे एयरपोर्ट सुरक्षा संभालने वाली टीएसए, कोस्ट गार्ड, और आपदा प्रबंधन एजेंसी एफईएमए। इन सेवाओं पर असर पड़ने से देश की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है।
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