राजनीति
स्वच्छता के लिए बलिदान नहीं, योगदान की जरूरत : अनुराग ठाकुर
केंद्रीय युवा एवं खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि देश का सबसे बड़ा स्वच्छता अभियान और संस्कृति, संस्कारों की धरती से शुरू हो रहा है। इसकी सफलता के लिए लिए आपको बलिदान नहीं देना है, बल्कि सिर्फ आपके योगदान की जरूरत है। अनुराग ठाकुर शुक्रवार को प्रयागराज के मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनआईटी) के आडीटोरियम हाल में स्वच्छ भारत कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि जिस तरह स्वतंत्रता के आंदोलन में प्रयागराज के लोगों ने अग्रणी भूमिका निभाई थी, उसी तरह यहां के लोग स्वच्छता में भी इतिहास रचेंगे। उन्होंने कहा कि स्वच्छता के लिए लोगों में सोच विकसित करनी होगी।
अनुराग बोले कि स्वच्छता के लिए बलिदान नहीं, योगदान मांग रहे हैं। जैसे बंदिशों से देश को स्वतंत्र कराया गया था, उसी तरह गंदगी से देश को मुक्त कराने के लिए यह कार्यक्रम शुरू किया गया है। इस दौरान स्वच्छता से करें मित्रता, छोटी सोच से बड़ी उपलब्धि प्राप्त होती है.. का स्लोगन भी दिया। कहा कि स्वच्छता से शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि भी मिलेगी।
अभियान की औपचारिक शुरूआत करने के बाद मंत्री ने कहा कि वह अब हर दिन किसी न किसी जिले में इस अभियान में शिरकत करेंगे।
उन्होंने जापान का उदाहरण दिया और कहा कि खेल के दौरान जब वहां के खिलाड़ी हार गए, इसके बाद भी ड्रेसिंग रूम चमका कर निकले, जब वो संदेश दे सकते हैं, तो भारत के लोग क्यों नहीं।
अनुराग बोले कि कुंभ में यहां दुनिया से 24 करोड़ लोग आए। यहां से यह अभियान शुरू होगा तो दुनिया में इसका संदेश जाएगा। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वो स्वच्छता अभियान में जुड़ें और सोशल मीडिया पर इस संदेश को प्रचारित करें। बताया कि अभियान के दौरान देशभर से 75 लाख किलो सिंगल यूज प्लास्टिक एकत्र करने का संकल्प है।
अनुराग ठाकुर ने कहा कि वह अपना रिपोर्ट कार्ड फेसबुक, इंस्टाग्राम और ट्विटर पर अपडेट करेंगे। युवा उन्हें फॉलो करें और अपना रिपोर्ट कार्ड पेश करें। उन्होंने युवाओं को स्वच्छता के मामले में प्रयागराज को नंबर वन बनाने की शपथ भी दिलाई।
समारोह में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि दो अक्टूबर 2014 को जब लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाथ में झाड़ू लेकर ‘स्वच्छ भारत-स्वस्थ भारत’ का नारा दिया तो बच्चा-बच्चा इस अभियान से जुड़ गया। इस अभियान को जन सहभागिता से जनांदोलन बनाया जाएगा और हर गांव और हर मोहल्ले को स्वच्छ बनाया जाएगा।
प्रदेश के खेल मंत्री उपेंद्र तिवारी ने कहा कि त्रिवेणी से अभियान की शुरूआत हो रही है। यह प्रयागराज के लिए गौरव की बात है।
अंतरराष्ट्रीय समाचार
फिलीपींस में भूकंप से 61 लोगों की मौत, 75 हजार से ज्यादा घर बर्बाद

फिलीपींस के दक्षिणी द्वीप मिंडानाओ के तट के पास 8 जून को आए 7.8 तीव्रता के भीषण भूकंप में कम से कम 61 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 40 लोग अब भी लापता हैं। इस आपदा में 1,403 लोग घायल हुए हैं। यह जानकारी रविवार को फिलीपींस की राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन परिषद (एनडीआरआरएमसी) ने दी।
सिन्हुआ समाचार एजेंसी के अनुसार, इससे पहले एनडीआरआरएमसी ने बताया था कि इस भूकंप से 75,300 से अधिक परिवार यानी करीब 3.46 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। इनमें से 45,000 से अधिक लोगों को विस्थापित होना पड़ा, जबकि 12,600 से ज्यादा मकान क्षतिग्रस्त हो गए। भूकंप के कारण 45 तरह की घटनाएं भी हुईं, जिनमें ज्यादातर भूस्खलन शामिल हैं।
