राजनीति
यूपी में सातवें चरण के लिए हो रही वोटिंग, नौ बजे तक 8.58 प्रतिशत मतदान
उत्तर प्रदेश में सातवें और अंतिम चरण के लिए आज चुनाव हो रहा है। नौ जिलों के 54 विधानसभा क्षेत्रों में मतदाता पोलिंग बूथ पर पहुंचे हैं। नौ बजे तक सभी जिलों में 8.58 प्रतिशत मतदान हुआ है। अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डा.ब्रम्ह देव राम तिवारी ने बताया कि आजमगढ़ में 8.8, मऊ में 9.99, जौनपुर में 8.99, गाजीपुर में 7.95, चंदौली 7.69, वाराणसी में 8.93, मिजार्पुर में 8.84, भदोही में 7.43,सोनभद्र में 8.35 प्रतिशत मतदान हुआ है। 9 बजे तक सभी जिलों में 8.58 प्रतिशत मदान दर्ज किया गया है।
अंतिम चरण के लिए मंत्रियों में सबसे पहले संजीव गोंड़ ने ओबरा में मतदान किया। सोनभद्र की ओबरा विधानसभा क्षेत्र भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी समाज कल्याण राज्य मंत्री संजीव गोंड़ ने अपनी पत्नी चोपन ब्लाक प्रमुख लीला के साथ बिल्ली मारकुंडी बूथ पर मतदान किया। वाराणसी के शिवपुर क्षेत्र से विधायक और प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर ने भी किया मतदान। इस बार सुभासपा अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर के बेटे अनिल राजभर भी यहां से चुनाव लड़ रहे हैं।
वाराणसी उत्तरी विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के प्रत्याशी राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार रविन्द्र जायसवाल ने राजकीय बालिका विद्यालय मलदहिया में अपना वोट डाला। रविन्द्र जायसवाल के खिलाफ समाजवादी पार्टी ने अशफाक अहमद, कांग्रेस ने गुलराना तब्बसुम तथा बसपा ने श्याम प्रकाश जायसवाल को मैदान में उतारा है। योगी आदित्यनाथ सरकार में स्वतंत्र प्रभार के राज्यमंत्री नीलकंठ तिवारी ने कन्या प्राइमरी विद्यालय, शंकुलधारा में अपना वोट डाला है।
वाराणसी में कैंट क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी विधायक सौरभ श्रीवास्तव ने कम्पोजिट स्कूल महमूरगंज में वोट डाला। सौरभ इस बार भी भाजपा के टिकट पर मैदान में हैं।
उधर विधानसभा चुनाव में मतदान के दौरान समाजवादी पार्टी इंटरनेट मीडिया पर बेहद सक्रिय है। मतदान में गड़बड़ी के साथ ही ईवीएम में खराबी की सूचना देने के लिए दस हेल्पलाइन नम्बर जारी करने के साथ ही सोमवार को भी मतदान प्रारंभ होते ही समाजवादी पार्टी में ईवीएम में खराबी की शिकयतों की झड़ी लगा दी।
सपा ने जौनपुर के केराकत विधानसभा के बूथ नंबर-113, गाजीपुर के जमनिया विधानसभा के बूथ संख्या 46, मऊ के मधुवन विधानसभा के बूथ संख्या 154, गाजीपुर के गाजीपुर विधानसभा के बूथ संख्या 374, चंदौली के 354 मुगलसराय विधानसभा के बूथ संख्या 93, वाराणसी के अजगरा विधानसभा के बूथ संख्या 79, 84 व 93, चंदौली के चकिया विधानसभा के बूथ संख्या 300, गाजीपुर के जंगीपुर विधानसभा के बूथ संख्या 170, गाजीपुर के सैदपुर विधानसभा के बूथ संख्या 186, भदोही के औराई विधानसभा के बूथ संख्या 252, भदोही के भदोही विधानसभा बूथ संख्या 117,118,119 आजमगढ़ के दीदारगंज विधानसभा क्षेत्र के बूथ नंबर 44, भदोही के ज्ञानपुर विधानसभा के बूथ संख्या एक, मिजार्पुर के मझवा विधानसभा क्षेत्र के बूथ नंबर 419, आजमगढ़ के निजामाबाद विधानसभा क्षेत्र के बूथ नंबर एक तथा जौनपुर के मछली शहर विधानसभा क्षेत्र के बूथ नंबर 47 पर ईवीएम खराब होने से मतदान बाधित होने की शिकायत की है।
