राजनीति
प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात के बाद बोले हरियाणा के सीएम, ‘एमएसपी पर कानून बनाना संभव नहीं’
एमएसपी पर कानून बनाने को लेकर हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा है कि इस पर कानून बनाना संभव नहीं लग रहा है। शुक्रवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री से मुलाकात करने के बाद मीडिया से बात करते हुए हरियाणा के सीएम ने विशेषज्ञों की राय का हवाला देते हुए कहा कि एमएसपी पर कानून बनाना संभव नहीं है क्योंकि ऐसा करने से सरकार पर सारी फसलें खरीदने का दबाव आ जाएगा, जो संभव नहीं है। हरियाणा के मुख्यमंत्री के इस बयान को इसलिए भी बड़ा बयान माना जा रहा है क्योंकि तीनों कृषि कानूनों की वापसी के ऐलान के बावजूद किसान संगठनों का धरना और आंदोलन अभी जारी है। किसान संगठन केंद्र सरकार से एमएसपी पर कानून बनाने की मांग कर रहे हैं। ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मुलाकात के बाद हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल का यह बयान अपने आप में काफी महत्वपूर्ण हो जाता है।
पीएम मोदी के साथ हुई मुलाकात के बारे में बताते हुए हरियाणा सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री के साथ कृषि कानूनों पर भी चर्चा हुई, पीएम साहब चिंता कर रहे थे कि किसानों को वापस जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कृषि कानून वापस लेने की घोषणा से अच्छा संदेश गया है और संसद के शीतकालीन सत्र में कानून वापस होने के बाद निश्चित ही किसान अपने घरों को लौट जाएंगे।
मनोहर लाल ने बताया कि पीएम के साथ प्रदूषण , पराली , स्वच्छता , बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ सहित कई अन्य मुद्दों पर चर्चा हुई और उन्होने राज्य की कई नई योजनाओं के बारे में भी पीएम को बताया। मुलाकात के दौरान हरियाणा के सीएम ने पीएम मोदी को गीता जयंती उत्सव का निमंत्रण दिया और उनसे आर्बिटर रेल कॉरिडोर के शिलान्यास करने का भी अनुरोध किया।
एचपीएससी के मुद्दे पर विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अंधेरे में तीर मारने की जरूरत नहीं है अगर विपक्ष के पास कोई पुख्ता जानकारी है, तो हमें दें हम उसको जांच के दायरे में लाएंगे।
हरियाणा में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सस्पेंस बना रहे इसी में सबको आनंद है।
राष्ट्रीय समाचार
एयर इंडिया बोइंग विमान हादसे की जांच में कोई देरी नहीं, तय प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ रही जांच: सरकार

केंद्र सरकार ने सोमवार को संसद में स्पष्ट किया कि अहमदाबाद में हुए एयर इंडिया बोइंग ड्रीमलाइनर विमान हादसे की जांच में किसी तरह की कोई देरी नहीं हुई है। नागर विमानन मंत्रालय ने कहा कि दुर्घटना की जांच तय प्रक्रियाओं के अनुसार आगे बढ़ रही है और फिलहाल किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में मंत्रालय ने कहा कि बड़े विमान हादसों की जांच कई तकनीकी और अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं पर निर्भर करती है। ऐसे मामलों में कई तरह के कारकों की विस्तृत जांच की जाती है, इसलिए अंतिम जांच रिपोर्ट कब तक तैयार होगी, इसके लिए कोई निश्चित समय-सीमा तय नहीं की जा सकती। मंत्रालय ने कहा कि किसी बड़े विमान हादसे की जांच पूरी होने का समय पहले से बताना संभव नहीं है।
सरकार ने यह भी बताया कि दुर्घटना के पीछे मौजूद सभी संभावित कारणों और योगदान देने वाले सभी कारकों की व्यापक जांच की जा रही है। इसका मतलब है कि जांच अभी जारी है और अब तक किसी भी संभावित वजह को अंतिम रूप से जिम्मेदार नहीं ठहराया गया है।
मंत्रालय ने संसद को यह भी जानकारी दी कि जांच के तहत विमान के थ्रस्ट कंट्रोल मॉड्यूल की मूल उपकरण निर्माता (ओईएम) की सुविधा में विस्तृत जांच की जा रही है। यह प्रक्रिया भी चल रही जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
इससे पहले भी नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने संसद में बताया था कि एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (एएआईबी) 12 जून को हुए एयर इंडिया बोइंग विमान हादसे की जांच पूरी पारदर्शिता के साथ कर रहा है और दुर्घटना के सभी संभावित कारणों की जांच की जा रही है।
मंत्रालय ने बताया कि एएआईबी ने 12 जुलाई 2025 को दुर्घटना की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट जारी की थी, जो उसकी आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है। इसके बाद अंतरराष्ट्रीय नागर विमानन संगठन (आईसीएओ) के एनेक्स-13 के प्रावधानों के तहत 12 जून 2026 को अंतरिम बयान भी जारी किया गया। अंतिम जांच रिपोर्ट पूरी जांच प्रक्रिया समाप्त होने के बाद सार्वजनिक की जाएगी।
गौरतलब है कि 12 जून को अहमदाबाद से लंदन-गैटविक जा रही एयर इंडिया की एआई-171 बोइंग 787 ड्रीमलाइनर उड़ान टेकऑफ के महज 35 सेकंड बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। इस हादसे में विमान में सवार 241 यात्रियों और चालक दल के सदस्यों सहित कुल 260 लोगों की मौत हुई थी। जमीन पर मौजूद 19 लोगों ने भी अपनी जान गंवाई थी, जबकि विमान में सवार एक यात्री चमत्कारिक रूप से बच गया था।
एएआईबी की प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त विमान के दोनों इंजनों की शक्ति उस समय समाप्त हो गई थी, जब दोनों फ्यूल कट-ऑफ स्विच ‘रन’ से ‘कटऑफ’ स्थिति में चले गए। हालांकि, कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (सीवीआर) से यह भी सामने आया कि एक पायलट ने दूसरे से कहा था कि उसने फ्यूल कंट्रोल स्विच बंद नहीं किए थे। दुर्घटना से ठीक पहले इन स्विचों को फिर से ‘रन’ स्थिति में लाया गया था, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
केंद्रीय नागर विमानन मंत्री राम मोहन नायडू पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि एएआईबी की रिपोर्ट केवल प्रारंभिक निष्कर्षों पर आधारित है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि अंतिम जांच रिपोर्ट आने से पहले किसी भी तरह के निष्कर्ष पर न पहुंचें।
अपराध
मुंबई: काला चौकी से एक अपराधी को पिस्तौल और कारतूस के साथ गिरफ्तार किया गया

