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Wednesday,23-September-2026
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यूपी को मिली बड़ी सौगात, पीएम नरेंद्र मोदी ने किया नोएडा अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट का शिलान्यास

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उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार प्रदेश का दौरा कर जनता को सौगातें दे रहे हैं। पूर्वांचल और बुंदेलखंड की जनता को सौगात देने के बाद गुरुवार को पीएम मोदी पश्चिमी उत्तर प्रदेश की जनता को सौगात देने के लिए गौतमबुद्धनगर के जेवर पहुंचे। जेवर में उत्तर प्रदेश खासकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश की जनता को बड़ी सौगात देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को गौतमबुद्धनगर जिले में प्रदेश के पांचवे अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट का शिलान्यास किया। नोएडा का यह ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट भारत का पहला प्रदूषण मुक्त एयरपोर्ट होगा।

शिलान्यास कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान, केंद्रीय मंत्री एस पी सिंह बघेल, पूर्व केंद्रीय मंत्री और स्थानीय सांसद महेश शर्मा के अलावा प्रदेश सरकार के कई मंत्री, सांसद, विधायक और भाजपा के नेता भी मौजूद रहे।

नोएडा का यह अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट एशिया का सबसे बड़ा और दुनिया का चौथा सबसे बड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट होगा और इसी के साथ भारत में उत्तर प्रदेश पांच अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डों वाला पहला और अकेला राज्य बन गया है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में यह दूसरा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा होगा। इससे इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर दबाव को कम करने में भी मदद मिलेगी। दरअसल, इस इलाके में पिछले 30-35 वर्षों से इस तरह के एक अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट की मांग की जा रही थी।

अगले 3 साल में यानि 2024 तक इस एयरपोर्ट से उड़ान सेवा शुरू हो जाएगी और इसके प्रथम चरण के पूरा हो जाने के बाद 1.2 करोड़ यात्री सालाना यहां से उड़ान भर सकेंगे। इससे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्धनगर, बुलन्दशहर, अलीगढ़, हापुड़, गाजियाबाद, मेरठ और एनसीआर के इलाके के आस-पास के जिलों में रहने वाले करोड़ो लोगों को फायदा होगा और साथ ही इस इलाके में व्यावसायिक एवं औद्योगिक गतिविधियों में भी तेजी आएगी।

नोएडा अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट के प्रथम चरण का विकास 10,050 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से किया जा रहा है हालांकि इस एयरपोर्ट के निर्माण में 34 से 35 हजार करोड़ रुपए की लागत आने की संभावना है। यह 1300 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में फैला है। पहले चरण का निर्माण हो जाने के बाद हवाई अड्डे की क्षमता वार्षिक रूप से 1.2 करोड़ यात्रियों की सेवा करने की हो जायेगी। ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी द्वारा इसका निर्माण किया जा रहा है। पहले चरण का मैदानी काम, यानी भू-अधिग्रहण और प्रभावित परिवारों का पुनर्वास पूरा किया जा चुका है। इसकी वजह से 1 लाख से अधिक लोगों को नौकरी एवं रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। साथ ही इस इलाके के विकास की वजह से 5 लाख लोगों को स्वरोजगार के अवसर मिलने की भी संभावना है।

यह हवाई अड्डा उत्तरी भारत के लिये लॉजिस्टिक्स का द्वार भी बनेगा क्योंकि पहली बार भारत में एकीकृत मल्टी मॉडल कार्गो केंद्र के रूप में किसी हवाई अड्डे को बनाया जा रहा है। समर्पित कार्गो टर्मिनल की क्षमता 20 लाख मीट्रिक टन होगी, जिसे बढ़ाकर 80 लाख मीट्रिक टन कर दिया जायेगा। हवाई अड्डे में ग्राउंड ट्रांस्पोर्टेशन सेंटर विकसित किया जायेगा, जिसमें मल्टी मॉडल ट्रांजिट केंद्र होगा, मेट्रो और हाई स्पीड रेलवे के स्टेशन होंगे, टैक्सी, बस सेवा और निजी वाहन पाकिर्ंग सुविधा मौजूद होगी। इस तरह हवाई अड्डा सड़क, रेल और मेट्रो से सीधे जुड़ने में सक्षम हो जायेगा। नोएडा और दिल्ली को निर्बाध मेट्रो सेवा के जरिये जोड़ा जायेगा। आसपास के सभी प्रमुख मार्ग और राजमार्ग, जैसे यमुना एक्सप्रेस-वे, वेस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे, ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे, दिल्ली-मुम्बई एक्सप्रेस-वे और इस तरह के अन्य एक्सप्रेस-वे को भी हवाई अड्डे से जोड़े जायेंगे। हवाई अड्डे को प्रस्तावित दिल्ली-वाराणसी हाई स्पीड रेल से भी जोड़ने की योजना है, जिसके कारण दिल्ली और हवाई अड्डे के बीच का सफर मात्र 21 मिनट का हो जायेगा।

