अंतरराष्ट्रीय
दूसरे टेस्ट में न्यूजीलैंड ने बांग्लादेश को दी करारी शिकस्त
क्राइस्टचर्च में न्यूजीलैंड ने दूसरे टेस्ट में बांग्लादेश को एक पारी और 117 रनों से करारी शिकस्त दी है, जिससे मेजबान टीम ने मंगलवार को यहां हेगले ओवल में दो टेस्ट मैचों की श्रृंखला 1-1 से बराबर कर ली। लिटन दास ने 14 चौकों और एक छक्के की मदद से 114 गेंदों में 102 रन बनाए, जिससे बांग्लादेश का स्कोर 79.3 ओवरों में केवल 278 रन पहुंच सका, क्योंकि कीवी तेज गेंदबाज काइल जेमीसन (4/82) और नील वैगनर (3/77) ने शानदार गेंदबाज की।
दिग्गज रॉस टेलर ने अपने आखिरी टेस्ट में करियर का आखिरी विकेट लेकर न्यूजीलैंड को जीत दिलाई।
दूसरी पारी में बल्लेबाजी के लिए आए बांग्लादेश के सलामी बल्लेबाज शादमन इस्लाम (21) और मोहम्मद नईम (24) ने सुनिश्चित किया कि उनकी टीम टिम साउदी और ट्रेंट बोल्ट को कोई शुरुआती विकेट न दे।
लेकिन जल्द ही जेमीसन ने न्यूजीलैंड के लिए पहली सफलता दिलाई, क्योंकि उन्होंने इस्लाम को कैच आउट करवा कर पवेलियन भेज दिया। इसके बाद, नजमुल हुसैन शान्तो अगले बल्लेबाजी करने के लिए आए और कुछ शानदार शॉट खेले।
इस बीच, वैगनर ने शान्तो को 29 रन बनाए आउट कर टेस्ट मैच का अपना पहला विकेट लिया।
लंच के बाद, मोहम्मद नईम भी जल्दी आउट होकर पवेलियन लौट गए। वहीं, दूसरे सत्र का समापन वैगनर ने कप्तान मोमिनुल हक (37) को आउट करके किया। इसके बाद, उन्होंने यासिर अली (2) को लैथम के हाथों कैच आउट करवा दिया, जिससे बाद अंपायरों ने चाय की घोषणा कर दी।
इसके बाद, लिटन दास (102) और नूरुल हसन (36) के अलावा कोई भी बल्लेबाज ज्यादा देर तक नहीं टिक सका और बांग्लादेश की टीम दूसरी पारा में 278 रनों पर ऑलआउट हो गई।
न्यूजीलैंड की जीत के साथ ही रॉस टेलर ने अपने टेस्ट करियर की अंतिम गेंद पर विकेट हासिल किया, जिससे श्रृंखला को 1-1 से बराबर हो गया। मेजबान टीम को विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के लिए 12 महत्वपूर्ण अंक मिले।
संक्षिप्त स्कोर :
न्यूजीलैंड 521/6 पारी घोषित (टॉम लैथम 252, डेवोन कॉनवे 109, टॉम ब्लंडेल 57 नाबाद) बांग्लादेश 126 और 79.3 ओवर में 278 (लिटन दास 102, काइल जेमीसन 4/82, नील वैगनर 3/ 77)।
अंतरराष्ट्रीय
अगर कोई समझौता नहीं हुआ तो ईरान को वापस पाषाण युग में भेज देंगे, ट्रंप की खुली चेतावनी

TRUMP
वॉशिंगटन, 2 अप्रैल : ईरान के खिलाफ युद्ध के उद्देश्यों को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप शुरू से ही भ्रमित दिख रहे हैं। वह कभी कहते हैं कि वह ईरान के विरुद्ध अपने अभियान को खत्म कर सकते हैं तो कहीं ईरान को धमकाते दिखते हैं। इस बीच उन्होंने ईरान को चेतावनी दी है कि अगर कोई समझौता नहीं हुआ तो अमेरिकी सेना कुछ ही हफ्तों में उन्हें पाषाण युग में वापस ले जा सकती है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने एक बार फिर से दावा किया है कि ईरान की सेना खत्म हो चुकी है। स्थानीय समयानुसार बुधवार को टीवी पर दिए भाषण में ट्रंप ने कहा कि “अभी सिर्फ एक महीना हुआ है, जब अमेरिकी सेना ने आतंक के दुनिया के नंबर वन स्पॉन्सर ईरान को टारगेट करते हुए ऑपरेशन एपिक फ्यूरी शुरू किया था।”
उन्होंने दावा किया कि लड़ाई के मैदान में तेजी से बढ़त हासिल की जा रही है।
