राजनीति
डिजिटल यूनिवर्सिटी है कॉलेजों में सीट (दाखिला) की समस्या का समाधान: पीएम मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने नेशनल डिजिटल यूनिवर्सिटी को अपनी तरह का अनोखा कदम बताया है। उन्होंने कहा, “डिजिटल यूनिवर्सिटी में मैं वह ताकत देख रहा हूं जो हमारे देश में सीटों (दाखिला) की समस्या से पूरी तरह समाधान दे सकती है। जब हर विषय के लिए अनलिमिटेड सीट होगी तो आप कल्पना कर सकते हैं कि कितना बड़ा परिवर्तन शिक्षा जगत में आ जाएगा। यह डिजिटल यूनिवर्सिटी लनिर्ंग और री लनिर्ंग की मौजूदा और भविष्य की जरूरतों के लिए युवाओं को तैयार करेगी।”
पीएम मोदी ने कहा, “शिक्षा मंत्रालय यूजीसी एआईसीटीई और सभी अन्य स्टेकहोल्डर से मेरा आग्रह है कि डिजिटल यूनिवर्सिटी शुरू से ही इंटरनेशनल स्टैंडर्ड को लेकर चले। देश में ही ग्लोबल स्टैंडर्ड के इंस्टिट्यूट निर्माण करने का सरकार का इरादा है और इसके लिए पॉलिसी फ्रेमवर्क भी आपके सामने हैं। अब आपको अपने प्रयासों से इसको जमीन पर उतारना है।”
इस वर्ष केंद्रीय बजट में शिक्षा को लेकर कई महत्वपूर्ण योजनाएं बनाई गई है। अब शिक्षा मंत्रालय द्वारा इन योजनाओं को लागू करने की बारी है। सोमवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शिक्षा मंत्रालय के तमाम वरिष्ठ अधिकारियों एवं शिक्षाविदों का इस विषय पर मार्गदर्शन किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि एजुकेशन सेक्टर की क्षमता बढ़े और उसकी क्वालिटी में सुधार हो इसके लिए अहम निर्णय लिए गए हैं। दूसरा है स्किल डेवलपमेंट, देश में डिजिटल स्किल डेवलपमेंट इकोसिस्टम बने।
तीसरा महत्वपूर्ण पक्ष है अर्बन प्लेनिंग और डिजाइन चौथा अहम पक्ष है वैश्वीकरण। पीएम मोदी ने कहा कि भारत में विदेशी यूनिवर्सिटी आए। इसके अलावा जो हमारे औद्योगिक क्षेत्र है फिनटेक से जुड़े संस्थान हैं इसे भी प्रोत्साहित किया जाए।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पांचवा महत्वपूर्ण पक्ष है एबीजीसी यानी एनीमेशन विजुअल इफेक्ट। इन सभी में रोजगार की अपार संभावनाएं हैं। एक बहुत बड़ा ग्लोबल मार्केट है इसे पूरा करने के लिए हम भारतीय टैलेंट का कैसे इस्तेमाल बढ़ाए इस पर भी ध्यान दिया गया है। बजट नई नेशनल एजुकेशन पॉलिसी को जमीन पर उतारने में बहुत मदद करने वाला है।
पीएम ने कहा, “कोरोना आने से काफी पहले से मैं डिजिटल फ्यूचर की बात करता रहा हूं। हम अपने गांव को ऑप्टिकल फाइबर से जोड़ रहे हैं। हम डाटा की कीमत कम से कम रखने के प्रयास कर रहे हैं। कनेक्टिविटी से जुड़े इन्फ्राट्रक्च र को सुधार रहे हैं। कुछ लोग सवाल उठाते थे कि इसकी क्या जरूरत है। महामारी के समय में हमारे इन प्रयासों को सब ने देख लिया है यह डिजिटल कनेक्टिविटी ही है जिसने वैश्विक महामारी के समय हमारी शिक्षा व्यवस्था को बचाए रखा।”
