महाराष्ट्र
गांधी के परपोते और एमवीए नेताओं ने कंगना की ‘वास्तविक स्वतंत्रता’ टिप्पणी की निंदा की
महा विकास अघाड़ी (एमवीए) के सहयोगियों और गांधी परिवार ने शुक्रवार को बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत की ‘वास्तविक स्वतंत्रता’ वाली टिप्पणी के लिए उनकी आलोचना की और भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार से अभिनेत्री को गिरफ्तार करने और उन्हें प्रदान किए गए सभी राजकीय सम्मान/पुरस्कार वापस लेने की मांग की। शिवसेना-राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी-कांग्रेस के नेताओं ने ‘इतिहास और तथ्यों को लेकर उनकी स्पष्ट अज्ञानता के लिए’ रनौत पर हमला किया, जिन्हें हाल ही में राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद द्वारा पद्म श्री से सम्मानित किया गया है।
महात्मा गांधी के परपोते, तुषार ए. गांधी ने कहा कि कंगना ‘नफरत, असहिष्णुता और उग्रता की एजेंट’ हैं, इसलिए यह आश्चर्य की बात नहीं है कि उन्हें लगता है कि भारत को उनकी ‘वास्तविक स्वतंत्रता’ 2014 में मिली थी (जब भाजपा सरकार सत्ता में आई थी)।
तुषार गांधी ने कहा, “यह आश्चर्य की बात नहीं है कि उन्हें लगता है कि भारत को 2014 में स्वतंत्रता मिली थी। भारत में नफरत, असहिष्णुता, दिखावटी देशभक्ति और उत्पीड़न से 2014 में मुक्ति मिली, जब एक बहुत ही जहरीली और शातिर विचारधारा ने भारत में प्रभुत्व हासिल किया था, जिसे प्रधानमंत्री ने मूर्त रूप दिया था।”
शिवसेना सांसद और मुख्य प्रवक्ता संजय राउत ने कहा, “कंगना ने उस देश का अपमान किया है जो इस साल भारतीय स्वतंत्रता की 75वीं जयंती मना रहा है और उन्हें पूरे देश से माफी मांगनी चाहिए।”
राउत ने कहा, “वह कहती हैं कि 1947 में भारत की आजादी एक ‘भीख’ थी। तो क्या उनका यह मतलब है कि ‘ताम्र पत्र’ और अन्य पुरस्कारों से सम्मानित किए गए सभी स्वतंत्रता सेनानी भिखारी हैं? उन्होंने पूरे देश को बदनाम किया है।”
राकांपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री नवाब मलिक ने कहा कि अभिनेत्री ने जब टिप्पणी की तो वह नशीले पदार्थों के प्रभाव में हो सकती हैं। उन्होंने कंगना की ओर से अतीत में की ‘स्वीकारोक्ति’ का जिक्र करते हुए यह बात कही, जिसमें कंगना ने कहा था कि वह एक ड्रग्स की आदी हुआ करती थीं।
मलिक ने व्यंग्यात्मक लहजे में अभिनेत्री के गृह राज्य हिमाचल प्रदेश की ओर इशारा करते हुए कहा, “ऐसा लगता है कि कंगना रनौत ने बोलने से पहले मलाना क्रीम की भारी खुराक ले ली. उन्हें तुरंत गिरफ्तार कर लिया जाना चाहिए।”
उन्होंने यह टिप्पणी उनके हिमाचल प्रदेश से संबंध रखने के संदर्भ की, क्योंकि एक खास प्रकार की ड्रग्स मलाना क्रीम (चरस) का उत्पादन कथित तौर पर हिमाचल प्रदेश में ही होता है।
कंगना की टिप्पणियों की निंदा करते हुए, कांग्रेस महासचिव सचिन सावंत ने कहा, “यह ‘झांसी की रानी’ का भाजपा का वर्जन (संस्करण) है, जो अब अपने ‘आजादी भीख में मिली है’ बयान से स्वतंत्रता संग्राम और शहीदों के बलिदान को बदनाम करने की हिम्मत दिखा रही हैं।”
सावंत ने कहा, “यह अफसोस की बात है कि इस तरह की कठपुतलियों को भाजपा जानबूझकर पोषित कर रही है। ये कठपुतली असली अपराधी नहीं हैं, बल्कि उनके मालिक हैं।”
किशोर तिवारी, अतुल लोंधे-पाटिल, कृष्णा हेगड़े और अन्य नेताओं ने भी सार्वजनिक मंच पर उनकी टिप्पणी के लिए अभिनेत्री पर हमला किया और भाजपा से उनके रुख पर स्पष्टीकरण की मांग की।
तुषार गांधी ने कहा कि 2014 से नफरत फैलाने वालों को अपनी जहरीली विचारधारा का खुलकर प्रचार करने की आधिकारिक मंजूरी मिल गई है।
उन्होंने कहा, “इसमें बिल्कुल भी आश्चर्य नहीं है कि इस तरह के बयान पीएम के एक समारोह में दिए गए। आखिर आज पीएमओ नफरत का झरना बन गया है, जो हमारे देश में बहुतायत से बहता है।”
