राजनीति
सपा का प्रदर्शन: अखिलेश के घर पर पुलिस का पहरा, कार्यकर्ताओं से झड़प, लिए गए हिरासत में
समाजवादी पार्टी ने विधानमंडल सत्र से पहले बुधवार से 18 सितंबर तक हर रोज भाजपा सरकार के खिलाफ प्रदर्शन का निर्णय लिया है। इसी क्रम में आज प्रदर्शन से पहले ही सपा विधायकों के घर के बाहर पुलिस का पहरा लगा दिया गया है। प्रदेश कार्यालय से लेकर सपा प्रमुख अखिलेश यादव के आवास तक पुलिस का कड़ा पहरा लगा दिया। सपा नेताओं को घरों में कैद कर दिया गया। इससे नाराज कार्यकर्ता सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करने लगे।
पुलिस ने सभी को हिरासत में लेकर ईको गार्डन भेज दिया है। इस घटनाक्रम पर सपाइयों में आक्रोश है। सपा ने कहा कि विधायकों को घर से निकलने नहीं दिया जा रहा है। पार्टी ने इसकी घोर निंदा की है। वहीं अखिलेश यादव ने ट्वीट कर योगी सरकार पर हमला बोला है।
प्रदेश कार्यालय से लेकर सपा प्रमुख अखिलेश यादव के आवास तक बड़ी संख्या में पुलिस लगा दी गई। कार्यालय के बाहर सपाइयों और पुलिस के बीच झड़प भी हुई। पुलिस ने सपाइयों को हिरासत में लेकर ईको गार्डेन भेज दिया।
समाजवादी पार्टी ने ट्वीट कर कहा कि महंगाई, बेरोजगारी, ध्वस्त कानून व्यवस्था, भर्तियों में धांधली, स्वास्थ्य सेवाओं में भ्रष्टचार, गरीब के घरों पर चल रहे बुलडोजर, किसानों की दुर्दशा के मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगने आज विधानसभा जा रहे हैं। सपा विधायक लेकिन पुलिस सपा विधायकों को घरों से निकलने नहीं दे रही। घोर निंदनीय।
सपा के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल ने कहा कि हम शांति पूर्वक विधान भवन में जाकर धरना देना चाह रहे हैं। पुलिस ने हमको बताया कि आपको हाउस अरेस्ट किया गया है। रात 3:00 बजे से ही यहां पुलिस खड़ी की गई है। लोकल चौकी इंचार्ज ने बताया कि हाउस अरेस्ट हैं और कहीं नहीं जा सकते।
इसी तरह कई अन्य विधायकों और एमएलसी के घरों के बाहर भी पुलिस का सख्त पहरा है।
सपा विधायक रविदास मल्होत्रा ने कहा कि सपा ने विधानभवन में धरना करने की घोषणा की थी पर सरकार हमारी आवाज को दबाने के लिए पुलिस का इस्तेमाल कर रही है। पुलिसकर्मी बीती रात से ही मेरे घर के बाहर तैनात हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें मीडिया से बात करने से भी रोका गया।
वहीं लखनऊ कमिश्नर ने कहा कि लखनऊ में धरना-प्रदर्शन के लिए ईको गार्डेन चिन्हित है। विधानसभा पर धरने से लोगों को दिक्कत होती। धरने से सुरक्षा भी प्रभावित होती। उन्होंने कहा कि पुलिस हाईकोर्ट के निदेशरें का पालन कर रही है। ईको गार्डेन में धरना-प्रदर्शन करें कोई दिक्कत नहीं है।
दरअसल, समाजवादी पार्टी इस बार विधानसभा सत्र शुरू होने से पहले ही पांच दिन का धरना प्रदर्शन करने का ऐलान किया था। 14 सितंबर से 18 सितंबर तक विधान भवन में चरण सिंह की प्रतिमा के समक्ष पार्टी के विधानसभा व विधान परिषद सदस्य धरना देंगे। इस आंदोलन में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव भी एक दिन धरने पर बैठेंगे। लेकिन धरने से पहले पुलिस सक्रिय हो गई। नजरबंद की कार्रवाई शुरू हो गई। इस पर सपाइयों में आक्रोश है। सपा ने कहा कि विधायकों को घर से निकलने नहीं दिया जा रहा है। पार्टी ने इसकी घोर निंदा की है।
लखनऊ पुलिस ने बयान जारी कर कहा कि किसी भी सपा नेता को अरेस्ट नहीं किया गया है। सिर्फ विधानसभा की तरफ जाने से रोका गया था। अब सभी सपा नेताओं को ईको गार्डन की तरफ भेजा गया है।
राष्ट्रीय समाचार
राजस्थान: श्रद्धालुओं से भरी बस की ट्रक से टक्कर, 22 घायल

राजस्थान के टोंक जिले के नया गांव के पास नेशनल हाईवे 52 पर करीब 25 यात्रियों को ले जा रही बस एक ट्रक से टकराने के बाद कम से कम 22 लोग घायल हो गए।
