Connect with us
Tuesday,29-September-2026
ताज़ा खबर

राष्ट्रीय

रेलटेल लगभग 200 रेलवे स्टेशनों पर कॉमन सर्विस सेंटर कियोस्क का संचालन करेगा

Published

on

 रेलटेल लगभग 200 रेलवे स्टेशनों पर कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) कियोस्क का संचालन करेगा। यह योजना सीएससी ई-गवर्नेंस सर्विसेज इंडिया लिमिटेड के साथ साझेदारी में संचालित की गई है। ये रेलवे स्टेशनों पर आने-जाने वाले लोगों के लिए एक बड़ी सुविधा है। रेलवे के अनुसार पायलट आधार पर उत्तर प्रदेश के वाराणसी सिटी स्टेशन और प्रयागराज सिटी स्टेशन पर दो कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) पहले ही संचालित किए जा चुके हैं। इन कियोस्क को ‘रेलवायर साथी’ नाम दिया गया है। ये कियोस्क कॉमन सर्विस सेंटर के ग्राम स्तरीय उद्यमियों (वीएलई) द्वारा संचालित किए जाएंगे।

इस एक अद्वितीय जन-हितैषी पहल के तहत रेल मंत्रालय के एक सार्वजनिक उपक्रम, रेलटेल ने पूरे भारत में रेलवे स्टेशनों पर कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) कियोस्क (स्टॉल) संचालित करने की एक योजना प्रारंभ की है। इस प्रयास से रेलवे स्टेशनों पर आने-जाने वाले लोगों को स्टेशन पर ही ‘कॉमन सर्विस सेंटर सेवाओं द्वारा दी जाने वाली विभिन्न सेवाओं का लाभ उठाने में सहायता मिलेगी। ‘कॉमन सर्विस सेंटर सेवाओं द्वारा दी जाने वाली सेवाओं में यात्रा टिकट (ट्रेन, हवाई, बस आदि) की बुकिंग, आधार कार्ड, वोटर कार्ड, मोबाइल रिचार्ज, बिजली बिल भुगतान, पैन कार्ड, आयकर, बैंकिंग, बीमा आदि सेवाएं शामिल हैं।

यह योजना ‘सीएससी ई-गवर्नेंस सर्विसेज इंडिया लिमिटेड’ (सीएससी-एसपीवी), इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार के साथ साझेदारी में संचालित की गई है। इन कियोस्कों का संचालन ग्राम स्तरीय उद्यमियों द्वारा किया जाएगा।

इन कियोस्क का नाम ‘रेलवायर साथी कियोस्क’ रखा गया है। सबसे पहले, उत्तर प्रदेश के वाराणसी सिटी रेलवे स्टेशन और प्रयागराज सिटी रेलवे स्टेशन पर रेलवॉयर साथी ‘कॉमन सर्विस सेंटर कियोस्क को पायलट आधार पर चालू किया गया है। इसी तरह के कियोस्क लगभग 200 रेलवे स्टेशनों पर चरणवार संचालित किए जाएंगे। इनमें से 44 दक्षिण मध्य रेलवे में, 20 पूर्वोत्तर सीमा रेलवे में, 13 पूर्व मध्य रेलवे में, 15 पश्चिम रेलवे में, 25 उत्तर रेलवे में, 12 पश्चिम मध्य रेलवे में हैं, 13 पूर्वी तट रेलवे में हैं और 56 पूर्वोत्तर रेलवे में हैं।

रेलटेल ने 6090 स्टेशनों पर जिनमें से 5000 ग्रामीण क्षेत्रों में हैं सार्वजनिक वाई-फाई (‘रेलवायर’ब्रांड नाम के अंतर्गत) उपलब्ध कराया है जो विश्व के सबसे बड़े एकीकृत वाई-फाई नेटवर्कों में से एक है। स्टेशनों पर इस मौजूदा अवसंरचना का उपयोग करते हुए, रेलटेल, ‘कॉमन सर्विस सेंटर के साथ साझेदारी में, ग्रामीण क्षेत्रों में ब्रॉडबैंड सेवाएं देने की योजना बना रही है जो डिजिटल डिवाइड को पाटने और डिजिटल इंडिया के माननीय प्रधानमंत्री जी के विजन को पूरा करने की दिशा में अग्रसर होगी।

इस सम्बंध में सीएमडी/रेलटेल, पुनीत चावला ने कहा, ‘ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को अक्सर अवसंरचना व संसाधनों की कमी के साथ-साथ इंटरनेट का उपयोग करने की जानकारी के अभाव के कारण विभिन्न ई-गवर्नेंस सेवाओं का लाभ उठाने या डिजिटलाइजेशन की सुविधाओं को प्राप्त करने में कठिनाई होती है। ये रेलवॉयर साथी कियोस्क ग्रामीण आबादी की सहायता के लिए ग्रामीण रेलवे स्टेशनों पर इन आवश्यक डिजिटल सेवाओं को लाएंगे।’