उन्होंने कहा, “आज रात, ईरान की नेवी खत्म हो गई है। उनकी एयरफोर्स बर्बाद हो गई है। उनके नेता अब मर चुके हैं। ईरान की मिसाइल और ड्रोन क्षमता बहुत कम कर दी गई हैं और हथियार फैसिलिटी टुकड़ों में उड़ा दी गई हैं।”
उन्होंने इस कैंपेन को ईरान को न्यूक्लियर हथियार हासिल करने से रोकने के लिए जरूरी बताया। ट्रंप ने कहा, “मैंने कसम खाई है कि मैं ईरान को कभी न्यूक्लियर हथियार नहीं रखने दूंगा।” ट्रंप ने ईरान की मौजूदा सरकार को “धरती की सबसे हिंसक सरकार” कहा।
ऑपरेशन मिडनाइट हैमर और पहले के अमेरिकी हमलों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “हमने उन न्यूक्लियर साइट्स को पूरी तरह से खत्म कर दिया। ईरान ने कहीं और अपना प्रोग्राम फिर से बनाने की कोशिश की थी।”
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका का मकसद ईरान की सैन्य क्षमता और अपनी सीमाओं के बाहर ताकत दिखाने की उसकी काबिलियत को खत्म करना था। उन्होंने कहा, “ये मुख्य रणनीतिक मकसद पूरे होने वाले हैं।”
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर बातचीत फेल हो जाती है तो और तनाव बढ़ेगा और कहा, “अगले दो से तीन हफ्तों में, हम उन्हें स्टोन एज में वापस ले जाएंगे। अगर कोई समझौता नहीं हुआ तो अमेरिका ईरान के इलेक्ट्रिक इंफ्रास्ट्रक्चर को टारगेट कर सकता है।”
अमेरिकी राष्ट्रपति ने साफ किया कि ईरान के शासन में बदलाव तय मकसद नहीं था। ट्रंप ने कहा कि लीडरशिप में बदलाव पहले ही हो चुके हैं। सत्ता परिवर्तन हमारा मकसद नहीं था, लेकिन शासन में बदलाव उनके सभी असली नेताओं की मौत की वजह से हुआ है।”
राष्ट्रपति ट्रंप ने दुनियाभर में तेल की कीमतों में हाल की बढ़ोतरी के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि ऐसा कमर्शियल तेल टैंकरों पर हुए आतंकी हमलों की वजह से हुआ। उन्होंने मिडिल ईस्ट के तेल पर निर्भर देशों से शिपिंग रूट सुरक्षित करने और इस इलाके पर निर्भरता कम करने की अपील की।
ट्रंप इजरायल, सऊदी अरब, कतर, यूएई, कुवैत और बहरीन जैसे क्षेत्रीय साथियों की सराहना करते हुए कहा कि वे अभियान में बहुत अच्छे साझेदार रहे हैं। ट्रंप ने अमेरिका की आर्थिक मजबूती पर भी जोर दिया और कहा कि देश दुनिया में तेल और गैस का नंबर एक प्रोड्यूसर है और लड़ाई से जुड़ी रुकावटों को झेल सकता है। उन्होंने 13 अमेरिकी सैनिकों के खोने की बात को स्वीकार किया और कहा कि उनके परिवारों ने उनसे काम पूरा करने की अपील की थी।
ऑपरेशन को ऐतिहासिक रूप से तेज बताते हुए, ट्रंप ने कहा कि इस कैंपेन ने सिर्फ एक महीने में एक बड़े खतरे को खत्म कर दिया है। उन्होंने कहा, “हम अमेरिका और दुनिया के लिए ईरान के खतरनाक खतरे को खत्म करने की कगार पर हैं।”
अंतरराष्ट्रीय
ईरान के राष्ट्रपति ने अमेरिका को लिखा खुला पत्र, कहा-अमेरिकी जनता से कोई दुश्मनी नहीं

तेहरान, 2 अप्रैल : ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने कहा कि ईरानी जनता अमेरिकी लोगों के प्रति कोई दुश्मनी नहीं रखती है। वहीं, उन्होंने अमेरिकी प्रशासन पर ईरान के खिलाफ “इज़रायल के प्रतिनिधि (प्रॉक्सी)” के रूप में लड़ने का आरोप लगाया।
शिन्हुआ समाचार एजेंसी ने रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने ये टिप्पणियां अमेरिकी जनता को संबोधित एक पत्र में कीं, जिसमें उन्होंने अमेरिका और इज़रायल के साथ चल रहे युद्ध को लेकर ईरान के रुख को विस्तार से बताया।
