राजनीति
मुलायम सिंह यादव अपने जन्मदिन पर बोले, ‘प्रदेश के युवा परिवर्तन की राजनीति में कामयाब होंगे’
समाजवादी पार्टी के संस्थापक व संरक्षक मुलायम सिंह यादव ने आज अपने जन्मदिन पर लखनऊ में पार्टी कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान उनके साथ समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव भी मौजूद रहे। उनके जन्मदिन पर सपा मुख्यालय समेत सभी जिलों में कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। मुलायम सिंह यादव ने कहा कि हमारे नौजवान में जोश है, वही आगे ले जाएगा। प्रदेश का युवा परिवर्तन की राजनीति में कामयाब होंगे।
इस अवसर पर मुलायम सिंह यादव ने कहा कि आज मेरा जन्मदिन मनाया जा रहा है, लेकिन मुझे खुशी तब होगी जब गरीब से गरीब व्यक्ति का जन्मदिन मनाया जाएगा। उन्होंने अपने स्वागत सम्मान के लिए धन्यवाद देते हुए नौजवानों से अह्वान किया कि मुझे विश्वास है कि आप प्रदेश में परिवर्तन करके दिखाएंगे। प्रदेश के युवा परिवर्तन की राजनीति में कामयाब होंगे।
मुलायम को 83-83 किलो के दो लड्डू और 51 किलो का एक लड्डू भेंट किया गया। देवरिया से आए राहुल गुप्ता, मोहन गुप्ता ने 83 किलो का केक भेंट किया। वहीं, प्रोफेसर राम गोपाल यादव ने शॉल ओढ़ाया और पैर छूकर उन्हें जन्मदिन की बधाई दी। साथ में अखिलेश यादव भी मौजूद थे।
इससे पहले मुलायम सिंह यादव के 82वें जन्मदिन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बधाई दी। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश की राजनीति में यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री ने अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है। मुलायम सिंह को बधाई देते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव को जन्मदिन की ढेरों शुभकामनाएं। देश की राजनीति में उन्होंने अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है। मैं उनके स्वस्थ एवं सुदीर्घ जीवन की कामना करता हूं।
गौरतलब है कि इटावा जिले के सैफई गांव में 22 नवंबर, 1939 को जन्मे मुलायम सिंह यादव ने शुरूआती जीवन एक शिक्षक के रूप में शुरू किया और 1967 में पहली बार विधानसभा के सदस्य चुने गए वह वर्ष 1977 में रामनरेश यादव के नेतृत्व वाली जनता पार्टी की उत्तर प्रदेश सरकार में पहली बार मंत्री बने। उन्होंने 1992 में समाजवादी पार्टी की स्थापना की थी।
अंतरराष्ट्रीय समाचार
अमेरिकी राजदूत गोर किर्गिस्तान के राष्ट्रपति जापारोव से मिले, साझेदारी बढ़ाने पर जताई प्रतिबद्धता

अमेरिका ने किर्गिस्तान के साथ द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने की इच्छा जताई है। अमेरिकी पक्ष ने सोमवार को बिश्केक में किर्गिस्तान के राष्ट्रपति सदिर जापारोव से मुलाकात के बाद कहा कि दोनों देशों के बीच सहयोग के कई नए अवसर मौजूद हैं।
अमेरिका के नई दिल्ली में राजदूत और दक्षिण और मध्य एशिया में राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के प्रतिनिधि सर्जियो गोर ने कहा, “बिश्केक में किर्गिज गणराज्य के राष्ट्रपति झापारोव से मुलाकात की। हमारे पास दोनों देशों के लिए मिलकर काम करने के कई बेहतरीन अवसर हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि अमेरिका अगले महीने राष्ट्रपति जापारोव के स्वागत के लिए उत्सुक है। इस दौरान दोनों देश अपनी बढ़ती साझेदारी को और आगे ले जाने की दिशा में बातचीत करेंगे।
दोनों पक्षों के बीच द्विपक्षीय सहयोग, निवेश, डिजिटल तकनीक और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी पर चर्चा हुई। जापारोव आने वाले समय में अमेरिका की यात्रा पर भी जाने वाले हैं।
इस मुलाकात को मध्य एशिया में अमेरिका की बढ़ती सक्रियता के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अमेरिका और किर्गिस्तान के बीच व्यापार, निवेश, सुरक्षा, ऊर्जा और क्षेत्रीय संपर्क जैसे क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाएं लगातार बढ़ रही हैं।
अमेरिका शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) का सदस्य नहीं है। गोर के दौरे को आधिकारिक रूप से किर्गिजस्तान की स्वतंत्रता दिवस की 35वीं वर्षगांठ और विश्व नोमैड गेम्स के उद्घाटन से जोड़ा गया है।