मुंबई: मुंबई के काला चौकी पुलिस स्टेशन की सीमा में एक ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने आरिफ मोहम्मद असलम शेख नाम के एक 32 साल के क्रिमिनल को गिरफ्तार करने का दावा किया है। पुलिस ने उसके पास से एक पिस्टल और 6 जिंदा कारतूस भी बरामद किए हैं। मोहम्मद असलम शेख पर मारपीट के 8 केस दर्ज हैं, साथ ही बांद्रा और सहार पुलिस स्टेशन में एक-एक केस दर्ज है। आरोपी को दो बार शहर से निकाला भी जा चुका है। यह ऑपरेशन मुंबई पुलिस कमिश्नर देविन भारती, जॉइंट पुलिस कमिश्नर मनोज कुमार शर्मा और डीसीपी अनुराग जैन के निर्देश पर किया गया।
महाराष्ट्र
कॉकरोच जनता पार्टी के विरोध प्रदर्शन में अशांति फैलाने की साजिश का पर्दाफाश, महाराष्ट्र साइबर ऑपरेशन, गुमराह करने में 500 से ज्यादा अकाउंट शामिल

मुंबई: महाराष्ट्र साइबर सेल ने विरोध प्रदर्शनों के दौरान हिंसा और देश भर में अशांति फैलाने की कॉकरोच जनता पार्टी की साजिश का पर्दाफाश किया है और 500 ऐसे हैंडल की पहचान की है जो देश के बाहर से एक्टिव और सक्रिय थे। इसमें पाकिस्तानी साजिश का भी पर्दाफाश हुआ है। साइबर सेल ने विरोध प्रदर्शनों के दौरान सोशल मीडिया पर गलत जानकारी, गलत सूचना अभियान और दुर्भावनापूर्ण कंटेंट फैलाने के मामले में कार्रवाई की है। इसमें 500 ऐसे अकाउंट की पहचान की गई है और उन्हें बंद करने के बाद बंद कर दिया गया है। ये अकाउंट देश में राष्ट्रीय सुरक्षा और सामाजिक सद्भाव पर बुरा असर डालने में सक्रिय थे। कॉकरोच जनता पार्टी सीजेपी से जुड़े देश भर में विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए, महाराष्ट्र साइबर ने एक ऑपरेशन के दौरान ऐसे अकाउंट की पहचान की है। उनके डेटा का अध्ययन किया गया और डीप फेक वीडियो की जांच में ऐसे वीडियो पाए गए जो एआई और अन्य तरीकों का इस्तेमाल करके बनाए गए थे। इसमें जनता के बीच अशांति फैलाने और राष्ट्रीय सुरक्षा को प्रभावित करने की कोशिश शामिल है। असामाजिक तत्व सोशल मीडिया पर ऐसे अकाउंट के जरिए भ्रामक प्रचार कर रहे थे। निगरानी के दौरान, सोशल मीडिया के साथ-साथ एक्स, इंस्टाग्राम, फेसबुक, यूट्यूब सहित अन्य स्रोतों से 429 अकाउंट और आपत्तिजनक कंटेंट हटाए गए, जिनमें भ्रामक कंटेंट था। करीब 100 अकाउंट ऐसे भी मिले जो एआई की मदद से गुमराह करने वाला कंटेंट पोस्ट कर रहे थे। इसमें 140 से ज़्यादा पोस्ट और प्रोफाइल शामिल हैं जो आर्टिफिशियल एआई से बनाए गए थे। एसपी अजय कुमार बंसल ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि गुमराह करने वाले पोस्ट और वीडियो अभी भी सोशल मीडिया पर वायरल हैं, ऐसे में पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है।
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