पीएम ने कहा कि हम देख रहे हैं कि कैसे भारत में तेजी से डिजिटल डिवाइड कम हो रहा है। अगले एक दशक में हम शिक्षा के क्षेत्र में क्या हासिल करना चाहते हैं इसकी रूपरेखा बजट में दिखी। डिजिटल यूनिवर्सिटी हो, ई विद्या हो ऐसा एजुकेशनल इन्फ्राट्रक्च र युवाओं को बहुत मदद करने वाला है। यह सभी को चाहे गांव हो, गरीब हो, दलित, पिछड़े आदिवासी सभी को शिक्षा के बेहतर समाधान देने का प्रयास करता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज विश्व मातृभाषा दिवस भी है मातृभाषा में शिक्षा सीधे कई राज्यों में मेडिकल की पढ़ाई भी मातृभाषा में शुरू हो चुकी है। यह सभी की जिम्मेदारी है कि स्थानीय भारतीय भाषाओं में फ्रेश कंटेंट और उसके डिजिटल निर्माण को जगह दी जाए। भारतीय भाषाओं में मोबाइल टीवी रेडियो इंटरनेट के माध्यम से सभी के लिए एक्सेस हो इसके लिए काम करना है। भारतीय साइन लैंग्वेज में भी काम किया गया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि यदि इन योजनाओं को लागू करने के लिए हम एक अच्छा रोड मैप बना देते हैं तो इसका फायदा मिलेगा बजट।
सैनिक स्कूलों को हम पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के जरिए आगे बढ़ाएंगे रक्षा मंत्रालय इसके लिए बजट देने वाला है। पीएम ने कहा कि क्या कभी हमने सोचा है जिस देश में नालंदा तक्षशिला इतने बड़े शिक्षा संस्थान थे, आज वहां हमारे देश के बच्चे विदेशों में जाकर पढ़ने के लिए मजबूर हो रहे हैं। क्या यह ठीक है, बच्चे हमारे देश से पढ़ने के लिए बाहर जा रहे हैं, इतना धन खर्च हो रहा है। क्या हम हमारे देश में दुनिया की बेस्ट यूनिवर्सिटी लाकर हमारे बच्चों को हमारी ही एनवायरमेंट में कम खर्च पर पढ़ाई के लिए माहौल उपलब्ध करा सकते हैं? प्री प्राइमरी से लेकर पोस्टग्रेजुएट तक पूरा हमारा जो खाका है वह 21वीं सदी के अनुकूल कैसे बने इसपर हमें विचार करना है।
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के मुताबिक बजट घोषणाओं के कुशल और त्वरित कार्यान्वयन को सुविधाजनक बनाने के लिए, भारत सरकार कई प्रमुख क्षेत्रों में वेबिनार की एक श्रृंखला आयोजित कर रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने यहां इसके सत्र को संबोधित किया।
इस प्रकार के वेबिनार आयोजित करने का उद्देश्य सार्वजनिक और निजी क्षेत्रों एवं शिक्षा और उद्योग जगत के विशेषज्ञों के साथ विचार-विमर्श करना है। साथ ही प्रमुख क्षेत्रों में विभिन्न मुद्दों के कार्यान्वयन की दिशा में आगे बढ़ने के लिए रणनीतियों की पहचान करना है।
इस श्रृंखला के हिस्से के रूप में केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय 21 फरवरी को शिक्षा और कौशल क्षेत्र पर एक वेबिनार का आयोजन किया।
राजनीति
बंगाल में भाजपा पूर्ण बहुमत की सरकार बनाएगी : प्रतुल शाहदेव

रांची, 9 अप्रैल : भाजपा नेता प्रतुल शाहदेव ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि बंगाल में भाजपा पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने जा रही है।
रांची में मीडिया से बातचीत में भाजपा नेता प्रतुल शाहदेव ने कहा कि हम पूरी तरह से पश्चिम बंगाल में बहुमत की सरकार बनाने जा रहे हैं। पश्चिम बंगाल में करीब 91 लाख फर्जी वोटर थे। यही ममता बनर्जी का मुख्य वोट बैंक था और इसी के सहारे वे जीतती रही हैं, क्योंकि स्थानीय प्रशासन उनके प्रभाव में रहता था। स्थानीय प्रशासन किस तरह अभी भी उनके प्रभाव में है, यह इस बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि मालदा में ज्यूडिशियल ऑफिसर्स को 9 घंटे तक घेरकर रखा गया।
