अंतरराष्ट्रीय
क्लाउड अब किसी भी उद्यम की मूलभूत रीढ़ है : एचसीएल टेक सीटीओ
एचसीएल टेक्नोलॉजीज में पारिस्थितिक तंत्र के मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी (सीटीओ) और प्रमुख, कल्याण कुमार ने कहा है कि महामारी अधिकांश उद्यमों की डिजिटल परिवर्तन यात्रा को तेज कर रही है। सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अब व्यावसायिक तकनीक बन गई है, जिसे कंपनियों को उनकी क्लाउड यात्रा में मदद करने के लिए एक अलग ²ष्टिकोण और कौशल-सेट की आवश्यकता है। उत्पाद और प्रौद्योगिकी रणनीति में सक्रिय रूप से शामिल कुमार मुख्य उत्पाद अधिकारी भी हैं और एचसीएल के लिए सभी क्लाउड और टेक ओईएम पारिस्थितिकी तंत्र व्यापार इकाइयों को देखते हैं। उन्होंने कहा कि ‘टेकेड’ में आगे रहने के लिए, कंपनियों को नए जमाने की पांच प्रमुख तकनीकों को अपनाने की जरूरत है।
कुमार ने आईएएनएस से कहा, “हमने व्यापार प्रौद्योगिकी के युग में प्रवेश किया है, क्योंकि सूचना प्रौद्योगिकी केवल क्लाउड के युग में उद्यमों के पैमाने की मदद करने के लिए पर्याप्त नहीं है। कर्व (समय) से आगे रहने के लिए, सभी आकार की कंपनियों को पांच प्रमुख उन्नत तकनीकों को अपनाने की जरूरत है।”
उनके अनुसार पांच प्रमुख प्रौद्योगिकियां – डिस्ट्रीब्युटेड क्लाउड, हाइपर स्केल कनेक्टिविटी, रिस्पपांसिबल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), क्वांटम कंप्यूटिंग और मेटावर्स हैं।
हाल के व्यवधानों (मुख्य रूप से महामारी से) ने एक वितरित कार्यबल की बढ़ती मांगों के साथ उद्यम क्लाउड परिवर्तनों को काफी तेज कर दिया है। जैसे-जैसे उद्यम नेटवर्क बढ़ता जा रहा है, आईटी टीमों को विभिन्न वातावरणों में बढ़ती जटिलता का सामना करना पड़ता है।
कुमार के अनुसार, एक मजबूत वितरित नेटवर्क क्लाउड रणनीति पूरे उद्यम में परिवर्तनों को तेजी से ट्रैक कर सकती है।
डिजिटल फाउंडेशन (इन्फ्रा एंड प्लेटफॉर्म मॉडर्नाइजेशन) के ग्लोबल प्रैक्टिस/एसबीयू लीडर कुमार ने कहा, “अन्य आगामी प्रौद्योगिकियां जो उद्योग के भविष्य को साझा करेंगी, उनमें ब्लॉकचैन, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी), 3डी प्रिंटिंग और मजबूत साइबर रक्षा नेटवर्क शामिल है।”
एचसीएल ने हाल ही में पिछले साल एंटरप्राइज क्लाउड ट्रांसफॉर्मेशन में तेजी लाने के लिए एक समर्पित एडब्ल्यूएस बिजनेस यूनिट लॉन्च की थी।
कुमार के अनुसार, किसी भी आधुनिक उद्यम के लिए क्लाउड में माइग्रेट करते समय फ्लेक्सिबिलिटी, मापनीयता और विश्वसनीयता की आवश्यकता अनिवार्य है।
कुमार ने कहा, “हमारे कौशल और विशेषज्ञता (एडब्ल्यूएस) क्लाउड-आधारित उत्पाद डिजिटल परिवर्तन की योजना बनाने और क्लाउड-देशी यात्रा शुरू करने में उद्यमों की मदद करते हैं।”
एचसीएल के भीतर समर्पित व्यावसायिक इकाई एडब्ल्यूएस इंजीनियरिंग, समाधान और व्यावसायिक टीमों द्वारा समर्थित है।
