मनोरंजन
अभिनय के अंतराल के दौरान जेनिफर लॉरेंस ने ‘अ टन ऑफ सेक्स’ किया
अभिनेत्री जेनिफर लॉरेंस ने मजाक में कहा कि तीन साल के अभिनय के अंतराल के दौरान उन्होंने ‘अ टन ऑफ सेक्स’ किया। फीमेलफस्र्ट डॉट को डॉट यूके की रिपोर्ट के अनुसार ‘डोंट लुक अप’ स्टार ने इस बारे में खुलकर बात की और कहा कि उन्होंने फिल्म उद्योग से दूर अपना समय कैसे बिताया।
इस हफ्ते ‘द लेट शो विद स्टीफन कोलबर्ट’ में एक उपस्थिति के दौरान, 31 वर्षीय अभिनेत्री से पूछा गया कि उन्होंने पिछले तीन वर्षों में क्या किया? जिसके जवाब में अभिनेत्री ने अपने बेबी बंप को देखते हुए चुटकी लेते हुए कहा कि मैं बस सेक्स किया।
मेजबान ने उत्तर दिया, आपके लिए अच्छा है।
लॉरेंस ने जल्दी से कहा कि वह मजाक कर रही थी।
‘हंगर गेम्स’ की अभिनेत्री ने कहा कि मैं मजाक कर रही हूं। मैंने थोड़ा खाना पकाया है। महामारी हुई और फिर मैंने खाना बनाया और मैंने बहुत सफाई की।
मनोरंजन
अरहान खान ने गिनाईं बिग बॉस 13 की खूबियां, बोले-जितना ज्यादा दिखोगे, उतना ज्यादा बिकोगे

‘बिग बॉस-13’ अपने दमदार प्रतियोगियों, शानदार रिश्तों और जबरदस्त ड्रामे के कारण भारतीय टेलीविजन के इतिहास का सबसे सफल और यादगार सीजन माना जाता है। इसी सीजन के कंटेस्टेंट अरहान खान का मानना है कि इस सीजन में हर प्रतियोगी अपनी असली शख्सियत के साथ खेला था और इसीलिए वह सीजन इतना सफल हुआ।
उन्होंने आईएएनएस के साथ बातचीत में बताया, “उस सीजन की खासियत यह थी कि उसमें बहुत सारे लोग थे। आप सिर्फ एक शख्स को देखते हैं, लेकिन वहां असीम, सिद्धार्थ, विशाल, पारस, शेफाली, मधुरिमा, हिमांशी, खेसारी लाल, हिंदुस्तानी भाऊ और कई अन्य अच्छे नाम थे।बहुत सारे लोग थे और इसीलिए वह इतना यादगार सीजन बना था।”
उन्होंने आगे कहा, “उस सीजन में हर कोई रियल था। हर किसी ने वैसा ही खेला जैसे वो हैं। अगर आप किसी भी कंटेस्टेंट को देखें, तो कोई किसी की कॉपी नहीं कर रहा था। सीजन तेरह देखने के बाद लोग ये नहीं कह रहे थे कि किसी कंटेस्टेंट ने किसी की नकल की है या सीजन कॉपी किया गया है। लोग बस खुद जैसे थे। उन्होंने रियलिटी के साथ खेला और इसीलिए वह सीजन इतना सफल हुआ।”
अभिनेता से आईएएनएस ने सवाल किया, “क्या आपको लगता है कि रियलिटी शो करने के बाद एक एक्टर के लिए अपनी इमेज बनाना मुश्किल हो जाता है?”