रेलटेल के साथ साझेदारी के बारे में बात करते हुए सीएससी-एसपीवी प्रबंध निदेशक डॉ. दिनेश कुमार त्यागी ने कहा कि दूरदराज के गांवों में कनेक्टिविटी के अभाव के कारण ग्रामीण भारत में डिजिटल सेवाओं की पहुंच अक्सर बाधित होती है। रेलवे स्टेशनों पर रेलटेल के वाई-फाई और कियोस्क इंफ्रास्ट्रक्च र की उपलब्धता से, हमारे ग्राम स्तरीय उद्यमी हमारी सेवाओं को लोगों तक पहुंचाने में सक्षम हो सकेंगे।

राजनीति

असम के आदर्श विद्यालयों से बच्चों को मिल रहा ‘बेस्ट’ जैसा माहौल : हिमंता बिस्वा सरमा

Published

on

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि उनकी सरकार ने आदर्श विद्यालय पहल के जरिए राज्य में सरकारी स्कूलों की पूरी सोच ही बदल दी है। इन स्कूलों में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और सुविधाएं दी जा रही हैं, ताकि छात्रों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।

मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि आदर्श विद्यालय सिर्फ नई इमारतें नहीं हैं, बल्कि इन्हें एक पूरे शैक्षिक इकोसिस्टम के रूप में विकसित किया गया है, जहां छात्रों को बड़े और नामी स्कूलों जैसी सुविधाएं मिल सकें।

उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा, “हमने असम में सरकारी स्कूल का मतलब ही बदल दिया है। आदर्श विद्यालय सिर्फ नई इमारतें नहीं हैं।”

मुख्यमंत्री ने इन स्कूलों में बनाई जा रही सुविधाओं के बारे में भी बताया। इनमें स्मार्ट क्लासरूम, साइंस और कंप्यूटर लैब, लाइब्रेरी और खेल के मैदान शामिल हैं।

उन्होंने कहा, “स्मार्ट क्लासरूम, साइंस और कंप्यूटर लैब, लाइब्रेरी, खेल के मैदान, एक ऐसा इकोसिस्टम जहां किसी भी ब्लॉक का बच्चा बेस्ट स्कूलों के बच्चों के साथ मुकाबला कर सके।”

उनके मुताबिक इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि बच्चे चाहे किसी भी ब्लॉक या इलाके से आते हों, उन्हें देश के बेहतरीन शिक्षण संस्थानों के छात्रों के साथ प्रतिस्पर्धा करने का मौका मिले।

आदर्श विद्यालय कार्यक्रम असम सरकार की सरकारी स्कूल शिक्षा को मजबूत करने की कोशिशों में से एक है। इसके तहत बुनियादी ढांचे में सुधार और छात्रों के लिए बेहतर शैक्षणिक माहौल बनाया जा रहा है, खासकर ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में।

इस पहल के तहत मॉडल स्कूल बनाए जा रहे हैं जो आधुनिक पढ़ाई-लिखाई की सुविधाओं से लैस हैं। सिर्फ बिल्डिंग ही नहीं, बल्कि ऐसा माहौल तैयार किया जा रहा है जो बच्चों के शैक्षणिक विकास, एक्स्ट्रा करिकुलर एक्टिविटी और उनके एक्सपोजर को बढ़ावा दे।

सरकार राज्य के जिलों में आदर्श विद्यालयों का नेटवर्क लगातार बढ़ा रही है, ताकि स्कूल शिक्षा के बुनियादी ढांचे को अपग्रेड किया जा सके और सभी को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुंच मिल सके।

यह पहल असम में सरकारी स्कूलों को आधुनिक बनाने और राज्य के अलग-अलग हिस्सों के छात्रों के बीच शिक्षा के अवसरों में जो असमानता है, उसे कम करने के लिहाज से भी अहम है।

मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि फोकस इस बात पर है कि सरकारी स्कूल में पढ़ने वाला बच्चा भी बेहतर संसाधनों वाले संस्थानों के छात्रों के बराबर खड़ा होकर मुकाबला करने की सोच सके।

मुख्यमंत्री की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब असम सरकार राज्य भर में शिक्षा के बुनियादी ढांचे का विस्तार और आधुनिकीकरण कर रही है। आदर्श विद्यालय मॉडल का मकसद सरकारी स्कूलों को बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और आधुनिक शिक्षण सुविधाओं के साथ छात्रों और अभिभावकों के लिए अधिक आकर्षक बनाना है।