मौजूदा चीफ सेक्रेटरी ने कलकत्ता हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस का फोन तक नहीं उठाया, तब सीजेआई को कहना पड़ा कि आपको फोन उठाना चाहिए। जिस तरीके से पूरी ब्यूरोक्रेसी का राजनीतिकरण किया गया है, वह सब अब समाप्त होने वाला है। बंगाल से घुसपैठियों को चिन्हित कर बाहर किया जाएगा। भाजपा पूर्ण बहुमत की सरकार बनाएगी।
उन्होंने तीन राज्यों में चल रहे मतदान पर कहा कि जनता से अपील है कि बड़ी संख्या में आएं और देर शाम तक रिकॉर्ड मतदान करें। लोकतंत्र के महापर्व में अपना अमूल्य वोट देकर अपनी सहभागिता निभाएं। जहां तक तीनों राज्यों की बात है, तो केरल में हम अब तक का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले हैं। जो लोग हमें कहते थे कि आपका वहां खाता नहीं खुलेगा, आज वे भी मान रहे हैं कि भाजपा वहां एक बहुत शक्तिशाली तरीके से लड़ रही है।
संघ पर विपक्षी दलों के बयान पर उन्होंने कहा कि आरएसएस एक राष्ट्रवादी संगठन है और एक सौ वर्षों से देश की सेवा में, सनातनियों की सेवा में अर्पित है। देश में कभी भी विपत्ति आती है तो आरएसएस के स्वयंसेवक लोगों के प्रति समर्पित रहते हैं। संघ के स्वयंसेवक देश के लिए सब कुछ त्याग करने के लिए तैयार रहते हैं। कोविड काल के दौरान भी संघ के कार्यकर्ता समर्पित भाव और बिना किसी स्वार्थ के काम करते रहे।
राजनीति
बारामती उपचुनाव: सीएम फडणवीस ने महाराष्ट्र कांग्रेस प्रमुख को किया फोन, शरद पवार ने खड़गे से की बात

मुंबई, 9 अप्रैल : बारामती विधानसभा उपचुनाव को लेकर राजनीति में अचानक बड़ा मोड़ आ गया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने खुद आगे बढ़कर विपक्ष से बातचीत की है, जिससे इस चुनाव को लेकर हलचल और तेज हो गई है। गुरुवार को नामांकन वापस लेने का आखिरी दिन है, ऐसे में सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि चुनाव होगा या सुनेत्रा पवार की जीत बिना मुकाबले तय हो जाएगी।
सूत्रों के मुताबिक, सीएम फडणवीस ने महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल को सीधे फोन किया। इस बातचीत में उन्होंने कांग्रेस से अपील की कि वह अपने उम्मीदवार को वापस ले ले ताकि उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार का निर्विरोध चुनाव हो सके। सुनेत्रा पवार एनसीपी (अजीत पवार गुट) की उम्मीदवार हैं।
राज्य की राजनीति में इस तरह का कदम काफी चौंकाने वाला माना जा रहा है। ऐसा कम ही देखने को मिलता है जब सत्ताधारी दल का कोई बड़ा नेता खुद विपक्ष के प्रदेश अध्यक्ष से संपर्क कर चुनाव में उम्मीदवार वापस लेने की मांग करे।
इधर, एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार ने भी कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से इस मुद्दे पर बातचीत की है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस एक राष्ट्रीय पार्टी है और उसे अपना फैसला खुद लेना है, लेकिन अगर उनसे राय मांगी जाती है तो वह यही सुझाव देंगे कि यह चुनाव बिना मुकाबला हो। उन्होंने यह भी कहा कि यह सीट एक अनुभवी नेता के निधन के बाद खाली हुई है, इसलिए इसे सम्मानजनक तरीके से देखा जाना चाहिए।
दरअसल, यह उपचुनाव पूर्व उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के निधन के बाद हो रहा है। इसी वजह से कई नेता और पार्टियां चाहती हैं कि उनकी विरासत को सम्मान देते हुए चुनाव निर्विरोध कराया जाए।
