Connect with us
Friday,10-April-2026
ताज़ा खबर

अंतरराष्ट्रीय

महिला एशियाई कप: फिलीपींस को 2-0 से हराकर फाइनल में पहुंचा कोरिया

Published

on

कोरिया गणराज्य ने गुरुवार को यहां श्री शिव छत्रपति स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में एएफसी महिला एशियाई कप 2022 के सेमीफाइनल में फिलीपींस पर 2-0 से जीत हासिल कर फाइनल में जगह बना ली। महिला एशियाई कप में 13 मैचों में, कोरिया गणराज्य (दक्षिण कोरिया) चार बार सेमीफाइनल में पहुंच चुका है, एक बार तीसरे और तीन बार चौथा स्थान हासिल कर चुका है।

कोरिया को पहली बार फाइनल में पहुंचाने के लिए, चो सो-ह्यून और सोन ह्वा-योन ने फिलीपींस के खिलाफ दो गोल दागे।

फिलीपींस, अपने पहले एएफसी महिला एशियाई कप सेमीफाइनल में खेल रही थी। उन्होंने पूरे मैच में काफी प्रयास किए। लेकिन वह जीत न सके। फीफा महिला विश्व कप ऑस्ट्रेलिया / न्यूजीलैंड में उनका भाग लेने की उम्मीद कर सकते हैं।

कोरिया गणराज्य ने शुरू से ही भारी दबाव बनाने में कोई समय बर्बाद नहीं किया और चौथे मिनट में ही प्लेयर ऑफ द मैच रहे चो सो-ह्यून ने फिलीपींस के गोलकीपर को पीछे छोड़ते हुए गोल कर टीम को बढ़त दिला दी।

अपनी पहली सेमीफाइनल उपस्थिति में प्रभावित करने के लिए उत्सुक फिलीपींस शुरुआती झटके से अप्रभावित था। लेकिन उनकी खिलाड़ियों ने प्रयास करना नहीं छोड़ा।

हालांकि, कोरिया बढ़त लेने के बाद भी मौके बनाते रहा, लेकिन विपक्षी टीम ने उनके सभी मौकों को असफल कर दिया।

कोरिया गणराज्य हालांकि, हर बार खतरनाक दिख रहा था और 34वें मिनट में अपनी बढ़त को दोगुना कर दिया, जब सोन ने दूसरा गोल दाग दिया। इस प्रकार कोरिया ने फिलीपींस को 2-0 से हराकर फाइनल में प्रवेश कर लिया।

अंतरराष्ट्रीय

वेंस की पाकिस्तान यात्रा से पहले सुरक्षा को लेकर चिंता, सालों बाद यूएस के किसी शीर्ष अधिकारी का पाक दौरा

Published

on

नई दिल्ली, 10 अप्रैल : अमेरिका और ईरान के बीच इस हफ्ते के अंत में पाकिस्तान में बातचीत होने वाली है। अमेरिका की तरफ से इस बैठक में शामिल होने के लिए उपराष्ट्रपति जेडी वेंस अपने डेलिगेशन के साथ इस्लामाबाद पहुंच सकते हैं। अमेरिकी उपराष्ट्रपति के इस दौरे से संबंधित सुरक्षा को लेकर काफी चिंताएं हैं। सालों के बाद अमेरिका का कोई आला अधिकारी पाकिस्तान का दौरा कर सकता है।

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस पाकिस्तान के दौरे को लेकर गहरी चिंता है। व्हाइट हाउस के अनुसार, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी सुरक्षा चिंता की वजह से वेंस को पाकिस्तान ना जाने की सलाह दी है।

फिलहाल यह कन्फर्म नहीं है कि जेडी वेंस इस बैठक में शामिल होने जाएंगे या नहीं, लेकिन व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा है कि विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर इस्लामाबाद जाएंगे।