परिषद ने कहा कि भूकंप से 45 सड़क खंड, आठ पुल, एक हवाई अड्डा और दो बंदरगाहों पर आवाजाही प्रभावित हुई है। इसके अलावा कृषि, पशुपालन और मछली पालन के कामों पर भी असर पड़ा है। 48 शहरों और नगरपालिकाओं में बिजली आपूर्ति भी बाधित हुई।
फिलीपीन इंस्टीट्यूट ऑफ वोल्केनोलॉजी एंड सिस्मोलॉजी (पीएचआईवीओएलसीएस) ने बताया कि यह भूकंप टेक्टोनिक था, जो सुबह 7:37 बजे स्थानीय समय पर 33 किलोमीटर की गहराई में आया। इसका केंद्र सरंगानी प्रांत के मिंडानाओ द्वीप पर मासीम शहर के तट से लगभग 32 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में था।
इससे पहले फिलीपींस के ऑफिस ऑफ सिविल डिफेंस के प्रवक्ता जूनी कैस्टिलो ने बताया था कि दक्षिण कोटाबाटो के जनरल सैंटोस शहर में 10 लोगों की मौत हुई है। यह एक बंदरगाह शहर है जिसकी आबादी सात लाख से ज्यादा है। साथ ही कम से कम 12 लोग अभी लापता हैं।
ज्यादातर मौतें मलबा गिरने, इमारतों के ढहने और भूस्खलन की वजह से हुई हैं। फिलीपींस राष्ट्रीय पुलिस ने पहले बताया था कि कम से कम 134 लोग घायल हुए हैं।
जनरल सैंटोस में एक दो मंजिला स्कूल की इमारत भी गिर गई, जिसमें कई छात्र फंस गए थे। अधिकारी अभी इस घटना की पुष्टि कर रहे हैं। ऑनलाइन वीडियो में प्रभावित इलाकों में विश्वविद्यालय और रेस्तरां की इमारतें ढही हुई दिखाई दीं।
कई व्यावसायिक इमारतों को भी नुकसान हुआ है, जहां साइनबोर्ड गिर गए और खिड़कियों के शीशे टूट गए। स्थानीय लोग तुरंत निकलकर सुरक्षित जगहों पर चले गए।
यह तेज भूकंप उस समय आया जब फिलीपींस में स्कूलों में गर्मी की छुट्टियों के बाद फिर से कक्षाएं शुरू होने वाली थीं। कई स्कूलों की निगरानी वीडियो में भूकंप के दौरान तेज झटके दिखे, जिसके बाद शिक्षक और छात्र या तो तुरंत बाहर निकल गए या डेस्क के नीचे छिप गए।
शिक्षा विभाग के आंकड़ों के अनुसार, भूकंप से 6 क्षेत्रों में 43 डिवीजनों के तहत 8,642 स्कूल प्रभावित हुए हैं।
राष्ट्रीय समाचार
तमिलनाडु: मछली पकड़ने पर लगी रोक आज खत्म होगी, समुद्र में लौटने की तैयारी में जुटे मछुआरे

तमिलनाडु में मछली पकड़ने पर 61 दिनों के लिए लगी रोक रविवार को खत्म हो रही है। हजारों मछुआरे मछली पकड़ने का काम फिर से शुरू करने की तैयारी में जुट गए हैं।
बता दें कि केंद्र सरकार की ओर से 15 अप्रैल से 14 जून तक मछली पकड़ने पर रोक लगाई गई थी। सरकार की ओर से मछलियों की आबादी को उनके सबसे ज्यादा प्रजनन के समय बचाना और समुद्री संसाधनों को लंबे समय तक बनाए रखने के लिए प्रतिबंध लगाया गया था।
दो महीनों के ब्रेक के दौरान मछुआरों ने नावों की मरम्मत की, इंजन ठीक किए और मछली पकड़ने के सामान को ठीक किया। सरकार की ओर से लगी रोक 14 जून की आधी रात को खत्म हो जाएगी। यही वजह है कि पूरे तमिलनाडु में मछली पकड़ने वाले बंदरगाहों पर हलचल बढ़ गई है। मछुआरे समुद्र में जाने से पहले आखिरी तैयारी में जुटे हुए हैं।
बंदरगाह अधिकारियों और मत्स्य पालन अधिकारियों की ओर से भी काम फिर से शुरू करने के लिए जरूरी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। 15,000 से ज्यादा मशीनीकृत नावों पर एक लाख से ज्यादा मछुआरों के समुद्र में जाने की उम्मीद है।
इनमें चेन्नई का कासिमेडु, तिरुवल्लुर, चेंगलपट्टू, विल्लुपुरम, कुड्डालोर, तंजावुर, तिरुवरुर, नागपट्टिनम, मयिलादुथुराई, पुडुचेरी, कराईकल, पुदुक्कोट्टई, रामनाथपुरम, थूथुकुडी, तिरुनेलवेली और कन्याकुमारी के तटीय इलाके शामिल हैं।
मछली व्यापारी, नीलामी करने वाले, ट्रांसपोर्टर और सीफूड प्रोसेसिंग में लगे कर्मचारी भी रोक हटने के बाद व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आने की उम्मीद है।