इससे पहले एक अहम बैठक में सुनेत्रा पवार और एनसीपी के अन्य नेताओं ने सीएम फडणवीस से मुलाकात की थी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया था कि पूरा गठबंधन उनके साथ खड़ा है।
वहीं, कांग्रेस पहले इस सीट पर चुनाव लड़ने के अपने फैसले पर अड़ी हुई थी, लेकिन अब रुख बदलता नजर आ रहा है। कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार ने संकेत दिया है कि पार्टी अपना उम्मीदवार वापस ले सकती है। हालांकि अंतिम फैसला अभी हाईकमान की मंजूरी के बाद ही होगा।
राजनीति
बंगाल की जनता को पीएम मोदी की 6 गारंटी- ‘हर रेप केस की खुलेगी फाइल, कर्मचारियों के लिए 7वां वेतन आयोग’

हल्दिया, 9 अप्रैल : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल की जनता से भाजपा की जीत का आशीर्वाद मांगा है। उन्होंने बंगाल के हल्दिया में जनसभा के दौरान कहा कि बंगाल का ये चुनाव सामान्य नहीं है। ये बंगाल के वैभव को फिर से स्थापित करने का चुनाव है। ये विकसित बंगाल की नींव मजबूत करने का चुनाव है और इसका पहला व सबसे बड़ा कदम निर्मम सरकार की विदाई का होगा। इस दौरान, पीएम मोदी ने स्वतंत्रता सेनानी सतीश चंद्र सामंता को याद करते हुए राज्य की जनता को 6 गारंटी दीं।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “गुलामी के कालखंड में सतीश चंद्र सामंता ने अंग्रेजों की सत्ता हिला दी थी। आज इसी धरती से मैं पश्चिम बंगाल को 6 गारंटियां देता हूं। पहली गारंटी-भाजपा सरकार बंगाल में भय की जगह भरोसा कायम करेगी और कानून पर भरोसा लौटाएगी। दूसरी गारंटी- भाजपा सरकार में सरकारी सिस्टम जनता की सेवा के लिए जवाबदेह होगा। तीसरी गारंटी- हर घोटाले, बेटियों के साथ हुए हर अन्याय और हर रेप केस की फाइल खुलेगी।”
उन्होंने अपनी चौथी गारंटी में कहा कि टीएमसी के राज में भी जिसने भी करप्शन किया है, उसकी जगह जेल में होगी। मंत्री हो या संतरी, कानून सबका हिसाब करेगा। टीएमसी का कोई गुंडा कानून से बचने वाला नहीं है। हम टीएमसी को जनता का पैसा नहीं खाने देंगे।
बंगाल की जनता को 5वीं गारंटी देते हुए पीएम मोदी ने कहा, “जो शरणार्थी हैं, उन्हें संविधान के तहत हर हक मिलेगा, लेकिन घुसपैठियों को खदेड़ा जाएगा। उन्हें भारत में नहीं रहने दिया जाएगा।” अपनी छठी गारंटी में उन्होंने कहा, “बंगाल के सभी सरकारी कर्मचारियों और सभी शिक्षकों व अन्य सेवाओं में जुटे कर्मचारियों के लिए भाजपा सरकार बनते ही 7वां वेतन आयोग लागू कराया जाएगा।”
पश्चिम बंगाल की जनता से अपील करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि इन्हीं गारंटियों को ध्यान में रखते हुए 23 अप्रैल को भारी मतदान करना है। हर बूथ पर भाजपा के उम्मीदवारों को विजयी बनाएं। इसके साथ ही उन्होंने कहा, “हमारा सिद्धांत और मंत्र है ‘सबका साथ-सबका विकास’। हम इसके प्रति प्रतिबद्ध हैं। लेकिन बंगाल में एक और वादा करता हूं कि सबका साथ-सबका विकास और बंगाल में लुटेरों का हिसाब होगा।”
रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बंगाल ने इस बार हर विपरीत परिस्थिति को पराजित करने का फैसला कर लिया है। भाजपा की विजय, इस उत्साह और उमंग में दिखाई पड़ती है। ये परिवर्तन की आंधी है। ये टीएमसी की निर्मम सरकार के जाने का ऐलान है।
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