राजनीति
भाजपा ने हिमाचल में ‘आप’ को दिया बड़ा झटका, प्रदेश अध्यक्ष समेत कई को किया पार्टी में शामिल
हिमाचल प्रदेश में पूरी ताकत के साथ विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही आम आदमी पार्टी (आप) को भाजपा ने बड़ा झटका दे दिया है। हिमाचल प्रदेश में आप की चुनावी तैयारियों और मुहिम में बड़ी भूमिका निभा रहे पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अनूप केसरी, संगठन महामंत्री सतीश ठाकुर और ऊना के अध्यक्ष इकबाल सिंह ने आप को छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया है।
शुक्रवार आधी रात को आम आदमी पार्टी के इन बड़े नेताओं ने भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री एवं हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर से लोकसभा सांसद अनुराग ठाकुर की मौजूदगी में भाजपा का दामन थाम लिया।
आप नेताओं को भाजपा में शामिल कराने के बाद आम आदमी पार्टी पर निशाना साधते हुए केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने ट्वीट कर कहा, “अरविंद केजरीवाल, पहाड़ और पहाड़ी आपके झांसे में नहीं आएंगे।”
ठाकुर ने आगे लिखा, “आम आदमी पार्टी की हिमाचल विरोधी नीतियों के विरुद्ध आप पार्टी के हिमाचल प्रदेश अध्यक्ष अनूप केसरी, संगठन महामंत्री सतीश ठाकुर व ऊना के अध्यक्ष इकबाल सिंह दुनिया की सबसे बड़ी राजनैतिक पार्टी भाजपा में राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की गरिमामयी उपस्थिति में सम्मिलित हुए।”
ठाकुर ने इन आप नेताओं का भाजपा में स्वागत करते हुए हिमाचल प्रदेश में भी उत्तर प्रदेश की तर्ज पर आप की जमानत जब्त होने की बात कहते हुए आगे लिखा, “आम आदमी पार्टी, आपकी यूपी में भी सभी सीटों पर जमानत जब्त हुई, हिमाचल भी वही दोहराने के लिए तैयार खड़ा है।”
उन्होंने अपने अगले ट्वीट में लिखा, “आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की नीति व नेतृत्व में विरोधी भी आस्था जता रहे हैं, क्योंकि उपेक्षा, उत्पीड़न और प्रताड़ना की नहीं, बल्कि सबका साथ, सबका विकास सबका विश्वास के मूलमंत्र के साथ जोड़ने में भरोसा रखते हैं।”
आपको बता दें कि पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश में इस वर्ष के अंत में विधानसभा चुनाव होना है। पंजाब में बड़ी जीत मिलने के बाद आप ने हिमाचल प्रदेश में भी पूरी ताकत के साथ विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी शुरू कर दी है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने हाल ही में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ मंडी में रोड शो कर अपने इरादे स्पष्ट कर दिए थे और इसके अगले ही दिन दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा था कि केजरीवाल के रोड शो से घबरा कर भाजपा जयराम ठाकुर की जगह केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर को राज्य का मुख्यमंत्री बनाने जा रही है।
मनीष सिसोदिया की प्रेस कॉन्फ्रेंस के अगले ही दिन अनुराग ठाकुर के प्रयासों से भाजपा ने आम आदमी पार्टी को बड़ा झटका दे दिया है।
राष्ट्रीय समाचार
ईएसआईसी ने 31 दिसंबर तक बढ़ाई एमनेस्टी स्कीम की अवधि, कोर्ट के बाहर सुलझ सकेंगे विवाद

भारत सरकार ने गुरुवार को कहा कि उसने नई एमनेस्टी स्कीम 2025 की अवधि 31 दिसंबर तक बढ़ा दी है, ताकि नियोक्ताओं और बीमित व्यक्तियों को लंबित मामले सुलझाने के लिए ज्यादा समय मिल सके।
विभिन्न हितधारकों के सुझावों की समीक्षा के बाद कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) ने इसकी समय सीमा बढ़ाने का फैसला किया है। पहले यह योजना 1 अक्टूबर 2025 से 30 सितंबर 2026 तक थी, अब इसे मौजूदा नियमों और शर्तों पर तीन महीने और बढ़ाकर 1 अक्टूबर 2026 से 31 दिसंबर 2026 तक कर दिया गया है।
नई एमनेस्टी स्कीम एक वन-टाइम विवाद समाधान पहल है, जिसका मकसद कोर्ट में लंबित मामलों के बैकलॉग को कम करना और पुराने ईएसआई एक्ट के तहत अनुपालन को बढ़ावा देना है।