अरहान खान ने कहा, “मुझे लगता है कि अब इमेज वाला सीन ही खत्म हो गया है। पहले अपनी इमेज को लेकर कॉन्शियस रहना पड़ता था। आज ऐसा कुछ नहीं होता। आप जितना ज्यादा दिखोगे, उतना ज्यादा बिकोगे। ऐसा कोई शख्स नहीं जिसके साथ कंट्रोवर्सी न जुड़ी हो। अगर आप हमारा बिग बॉस वाला सीजन देखेंगे, तो उसमें हर किसी के साथ कंट्रोवर्सी थी। यह सबसे बड़ा हिट और सबसे यादगार सीजन था। इसे आज भी हर कोई याद करता है।”
अभिनेता ने आगे सोशल मीडिया की वजह से बढ़ते मौकों पर बात की। उन्होंने कहा, “सोशल मीडिया ने न सिर्फ एक्टर्स के लिए मौके बढ़ाए हैं, बल्कि नए लोगों को भी बहुत सारे मौके दिए हैं। साथ ही यह बहुत स्ट्रेसफुल भी है। सोशल मीडिया बहुत से लोगों को परेशान भी करता है, लेकिन जब सक्सेस मिलती है तो वह ऐसे ही नहीं आती। यह अपने साथ बहुत सारा बैगेज लेकर आती है। आप किस इंडस्ट्री या शोबिज में हैं, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। ये चीजें सक्सेस के साथ आती हैं।”
मनोरंजन
‘राइज एंड फॉल सीजन 2’ का प्रोमो रिलीज, होस्ट के तौर पर नजर आएंगे वीरेंद्र सहवाग

पूर्व भारतीय क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग आगामी रियलिटी शो ‘राइज एंड फॉल सीजन 2’ से ओटीटी पर डेब्यू करने जा रहे हैं। मेकर्स ने शुक्रवार को शो की पहली झलक पेश की।
प्रोमो में वीरेंद्र सहवाग अपने फेमस मजेदार अंदाज में जिंदगी के उतार-चढ़ाव के बारे में बात करते हैं और फिर दर्शकों को इस रियलिटी शो की अनिश्चितता भरी दुनिया से रूबरू कराते हैं, जहां दांव ऊंचे हैं और कोई भी पोजीशन परमानेंट नहीं है।
पेंटहाउस और बेसमेंट की दो अलग-अलग दुनियाओं में बसे इस गेम में 15 सेलेब्स को दो ग्रुप में बांटा गया है, रूलर्स और वर्कर्स। जहां रूलर्स पेंटहाउस की सारी सुविधाओं का मजा लेते हैं, वहीं वर्कर्स को बेसमेंट की मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। यहां हर फैसला, हर दोस्ती और हर चाल गेम का रुख बदल सकती है।
वीरेंद्र सहवाग का मानना है कि क्रिकेट और रियलिटी शो में समानता यह है कि दोनों के आखिरी तक कुछ भी हो सकता है।
उन्होंने कहा कि जैसे क्रिकेट में आखिरी बॉल तक मैच पलट सकता है, वैसे ही इस शो में भी आखिरी तक कुछ भी हो सकता है और यहां आसानी से जीत नहीं मिलती। वीरेंद्र सहवाग ने कहा, “क्रिकेट ने मुझे एक बात सिखाई है- आखिरी बॉल से पहले कोई मैच जीता नहीं जाता और ‘राइज एंड फॉल सीजन 2’ इस अनिश्चितता को एक अलग ही लेवल पर ले जाता है। एक होस्ट के तौर पर मुझे इस गेम की जो बात सबसे ज्यादा एक्साइट करती है, वो ये है कि यहां कोई आसान जीत नहीं है और कोई भी पोजीशन फिक्स नहीं है।”
उन्होंने आगे कहा, “हमारे लिए सबसे बड़ी चुनौती सिर्फ टॉप पहुंचना नहीं बल्कि यह जानना है कि वहां कैसे बने रहना है। आपको पता होना चाहिए कि अब अटैक करना है, जब डिफेंड करना है और सबसे जरूरी बात, गेम को कब समझना है, इससे पहले कि वह आपको समझे। पैसे, स्ट्रैटेजी और बदलते इक्वेशन के साथ, आराम की कोई गुंजाइश नहीं है। मैं कंटेस्टेंट्स को गेम में आगे बढ़ते, रिस्क लेते, अलायंस बनाते और यह दिखाते हुए देखने का इंतजार कर रहा हूं कि वे असल में किस चीज से बने हैं।”
