Connect with us
Sunday,13-September-2026
ताज़ा खबर

राष्ट्रीय

जगह की तलाश कर रहे स्टार्टअप्स के लिए एक हब के तौर पर उभर रहा गुरुग्राम

Published

on

भारत में कुल मिलाकर 61,400 स्टार्टअप और 83 यूनिकॉर्न हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 16 जनवरी को राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस की घोषणा के बाद यह संख्या लगातार बढ़ने वाली है। यह उस विश्वास को भी दर्शाता है जो सरकार को स्टार्टअप और यूनिकॉर्न पर है। इसे विश्वास है कि इसमें जीडीपी और रोजगार सृजन में योगदान के माध्यम से भारतीय अर्थव्यवस्था की गतिशीलता को बदलने की क्षमता है।

सरकार ने 2021 में 14,000 नए स्टार्टअप को मान्यता दी थी। जनवरी 2022 तक, भारत के 83 यूनिकॉर्न की वैल्यूएशन 277 अरब अमेरिकी डॉलर तक आंकी गई है। कई रिपोर्ट्स यह भी बताती हैं कि भारत में जल्द ही कम से कम 50 और यूनिकॉर्न देखने को मिलेंगे।

कोई आश्चर्य नहीं कि भारत अमेरिका और चीन के बाद दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बनकर उभरा है।

स्टार्टअप और यूनिकॉर्न लगातार विस्तार कर रहे हैं और उन्होंने रियल एस्टेट क्षेत्र में भी जबरदस्त नई ऊर्जा डाली है, क्योंकि वे अपने कर्मचारियों के लिए कार्यालय और आवासीय स्थान (रिजेडेंशियल स्पेस) दोनों की तलाश कर रहे हैं।

इसके अलावा, संस्थागत निवेश और एफडीआई में भी रियल एस्टेट क्षेत्र में निवेश में वृद्धि की प्रवृत्ति देखी जा रही है।

नवीनतम आर्थिक सर्वेक्षण 2021-22 के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र बेंगलुरु को पीछे छोड़ते हुए ‘भारत की नई स्टार्टअप राजधानी’ के रूप में उभरा है।

बेंगलुरु में 4,514 की तुलना में पिछले दो वर्षों में 5,000 से अधिक मान्यता प्राप्त स्टार्टअप दिल्ली-एनसीआर में स्थापित किए गए हैं।

चूंकि दिल्ली में जगह की कमी देखी जा रही है और किराया लगातार बढ़ रहा है, इसलिए अब गुरुग्राम स्टार्टअप्स और यूनिकॉर्न के लिए केंद्र बनकर उभरा है।

एक बार द्वारका एक्सप्रेसवे चालू हो जाने के बाद (2023 तक शुरू होने की संभावना है) गुरुग्राम, दिल्ली और दिल्ली अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के और भी करीब हो जाएगा। इसके बाद गुरुग्राम में मांग को और बढ़ावा मिलेगा।

एम3एम इंडिया के निदेशक पंकज बंसल रियल एस्टेट क्षेत्र में एक जाना पहचाना नाम है, जिन्होंने पहले कहा था कि जिस तरह से गुरुग्राम बढ़ रहा है और जिस तरह से द्वारका एक्सप्रेसवे आकार ले रहा है, इसमें कोई संदेह नहीं कि गुरुग्राम रियल्टी निवेशकों, विशेष रूप से स्टार्टअप्स और यूनिकॉर्न्‍स के लिए पसंदीदा विकल्प के रूप में उभरेगा।

एक बार द्वारका एक्सप्रेसवे चालू हो जाने के बाद, गुरुग्राम में रियल एस्टेट क्षेत्र में निवेश रुकने वाला नहीं है। गुरुग्राम में 250 से ज्यादा फॉर्च्यून-500 कंपनियां कमर्शियल स्पेस पर कब्जा कर रही है।

नई परियोजनाओं का निर्माण कंपनियों द्वारा आवश्यक सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए किया जा रहा है और आवासीय परियोजनाओं के लिए भी यही नीति लागू की जा रही है।

एम3एम इंडिया, गुरुग्राम में अग्रणी रियल-एस्टेट डेवलपर में से एक रहा है और शहर के विकास में एक बड़ा योगदानकर्ता रहा है।

एम3एम इंडिया ने 10 वर्षों में लगभग 40 प्रोजेक्ट डेवलप किए हैं, जो कुल मिलाकर 2 करोड़ वर्ग फीट है, जिसमें गुरुग्राम में 40 लाख वर्ग फीट का रिटेल स्पेस शामिल है। एम3एम गोल्फ एस्टेट और एम3एम ट्रम्प टावर्स विकास के उस स्तर की गवाही दे रहे हैं, जिसे गुरुग्राम ने रियल्टी क्षेत्र में देखा है।