यह भारत का पहला ऐसा हवाई अड्डा होगा, जहां उत्सर्जन शुद्ध रूप से शून्य होगा। हवाई अड्डे ने एक ऐसा समर्पित भूखंड चिह्न्ति किया है, जहां परियोजना स्थल से हटाये जाने वाले वृक्षों को लगाया जायेगा। इस तरह उसे जंगलमय पार्क का रूप दिया जायेगा। यहां के सभी मूल जंतुओं की सुरक्षा करने के साथ-साथ हवाई अड्डे के विकास के दौरान प्रकृति का पूरा ध्यान रखा जायेगा।

राष्ट्रीय समाचार

बॉम्बे हाई कोर्ट ने विजय माल्या को सोशल मीडिया पर अदालती दस्तावेज पोस्ट करने के खिलाफ चेतावनी दी

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एक वकील ने मंगलवार को बताया कि बॉम्बे हाई कोर्ट ने ब्रिटेन में रहने वाले ‘भगोड़े आर्थिक अपराधी’ विजय माल्या को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा जांच किए जा रहे मनी लॉन्ड्रिंग मामले की सुनवाई जारी रहने के दौरान अदालती दस्तावेज सोशल मीडिया पर पोस्ट न करने की चेतावनी दी है।

वकील आशीष मेहता ने बताया कि कथित तौर पर ब्रिटेन में मौजूद भगोड़े व्यवसायी को हाई कोर्ट का यह निर्देश ईडी द्वारा माल्या को जांच एजेंसी के हलफनामे को अदालत द्वारा उस पर विचार किए बिना ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपलोड करने पर आपत्ति जताने के बाद आया है।

मामले की सुनवाई 13 अक्टूबर को तय करते हुए हाई कोर्ट ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) को ईडी द्वारा किए गए खुलासों को ध्यान में रखते हुए एक नया हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया।

इससे पहले, माल्या ने फरवरी में हाई कोर्ट को बताया था कि वह यह बताने की स्थिति में नहीं हैं कि वह भारत कब लौटेंगे।

उन्होंने इंग्लैंड की अदालतों द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों का हवाला दिया, जिनके कारण वह देश छोड़ने में असमर्थ हैं।

उच्च न्यायालय माल्या द्वारा दायर दो याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा था।

एक याचिका में उन्हें भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम (एफईओए) के तहत ‘भगोड़ा आर्थिक अपराधी’ घोषित किए जाने को चुनौती दी गई है, जबकि दूसरी याचिका में उन्हें औपचारिक रूप से भगोड़ा घोषित करने वाले अदालत के आदेश को चुनौती दी गई है।

माल्या की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता अमित देसाई ने सर्वोच्च न्यायालय के उन निर्णयों का हवाला दिया, जिनमें याचिकाकर्ताओं की अनुपस्थिति में भी रिट याचिकाओं की सुनवाई हुई थी।

उन्होंने कहा कि माल्या के खिलाफ ब्रिटेन में प्रत्यर्पण की कार्यवाही चल रही है और उनके मुवक्किल को इसकी जानकारी है, लेकिन बाध्यकारी अदालती आदेशों के कारण वे ब्रिटेन नहीं छोड़ सकते।

हालांकि, उच्च न्यायालय ने माल्या के अदालत में पेश होने के इरादे पर सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि वे ब्रिटेन के अदालती आदेशों पर भरोसा कर रहे हैं, जबकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया है कि उन आदेशों को चुनौती दी गई है या नहीं।

अदालत ने संकेत दिया कि इस तरह के भरोसे को सर्वमान्य औचित्य नहीं माना जा सकता।

अदालत ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता को माल्या के हलफनामे पर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया।

अदालत ने देसाई को सुनवाई के दौरान दिए गए सभी बयानों को रिकॉर्ड पर रखते हुए एक विस्तृत हलफनामा प्रस्तुत करने को भी कहा, ताकि भारत सरकार तदनुसार जवाब दे सके।

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राष्ट्रीय समाचार

स्पाइसजेट की वित्तीय और परिचालन स्थिति पर सरकार की कड़ी नजर, सुरक्षा मानकों से कोई समझौता नहीं: नागर विमानन मंत्री

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केंद्रीय नागर विमानन मंत्री के. राम मोहन नायडू ने मंगलवार को कहा कि सरकार और नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) स्पाइसजेट की वित्तीय और परिचालन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी परिस्थिति में यात्री सुरक्षा से समझौता नहीं किया जाएगा।

स्पाइसजेट की स्थिति पर सरकार की निगरानी को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में मंत्री ने कहा कि डीजीसीए को एयरलाइन के परिचालन और वित्तीय प्रदर्शन दोनों की समीक्षा करने का निर्देश दिया गया है, ताकि सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित किया जा सके।