किसी भी अमेरिकी अधिकारी के लिए पाकिस्तान के दौरे पर जाने से पहले उनके लिए सबसे बड़ा खतरा आतंकवाद है। पाकिस्तान में आतंकी गतिविधियों की सक्रियता की वजह से वहां पर किसी भी दूसरे देश के नेता की सुरक्षा पर बड़ा प्रश्न चिन्ह लगता है।

वेंस ऐसे समय में पाकिस्तान की यात्रा कर सकते हैं, जब अमेरिका ने खुद इस देश के लिए ‘लेवल 3: यात्रा पर पुनर्विचार करें’ की एडवाइजरी जारी की हुई है। इसकी मुख्य वजह आतंकवाद, अपराध और अशांति का खतरा है।

इसके अलावा अमेरिका ने हाल ही में लाहौर और कराची के वाणिज्य दूतावास से गैर-जरूरी अमेरिकी कर्मचारियों को सुरक्षा कारणों से हटा लिया गया था। यही सब कारण हैं, जिसकी वजह से अमेरिकी के कोई भी नेता या अधिकारी पाकिस्तान जाने से बचते हैं।

पाकिस्तान में अमेरिकी अधिकारियों और दूतावास पर हमले की कई घटनाएं इतिहास में सामने आई हैं। ताजा मामला, ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद देखने को मिला था, जब उग्र भीड़ ने अमेरिकी वाणिज्य दूतावास को घेरा और उसमें तोड़फोड़ की। इसके बाद पेशावर में अमेरिकी कांसुलेट बंद कर दिया गया और कराची और लाहौर में वीजा सेवाएं निलंबित हुईं।

आतंकवाद और सुरक्षा कारणों की वजह से अब तक केवल पांच अमेरिकी राष्ट्रपतियों ने ही पाकिस्तान का दौरा किया, जिनमें ड्वाइट डी. आइजनहावर, लिंडन बी. जॉनसन, रिचर्ड निक्सन, बिल क्लिंटन और जॉर्ज डब्ल्यू. बुश शामिल हैं। 2006 के बाद किसी भी अमेरिकी राष्ट्रपति ने पाकिस्तान का दौरा नहीं किया।

हालांकि, इसके पीछे एक कारण अमेरिका में हुए 26/11 का वो हमला भी है। अमेरिका को संदेह था कि इस हमले के मास्टरमाइंड ओसामा बिन लादेन को पाकिस्तान ने पनाह दी है। हालांकि, पाकिस्तान इससे इनकार करता रहा। फिर अमेरिका ने पाकिस्तान के भीतर घुसकर ओसामा बिन लादेन को मारा, जिसके बाद से दोनों देशों के संबंधों में काफी दूरी आई।

इसके अलावा, पाकिस्तान में चीन का दबदबा बढ़ता जा रहा है। ऐसे में यह भी एक कारण हो सकता है कि अमेरिका इस देश से दूरी बनाकर रखे हुए है। वहीं 2011 के बाद पहली बार अमेरिकी के किसी शीर्ष अधिकारी का पाकिस्तान का दौरा होने वाला है।

द संडे गार्जियन के अनुसार, सिक्योरिटी प्लानर्स ने आने वाले डेलिगेशन की सुरक्षा के लिए एक बड़ा मोटरकेड सिस्टम तैयार करना शुरू कर दिया है। अधिकारियों ने कन्फर्म किया कि अमेरिकी मिलिट्री एयरक्राफ्ट के लॉजिस्टिक्स टीम और इक्विपमेंट लेकर आने के बाद तैयारियां और तेज हो गईं। इस तरह के बड़े इंतजाम इस दौरे की सांकेतिक अहमियत और युद्ध के समय की डिप्लोमेसी से जुड़े असली सुरक्षा खतरों, दोनों को दिखाते हैं।