सरकार अपनी बड़ी शिक्षा सुधार योजना के तहत स्कूलों में लैब, डिजिटल लर्निंग और दूसरी सुविधाओं को मजबूत करने पर भी ध्यान दे रही है। आदर्श विद्यालय पहल के जरिए सरकार सरकारी स्कूलों को सिर्फ बुनियादी शिक्षा देने वाले संस्थान के बजाय एक आधुनिक लर्निंग स्पेस के रूप में स्थापित करना चाहती है, जो छात्रों को आगे की पढ़ाई और प्रतिस्पर्धी अवसरों के लिए तैयार कर सके।

Continue Reading

राष्ट्रीय

सुप्रीम कोर्ट में अभिषेक बनर्जी के पीए की जमानत याचिका पर सुनवाई, राज्य सरकार ने किया विरोध

Published

on

सालबोनी जमीन मामले में पश्चिम बंगाल सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी के निजी सहायक (पीए) सुमित रॉय से हिरासत में पूछताछ की मांग की है।

सरकार का कहना है कि जांच के दौरान सुमित रॉय से जुड़े खातों में करीब 15 करोड़ नकद जमा होने की जानकारी सामने आई है। अब जांच टीम यह पता करना चाहती है कि यह पैसा कहां से आया और इसका जमीन के मामले से कोई संबंध है या नहीं।

सुमित रॉय की अग्रिम जमानत की मांग वाली याचिका पर गुरुवार को भी सुनवाई जारी रहेगी।

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि सुमित रॉय से पूछताछ के दौरान बैंक खातों में जमा बड़ी रकम के बारे में सवाल किए गए थे। सरकार के मुताबिक, बैंक रिकॉर्ड और पेन से यह रकम सुमित रॉय से जुड़ी होने की बात सामने आई है।

सरकार ने यह भी बताया कि 17 जून 2021 को करीब 71 लाख जमा किए गए थे। यह वही समय था जब जमीन से जुड़े कथित लेन-देन की जांच चल रही थी। सरकार का कहना है कि इन पैसों के बारे में पूरी जानकारी लेने के लिए सुमित रॉय से हिरासत में पूछताछ जरूरी है।

सुमित रॉय की ओर से वरिष्ठ वकील गोपाल शंकरनारायण ने सरकार की दलीलों का विरोध किया। उन्होंने कहा कि इन पैसों को लेकर पहले ही सफाई दी जा चुकी है। उनके मुताबिक, यह रकम पार्टी की सदस्यता फीस और चंदे से जुड़ी थी। वकील ने कहा कि सुमित रॉय का काम ही पार्टी से मिलने वाली रकम को जमा करना और उसके चालान को जमा करना था।

Continue Reading

राजनीति

राहुल गांधी पर मानहानि मामले में सुप्रीम कोर्ट का जल्द सुनवाई से इनकार, सीजेआई बोले-हमारे सामने सब बराबर

Published

on

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ चल रहे मानहानि मामले में जल्द सुनवाई की मांग पर सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को इंकार कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हमारे सामने सब बराबर हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने शिकायतकर्ता को मामले की शीघ्र सुनवाई के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन दाखिल करने को कहा है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने भरोसा दिया कि आवेदन मिलने के बाद उस पर विचार किया जाएगा।

चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ के समक्ष शिकायतकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता गौरव भाटिया पेश हुए। उन्होंने अदालत को बताया कि राहुल गांधी इस मामले में कोई वीआईपी नहीं हैं और उनकी अपील करीब पांच महीने से सुनवाई के लिए लंबित है।

उन्होंने कहा कि मामला कई बार सूची में आया लेकिन किसी कारण से सुनवाई नहीं हो सकी। गौरव भाटिया ने दलील दी कि बार-बार मामले की सुनवाई टलना संस्थान के लिए भी उचित नहीं है। इस पर सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि मामले में तय प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए। आवेदन मिलने के बाद वह उस पर विचार करेगा।

बता दें कि यह मामला दिसंबर 2022 में राहुल गांधी की ओर से दिए गए एक बयान से जुड़ा है। भारत-चीन सीमा पर हुई झड़प को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाते हुए राहुल गांधी ने दावा किया था कि चीनी सैनिक अरुणाचल प्रदेश में भारतीय सेना के जवानों को पीट रहे हैं। उनके इस बयान पर बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन के पूर्व डायरेक्टर उदय शंकर श्रीवास्तव ने शिकायत दर्ज कराई थी।