दिल्ली-एनसीआर एसपीआर और एनपीआर में विस्तार कर रहा है और गुरुग्राम आवासीय और वाणिज्यिक दोनों जगहों में पर्याप्त निवेश आकर्षित कर रहा है। कई राष्ट्रीय और बहुराष्ट्रीय कंपनियों ने गुरुग्राम में कार्यालय की जगह और आवासीय स्थान पर अपना कब्जा किया है और यह प्रवृत्ति बढ़ती जा रही है। एसपीआर और एनपीआर के माध्यम से दिल्ली-एनसीआर का विस्तार एक संकेत है कि रियल एस्टेट में निवेश की मांग बढ़ रही है और डेवलपर्स को अचल संपत्ति की मांग में इस तरह की वृद्धि से निपटने के लिए तैयार रहने की जरूरत है।

रियल-एस्टेट क्षेत्र स्थिर गति से चल रहा है और इसके 2025 तक भारत के सकल घरेलू उत्पाद में लगभग 13 प्रतिशत का योगदान करने की उम्मीद है। इसके अलावा यह 2030 तक 1 खरब अमेरिकी डॉलर के बाजार के आकार तक पहुंचने के लिए पूरी तरह तैयार है।

रिपोर्ट में यह भी भविष्यवाणी की गई है कि रियल एस्टेट क्षेत्र में 2040 तक 9.30 अरब अमेरिकी डॉलर (65,000 करोड़ रुपये) की बाजार वृद्धि देखी जाएगी।

राजनीति

असम के आदर्श विद्यालयों से बच्चों को मिल रहा ‘बेस्ट’ जैसा माहौल : हिमंता बिस्वा सरमा

Published

on

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि उनकी सरकार ने आदर्श विद्यालय पहल के जरिए राज्य में सरकारी स्कूलों की पूरी सोच ही बदल दी है। इन स्कूलों में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और सुविधाएं दी जा रही हैं, ताकि छात्रों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।

मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि आदर्श विद्यालय सिर्फ नई इमारतें नहीं हैं, बल्कि इन्हें एक पूरे शैक्षिक इकोसिस्टम के रूप में विकसित किया गया है, जहां छात्रों को बड़े और नामी स्कूलों जैसी सुविधाएं मिल सकें।

उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा, “हमने असम में सरकारी स्कूल का मतलब ही बदल दिया है। आदर्श विद्यालय सिर्फ नई इमारतें नहीं हैं।”

मुख्यमंत्री ने इन स्कूलों में बनाई जा रही सुविधाओं के बारे में भी बताया। इनमें स्मार्ट क्लासरूम, साइंस और कंप्यूटर लैब, लाइब्रेरी और खेल के मैदान शामिल हैं।

उन्होंने कहा, “स्मार्ट क्लासरूम, साइंस और कंप्यूटर लैब, लाइब्रेरी, खेल के मैदान, एक ऐसा इकोसिस्टम जहां किसी भी ब्लॉक का बच्चा बेस्ट स्कूलों के बच्चों के साथ मुकाबला कर सके।”

उनके मुताबिक इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि बच्चे चाहे किसी भी ब्लॉक या इलाके से आते हों, उन्हें देश के बेहतरीन शिक्षण संस्थानों के छात्रों के साथ प्रतिस्पर्धा करने का मौका मिले।

आदर्श विद्यालय कार्यक्रम असम सरकार की सरकारी स्कूल शिक्षा को मजबूत करने की कोशिशों में से एक है। इसके तहत बुनियादी ढांचे में सुधार और छात्रों के लिए बेहतर शैक्षणिक माहौल बनाया जा रहा है, खासकर ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में।

इस पहल के तहत मॉडल स्कूल बनाए जा रहे हैं जो आधुनिक पढ़ाई-लिखाई की सुविधाओं से लैस हैं। सिर्फ बिल्डिंग ही नहीं, बल्कि ऐसा माहौल तैयार किया जा रहा है जो बच्चों के शैक्षणिक विकास, एक्स्ट्रा करिकुलर एक्टिविटी और उनके एक्सपोजर को बढ़ावा दे।

सरकार राज्य के जिलों में आदर्श विद्यालयों का नेटवर्क लगातार बढ़ा रही है, ताकि स्कूल शिक्षा के बुनियादी ढांचे को अपग्रेड किया जा सके और सभी को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुंच मिल सके।

यह पहल असम में सरकारी स्कूलों को आधुनिक बनाने और राज्य के अलग-अलग हिस्सों के छात्रों के बीच शिक्षा के अवसरों में जो असमानता है, उसे कम करने के लिहाज से भी अहम है।

मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि फोकस इस बात पर है कि सरकारी स्कूल में पढ़ने वाला बच्चा भी बेहतर संसाधनों वाले संस्थानों के छात्रों के बराबर खड़ा होकर मुकाबला करने की सोच सके।

मुख्यमंत्री की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब असम सरकार राज्य भर में शिक्षा के बुनियादी ढांचे का विस्तार और आधुनिकीकरण कर रही है। आदर्श विद्यालय मॉडल का मकसद सरकारी स्कूलों को बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और आधुनिक शिक्षण सुविधाओं के साथ छात्रों और अभिभावकों के लिए अधिक आकर्षक बनाना है।

सरकार अपनी बड़ी शिक्षा सुधार योजना के तहत स्कूलों में लैब, डिजिटल लर्निंग और दूसरी सुविधाओं को मजबूत करने पर भी ध्यान दे रही है। आदर्श विद्यालय पहल के जरिए सरकार सरकारी स्कूलों को सिर्फ बुनियादी शिक्षा देने वाले संस्थान के बजाय एक आधुनिक लर्निंग स्पेस के रूप में स्थापित करना चाहती है, जो छात्रों को आगे की पढ़ाई और प्रतिस्पर्धी अवसरों के लिए तैयार कर सके।

Continue Reading

राष्ट्रीय

सुप्रीम कोर्ट में अभिषेक बनर्जी के पीए की जमानत याचिका पर सुनवाई, राज्य सरकार ने किया विरोध

Published

on

सालबोनी जमीन मामले में पश्चिम बंगाल सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी के निजी सहायक (पीए) सुमित रॉय से हिरासत में पूछताछ की मांग की है।

सरकार का कहना है कि जांच के दौरान सुमित रॉय से जुड़े खातों में करीब 15 करोड़ नकद जमा होने की जानकारी सामने आई है। अब जांच टीम यह पता करना चाहती है कि यह पैसा कहां से आया और इसका जमीन के मामले से कोई संबंध है या नहीं।

सुमित रॉय की अग्रिम जमानत की मांग वाली याचिका पर गुरुवार को भी सुनवाई जारी रहेगी।

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि सुमित रॉय से पूछताछ के दौरान बैंक खातों में जमा बड़ी रकम के बारे में सवाल किए गए थे। सरकार के मुताबिक, बैंक रिकॉर्ड और पेन से यह रकम सुमित रॉय से जुड़ी होने की बात सामने आई है।

सरकार ने यह भी बताया कि 17 जून 2021 को करीब 71 लाख जमा किए गए थे। यह वही समय था जब जमीन से जुड़े कथित लेन-देन की जांच चल रही थी। सरकार का कहना है कि इन पैसों के बारे में पूरी जानकारी लेने के लिए सुमित रॉय से हिरासत में पूछताछ जरूरी है।

सुमित रॉय की ओर से वरिष्ठ वकील गोपाल शंकरनारायण ने सरकार की दलीलों का विरोध किया। उन्होंने कहा कि इन पैसों को लेकर पहले ही सफाई दी जा चुकी है। उनके मुताबिक, यह रकम पार्टी की सदस्यता फीस और चंदे से जुड़ी थी। वकील ने कहा कि सुमित रॉय का काम ही पार्टी से मिलने वाली रकम को जमा करना और उसके चालान को जमा करना था।

Continue Reading

राजनीति

राहुल गांधी पर मानहानि मामले में सुप्रीम कोर्ट का जल्द सुनवाई से इनकार, सीजेआई बोले-हमारे सामने सब बराबर

Published

on

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ चल रहे मानहानि मामले में जल्द सुनवाई की मांग पर सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को इंकार कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हमारे सामने सब बराबर हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने शिकायतकर्ता को मामले की शीघ्र सुनवाई के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन दाखिल करने को कहा है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने भरोसा दिया कि आवेदन मिलने के बाद उस पर विचार किया जाएगा।

चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ के समक्ष शिकायतकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता गौरव भाटिया पेश हुए। उन्होंने अदालत को बताया कि राहुल गांधी इस मामले में कोई वीआईपी नहीं हैं और उनकी अपील करीब पांच महीने से सुनवाई के लिए लंबित है।

उन्होंने कहा कि मामला कई बार सूची में आया लेकिन किसी कारण से सुनवाई नहीं हो सकी। गौरव भाटिया ने दलील दी कि बार-बार मामले की सुनवाई टलना संस्थान के लिए भी उचित नहीं है। इस पर सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि मामले में तय प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए। आवेदन मिलने के बाद वह उस पर विचार करेगा।

बता दें कि यह मामला दिसंबर 2022 में राहुल गांधी की ओर से दिए गए एक बयान से जुड़ा है। भारत-चीन सीमा पर हुई झड़प को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाते हुए राहुल गांधी ने दावा किया था कि चीनी सैनिक अरुणाचल प्रदेश में भारतीय सेना के जवानों को पीट रहे हैं। उनके इस बयान पर बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन के पूर्व डायरेक्टर उदय शंकर श्रीवास्तव ने शिकायत दर्ज कराई थी।