बनिजय एशिया द्वारा प्रोड्यूस किया गया एमएक्स ओरिजिनल ‘राइज एंड फॉल सीजन 2’ प्राइम वीडियो पर फ्री में स्ट्रीम होगा।
मनोरंजन
अदनान सामी का कहना है कि एक पाकिस्तानी के तौर पर भारत में काम मिलना कभी मुश्किल नहीं था: ‘भारतीय नागरिकता मिलने के बाद बहुत कुछ बदल गया’

सिंगर और कंपोज़र अदनान सामी ने बताया है कि भारतीय नागरिक बनने के बाद उनकी ज़िंदगी कैसे बदली। उन्होंने ट्रेड एनालिस्ट कोमल नाहटा के साथ “गेम चेंजर्स: द म्यूज़िक सीरीज़” में बातचीत के दौरान ये बातें कहीं। भारतीय नागरिकता मिलने के बाद आए बदलाव के बारे में बात करते हुए अदनान ने कहा, “जब मैं पाकिस्तानी नागरिक था, तब भी मेरे लिए भारत में काम मिलना मुश्किल नहीं था। भारतीय नागरिकता मिलने के बाद बहुत कुछ बदल गया। मैं भारत का हो गया और भारत मेरा हो गया।”
जानकारी के लिए बता दें कि अदनान सामी 1 जनवरी 2016 को आधिकारिक तौर पर भारतीय नागरिक बने। वह पहली बार मार्च 2001 में विज़िटर वीज़ा पर भारत आए थे और देश के म्यूज़िक इंडस्ट्री में एक सफल करियर बनाया। भारतीय नागरिकता की ओर उनका सफ़र तब शुरू हुआ जब 2015 में उनका पाकिस्तानी पासपोर्ट एक्सपायर हो गया और उसे रिन्यू नहीं किया गया। इसके बाद उन्होंने मानवीय आधार पर भारत में कानूनी स्टेटस के लिए आवेदन किया।
गृह मंत्रालय ने नागरिकता अधिनियम, 1955 की धारा 6(1) के तहत अदनान सामी को भारतीय नागरिकता दी। यह प्रावधान सरकार को नैचुरलाइज़ेशन (प्राकृतिक रूप से नागरिकता) के ज़रिए नागरिकता देने की अनुमति देता है, जिसमें ऐसे लोग भी शामिल हैं जिन्होंने कला और संस्कृति जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दिया है। एक इंटरव्यू में, अदनान सामी ने बताया था कि भारत आने का उनका फ़ैसला पाकिस्तानी म्यूज़िक इंडस्ट्री में मौकों और सपोर्ट की कमी से प्रभावित था। ‘लिफ़्ट करा दे’ वाले कलाकार ने दिग्गज सिंगर आशा भोसले से मिले प्रोत्साहन को याद किया, जिसने भारत में मौके तलाशने के उनके फ़ैसले में अहम भूमिका निभाई।
सामी ने अपने म्यूज़िक को अपनाने और उन्हें अपना टैलेंट दिखाने के लिए एक प्लेटफ़ॉर्म देने का श्रेय भी भारत को दिया। अदनान सामी ने 1990 के दशक की शुरुआत में अपना म्यूज़िकल सफ़र शुरू किया और धीरे-धीरे अपने लोकप्रिय एल्बम और हिंदी गानों के साथ भारतीय म्यूज़िक इंडस्ट्री में एक प्रमुख नाम बन गए। उन्हें “कभी तो नज़र मिलाओ” एल्बम से शोहरत मिली, जो बहुत सफल रहा। अपनी वर्सटैलिटी (बहुमुखी प्रतिभा) के लिए मशहूर सामी ने इंडियन क्लासिकल, पॉप और फ़िल्म म्यूज़िक सहित कई तरह के जॉनर में काम किया है। कला के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए, उन्हें 2020 में भारत सरकार द्वारा पद्म श्री से सम्मानित किया गया।
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