ज्ञात हो कि विधानसभा चुनाव के सातवें और आखिरी चरण में वाराणसी, आजमगढ़ और मीरजापुर मंडलों के नौ जिलों वाराणसी, जौनपुर, गाजीपुर, चंदौली, आजमगढ़, मऊ, मीरजापुर, सोनभद्र और भदोही की 54 सीटों पर मतदान हो रहा है। इस चरण में 2.06 करोड़ मतदाता 613 प्रत्याशियों का फैसला करेंगे। 613 में इनमें 75 महिला उम्मीदवार हैं। वर्ष 2017 में हुए विधान सभा चुनाव में इन 54 सीटों में से भाजपा 29, सपा 11, बसपा छह, अपना दल चार, सुभासपा तीन व निषाद पार्टी एक सीट जीती थी।
महाराष्ट्र
मुंबई: दादर चेतना भूमि पर विरोध प्रदर्शन के दौरान औरंगजेब की तस्वीर फहराने पर हंगामा, पुलिस को जांच के आदेश, अब तक 8 एफआईआर दर्ज

मुंबई; मुंबई के दादर चेतना भूमि पर सीजेपी के विरोध प्रदर्शन में औरंगजेब की तस्वीर फहराने को लेकर एक बार फिर हंगामा मच गया है, जिससे मामला और बिगड़ गया है, वहीं अब औरंगजेब की आड़ में राजनीति भी शुरू हो गई है, वहीं पुलिस मामले की जांच कर रही है। मुंबई पुलिस ने महाराष्ट्र और मुंबई में दिल्ली जंतर-मंतर विरोध के समर्थन में प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। अब तक प्रदर्शनकारियों के खिलाफ करीब 8 एफआईआर दर्ज की गई हैं, जिनमें से शिवाजी पार्क, चेतना भूमि में चार एफआईआर के साथ-साथ मरीन ड्राइव और आजाद मैदान में एक-एक एफआईआर दर्ज की गई है। अब मुंबई में विरोध प्रदर्शन के दौरान औरंगजेब (अल्लाह उन पर प्रसन्न हो) का पोस्टर फहराने को लेकर राजनीति शुरू हो गई है। पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है। दादर चेतना भूमि में विरोध प्रदर्शन के दौरान औरंगजेब की तस्वीर फहराई गई थी, जिसे बाद में हटा दिया गया था। हालांकि, इस मामले में पुलिस यह जांच कर रही है कि यह तस्वीर विरोध प्रदर्शन में किसने लगाई थी और इसके पीछे क्या मकसद था। मुंबई में औरंगजेब की तस्वीर लहराने के मामले में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और औपचारिक तौर पर पता लगा रही है कि यह तस्वीर किसने लहराई थी और इसके पीछे क्या मकसद था। डीसीपी महेंद्र पंडित ने बताया कि इस मामले में सोशल मीडिया के जरिए आरोपियों की पहचान की जा रही है, साथ ही गैर-कानूनी तरीके से सड़क जाम करने और बिना इजाजत विरोध प्रदर्शन करने का मामला दर्ज किया गया है। इस मामले में यह भी जांच चल रही है कि औरंगजेब की तस्वीर क्यों लाई गई थी और इसके पीछे क्या मकसद था, वहीं इस घटना के बाद राजनीति शुरू हो गई है और पेपर लीक मामला औरंगजेब की जिम्मेदारी बन गया है। गृह मंत्रालय ने मुंबई पुलिस को इस मामले की जांच करने का आदेश दिया है और पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। पुलिस द्वारा अब तक दर्ज की गई एफआईआर में 600 आरोपियों के नाम हैं।
राष्ट्रीय समाचार
राहुल गांधी की केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह से वार्ता विफल, कांग्रेस ने सरकार के सामने रखी 5 मांगें

कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के 20 जुलाई के प्रदर्शन के दौरान हुए लाठीचार्ज के विरोध में कांग्रेस ने सोमवार को लोक कल्याण मार्ग तक मार्च निकाला और वहां धरने पर बैठ गई। इस बीच केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह कांग्रेस नेताओं से बातचीत करने के लिए पहुंचे, लेकिन दोनों पक्षों के बीच हुई वार्ता किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सकी।
सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से मुलाकात कर प्रदर्शनकारियों की मांगों पर चर्चा की।
कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक, पार्टी ने केंद्र सरकार के सामने पांच प्रमुख मांगें रखी हैं। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे, केंद्रीय गृहमंत्री से दोनों सदनों में इस मामले पर बयान देने और सदन में पूरे प्रकरण पर विस्तृत चर्चा कराई जाने की मांग की गई है। छात्रों से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से सुना और संबोधित किया जाए। प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा और पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