शिकायत में आरोप लगाया गया कि राहुल गांधी का बयान भारतीय सेना के लिए अपमानजनक है और इससे सेना की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है। इसी मामले में लखनऊ की अदालत ने राहुल गांधी को पेश होने के लिए समन जारी किया था।

समन को चुनौती देते हुए राहुल गांधी ने इलाहाबाद हाईकोर्ट का रुख किया था। हालांकि, हाईकोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी। इसके बाद राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दाखिल की। सुप्रीम कोर्ट ने पहले मामले में आगे की कार्रवाई पर रोक लगाई थी।

Continue Reading
Advertisement
राजनीति12 hours ago

राष्ट्रपति मुर्मु ने ईरानी समकक्ष पेजेश्कियन से की मुलाकात, स्थायी शांति के लिए भारत की प्रतिबद्धता दोहराई

राष्ट्रीय समाचार13 hours ago

भारत में एथेनॉल आपूर्ति 895 करोड़ लीटर पहुंची, अनाज-आधारित स्रोतों की हिस्सेदारी करीब 70 प्रतिशत: इंडस्ट्री डेटा

अपराध14 hours ago

मुंबई में “एमडी” और “एमडीएमए प्लस” ड्रग्स की तस्करी करने वाला आरोपी गिरफ्तार।

व्यापार15 hours ago

सेबी ने डेरिवेटिव्स सेटलमेंट और सीएएस फ्रेमवर्क में बदलाव का दिया प्रस्ताव

मनोरंजन16 hours ago

बिग बॉस 20 में काजी तौकीर ने की अरिजीत सिंह की तारीफ, बोले-वो बंदा मेरी जान है

व्यापार18 hours ago

कच्चे तेल में तेजी से 6.5 प्रतिशत के ऊपर जा सकती है महंगाई दर, आरबीआई को बढ़ानी चाहिए रेपो रेट: एसबीआई रिसर्च

मनोरंजन19 hours ago

अरहान खान ने गिनाईं बिग बॉस 13 की खूबियां, बोले-जितना ज्यादा दिखोगे, उतना ज्यादा बिकोगे

अंतरराष्ट्रीय समाचार19 hours ago

चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए 7 साल बाद आ रहे भारत

राजनीति19 hours ago

पीएम मोदी और इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद ने हैदराबाद हाउस में की द्विपक्षीय बैठक

राजनीति19 hours ago

तमिलनाडु सीएम विजय लंदन में सिल्वरस्टोन कार रेस को दिखाएंगे हरी झंडी, अभिनेता अजित कुमार से करेंगे मुलाकात

महाराष्ट्र1 week ago

आगरीपाड़ा पुलिस में रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट को लेकर हंगामा, बिल्डर के खिलाफ धरना

खेल2 weeks ago

प्रीमियर लीग: फर्नांडीस की हैट्रिक, मैनचेस्टर यूनाइटेड ने इप्सविच को 5-2 से हराया

अंतरराष्ट्रीय समाचार2 weeks ago

जापान: 11 साल बाद जन्मदर में मामूली सुधार, इस साल छह महीने में 3.42 लाख बच्चों का जन्म

अपराध1 week ago

अग्रीपाड़ा में घरेलू विवाद के बाद 19 वर्षीय युवक ने पत्नी की हत्या कर की खुदकुशी

खेल1 week ago

पहली बार भारत और जापान के बीच खेला जाएगा टी20 इंटरनेशनल मुकाबला, बीसीसीआई ने किया ऐलान

राष्ट्रीय समाचार4 weeks ago

सरकारी योजनाओं के दम पर भारतीय विनिर्माण क्षेत्र की रफ्तार मजबूत, 10.88 प्रतिशत सीएजीआर से बढ़ रहा मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर

राष्ट्रीय समाचार1 week ago

भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 11.475 बिलियन डॉलर बढ़कर ऑल-टाइम हाई 740.803 बिलियन डॉलर पर पहुंचा

खेल3 weeks ago

दूसरा टेस्ट: बल्लेबाजी के दौरान पंत की कलाई पर लगी चोट, छोड़ना पड़ा मैदान

राजनीति3 weeks ago

तमिलनाडु: दो दिन अवकाश के बाद फिर शुरू होगी विधानसभा की कार्यवाही, छह विभागों के अनुदान पर होगी चर्चा

व्यापार2 weeks ago

सोने में बड़ी तेजी की संभावना, बुल केस में साल के अंत तक 5,600 डॉलर और चांदी 120 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकती है: रिपोर्ट

रुझान