पिछले साल तियानजिन में हुए एससीओ सम्मेलन के दौरान मोदी, पुतिन और शी जिनपिंग की एक साथ तस्वीरें अमेरिका में चर्चा का कारण बनी थीं। ट्रंप प्रशासन की टैरिफ नीति और रूस से तेल खरीद को लेकर भारत पर दबाव के बीच पीएम मोदी की चीन यात्रा से वॉशिंगटन काफी असहज हो गया था।
विपक्ष और आलोचकों ने ट्रंप पर आरोप लगाया था कि उनकी नीतियों की वजह से भारत अमेरिका से दूर जा रहा है। ट्रंप ने खुद सोशल मीडिया पर कहा था कि अमेरिका ने भारत और रूस को चीन के पाले में खो दिया है।
राष्ट्रीय समाचार
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से पहले उद्योग जगत से चर्चा करेगा वाणिज्य मंत्रालय, निर्यातकों की चिंताओं पर होगा मंथन

भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) पर जारी बातचीत के बीच वाणिज्य मंत्रालय मंगलवार को उद्योग संगठनों और निर्यात संवर्धन परिषदों के साथ महत्वपूर्ण बैठक करेगा, जिसका उद्देश्य भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों की मौजूदा स्थिति की समीक्षा करना और विभिन्न क्षेत्रों की चिंताओं एवं सुझावों को समझना है।
बैठक की अध्यक्षता वाणिज्य मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव दर्पण जैन करेंगे, जो भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते के लिए भारत के मुख्य वार्ताकार भी हैं। बैठक में हाल के व्यापारिक रुझानों, विभिन्न क्षेत्रों के निर्यात प्रदर्शन और अमेरिकी बाजार से जुड़े मौजूदा मुद्दों पर विस्तृत चर्चा होने की संभावना है।
बैठक में फार्मास्युटिकल्स, इंजीनियरिंग, वस्त्र, कृषि, रसायन, समुद्री उत्पाद, चमड़ा, ऑटोमोबाइल, ऑटो कंपोनेंट्स, हस्तशिल्प और प्लास्टिक उद्योग के प्रतिनिधियों के हिस्सा लेने की उम्मीद है। इसके अलावा सीआईआई, फिक्की, एसोचैम और फियो जैसे प्रमुख उद्योग संगठनों के प्रतिनिधि भी विचार-विमर्श में शामिल होंगे।
यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल सितंबर के अंत में अमेरिका की यात्रा पर जाने वाले हैं। वह 30 सितंबर से मिल्वौकी में आयोजित होने वाली जी-20 व्यापार मंत्रिस्तरीय बैठक में हिस्सा लेंगे और अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर के साथ द्विपक्षीय चर्चा भी करेंगे।
हाल ही में पीयूष गोयल ने कहा था कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का पहला चरण तभी लागू होगा जब अमेरिका यह सुनिश्चित करेगा कि भारतीय निर्यातकों को प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में बेहतर या कम से कम तुलनात्मक लाभ प्राप्त हो। इसी कारण मंत्रालय उद्योग जगत से सीधे फीडबैक लेकर यह समझना चाहता है कि मौजूदा शुल्क व्यवस्था और व्यापारिक बाधाओं का विभिन्न क्षेत्रों पर क्या प्रभाव पड़ रहा है।
वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने हाल ही में कहा था कि भारत और अमेरिका दोनों फरवरी में तय किए गए ढांचे के आधार पर व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच इस मुद्दे पर नियमित संपर्क बना हुआ है और वार्ता सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है।
हालांकि, फरवरी में पहले चरण की प्रगति के बाद अमेरिका में कुछ नए घटनाक्रम सामने आए हैं, जिनसे अनिश्चितता बढ़ी है। वर्तमान में भारतीय निर्यात पर अमेरिका में सेक्शन 301 जांच के तहत लगाए गए अतिरिक्त 10 प्रतिशत शुल्क का असर पड़ रहा है। यह जांच कथित जबरन श्रम संबंधी चिंताओं से जुड़ी हुई है।
इसके अलावा, अमेरिकी सीनेट ने हाल ही में एक प्रतिबंध संबंधी विधेयक को मंजूरी दी है, जिसके तहत राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को रूस से तेल खरीदने वाले प्रमुख देशों के निर्यात पर 100 प्रतिशत तक शुल्क लगाने का अधिकार मिल सकता है। भारत उन देशों में शामिल है जो बड़ी मात्रा में रूसी कच्चे तेल का आयात कर रहे हैं। जुलाई में भारत के कुल कच्चे तेल आयात में रूसी तेल की हिस्सेदारी 50 प्रतिशत से अधिक रही थी।
हालांकि इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए वाणिज्य सचिव ने कहा कि यह अमेरिका की आंतरिक विधायी प्रक्रिया का हिस्सा है और भारत फिलहाल व्यापार समझौते पर रचनात्मक बातचीत जारी रखे हुए है।
राजनीति
राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर पर भड़की मध्य प्रदेश कांग्रेस कांग्रेस, कहा- कार्रवाई शुद्धिकरण कराने वालों पर होनी चाहिए

मध्य प्रदेश कांग्रेस के नेताओं ने भाजपा पर दलितों का अपमान करने और फिर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को निशाना बनाने का आरोप लगाया। यह प्रतिक्रिया उस समय आई, जब हल्द्वानी में हुए “शुद्धिकरण” विवाद पर की गई टिप्पणी को लेकर राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।
मध्य प्रदेश कांग्रेस नेताओं ने कहा कि गांधी के खिलाफ मामला दर्ज करने के बजाय उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए थी जिन्होंने उस जगह पर शुद्धिकरण अनुष्ठान किया था, जहां कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने जनसभा की थी।
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि भाजपा ने पहले अनुष्ठान करके दलितों का अपमान किया और फिर जब गांधी ने यह मुद्दा उठाया तो उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दी।
उन्होंने आरोप लगाया कि यह घटना दिखाती है कि भाजपा न केवल दलितों का अपमान करती है, बल्कि उनके अधिकारों के लिए लड़ने वालों को परेशान भी करती है। कमलनाथ ने कहा, “कांग्रेस पार्टी मजबूती से मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी के साथ खड़ी है। देशभर का दलित समुदाय इस अन्याय और अपमान के लिए भाजपा को सबक सिखाएगा।”
मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भी भाजपा पर हमला करते हुए आरोप लगाया कि उसने घटना के लिए जिम्मेदार लोगों को बचाया और इसके बजाय गांधी के खिलाफ मामला दर्ज किया। पटवारी ने कहा, “संकीर्ण सोच वाली भाजपा ने पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली वाली जगह का ‘शुद्धिकरण’ करवाया। जब जन-नायक राहुल गांधी ने छुआछूत का यह गंभीर मुद्दा उठाया तो उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दी गई।”
उन्होंने आरोप लगाया कि यह घटना भाजपा-आरएसएस की “दलित-विरोधी मानसिकता” को दर्शाती है और दावा किया कि पार्टी दलितों और वंचित लोगों की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है।
ये प्रतिक्रियाएं उत्तराखंड पुलिस द्वारा हल्द्वानी में वाल्मीकि समुदाय के एक सदस्य की शिकायत पर गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के एक दिन बाद आईं।
जानकारी के अनुसार, यह मामला भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की उन धाराओं के तहत दर्ज किया गया जो समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के इरादे से किए गए जानबूझकर किए गए कार्यों से संबंधित हैं। इसमें अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम भी लागू किया गया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि गांधी ने खड़गे के कार्यक्रम वाली जगह पर हुए धार्मिक अनुष्ठान को जातिवादी रंग दिया।
यह विवाद तब शुरू हुआ जब खड़गे की जनसभा के तीन दिन बाद 11 अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में एक “शुद्धि यज्ञ” किया गया।
राज्य कांग्रेस के अनुसार, राहुल गांधी 12 सितंबर को इंदौर का दौरा करेंगे और ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में शामिल होकर उसे संबोधित करेंगे।
-
दुर्घटना12 months agoनागपुर विस्फोट: बाजारगांव स्थित सौर ऊर्जा संयंत्र में बड़ा विस्फोट; 1 की मौत, कम से कम 10 घायल
-
व्यापार6 years agoआईफोन 12 का उत्पादन जुलाई से शुरू होगा : रिपोर्ट
-
महाराष्ट्र1 year agoमीरा भयंदर हजरत सैयद बाले शाह बाबा की मजार को ध्वस्त करने का आदेश
-
महाराष्ट्र1 year agoईद 2025 पर डोंगरी में दंगे और बम विस्फोट की ‘चेतावनी’ के बाद मुंबई पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी
-
राजनीति1 year agoवक्फ संशोधन बिल लोकसभा में होगा पेश, भाजपा-कांग्रेस समेत कई पार्टियों ने जारी किया व्हिप
-
अपराध4 years agoभगौड़े डॉन दाऊद इब्राहिम के गुर्गो की ये हैं नई तस्वीरें
-
खेल1 year agoआईपीएल 2025 : शानदार रिकॉर्ड के नाम रहा एमआई और केकेआर का मैच, डेब्यूटेंट अश्विनी ने रचा इतिहास
-
महाराष्ट्र1 year agoहाईकोर्ट ने मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोटिस जारी किया, मस्जिदों के लाउडस्पीकर विवाद पर