बता दें कि मत्स्य पालन विशेषज्ञों का लंबे समय से मानना है कि सालाना मछली पकड़ने की रोक बंगाल की खाड़ी में पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने और मछली के टिकाऊ उत्पादन को सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाती है।
महाराष्ट्र
मुंबई: विवादित बयानों और टिप्पणियों के कारण डॉ. सेजल पवार छुट्टी पर गईं; जांच से पहले ही के ई एम अस्पताल ने सख्त कार्रवाई की।

मुंबई की स्टूडेंट डॉ. सेजल एक कॉमेडी इवेंट में सेजल को डिपार्टमेंटल जांच के साथ 15 दिन की छुट्टी पर भेज दिया गया है और इसकी फाइनल रिपोर्ट के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। डॉ. सेजल पवार से जुड़े मामले में इंस्टीट्यूशनल कार्रवाई
सेठ जीएस मेडिकल कॉलेज और केईएम हॉस्पिटल ने एमबीबीएस थर्ड ईयर की स्टूडेंट सेजल पवार की एक कॉमेडी इवेंट के दौरान की गई टिप्पणियों और उसके बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उससे जुड़े वीडियो के सर्कुलेशन से पैदा हुई लोगों की चिंता का ध्यान रखा है।
शिकायतें मिलने के तुरंत बाद, इंस्टिट्यूट ने शुरुआती फैक्ट-फाइंडिंग प्रोसेस शुरू किया। संबंधित स्टूडेंट को बुलाया गया, उसकी सफाई/माफी रिकॉर्ड में ली गई, और उससे जुड़े मटीरियल का रिव्यू किया गया। शुरुआती नतीजों, मामले की सेंसिटिविटी, और मरे हुए लोगों, बॉडी डोनर्स की इज्ज़त बनाए रखने और मेडिकल स्टूडेंट्स से उम्मीद किए जाने वाले प्रोफेशनल स्टैंडर्ड्स को देखते हुए, आज पवार के खिलाफ एक अंतरिम डिसिप्लिनरी/एडमिनिस्ट्रेटिव ऑर्डर जारी किया गया है।
इसके मुताबिक, पवार को 13 मई से 15 दिनों के लिए कंपलसरी छुट्टी पर रखा गया है, जब तक कि डिटेल्ड जांच और आगे के ऑर्डर पेंडिंग न हो जाएं। आज सुबह 10:30 बजे, उसे इस दौरान अपने माता-पिता/गार्जियन की देखभाल और सुपरविज़न की ज़िम्मेदारी सौंपी गई। उसे इंस्टीट्यूशनल जांच में पूरा सहयोग करने और जांच कमिटी के बुलाने पर खुद आकर या ऑनलाइन मोड से मौजूद रहने का भी निर्देश दिया गया है।
सीनियर फैकल्टी, एक बाहरी/नॉन-फैकल्टी मेंबर और सही इंस्टीट्यूशनल रिप्रेजेंटेशन वाली पांच सदस्यों की एक पूरी जांच कमिटी बनाने का भी प्रस्ताव दिया गया है। कमिटी से उम्मीद है कि वह सोशल मीडिया सर्कुलेशन के पहलू सहित फैक्ट्स, कॉन्टेक्स्ट, असर और ज़रूरी रिकॉर्ड की जांच करेगी और आगे की कार्रवाई के लिए अपनी सही सिफारिशें देगी। इंस्टिट्यूट दोहराता है कि मरीज़ों, मृतकों, बॉडी डोनर्स और उनके परिवारों का सम्मान मेडिकल एजुकेशन की एक मुख्य वैल्यू है। इस मामले को गंभीरता, संवेदनशीलता और सही प्रोसेस के साथ निष्पक्षता से निपटाया जाएगा। डिटेल्ड जांच रिपोर्ट मिलने के बाद लागू एनएमसी एमयूएचएस, बीएमसी और इंस्टीट्यूशनल नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इस स्टेज पर कोई आखिरी नतीजा नहीं निकाला जाना चाहिए, क्योंकि अभी पूरी जांच चल रही है।
-
दुर्घटना9 months agoनागपुर विस्फोट: बाजारगांव स्थित सौर ऊर्जा संयंत्र में बड़ा विस्फोट; 1 की मौत, कम से कम 10 घायल
-
व्यापार6 years agoआईफोन 12 का उत्पादन जुलाई से शुरू होगा : रिपोर्ट
-
अपराध4 years agoभगौड़े डॉन दाऊद इब्राहिम के गुर्गो की ये हैं नई तस्वीरें
-
महाराष्ट्र1 year agoमीरा भयंदर हजरत सैयद बाले शाह बाबा की मजार को ध्वस्त करने का आदेश
-
महाराष्ट्र1 year agoईद 2025 पर डोंगरी में दंगे और बम विस्फोट की ‘चेतावनी’ के बाद मुंबई पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी
-
राजनीति1 year agoवक्फ संशोधन बिल लोकसभा में होगा पेश, भाजपा-कांग्रेस समेत कई पार्टियों ने जारी किया व्हिप
-
महाराष्ट्र12 months agoहाईकोर्ट ने मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोटिस जारी किया, मस्जिदों के लाउडस्पीकर विवाद पर
-
अनन्य3 years agoउत्तराखंड में फायर सीजन शुरू होने से पहले वन विभाग हुआ सतर्क