पेज़ेशकियन ने कहा, “ईरानी लोग अमेरिका, यूरोप या पड़ोसी देशों के लोगों सहित किसी भी अन्य राष्ट्र के प्रति दुश्मनी नहीं रखते।” उन्होंने कहा, “अपने गौरवशाली इतिहास के दौरान बार-बार विदेशी हस्तक्षेप और दबावों का सामना करने के बावजूद, ईरानियों ने हमेशा सरकारों और उनके लोगों के बीच स्पष्ट अंतर किया है।”
पेज़ेशकियन ने कहा कि ईरान ने “अपने आधुनिक इतिहास में कभी भी आक्रामकता, विस्तारवाद, उपनिवेशवाद या प्रभुत्व का रास्ता नहीं चुना,” जबकि उसे वैश्विक शक्तियों द्वारा कब्जे, आक्रमण और दबाव का सामना करना पड़ा है।
उन्होंने कहा कि ईरान को खतरे के रूप में प्रस्तुत करना इज़रायल द्वारा गढ़ी गई कहानी है जिसका उद्देश्य “फिलिस्तीनियों के खिलाफ अपने अपराधों से वैश्विक ध्यान हटाना” है।
पेज़ेशकियन ने ईरान के आसपास अमेरिकी सैन्य जमावड़े और ठिकानों का जिक्र करते हुए कहा कि इन ठिकानों से शुरू हुई अमेरिकी “आक्रामकताएं” यह दिखाती हैं कि ऐसी सैन्य मौजूदगी कितनी खतरनाक हो सकती है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा आने वाले दिनों में ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हमले की धमकी के जवाब में उन्होंने कहा कि देश के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर हमला सीधे ईरानी जनता को निशाना बनाता है। उन्होंने जोर दिया कि ऐसे कदम “युद्ध अपराध” हैं और इनके प्रभाव ईरान की सीमाओं से बाहर तक जाएंगे।
पेज़ेशकियन ने कहा कि अमेरिका इज़रायल के “प्रॉक्सी” के रूप में और उसके प्रभाव में आकर ईरान के साथ युद्ध में शामिल हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि इज़रायल अपने “अवैध हितों” के लिए “आखिरी अमेरिकी सैनिक और आखिरी अमेरिकी करदाता के पैसे तक” ईरान से लड़ना चाहता है।
उन्होंने सवाल किया, “क्या ‘अमेरिका फर्स्ट’ वास्तव में आज अमेरिकी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है?” उन्होंने कहा कि दुनिया इस समय “एक चौराहे पर खड़ी है,” जहां उसे टकराव और संवाद के बीच चयन करना होगा।
28 फरवरी को, इज़रायल और अमेरिका ने तेहरान और ईरान के कई अन्य शहरों पर संयुक्त हमले किए, जिसमें ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई सहित वरिष्ठ सैन्य कमांडरों और नागरिकों की मौत हो गई।
इसके जवाब में ईरान ने इज़रायल और मध्य पूर्व में अमेरिकी ठिकानों व संपत्तियों को निशाना बनाते हुए मिसाइल और ड्रोन हमलों की श्रृंखला शुरू की।
अंतरराष्ट्रीय
नासा ने ऐतिहासिक आर्टेमिस-II मानवयुक्त चंद्र मिशन का किया शुभारंभ

फ्लोरिडा, 2 अप्रैल : नासा का आर्टेमिस II चंद्र मिशन अमेरिका के फ्लोरिडा से प्रक्षेपित हुआ। इसमें चार अंतरिक्ष यात्रियों को लेकर 50 से अधिक वर्षों में पहली बार चंद्रमा के चारों ओर मानवयुक्त उड़ान भरी गई।
स्पेस लॉन्च सिस्टम रॉकेट जिसके शीर्ष पर ओरियन अंतरिक्ष यान लगा था, बुधवार को शाम 6:35 बजे (ईस्टर्न टाइम) नासा के कैनेडी स्पेस सेंटर से प्रक्षेपित किया गया।
यह आर्टेमिस कार्यक्रम के तहत नासा का पहला मानवयुक्त मिशन है। चार सदस्यीय दल में नासा के अंतरिक्ष यात्री रीड वाइसमैन, विक्टर ग्लोवर और क्रिस्टीना कोच शामिल हैं। साथ ही कनाडाई अंतरिक्ष एजेंसी के अंतरिक्ष यात्री जेरेमी हैनसेन भी दल का हिस्सा हैं।