यह योजना नियोक्ताओं को ईएसआईसी के साथ कानूनी विवादों को कोर्ट के बाहर सुलझाने के लिए एक व्यवस्थित तरीका देती है। ‘नई एमनेस्टी स्कीम, 2025’ विवाद समाधान का एक व्यावहारिक और नियोक्ता-अनुकूल रास्ता है और यह कारोबार करने में आसानी बढ़ाने के साथ-साथ ईएसआईसी से जुड़े नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करने के सरकार के बड़े लक्ष्य का भी समर्थन करती है।
इस स्कीम के तहत तदर्थ आकलन का निपटान वास्तविक अंशदान और ब्याज का भुगतान करके किया जा सकता है, इस पर कोई हर्जाना नहीं लगाया जाएगा। जिन मामलों में नियोक्ताओं ने पहले ही बकाया राशि का भुगतान कर दिया है, उनमें विवादित हर्जाने का 10 प्रतिशत भुगतान करने पर केस वापस ले लिए जाएंगे। साथ ही ईएसआईसी द्वारा रिकॉर्ड जमा न करने या देर से भुगतान के लिए दायर किए गए मामले, जिनका बाद में अनुपालन कर दिया गया था, वे भी कोर्ट की अनुमति से वापस ले लिए जाएंगे।
आधिकारिक बयान के अनुसार, 31 मार्च 2025 तक दायर किए गए कोर्ट केस इस योजना के तहत पात्र हैं। इस स्कीम की अवधि बढ़ने से पात्र नियोक्ताओं और बीमित व्यक्तियों को इसका लाभ उठाने के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा।
श्रम मंत्रालय ने कहा, “सभी संबंधित हितधारकों को सलाह दी जाती है कि वे 31 दिसंबर 2026 को बंद होने से पहले बढ़ाई गई इस अवधि का लाभ उठाएं।”
इस बीच केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्री मनसुख मंडाविया ने हाल ही में कहा था कि भारत कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) के जरिए 25 करोड़ लोगों को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान कर रहा है।
राष्ट्रीय समाचार
चक्रवात ‘अर्नब’ का असर कमजोर, फिर भी राजस्थान के कई जिलों में बारिश, आंधी-तूफान और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी

चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ कमजोर होकर दक्षिणी छत्तीसगढ़ के ऊपर एक ‘डिप्रेशन’ (निम्न दबाव का क्षेत्र) में बदल गया है और अगले 24 घंटों में इसके और कमजोर होने की संभावना है। अधिकारियों ने बताया कि इस बीच, एक नए ‘वेस्टर्न डिस्टर्बेंस’ (पश्चिमी विक्षोभ) के कारण पंजाब और आसपास के इलाकों में एक चक्रवाती परिसंचरण बना है, जिसका असर राजस्थान के कुछ हिस्सों के मौसम पर भी पड़ रहा है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, राजस्थान के कई जिलों में गुरुवार को आंधी-तूफान, तेज हवाएं और बारिश होने की संभावना है। जयपुर और भरतपुर संभाग के कुछ हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश और ओलावृष्टि भी हो सकती है।
अगले 24 घंटों में अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने की उम्मीद है, जिससे कई इलाकों में चल रही गर्मी से राहत मिलेगी।
जयपुर स्थित मौसम केंद्र के अनुसार, 29 अक्टूबर को भरतपुर, जयपुर, अजमेर, कोटा और उदयपुर संभाग के कुछ हिस्सों में आसमान में बादल छाए रह सकते हैं। साथ ही, आंधी-तूफान, 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।
जयपुर और भरतपुर संभाग के उत्तरी हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है, और कुछ इलाकों में ओले भी गिर सकते हैं। अधिकतम तापमान में होने वाली इस गिरावट से प्रभावित क्षेत्रों के मौसम में काफी बदलाव देखने को मिल सकता है।
शुक्रवार, 30 अक्टूबर को पूर्वी राजस्थान के जयपुर, भरतपुर, उदयपुर, कोटा और अजमेर संभाग के कुछ हिस्सों में आंधी-तूफान और तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने की संभावना है।
पश्चिमी राजस्थान में, जोधपुर और बीकानेर संभाग के कुछ इलाकों में गुरुवार और शुक्रवार को आसमान में बादल छाए रह सकते हैं और आंधी-तूफान के साथ हल्की बारिश हो सकती है।