शिकायत में आरोप लगाया गया कि राहुल गांधी का बयान भारतीय सेना के लिए अपमानजनक है और इससे सेना की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है। इसी मामले में लखनऊ की अदालत ने राहुल गांधी को पेश होने के लिए समन जारी किया था।

समन को चुनौती देते हुए राहुल गांधी ने इलाहाबाद हाईकोर्ट का रुख किया था। हालांकि, हाईकोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी। इसके बाद राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दाखिल की। सुप्रीम कोर्ट ने पहले मामले में आगे की कार्रवाई पर रोक लगाई थी।

Continue Reading
Advertisement
मनोरंजन23 minutes ago

सोहा-कुणाल की लाडली का जन्मदिन सेलिब्रेशन, परिवार ने दी जमकर शुभकामनाएं

राजनीति31 minutes ago

कांग्रेस क्यों चाहती है मृत और डुप्लीकेट वोटरों के नाम रिस्टोर हों?: स्मृति ईरानी

राष्ट्रीय समाचार1 hour ago

मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों के 58 लाख विद्यार्थियों को ड्रेस के लिए 600 रुपए मिलेंगे

व्यापार1 hour ago

आईओसीएल में अप्रेंटिस के 58 पदों पर आवेदन जारी, युवाओं के पास 18 अक्टूबर तक अवसर

राष्ट्रीय समाचार2 hours ago

विपक्ष दल साथ आए या अलग-अलग लड़े, 2027 में भाजपा सरकार बनेगी : केशव प्रसाद मौर्य

राष्ट्रीय समाचार2 hours ago

हेड कॉन्स्टेबल से मारपीट पर सौरभ भारद्वाज-जरनैल सिंह समेत ‘आप’ कार्यकर्ताओं पर एफआईआर

मनोरंजन3 hours ago

उदिति सिंह ने करण वाही से रिश्ते पर तोड़ी चुप्पी, बोलीं- ब्रेकअप के बाद जिंदगी बदल गई

राष्ट्रीय समाचार3 hours ago

केरल स्थानीय निकाय उपचुनाव : सतीशन के नेतृत्व में यूडीएफ की सीटें घटी, लेफ्ट को मिली बढ़त

महाराष्ट्र4 hours ago

महाराष्ट्र एफडीए प्रमुख ने संजय राउत से उगाही के आरोपों के बीच भ्रष्टाचार के सबूत पेश करने को कहा

मनोरंजन4 hours ago

काजी तौकीर और माही विज के सपोर्ट में उतरीं शिल्पा शिंदे, बाकियों को बताया डबल फेस

महाराष्ट्र4 weeks ago

आगरीपाड़ा पुलिस में रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट को लेकर हंगामा, बिल्डर के खिलाफ धरना

राजनीति2 weeks ago

राष्ट्रपति मुर्मु ने ईरानी समकक्ष पेजेश्कियन से की मुलाकात, स्थायी शांति के लिए भारत की प्रतिबद्धता दोहराई

खेल2 weeks ago

14 जनवरी से होगा डब्ल्यूपीएल 2027 का आगाज, 28 अक्टूबर को कोच्चि में होगी खिलाड़ियों की नीलामी

खेल4 weeks ago

प्रीमियर लीग: फर्नांडीस की हैट्रिक, मैनचेस्टर यूनाइटेड ने इप्सविच को 5-2 से हराया

अपराध4 weeks ago

अग्रीपाड़ा में घरेलू विवाद के बाद 19 वर्षीय युवक ने पत्नी की हत्या कर की खुदकुशी

राष्ट्रीय समाचार4 weeks ago

भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 11.475 बिलियन डॉलर बढ़कर ऑल-टाइम हाई 740.803 बिलियन डॉलर पर पहुंचा

खेल4 weeks ago

पहली बार भारत और जापान के बीच खेला जाएगा टी20 इंटरनेशनल मुकाबला, बीसीसीआई ने किया ऐलान

राष्ट्रीय समाचार2 weeks ago

भारत में एथेनॉल आपूर्ति 895 करोड़ लीटर पहुंची, अनाज-आधारित स्रोतों की हिस्सेदारी करीब 70 प्रतिशत: इंडस्ट्री डेटा

व्यापार4 weeks ago

सोने में बड़ी तेजी की संभावना, बुल केस में साल के अंत तक 5,600 डॉलर और चांदी 120 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकती है: रिपोर्ट

मनोरंजन3 weeks ago

अदनान सामी का कहना है कि एक पाकिस्तानी के तौर पर भारत में काम मिलना कभी मुश्किल नहीं था: ‘भारतीय नागरिकता मिलने के बाद बहुत कुछ बदल गया’

रुझान