बीते दिन पाकिस्तान में ईरानी राजदूत रेजा अमीरी मोगादम ने ईरानी डेलिगेशन के पाकिस्तान पहुंचने को लेकर सोशल मीडिया पर जानकारी दी। हालांकि, बाद में उन्होंने अपना पोस्ट डिलीट कर दिया।

ईरानी राजदूत ने अपने पोस्ट में अमेरिकी वार्ताकारों के साथ सीजफायर के मुद्दे पर बातचीत के लिए ईरान के एक डेलिगेशन के पाकिस्तान आने की घोषणा की थी। यह पोस्ट पहले रेजा अमीरी मोगादम के सोशल मीडिया हैंडल पर थी, जो अब नजर नहीं आ रही है। इसकी पीछे की वजह सुरक्षा से संबंधित हो सकती है।

Continue Reading

अंतरराष्ट्रीय

‘इजरायल के विनाश की बात बर्दाश्त नहीं’, पाकिस्तान के रक्षा मंत्री के बयान पर भड़के पीएम नेतन्याहू; दी चेतावनी

Published

on

तेल अवीव, 10 अप्रैल : ईरान के साथ अमेरिका के सीजफायर की घोषणा के कुछ घंटे बाद ही इजरायल ने लेबनान में हिज्बुल्लाह पर बड़ा हमला कर दिया। इस हमले की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कड़ी निंदा हुई। वहीं दोनों पक्षों के बीच सीजफायर की मध्यस्थता करने वाले पाकिस्तान के विदेश मंत्री ख्वाजा आसिफ ने इजरायल के इस हमले को लेकर कुछ ऐसा कहा जिससे इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू भड़क उठे।

प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने पाकिस्तान को सीधी चेतावनी देते हुए कहा है कि इजरायल के विनाश की बात को बर्दाश्त नहीं कर सकते हैं। पीएम नेतन्याहू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “पाकिस्तान के रक्षा मंत्री का इजरायल को खत्म करने का आह्वान बहुत बुरा है। यह ऐसा बयान नहीं है जिसे किसी भी सरकार से बर्दाश्त किया जा सके, खासकर उस सरकार से जो शांति के लिए न्यूट्रल आर्बिटर होने का दावा करती है।”

दरअसल, पाकिस्तान के विदेश मंत्री ख्वाजा आसिफ ने एक्स पर पोस्ट में लिखा “इजरायल बुरा है और इंसानियत के लिए श्राप है। इस्लामाबाद में शांति वार्ता चल रही है, लेबनान में नरसंहार हो रहा है। इजरायल बेगुनाह नागरिकों को मार रहा है, पहले गाजा, फिर ईरान और अब लेबनान, खून-खराबा लगातार जारी है।”

इजरायल के खिलाफ आग उगलते हुए पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने कहा, “मैं उम्मीद और प्रार्थना करता हूं कि जिन लोगों ने फिलिस्तीनी धरती पर इस कैंसर जैसे राज्य का निर्माण किया है, वे यूरोपीय यहूदियों से छुटकारा पाएं और उन्हें नरक में जलाएं।”

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बीते दिन इजरायल के हमले की कड़ी निंदा की। उन्होंने बताया कि इजरायल के हमले के बाद लेबनान के प्रधानमंत्री नवाफ सलाम से फोन पर बातचीत की।

पीएम शहबाज ने एक्स पर लिखा, “मैंने आज शाम लेबनान के प्रधानमंत्री नवाफ सलाम से बात की। मैंने लेबनान के खिलाफ इजरायल के लगातार हमले की कड़ी निंदा की और इन दुश्मनी की वजह से लेबनान में हजारों लोगों की जान जाने पर दुख जताया। मैंने इस्लामाबाद में होने वाली ईरान-अमेरिका बातचीत के जरिए बातचीत को आसान बनाने समेत शांति की कोशिशों को आगे बढ़ाने के लिए पाकिस्तान की प्रतिबद्धता को फिर से सुनिश्चित किया।”