अपराध
महाराष्ट्र: पालघर में 15 वर्षीय नाबालिग से गैंगरेप का आरोप, दो सगे भाई गिरफ्तार

महाराष्ट्र के पालघर जिले के नालासोपारा पूर्व इलाके में 15 वर्षीय किशोरी के साथ कथित तौर पर जबरन शारीरिक संबंध बनाने और घटना उजागर करने पर फोटो-वीडियो वायरल करने की धमकी देने का गंभीर मामला सामने आया है। इस मामले में पुलिस ने दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया है।
पेल्हार पुलिस थाने में दर्ज एफआईआर के अनुसार, घटना 27 अक्टूबर की सुबह 7.30 बजे से दोपहर 12.30 बजे के बीच की है। आरोप है कि गावदेवी मंदिर के पास स्थित एक कपड़ा की दुकान के अंदर अमन नतीफ शेख (24) और उसके भाई अरबाज शेख (30) ने 15 वर्षीय किशोरी के साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए।
दर्ज एफआईआर के अनुसार, आरोपियों ने किशोरी को धमकी दी कि अगर उसने इस घटना के बारे में किसी को बताया तो उसकी फोटो और वीडियो उसकी मां को भेजने के साथ ही वायरल कर दिए जाएंगे।
इस मामले में पेल्हार पुलिस थाने में 30 अक्टूबर को देर शाम को दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 64(1), 65(1), 70(2), 351(2) और पॉक्सो (पोक्सो) अधिनियम 2012 की धारा 4 और 8 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पेल्हार पुलिस ने दोनों आरोपियों को देर रात्रि को गिरफ्तार कर लिया।
इसी तरह की एक घटना में मुंबई पुलिस ने सभी छह आरोपियों को घटना के 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार किया। अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि मुंबई के पवई इलाके में 15 साल की एक नाबालिग लड़की के साथ कथित तौर पर छह लोगों ने गैंगरेप किया था। पुलिस के अनुसार, यह घटना 27 और 28 अक्टूबर के बीच हुई।
अधिकारियों ने कहा, “पीड़िता की शिकायत मिलने के 24 घंटे के भीतर ही, मुंबई पुलिस की टीमों ने कई जगहों पर छापेमारी की और सभी आरोपियों को पकड़ लिया।” अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार किए गए छह लोगों में से किसी का भी पहले से कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है।
महाराष्ट्र
मुंबई: अंधेरी एमआईडीसी में 66 लाख रुपए का हाइड्रो गांजा बरामद, तस्करी के दो आरोपी गिरफ्तार

मुंबई पुलिस के एमआईडीसी (महाराष्ट्र इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन) पुलिस थाने की एंटी नारकोटिक्स टीम ने नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने 1 किलो 896 ग्राम हाइड्रो गांजा जब्त किया है, जिसकी कीमत 66 लाख 36 हजार रुपए बताई जा रही है। इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
दरअसल, पुलिस उपनिरीक्षक रणजीत गोंदकुपसे और उनकी टीम गुरुवार को शाम 7:50 बजे गश्त पर थी। इसी दौरान जे.के. इंडस्ट्रियल इस्टेट, पेपर बॉक्स रोड, एमआईडीसी, अंधेरी (पूर्व) में दो युवक संदिग्ध हालत में घूमते दिखे।
पुलिस को देखकर दोनों ने हाथ में मौजूद लाल रंग की प्लास्टिक बैग छिपाने की कोशिश की और वहां से भागने लगे। शक होने पर पुलिस ने दोनों को मौके पर ही दबोच लिया। पूछताछ में दोनों ने पहले टालमटोल जवाब दिए, लेकिन सख्ती से पूछने पर उन्होंने बताया कि बैग में हाइड्रो गांजा है।
तलाशी में उनके पास से 1 किलो 896 ग्राम हाइड्रो गांजा बरामद हुआ। दोनों आरोपियों की पहचान ओंकार राजेंद्र पवार (उम्र 28 वर्ष, निवासी – भाकरवाडी, ता. कोरेगांव, जिला सतारा) और पियुष मधुकर घोंगडे (उम्र 22 वर्ष, निवासी – वाठार स्टेशन, ता. कोरेगांव, जिला सतारा) के रूप में हुई है।