कुमार ने कहा, “नई व्यावसायिक इकाई व्यवसायों को उनकी विरासत प्रणालियों और मेनफ्रेम एप्लीकेशन्स को आधुनिक बनाने और क्लाउड प्रौद्योगिकियों को मजबूती से अपनाने में मदद कर रही है जो दक्षता को बढ़ावा देती हैं, उद्देश्यों को प्राप्त करती हैं और नियामक अनुपालन को पूरा करती हैं, जबकि सभी एडब्ल्यूएस पर एसएपी वर्कलोड को माइग्रेट और प्रबंधित करते हैं।”
क्लाउड के इस्तेमाल में नाटकीय बदलाव आया है। 90 प्रतिशत से अधिक उद्यम पहले से ही अपने उद्यम में एक या एक से अधिक सार्वजनिक क्लाउड का लाभ उठा रहे हैं।
कुमार ने जोर देकर कहा, “एडब्ल्यूएस बिजनेस यूनिट प्रभावी इकोसिस्टम बनाने के लिए क्लाउड डिलीवरी के हर पहलू की सेवा में हमारी एचसीएलक्लाउडस्मार्ट रणनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो हमारे ग्राहकों को अपने प्रतिस्पर्धियों से आगे रहने में मदद करता है।”
उन्होंने कहा, “एडब्ल्यूएस के साथ हमारे व्यापक संबंधों का लाभ उठाते हुए, एडब्ल्यूएस बिजनेस यूनिट डिजिटल, सांस्कृतिक और ग्राहक-केंद्रित परिवर्तनों को चलाने के लिए दोनों कंपनियों की पेशकश का सबसे अच्छा तालमेल बिठाती है।”
इकाई उद्यम ग्राहकों को बड़े पैमाने पर आधुनिकीकरण और माइग्रेट करने, लागत लाभ बनाए रखने और अनुकूली क्लाउड स्मार्ट पोर्टफोलियो बनाने में एचसीएल के अनुभव और विशेषज्ञता और एडब्ल्यूएस की सेवाओं की गहराई और व्यापकता और तेजी से नवाचार के संयोजन द्वारा प्रयोग पर ध्यान केंद्रित करने में मदद कर रही है।
एचसीएल एक वैश्विक सिस्टम इंटीग्रेटर (जीएसआई) और एक स्वतंत्र सॉफ्टवेयर विक्रेता (आईएसवी) दोनों के रूप में, क्लाउड-केंद्रित पारिस्थितिकी तंत्र और उत्पाद नवाचार रणनीति के साथ उद्यमों की मदद करने के लिए विशिष्ट रूप से स्थित है।
कुमार के अनुसार, क्लाउड अब किसी भी उद्यम की मूलभूत रीढ़ है।
कुमार ने कहा, “नई दुनिया एक चुनौती पेश करती है कि व्यवसाय भविष्य में कैसे आगे बढ़ सकते हैं, कई कारकों और आयामों को ध्यान में रखते हुए जो मौजूदा उच्च-प्रदर्शन कंप्यूटिंग संसाधनों की सीमाओं को बढ़ाते हैं। महामारी ने हमारे काम करने के तरीके को बदल दिया है। दौड़ में आगे रहने के लिए नई रणनीति अपनाने का समय है।”
व्यापार
आईओसीएल में अप्रेंटिस के 58 पदों पर आवेदन जारी, युवाओं के पास 18 अक्टूबर तक अवसर

इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) में नौकरी करने से अपने शानदार पेशेवर करियर की शुरुआत करने की इच्छा रखने वाले युवाओं के लिए एक बेहतरीन मौका सामने आया है। दरअसल, आईओसीएल ने अपनी बोंगाईगांव रिफाइनरी यूनिट में विभिन्न ट्रेड/विषय के आधार पर अप्रेंटिस के कुल 58 पदों पर पात्र उम्मीदवारों की नियुक्ति के लिए एक आधिकारिक अधिसूचना जारी की है।
आईओसीएल की ओर से जारी 58 रिक्तियों में ट्रेड अप्रेंटिस – अटेंडेंट ऑपरेटर (केमिकल प्लांट), डिसिप्लिन – केमिकल के 36; ट्रेड अप्रेंटिस (बॉयलर), विषय – मैकेनिकल के 14 और टेक्नीशियन अप्रेंटिस, विषय – इंस्ट्रूमेंटेशन के 8 पद शामिल हैं।