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नवाफ सलाम का शुक्रिया जिन्होंने पाकिस्तान की शांति की कोशिशों की सराहना की और लेबनान और उसके लोगों को निशाना बनाकर किए जा रहे हमलों को तुरंत खत्म करने के लिए हमारे लगातार समर्थन की जरूरत पर जोर दिया।

पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय इजरायली कार्रवाई इस इलाके में शांति और स्थिरता बनाने की अंतरराष्ट्रीय कोशिशों को कमजोर करती है और अंतरराष्ट्रीय कानून और बुनियादी मानवीय सिद्धांतों का खुला उल्लंघन है। पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय समुदाय से लेबनान के खिलाफ इजरायल के हमलों को खत्म करने के लिए तुरंत और ठोस कदम उठाने की अपील करता है।

बता दें, अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच सीजफायर लागू होने के कुछ ही घंटों बाद, इजरायल ने लेबनान पर एक दिन का सबसे बड़ा हमला किया, जिसमें 300 से ज्यादा लोग मारे गए और 1,100 से ज्यादा घायल हुए।

Continue Reading

अंतरराष्ट्रीय

विदेशों में चीन को टक्कर देने के लिए निजी क्षेत्र को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहा अमेरिका

Published

on

वॉशिंगटन, 10 अप्रैल : संयुक्त राज्य अमेरिका को वैश्विक बाजारों में अपने निजी क्षेत्र को अधिक आक्रामक तरीके से उतारना चाहिए ताकि चीन के बढ़ते प्रभाव का मुकाबला किया जा सके। उप विदेश मंत्री क्रिस्टोफर लैंडाउ ने वाणिज्यिक कूटनीति को अमेरिकी विदेश नीति की “मुख्य आधारशिला” बताया।

आर्थिक जुड़ाव को भू-राजनीतिक प्रतिस्पर्धा और दीर्घकालिक वैश्विक स्थिरता दोनों के केंद्र में रखते हुए लैंडाउ ने तर्क दिया कि वाशिंगटन को अपने व्यवसायों को विदेशों में प्रतिस्पर्धा के लिए बेहतर तरीके से सक्रिय करना होगा।

उन्होंने अटलांटिक काउंसिल के ग्लोबल प्रॉस्पेरिटी फोरम में अपने संबोधन में कहा, “हर दिन मैं जिस एक सवाल के साथ उठता हूँ…वह यह है कि हम कैसे सुनिश्चित करें कि अमेरिकी निजी क्षेत्र दुनिया के हर कोने में चीनी संस्थाओं को पछाड़ रहा हो?”

लैंडाउ ने स्वीकार किया कि कई देश अमेरिकी कंपनियों को पसंद करते हैं, लेकिन चीन की निरंतर मौजूदगी और वित्तीय सहायता के कारण अक्सर उसकी ओर रुख करते हैं। उन्होंने कहा, “आप किसी चीज़ को ‘कुछ नहीं’ से नहीं हरा सकते। चीनी यहाँ मौजूद हैं… अमेरिकी निजी क्षेत्र कहाँ है?”

उन्होंने तर्क दिया कि वाशिंगटन को उन बाधाओं को दूर करना होगा-जैसे जोखिम की धारणा, जानकारी की कमी और जटिल नियम जो अमेरिकी कंपनियों को विदेशों में निवेश से रोकती हैं। उन्होंने कहा, “हम कुछ जोखिमों को बढ़ा-चढ़ाकर आंक सकते हैं,” और जोड़ा कि सरकार को कंपनियों की मदद करनी चाहिए ताकि वे “जोखिमों का सही आकलन” कर सकें और “उन्हें कम कर सकें।”

उनके दृष्टिकोण के केंद्र में “तीन स्तंभों” वाली वाणिज्यिक कूटनीति है: निर्यात बाजारों का विस्तार, अमेरिकी निवेश को विदेशों में बढ़ावा देना और अमेरिका में विदेशी प्रत्यक्ष निवेश आकर्षित करना।