पत्रकारों से बातचीत करते हुए हादसे में घायल एक महिला यात्री ने बताया कि वे दर्शन करने जा रहे थे, रास्ते में हादसा हो गया। एक और महिला यात्री ने बताया कि कोटा से स्वस्ति धाम दर्शन करने के लिए एक बस रवाना की गई थी। रास्ते में वह टकरा गई। हादसे के बाद सभी को अस्पताल में भर्ती कराया गया और सभी का इलाज चल रहा है। भगवान से प्रार्थना है कि जल्द से जल्द सभी ठीक हों और मां के दर्शन करें।”
कोटा की रहने वाली रेनू जैन ने बताया कि बस की टक्कर होने से कई लोग घायल हो गए हैं। कई लोग गंभीर रूप से चोटिल हो गए हैं।
यात्री मुकेश कुमार जैन ने बताया कि कोटा से मौजमाबाद दर्शन करने जा रहे थे। खड़े ट्रेलर से बस की टक्कर हो गई। बस में 25 लोग सवार थे, जिसमें से 22 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जबकि तीन लोगों को मामूली चोट लगी है। चालक की हालत गंभीर है।
एक और शख्स ने कहा कि हादसे में 22 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। सभी का उपचार किया जा चुका है। जिनको गंभीर चोटें लगी हैं, उनको जयपुर रेफर किया जा रहा है।
मामले की जानकारी देते हुए एक अधिकारी ने कहा कि मुझे टेलीफोन के माध्यम से जानकारी मिली थी कि यात्रियों से भरी एक बस का एक्सीडेंट हो गया है। सभी मंदिर में दर्शन करने जा रहे थे। सभी घायलों को वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है।
राष्ट्रीय समाचार
शिक्षा के मुद्दे पर छात्र आंदोलन दबाने की हर कोशिश नाकाम होगी : दीपांकर भट्टाचार्य

शिक्षा में भ्रष्टाचार, पेपर लीक, फीस वृद्धि, विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता पर कथित हमलों और छात्र आंदोलनों पर कार्रवाई के मुद्दे को लेकर भाकपा (माले) ने रविवार को केंद्र सरकार पर निशाना साधा। पार्टी के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा कि शिक्षा के सवाल पर देशभर में चल रहे छात्र आंदोलन को दबाने की हर कोशिश विफल होगी और यह आंदोलन लगातार व्यापक होता जा रहा है।
पटना के गांधी मैदान के समीप आईएमए हॉल में आयोजित प्रेस वार्ता में दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा कि शिक्षा का सवाल केवल छात्रों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह नई पीढ़ी और समाज के विभिन्न तबकों का साझा मुद्दा बन चुका है। उन्होंने दावा किया कि बिहार से लेकर दिल्ली तक छात्र, युवा, मजदूर और मेहनतकश वर्ग इस संघर्ष के साथ खड़े हैं।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया वीडियो बयान पर भी टिप्पणी करते हुए आरोप लगाया कि छात्रों को माफी देने की बात के बहाने रूढ़िवादी और पितृसत्तात्मक सोच को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एक 15 वर्षीय छात्रा तक को सुनियोजित तरीके से निशाना बनाया गया। उनके अनुसार, नई पीढ़ी के साथ खड़ा होना लोकतंत्र और शिक्षा व्यवस्था की रक्षा का प्रश्न है।
दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज का उल्लेख करते हुए दीपांकर भट्टाचार्य ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री के बाद अब गृह मंत्री की जवाबदेही भी तय होनी चाहिए। साथ ही आरोप लगाया कि मुकदमे वापस लेने की घोषणा के बावजूद आंदोलन से जुड़े सभी मामलों को वापस नहीं लिया जा रहा है, जो लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन है।
प्रेस वार्ता में मौजूद भाकपा (माले) विधायक संदीप सौरभ ने कहा कि देशभर के छात्र-युवाओं में केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ गहरा आक्रोश है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्र आंदोलन, विशेषकर छात्राओं को निशाना बनाकर कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। साथ ही बिहार के विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता समाप्त करने और फीस वृद्धि के जरिए गरीब छात्रों को उच्च शिक्षा से बाहर करने का आरोप लगाया।
आइसा के बिहार राज्य अध्यक्ष धनंजय, सचिव दीपांकर मिश्रा और उपाध्यक्ष सबा आफरीन ने कहा कि संगठन बिहार में शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग को लेकर आंदोलन जारी रखेगा।