अप्रेंटिस के इन सभी पदों के लिए ऑनलाइन माध्यम से आवेदन प्रक्रिया 28 सितंबर के सुबह 10 बजे से जारी है और अप्लाई करने की अंतिम तिथि 18 अक्टूबर तक तय की गई है। एप्लीकेशन फॉर्म भरने के इच्छुक उम्मीदवार एनएपीएस/एनएटीएस पोर्टल पर रजिस्टर्ड होने के बाद आईओसीएल की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर तय अंतिम तिथि की शाम 5 बजे तक या उससे पहले अपनी रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी कर सकते हैं।
आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों के पास किसी मान्यता प्राप्त संस्थान या विश्वविद्यालय से ट्रेड अप्रेंटिस पदों के लिए 3 वर्ष का बीएससी (गणित, भौतिकी, रसायन विज्ञान या औद्योगिक रसायन विज्ञान) और टेक्नीशियन अप्रेंटिस के लिए इंस्ट्रूमेंटेशन इंजीनियरिंग/इंस्ट्रूमेंटेशन और इलेक्ट्रॉनिक्स/इंस्ट्रूमेंटेशन और कंट्रोल इंजीनियरिंग/एप्लाइड इलेक्ट्रॉनिक्स और इंस्ट्रूमेंटेशन इंजीनियरिंग में 3 वर्ष का डिप्लोमा होना चाहिए।
आवेदकों की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु 24 वर्ष तय की गई है, जिसकी गणना 30 सितंबर 2026 के आधार पर की जाएगी। वहीं, आरक्षित श्रेणी से आने वाले कैंडिडेट्स को नियमानुसार अधिकतम आयु सीमा में छूट दी जाएगी।
योग्य अभ्यर्थियों का चयन आवेदनों की जांच, मेरिट सूची के आधार पर शॉर्टलिस्टिंग, दस्तावेज सत्यापन और मेडिकल फिटनेस के आधार पर किया जाएगा, जिसके बाद चयनित कैंडिडेट्स को स्टाइपेंड आईओसीएल के नियमों के अनुसार दी जाएगी।
कैंडिडेट्स ध्यान दें कि प्रशिक्षण की अवधि पद के अनुसार 12 से 24 माह के बीच होगी। वहीं, दस्तावेज सत्यापन की संभावित तिथि 4 से 6 नवंबर 2026 होगी।
अंतरराष्ट्रीय समाचार
मिल्वौकी में जुटेंगे जी20 के व्यापार मंत्री, जबरन मजदूरी से लेकर वैश्विक व्यापार नियमों तक होगी चर्चा

अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर अगले हफ्ते अमेरिका के मिल्वौकी में जी20 देशों के व्यापार मंत्रियों की मेजबानी करेंगे। इस बैठक में जबरन मजदूरी, खाने-पीने की चीजों का व्यापार, जरूरत से ज्यादा औद्योगिक उत्पादन और वैश्विक व्यापार व्यवस्था के एक अहम नियम में संभावित बदलाव जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी।
अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय (यूएसटीआर) की ओर से शुक्रवार को जारी कार्यक्रम के मुताबिक, यह मंत्रिस्तरीय बैठक 29 सितंबर से एक अक्टूबर तक चलेगी।
ग्रीर वैश्विक सप्लाई चेन से जबरन मजदूरी को खत्म करने और जरूरत से ज्यादा उत्पादन तथा औद्योगिक क्षमता से जुड़ी समस्याओं पर बातचीत की अगुवाई करेंगे। इस बैठक में भारत की ओर से वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल हिस्सा लेंगे।
मंत्री ‘मोस्ट-फेवर्ड-नेशन’ के सिद्धांत को अपडेट करने पर भी चर्चा करेंगे। इसके अलावा खाने-पीने की चीजों के व्यापार को दबाव बनाने के हथियार के तौर पर इस्तेमाल करने के मुद्दे पर भी बातचीत होगी, जिसे यूएसटीआर व्यापार का हथियार बनाना बताया है।