नायडू ने कहा कि नियामक लगातार स्पाइसजेट के प्रदर्शन की निगरानी कर रहा है और एयरलाइन के साथ नियमित संवाद बनाए हुए है। सरकार भी कंपनी के साथ बातचीत कर रही है और उसे अपनी परिचालन क्षमता बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है, ताकि वह अपने कारोबार को स्थिर कर सके।

स्पाइसजेट पिछले कुछ समय से वित्तीय दबाव, घटते विमान बेड़े और घरेलू बाजार हिस्सेदारी में कमी जैसी चुनौतियों का सामना कर रही है। एयरलाइन परिचालन क्षमता बहाल करने और वित्तीय स्थिति मजबूत करने के लिए अतिरिक्त पूंजी जुटाने के प्रयास कर रही है।

मंत्री ने बताया कि स्पाइसजेट इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम (ईसीएलजीएस) के तहत वित्तीय सहायता की संभावनाएं भी तलाश रही है। हाल ही में सरकार ने इस योजना का विस्तार कर विमानन क्षेत्र को राहत देने के लिए विशेष प्रावधान किए हैं।

इस महीने सरकार ने ईसीएलजीएस 5.0 को मंजूरी देते हुए विमानन क्षेत्र के लिए 5,000 करोड़ रुपए के लक्षित ऋण समर्थन की घोषणा की थी, जिसका उद्देश्य एयरलाइंस को वित्तीय दबाव कम करने में मदद करना है।

सरकार के अनुसार, पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव, एविएशन टरबाइन फ्यूल (एटीएफ) की ऊंची कीमतें, हवाई क्षेत्र संबंधी प्रतिबंध और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में कमी जैसी वजहों से विमानन उद्योग दबाव में है।

इन चुनौतियों के बावजूद नागर विमानन मंत्री ने दोहराया कि सुरक्षा मानकों पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। मंत्रालय और डीजीसीए यह सुनिश्चित करने पर फोकस कर रहे हैं कि वित्तीय या परिचालन चुनौतियों का असर नियामकीय अनुपालन और यात्रियों की सुरक्षा पर न पड़े।

स्पाइसजेट के साथ सरकार का यह निरंतर संवाद ऐसे समय हो रहा है, जब एयरलाइन भारत के तेजी से बढ़ते विमानन बाजार में अपनी क्षमता बढ़ाने, वित्तीय स्थिति सुधारने और खोई हुई बाजार हिस्सेदारी वापस हासिल करने की कोशिश कर रही है।

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राष्ट्रीय समाचार

पुलिस ने चोरी का किया खुलासा, नाबालिग के कब्जे से 16 लाख के आभूषण और नकदी बरामद

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नोएडा के सेक्टर-39 थाने की पुलिस ने चोरी की एक घटना का खुलासा करते हुए एक नाबालिग आरोपी को पुलिस हिरासत में लिया है। पुलिस ने उसके कब्जे से करीब 16 लाख रुपए कीमत के सोने-चांदी के आभूषण और 1,09,650 रुपए नकद बरामद किए हैं।

पुलिस के अनुसार, कार्रवाई मैनुअल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से की गई। पुलिस के मुताबिक, 20 सितंबर को एक व्यक्ति ने थाना सेक्टर-39 में अपने घर से सोने-चांदी के आभूषण और नकदी चोरी होने के संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।

घटना के खुलासे के लिए पुलिस टीम का गठन किया गया था। जांच के दौरान पुलिस टीम ने मैनुअल इंटेलिजेंस के साथ इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस का सहारा लिया और महत्वपूर्ण जानकारी जुटाई। जांच के आधार पर पुलिस टीम ने 22 सितंबर को सेक्टर-47/48 क्षेत्र से एक नागालिग आरोपी को नियमानुसार पुलिस संरक्षण में लिया।

पुलिस का दावा है कि उसके पास से चोरी किए गए आभूषण और नकदी बरामद हुई है। बरामद सामान की कुल कीमत करीब 16 लाख रुपए बताई गई है।

पुलिस द्वारा जारी बरामदगी विवरण के अनुसार, नाबालिग के कब्जे से सोने के एक गले के हार, दो हाथ के कंगन, दो मंगलसूत्र, तीन चेन, एक मांग का टीका, एक नाक की नथुनी, दो अंगूठियां, एक ओम पेंडल और तीन जोड़ी झुमके बरामद किए गए हैं। इसके अलावा, चांदी की तीन जोड़ी पाजेब भी बरामद हुई हैं। इन आभूषणों के साथ पुलिस ने 1,09,650 रुपए नकद भी बरामद किए हैं। पुलिस पकड़े गए नाबालिग के पुराने इतिहास और उसके अन्य साथियों की भी जानकारी जुटा रही है।

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