दोनों के खिलाफ एमआईडीसी पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में पता चला है कि दोनों आरोपी सतारा जिले से मुंबई में हाइड्रो गांजा बेचने के लिए आए थे। पुलिस अब इस नेटवर्क के आगे के लिंक की जांच कर रही है।
यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त देवन भारती, सह आयुक्त (का. व सु.) डॉ. मनोजकुमार शर्मा, अपर आयुक्त (पश्चिम प्रादेशिक विभाग) डॉ. अभिनव देशमुख, पुलिस उप आयुक्त (परिमंडल-3) दत्ता नलावडे, सहायक आयुक्त (अंधेरी विभाग) योगेश शिंदे के मार्गदर्शन में वरिष्ठ निरीक्षक धनंजय नायर और निरीक्षक सुनील कांडे के नेतृत्व में उपनिरीक्षक रणजीत गोंदकुपसे, पुलिस हवलदार गौतम बडे, पुलिस हवलदार बाबू येडगे, पुलिस हवलदार सचिन थोंबरे, पुलिस कांस्टेबल लोखंडे और पुलिस कांस्टेबल बिनल शिंगणे की टीम ने की।
महाराष्ट्र
महाराष्ट्र में मतदाता सूची सत्यापन के लिए अतिरिक्त अवसर, सुधार के लिए 13 नवंबर तक करें आवेदन : सीएम देवेंद्र फडणवीस

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य के नागरिकों से अपील की है कि वे मतदाता सूची में अपना नाम और विवरण अवश्य जांच लें। उन्होंने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अंतिम तिथि बढ़ाकर 13 नवंबर 2026 कर दी है।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर जारी संदेश में कहा कि निर्वाचन आयोग द्वारा समयसीमा बढ़ाए जाने से पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में नाम जुड़वाने, त्रुटियों को ठीक कराने या आवश्यक आपत्तियां दर्ज कराने का अतिरिक्त अवसर मिला है।
उन्होंने बताया कि संशोधित कार्यक्रम के अनुसार 31 अगस्त से 13 नवंबर 2026 तक दावे और आपत्तियां दर्ज कराई जा सकती हैं। इनके निस्तारण की प्रक्रिया 25 नवंबर तक पूरी की जाएगी, जबकि अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 30 नवंबर 2026 को होगा।
फडणवीस ने सभी नागरिकों से आग्रह किया कि वे प्रारूप मतदाता सूची में अपना नाम और अन्य विवरण सावधानीपूर्वक जांचें। यदि किसी नए पंजीकरण, नाम में सुधार या किसी आपत्ति की आवश्यकता है तो उसका आवेदन 13 नवंबर तक अवश्य जमा करें।
उन्होंने कहा कि यह विस्तारित अवसर हर पात्र नागरिक को अपने मतदान के अधिकार को सुरक्षित करने का मौका देता है। साथ ही इससे यह सुनिश्चित होगा कि मतदाता सूची सटीक, पूर्ण और अद्यतन बनी रहे। एक सटीक मतदाता सूची मजबूत लोकतंत्र की नींव होती है और नागरिकों की सक्रिय भागीदारी लोकतांत्रिक प्रक्रिया की विश्वसनीयता को और मजबूत बनाती है।
इस बीच, निर्वाचन आयोग ने नगालैंड, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, हरियाणा, महाराष्ट्र और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के कार्यक्रम में संशोधन किया है। आयोग ने मतदाताओं और राजनीतिक दलों को प्रक्रिया में भागीदारी के लिए अधिक समय देने के उद्देश्य से दावे और आपत्तियों की अवधि बढ़ाई है।
महाराष्ट्र के लिए दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की समयसीमा 13 नवंबर तक बढ़ाई गई है। इसके बाद 25 नवंबर तक दावों और आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा तथा 30 नवंबर को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।
निर्वाचन आयोग ने संबंधित मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को संशोधित कार्यक्रम की व्यापक जानकारी सभी माध्यमों से जनता तक पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही राजनीतिक दलों को भी लिखित रूप से नई समयसीमा की सूचना देने को कहा गया है।
आयोग का कहना है कि विशेष गहन पुनरीक्षण का उद्देश्य मतदाता सूचियों को अधिक सटीक, अद्यतन और त्रुटिरहित बनाना है, ताकि सभी पात्र नागरिकों को मतदान का अधिकार सुनिश्चित किया जा सके।
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