लैंडाउ ने कहा, “समग्र उद्देश्य यह है कि हम अपने देश को अधिक समृद्ध बनाएं” और जोर दिया कि आर्थिक जुड़ाव शून्य-योग खेल नहीं है। पूरी बात यह है कि ऐसे ‘विन-विन’ समाधान खोजे जाएं जो दोनों पक्षों को लाभ पहुंचाएं।

उन्होंने इस आलोचना को भी खारिज किया कि मजबूत वाणिज्यिक फोकस से अमेरिकी विदेश नीति अत्यधिक लेनदेन आधारित हो जाती है। उन्होंने कहा, “सभी संबंध किसी न किसी पारस्परिक लाभ की भावना पर आधारित होते हैं।”

लैंडाउ ने कहा कि पश्चिमी गोलार्ध अमेरिका की भागीदारी का “स्वाभाविक केंद्र” बना हुआ है, जिसका कारण निकटता और आपूर्ति श्रृंखला का एकीकरण है।

उन्होंने वेनेजुएला को दीर्घकालिक अवसर के रूप में बताया, इसे “बहुत, बहुत समृद्ध देश” कहा, जिसकी अर्थव्यवस्था में तेज गिरावट आई है।

विस्तृत रूप से उन्होंने तर्क दिया कि आर्थिक विकास राजनीतिक रूप से अस्थिर क्षेत्रों को स्थिर करने में मदद कर सकता है। उन्होंने कहा, “आर्थिक समृद्धि लगभग सभी संघर्षों का प्रमुख तत्व है,” और उदाहरण दिए जहाँ निवेश परियोजनाओं ने राजनीतिक विभाजन को कम करने में मदद की।

वैश्विक संघर्षों पर लैंडाउ ने कहा कि अमेरिका मध्य पूर्व में “स्थायी और प्रभावी युद्धविराम” की दिशा में काम कर रहा है और जोड़ा कि वाशिंगटन ने विरोधियों की क्षमताओं को कम करने के अपने सैन्य उद्देश्यों को “प्रभावी रूप से हासिल” कर लिया है।

उन्होंने विकासशील अर्थव्यवस्थाओं में पूंजी तक पहुंच के महत्व पर भी जोर दिया, इसे “पूरे तंत्र की जीवनरेखा” बताया।

उन्होंने सरकार और व्यवसायों के बीच बेहतर समन्वय की अपील की। उन्होंने कॉर्पोरेट नेताओं के लिए अपने संदेश का वर्णन करते हुए कहा, “मैं आपके लिए क्या कर सकता हूँ जिससे आपका काम आसान हो?”

इस फोरम में नीति निर्माताओं और वित्तीय संस्थानों के बीच यह बढ़ती सहमति भी सामने आई कि वैश्विक विकास के लिए निजी पूंजी बेहद महत्वपूर्ण होगी। वक्ताओं ने कहा कि उभरते बाजारों में अधिकांश नई नौकरियां सरकारों से नहीं बल्कि निजी क्षेत्र से आने की उम्मीद है।

हाल के वर्षों में अमेरिका ने पारंपरिक कूटनीति के साथ-साथ आर्थिक रणनीति पर अधिक जोर दिया है, खासकर चीन की बेल्ट एंड रोड इनीशिएटिव के जवाब में। वाशिंगटन ने विदेशी निवेश को समर्थन देने और जोखिम प्रबंधन के लिए यूएस इंटरनेशनल डेवलपमेंट फाइनेंस कार्पोरेशन जैसे साधनों का विस्तार किया है।

Continue Reading
Advertisement
महाराष्ट्र5 minutes ago

मुंबई: मालेगांव विस्फोट मामले में गिरफ्तारी के बाद 2008 में पुरोहित के करियर की प्रगति लगभग रुक गई थी।