हालांकि, ज्यादातर सीमावर्ती इलाकों के मुख्य रूप से सूखे रहने की उम्मीद है। आईएमडी ने 31 अक्टूबर को पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का पूर्वानुमान जताया है। 1 नवंबर से राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम मुख्य रूप से सूखा रहने की संभावना है।
राष्ट्रीय समाचार
भारत में खपत मजबूत, दूसरी तिमाही में जीडीपी ग्रोथ 7.35 प्रतिशत रहने का अनुमान : वित्त मंत्रालय

भारतीय अर्थव्यवस्था की गति मजबूत बनी हुई है और वित्त वर्ष 27 की दूसरी तिमाही में जीडीपी के 7.35 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान है। यह जानकारी वित्त मंत्रालय द्वारा गुरुवार को जारी अक्टूबर की मासिक समीक्षा में दी गई।
मासिक समीक्षा में बताया गया कि देश की जीडीपी वृद्धि को सहारा मजबूत औद्योगिक उत्पादन, ऊर्जा खपत, पोर्ट ट्रैफिक, जीएसटी संग्रह और ऑटोमोबाइल बिक्री से मिल रहा है, जो दिखाता है कि देश में खपत मजबूत बनी हुई है।
समीक्षा में बताया गया, “वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में 7.8 प्रतिशत की वास्तविक जीडीपी वृद्धि के बाद, आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 में पेश किए गए विभाग के ‘नाउकास्टिंग मॉडल’ के अनुसार, वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में वास्तविक जीडीपी वृद्धि 7.35 प्रतिशत रहने का अनुमान है।”
जुलाई-सितंबर तिमाही में औद्योगिक गतिविधियां मजबूत बनी रहीं। अगस्त 2026 में ‘इंडेक्स ऑफ इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन’ (आईआईपी) में सालाना आधार पर 8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जिसमें विनिर्माण क्षेत्र की 9 प्रतिशत की वृद्धि का मुख्य योगदान रहा। सितंबर में ‘इंडेक्स ऑफ कोर इंडस्ट्रीज’ (आईसीआई) में सालाना आधार पर 7.9 प्रतिशत की वृद्धि हुई। सितंबर में ‘एचएसबीसी इंडिया मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई’ अगस्त के 52.8 से बढ़कर 55.1 हो गया, जो विनिर्माण गतिविधियों में तेजी से हो रहे विस्तार को दर्शाता है।
वित्त मंत्रालय की समीक्षा में कहा गया, “हाल की नीतिगत पहल, निवेश और कंपनियों के स्तर पर हो रहे बदलाव यह दर्शाते हैं कि विनिर्माण, स्थानीयकरण और तकनीकी क्षमताओं को बढ़ाने के प्रयास जारी हैं। आगे चलकर, विनिर्माण आधार को व्यापक बनाने के लिए पैमाने में वृद्धि, घरेलू मूल्य संवर्धन, सप्लाई चेन को मजबूत करना और निर्यात के क्षेत्र में प्रतिस्पर्धात्मकता बनाए रखना महत्वपूर्ण होगा।”
वैश्विक स्तर पर बढ़ती अनिश्चितता के बावजूद, सितंबर 2026 में भारत का बाहरी क्षेत्र मजबूत बना रहा। इस दौरान वस्तुओं और सेवाओं के कुल निर्यात में 11 प्रतिशत (सालाना आधार पर) की वृद्धि दर्ज की गई। इस वृद्धि में वस्तुओं के निर्यात का मुख्य योगदान रहा, जिसमें 23.1 प्रतिशत (सालाना आधार पर) की बढ़ोतरी हुई। इसमें इलेक्ट्रॉनिक्स और इंजीनियरिंग उत्पादों की अहम भूमिका रही।
इसके अलावा, भारत की बाहरी स्थिति को पर्याप्त विदेशी मुद्रा भंडार का भी समर्थन मिला, जो 16 अक्टूबर 2026 तक 721 अरब डॉलर के स्तर पर था।
इस दौरान भारत के वित्तीय क्षेत्र ने भी मजबूती दिखाई। वैश्विक स्तर पर सॉवरेन बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और इक्विटी बाजारों में उतार-चढ़ाव का इस पर बहुत कम असर पड़ा। मनी मार्केट में कामकाज सुचारू रूप से चलता रहा; बाजार दरें पॉलिसी रेपो रेट के करीब बनी रहीं और ओएमओ (ओपन मार्केट ऑपरेशंस) के जरिए अतिरिक्त नकदी को प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया गया। कुल बैंक क्रेडिट ग्रोथ में भी तेजी बनी रही, जो सालाना आधार पर 21.6 प्रतिशत तक बढ़ गई।
समीक्षा के अनुसार, आने वाले समय में महंगाई के दूसरे दौर के असर को रोकने के लिए हाल ही में बढ़ाई गई ब्याज दरों का असर, केंद्रीय बैंक द्वारा नकदी के सक्रिय प्रबंधन पर निर्भर करेगा।
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