‘मोस्ट-फेवर्ड-नेशन’ सिद्धांत के तहत विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के किसी सदस्य देश को अगर वह किसी दूसरे सदस्य देश को कोई खास व्यापारिक फायदा देता है, तो आमतौर पर वही फायदा दूसरे डब्ल्यूटीओ सदस्य देशों को भी देना होता है। हालांकि, डब्ल्यूटीओ के नियमों के तहत इसके कुछ अपवाद भी हैं।
यूएसटीआर की ओर से जारी जानकारी में यह नहीं बताया गया कि अमेरिका एमएफएन सिद्धांत में किस तरह के बदलाव का प्रस्ताव मिल्वौकी की बैठक में रख सकता है।
कार्यक्रम की शुरुआत मंगलवार शाम ‘बिज़नेस राउंडटेबल’ और ‘नेशनल एसोसिएशन ऑफ मैन्युफैक्चरर्स’ की ओर से आयोजित स्वागत कार्यक्रम से होगी। बुधवार सुबह औपचारिक कार्यक्रम की शुरुआत ‘ग्लोबल फोरम ऑन स्टील एक्सेस कैपेसिटी’ की मंत्रिस्तरीय बैठक से होगी।
स्टील उत्पादन और जरूरत से ज्यादा औद्योगिक क्षमता हाल के समय में अंतरराष्ट्रीय व्यापार के बड़े विवादों में शामिल रही है। अमेरिका बार-बार कहता रहा है कि जरूरत से ज्यादा उत्पादन से उसके घरेलू उद्योगों और कामगारों पर दबाव पड़ता है।
स्टील से जुड़ी बैठक के बाद ग्रीर और दूसरे देशों के मंत्री मिल्वौकी में ‘रॉकवेल ऑटोमेशन’ की एक फैसिलिटी का दौरा करेंगे। यूएसटीआर के मुताबिक, वे फैक्ट्री के अंदर जाकर कामगारों और उद्योग के अधिकारियों से मुलाकात करेंगे।
इस दौरे के जरिए ट्रंप प्रशासन अपने इस दावे को सामने रखना चाहता है कि उसकी व्यापार नीति अमेरिका में औद्योगिक उत्पादन को दोबारा बढ़ाने और सप्लाई चेन को मजबूत करने में मदद कर रही है।
बुधवार दोपहर जी20 व्यापार मंत्रियों की पहली औपचारिक बैठक में ग्रीर शुरुआती संबोधन देंगे। उसी शाम अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय और अमेरिकी कृषि विभाग विदेशी प्रतिनिधिमंडलों के लिए स्वागत डिनर का आयोजन करेंगे। मुख्य मंत्रिस्तरीय बातचीत गुरुवार को होगी। इसमें सुबह का एक सत्र दोपहर एक बजे तक चलेगा और दूसरा सत्र दोपहर बाद होगा। इन दोनों सत्रों के बीच ग्रीर की एक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी तय है।
व्यापार
भारतीय शेयर बाजार कमजोर वैश्विक संकेतों से लाल निशान में खुला, फाइनेंशियल स्टॉक्स पर दबाव

कमजोर वैश्विक संकेतों से भारतीय शेयर बाजार गुरुवार को लाल निशान में खुला। सुबह 9:17 पर सेंसेक्स 628 अंक या 0.84 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 74,199 और निफ्टी 207 अंक या 0.88 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23,299 पर था।
शुरुआती कारोबार में गिरावट का नेतृत्व फाइनेंशियल स्टॉक्स कर रहे थे। निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज और निफ्टी प्राइवेट बैंक करीब 2-2 प्रतिशत की कमजोरी के साथ लूजर्स थे। निफ्टी सर्विसेज, निफ्टी मेटल, निफ्टी कमोडिटीज, निफ्टी इन्फ्रा, निफ्टी रियल्टी, निफ्टी ऑयल एंड गैस और निफ्टी कंजप्शन और निफ्टी एनर्जी के साथ करीब सभी सूचकांक लाल निशान में थे।