लोक कल्याण मार्ग पर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं का धरना देर शाम तक जारी रहा। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया है। राहुल गांधी सहित अन्य सांसदों ने जमीन पर बैठकर प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री का इस्तीफा मांगा। इस दौरान सुरक्षा के मद्देनजर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।
इससे पहले राहुल गांधी ने कहा, “हमने लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात कर संसद में छात्रों के मुद्दे पर चर्चा कराने की मांग की थी। लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि इस पर चर्चा कराने के लिए उन्हें सरकार से अनुमति लेनी होगी। यह छात्रों के भविष्य से जुड़ा गंभीर मुद्दा है। न्याय की मांग कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज किया जा रहा है और उनके साथ मारपीट की जा रही है। प्रधानमंत्री ने अब तक उनसे माफी तक नहीं मांगी है। देश के युवा ध्वस्त हो चुकी शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। प्रधानमंत्री इस पर मौन क्यों हैं? उन्हें छात्रों से माफी मांगनी चाहिए और छात्रों पर हो रहे इस दमन को तत्काल रोकना चाहिए।”
कांग्रेस का आरोप है कि सीजेपी के प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई में छात्रों और प्रदर्शनकारियों के साथ सख्ती बरती गई। इसी मुद्दे को लेकर पार्टी ने केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन तेज कर दिया है।
महाराष्ट्र
आज़मी ने पेपर लीक पर पुलिस कार्रवाई के संबंध में शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और सुप्रीम कोर्ट के दखल की मांग की

मुंबई: विधायक अबू आसिम आज़मी ने पेपर लीक कांड पर केंद्र सरकार के अग्रेसिव रुख का सपोर्ट करते हुए उस पर निशाना साधा है। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तुरंत इस्तीफे की मांग की है। आज़मी ने इस बात पर निराशा जताई कि लाल बहादुर शास्त्री के उलट, जिन्होंने एक रेल हादसे की नैतिक ज़िम्मेदारी लेते हुए अपनी मर्ज़ी से इस्तीफा दे दिया था, यह सरकार कई स्टूडेंट्स के सुसाइड के बावजूद कोई जवाबदेही लेने से मना कर रही है। आज़मी ने सोनम वांगचुक की तारीफ़ की और कहा कि उन्होंने स्टूडेंट्स के भविष्य के लिए यह लड़ाई शुरू की है और देश के एजुकेशन सिस्टम में कमियों के विरोध में 20 दिन की भूख हड़ताल की है। हालांकि, उन्होंने दिल्ली पुलिस के उन पर लाठीचार्ज और आंसू गैस छोड़ने के एक्शन को बेहद शर्मनाक बताया। डॉ. राम मनोहर लोहिया के शब्दों – “जब सड़कें शांत हो जाती हैं, तो पार्लियामेंट आज़ाद हो जाती है” को याद करते हुए आज़मी ने कहा कि पार्लियामेंट इस समय सुनने के मूड में नहीं है। ऐसे समय में, नागरिकों को डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर के दिए संविधान के अनुसार शांति से सड़कों पर उतरकर अन्याय और सरकार के खिलाफ़ आवाज़ उठाने का पूरा हक़ है। देश में डेमोक्रेसी खत्म होने और डिक्टेटरशिप जैसे हालात पैदा होने का आरोप लगाते हुए विधायक अबू आसिम आज़मी ने सुप्रीम कोर्ट से मांग की है कि वह सोनम वांगचुक के साथ हुई पुलिस कार्रवाई और बुरे बर्ताव पर खुद से नोटिस ले और इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ केस दर्ज करने का निर्देश दे।
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