लॉन्च काउंटडाउन को टी-10 मिनट के समय पर थोड़ी देर के लिए रोका गया था, जिसके बाद कुछ मिनटों में इसे फिर से शुरू कर दिया गया।
आर्टेमिस II मिशन गहरे अंतरिक्ष अभियानों के लिए आवश्यक कई क्षमताओं का प्रदर्शन करेगा। नासा के अनुसार, इसका उद्देश्य ओरियन के जीवन-समर्थन प्रणालियों को सत्यापित करना और अंतरिक्ष यात्रियों को आर्टेमिस III और आगामी चंद्र मिशनों की सफलता के लिए आवश्यक महत्वपूर्ण संचालन का अभ्यास करने का अवसर देना है।
दल चंद्रमा के दूरस्थ हिस्से से लगभग 7,400 किलोमीटर आगे तक यात्रा करेगा और फिर पृथ्वी पर लौटेगा। यह मिशन अंतरिक्ष यात्रियों को पृथ्वी से पहले से कहीं अधिक दूर और चंद्रमा के पहले से कहीं अधिक निकट ले जाएगा, जैसा कि पिछले आधे शताब्दी में कभी नहीं हुआ।
पुनः प्रवेश (री-एंट्री) इस मिशन के सबसे चुनौतीपूर्ण चरणों में से एक होगा। ओरियन के पृथ्वी के वायुमंडल में लगभग 25,000 मील प्रति घंटे की गति से प्रवेश करने की उम्मीद है, जहां उसे लगभग 5,000 डिग्री तापमान का सामना करना पड़ेगा, इसके बाद यह प्रशांत महासागर में उतरेगा।
मिशन के दौरान, अंतरिक्ष यात्री अंतरिक्ष यान के प्रदर्शन का मूल्यांकन करेंगे, आपातकालीन प्रक्रियाओं का अभ्यास करेंगे और चंद्रमा के दूरस्थ हिस्से की तस्वीरें लेंगे।
यह दल कई ऐतिहासिक उपलब्धियों का भी प्रतिनिधित्व करता है। इस मिशन में पहली महिला, पहला अफ्रीकी-अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री और चंद्रमा की ओर यात्रा करने वाला पहला कनाडाई शामिल है।
आर्टेमिस II को नासा की व्यापक योजना के शुरुआती कदम के रूप में देखा जा रहा है, जिसका उद्देश्य चंद्रमा पर दीर्घकालिक मानव उपस्थिति स्थापित करना और अंततः अंतरिक्ष यात्रियों को मंगल ग्रह तक भेजना है।
आर्टेमिस कार्यक्रम अपोलो मिशनों के बाद शुरू किया गया है, जिनके तहत 1968 से 1972 के बीच 24 अंतरिक्ष यात्रियों को चंद्रमा पर भेजा गया था, जिनमें से 12 ने उसकी सतह पर कदम रखा था।
नासा इस विरासत को आगे बढ़ाते हुए चंद्रमा पर एक दीर्घकालिक आधार (लूनर बेस) स्थापित करना चाहता है और इस दशक के अंत तक चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर मिशनों की योजना बना रहा है। इसके बाद मंगल की ओर आगे बढ़ेगा।
-
व्यापार6 years agoआईफोन 12 का उत्पादन जुलाई से शुरू होगा : रिपोर्ट
-
अपराध4 years agoभगौड़े डॉन दाऊद इब्राहिम के गुर्गो की ये हैं नई तस्वीरें
-
महाराष्ट्र9 months agoहाईकोर्ट ने मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोटिस जारी किया, मस्जिदों के लाउडस्पीकर विवाद पर
-
अनन्य3 years agoउत्तराखंड में फायर सीजन शुरू होने से पहले वन विभाग हुआ सतर्क
-
न्याय2 years agoमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के खिलाफ हाईकोर्ट में मामला दायर
-
अपराध4 years agoबिल्डर पे लापरवाही का आरोप, सात दिनों के अंदर बिल्डिंग खाली करने का आदेश, दारुल फैज बिल्डिंग के टेंट आ सकते हैं सड़कों पे
-
महाराष्ट्र1 year agoमीरा भयंदर हजरत सैयद बाले शाह बाबा की मजार को ध्वस्त करने का आदेश
-
अपराध3 years agoपिता की मौत के सदमे से छोटे बेटे को पड़ा दिल का दौरा