राजनीति1 hour ago

पश्चिम बंगाल चुनाव : अमित शाह ने भाजपा का ‘भरोसा पत्र’ किया जारी, हर वर्ग को मिलेगा लाभ

अंतरराष्ट्रीय2 hours ago

वेंस की पाकिस्तान यात्रा से पहले सुरक्षा को लेकर चिंता, सालों बाद यूएस के किसी शीर्ष अधिकारी का पाक दौरा

राष्ट्रीय2 hours ago

शिवसेना (यूबीटी) सांसदों से गुप्त बैठक की खबरें अफवाह, एकनाथ शिंदे ने किया खंडन

राजनीति4 hours ago

‘दो-चार दिनों में सीएम नीतीश कुमार के इस्तीफे पर फैसला’, जदयू नेताओं ने नए मुख्यमंत्री को लेकर दिया बड़ा बयान

अंतरराष्ट्रीय4 hours ago

‘इजरायल के विनाश की बात बर्दाश्त नहीं’, पाकिस्तान के रक्षा मंत्री के बयान पर भड़के पीएम नेतन्याहू; दी चेतावनी

अंतरराष्ट्रीय5 hours ago

विदेशों में चीन को टक्कर देने के लिए निजी क्षेत्र को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहा अमेरिका

अंतरराष्ट्रीय5 hours ago

ईरानी विदेश मंत्री अराघची ने अमेरिका को दी चेतावनी- ‘नेतन्याहू को कूटनीतिक प्रक्रिया खत्म करने से रोके ट्रंप’

राष्ट्रीय5 hours ago

एआईएमआईएम ने हुमायूं कबीर की पार्टी से तोड़ा गठबंधन, अब अकेले लड़ेगी चुनाव

अंतरराष्ट्रीय6 hours ago

राष्ट्रपति ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट में तेल टैंकरों से शुल्क वसूले जाने की रिपोर्टों पर ईरान को दी चेतावनी

महाराष्ट्र2 weeks ago

लॉकडाउन लागू नहीं होगा… तेल की कीमतें भी नहीं बढ़ेंगी, अफवाह फैलाने वालों पर क्रिमिनल केस दर्ज होंगे: देवेंद्र फडणवीस

अपराध4 weeks ago

मुंबई सेंट्रल के रेलवे अस्पताल में महिला डॉक्टर की संदिग्ध हालात में मौत, जांच में जुटी पुलिस

अंतरराष्ट्रीय2 weeks ago

व्हाइट हाउस ने ईरान संकट पर पीएम मोदी और ट्रंप की बातचीत की सराहना की

महाराष्ट्र4 days ago

मुंबई : जय श्री राम विवाद में 5 गिरफ्तार, आरोपी के घर पर बुलडोजर कार्रवाई, तनावपूर्ण स्थिति में शांति बनी हुई है।

राजनीति2 weeks ago

गृह मंत्री शाह आज बंगाल में तृणमूल सरकार के खिलाफ ‘श्वेत पत्र’ जारी करेंगे

अपराध2 weeks ago

मुंबई में डिलीवरी वाहन से 27 गैस सिलेंडर चोरी, जांच जारी

अंतरराष्ट्रीय3 weeks ago

यूएई ने हबशान गैस प्लांट पर ईरान के हमले की कड़ी निंदा की, कुछ समय के लिए रोका गया ऑपरेशन

अपराध3 weeks ago

मुंबई में अभिनेत्री निमिषा नायर की कैब का पीछा करने वाले दो युवक हिरासत में, पुलिस ने नोटिस देकर छोड़ा

महाराष्ट्र2 weeks ago

अबू आसिम आज़मी ने महाराष्ट्र में हेट स्पीच से जुड़े अपराधों की घटनाओं पर चिंता जताई, विधानसभा में सख्त कार्रवाई की मांग की

व्यापार6 days ago

ईरान के ऊपर अमेरिकी जेट विमान मार गिराए गए; बचाव कार्य जारी

रुझान