सेंसेक्स पैक में टेक महिंद्रा, सन फार्मा, एचसीएल टेक, टीसीएस और इन्फोसिस गेनर्स थे। बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व, एक्सिस बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, इंडिगो, एचडीएफसी बैंक, एशियन पेंट्स, एशियन पेंट्स, एचडीएफसी बैंक, ट्रेंट, एलएंडटी, पावर ग्रिड, टाटा स्टील, एमएंडएम, भारती एयरटेल और इटरनल लूजर्स थे।
लार्जकैप के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप में कमजोरी के साथ कारोबार हो रहा था। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 606 अंक या 0.97 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 61,808 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 147 अंक या 0.74 प्रतिशत की गिरावट के साथ 19,844 पर था।
एक्सपर्ट्स ने कहा कि ब्रेंट क्रूड की कीमत का 102 डॉलर प्रति बैरल के पार जाना और यूएस के 10-साल के बॉन्ड यील्ड का बढ़कर 5.11 प्रतिशत हो जाना बाजार के लिए नकारात्मक है। जब तक ये दो ग्लोबल चुनौतियां बनी रहेंगी, तब तक मार्केट में तेजी से रिकवरी की संभावना कम ही दिखती है। हाल के मार्केट ट्रेंड में मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों पर लगातार फोकस बना हुआ है। इन सेगमेंट में ग्रोथ शेयरों में लगातार खरीदारी हो रही है, भले ही उनका वैल्यूएशन ज्यादा है।
उन्होंने आगे कहा कि इन मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भारी घरेलू लिक्विडिटी का आना ही इस सेगमेंट के मजबूत बने रहने का मुख्य कारण है। वहीं, सही वैल्यूएशन के बावजूद लार्ज-कैप शेयर सुस्त पड़े हैं। यह ट्रेंड बदलेगा, लेकिन इसका समय कच्चे तेल की कीमतों और बॉन्ड यील्ड के ट्रेंड पर निर्भर करेगा।
ज्यादातर वैश्विक बाजार में कमजोरी देखी जा रही है। टोक्यो, शंघाई, हांगकांग और जकार्ता लाल निशान में थे। अमेरिकी शेयर बाजार भी बुधवार को लाल निशान में बंद हुए थे।
-
दुर्घटना1 year agoनागपुर विस्फोट: बाजारगांव स्थित सौर ऊर्जा संयंत्र में बड़ा विस्फोट; 1 की मौत, कम से कम 10 घायल
-
महाराष्ट्र2 years agoईद 2025 पर डोंगरी में दंगे और बम विस्फोट की ‘चेतावनी’ के बाद मुंबई पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी
-
महाराष्ट्र2 years agoमीरा भयंदर हजरत सैयद बाले शाह बाबा की मजार को ध्वस्त करने का आदेश
-
व्यापार6 years agoआईफोन 12 का उत्पादन जुलाई से शुरू होगा : रिपोर्ट
-
राजनीति1 year agoवक्फ संशोधन बिल लोकसभा में होगा पेश, भाजपा-कांग्रेस समेत कई पार्टियों ने जारी किया व्हिप
-
अपराध4 years agoभगौड़े डॉन दाऊद इब्राहिम के गुर्गो की ये हैं नई तस्वीरें
-
खेल1 year agoआईपीएल 2025 : शानदार रिकॉर्ड के नाम रहा एमआई और केकेआर का मैच, डेब्यूटेंट अश्विनी ने रचा इतिहास
-
महाराष्ट्र1 year agoहाईकोर्ट ने मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोटिस जारी किया, मस्जिदों के लाउडस्पीकर विवाद पर