उन्होंने स्नातक में 7.5 सीजीपीए की शर्त हटाने, पीएचडी फीस वृद्धि वापस लेने और नॉन-नेट फेलोशिप लागू करने की मांग दोहराई। साथ ही आरोप लगाया कि गांधी मैदान में शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान कई छात्रों और युवाओं के साथ पुलिस ने बर्बरता की तथा कई लोगों को बिना सूचना के हिरासत में रखा गया। उन्होंने कहा कि दमन की राजनीति का जवाब लोकतांत्रिक आंदोलन से दिया जाएगा।
राष्ट्रीय समाचार
भारत का कोयला उत्पादन जुलाई में 7.5 प्रतिशत बढ़कर 69.75 मिलियन टन रहा

भारत का कोयला उत्पादन जुलाई 2026 में सालाना आधार पर 7.51 प्रतिशत बढ़कर 69.75 मिलियन टन (प्रोविजनल) हो गया। इस वृद्धि में सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) के अधिक उत्पादन और पूरे क्षेत्र में लगातार दर्ज की गई बढ़ोतरी का अहम योगदान रहा। यह जानकारी केंद्रीय कोयला मंत्रालय ने रविवार को दी।
मंत्रालय के आधिकारिक बयान के अनुसार, जुलाई 2025 में देश का कोयला उत्पादन 64.88 मिलियन टन था।
जुलाई के दौरान कोयले का डिस्पैच भी बेहतर रहा और यह सालाना आधार पर 17.34 प्रतिशत बढ़कर 86.33 मिलियन टन (प्रोविजनल) पहुंच गया, जबकि पिछले वर्ष इसी महीने यह 73.57 मिलियन टन था।
मंत्रालय ने कहा कि उत्पादन और डिस्पैच में लगातार हो रही वृद्धि इस बात का प्रमाण है कि वह देश में कोयले की स्थिर आपूर्ति सुनिश्चित करने और पूरे क्षेत्र में परिचालन दक्षता बनाए रखने के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है।
चालू वित्त वर्ष के पहले चार महीनों में देश का संचयी कोयला उत्पादन 302.24 मिलियन टन (प्रोविजनल) रहा, जबकि संचयी कोयला डिस्पैच 354.70 मिलियन टन (प्रोविजनल) दर्ज किया गया। यह पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि की तुलना में 5.87 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है।
देश के कुल उत्पादन में सबसे बड़ा योगदान कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) का रहा। कंपनी ने जुलाई में 50.35 मिलियन टन कोयले का उत्पादन किया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 8.42 प्रतिशत अधिक है। वहीं, कंपनी ने जुलाई के दौरान 63.67 मिलियन टन कोयले का डिस्पैच किया, जो जुलाई 2025 की तुलना में 17.43 प्रतिशत ज्यादा रहा।
वित्त वर्ष 2026-27 की अप्रैल-जुलाई अवधि में सीआईएल का संचयी कोयला डिस्पैच भी पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि की तुलना में 6.81 प्रतिशत बढ़ा।
कोयला मंत्रालय ने कहा कि वह क्षेत्र में विकास की गति बनाए रखने, कोयले की उपलब्धता बढ़ाने और आयात पर भारत की निर्भरता कम करने के लिए प्रतिबद्ध है। उत्पादन और डिस्पैच में लगातार हो रही वृद्धि देश की आर्थिक प्रगति और ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने में कोयला क्षेत्र की अहम भूमिका को और सुदृढ़ करती है।
-
दुर्घटना11 months agoनागपुर विस्फोट: बाजारगांव स्थित सौर ऊर्जा संयंत्र में बड़ा विस्फोट; 1 की मौत, कम से कम 10 घायल
-
व्यापार6 years agoआईफोन 12 का उत्पादन जुलाई से शुरू होगा : रिपोर्ट
-
महाराष्ट्र1 year agoमीरा भयंदर हजरत सैयद बाले शाह बाबा की मजार को ध्वस्त करने का आदेश
-
महाराष्ट्र1 year agoईद 2025 पर डोंगरी में दंगे और बम विस्फोट की ‘चेतावनी’ के बाद मुंबई पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी
-
अपराध4 years agoभगौड़े डॉन दाऊद इब्राहिम के गुर्गो की ये हैं नई तस्वीरें
-
राजनीति1 year agoवक्फ संशोधन बिल लोकसभा में होगा पेश, भाजपा-कांग्रेस समेत कई पार्टियों ने जारी किया व्हिप
-
महाराष्ट्र1 year agoहाईकोर्ट ने मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोटिस जारी किया, मस्जिदों के लाउडस्पीकर विवाद पर
-
खेल1 year agoआईपीएल 2025 : शानदार रिकॉर्ड के नाम रहा एमआई और केकेआर का मैच, डेब्यूटेंट अश्विनी ने रचा इतिहास
