अंतरराष्ट्रीय
एसएलसी ने देश के समाचार संगठनों से नैतिक पत्रकारिता का पालन करने का अनुरोध किया
श्रीलंका क्रिकेट (एसएलसी) ने गुरुवार को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हाल ही में समाप्त हुई टी20 सीरीज में खिलाड़ियों के जानबूझकर खराब प्रदर्शन करने के आरोपों से इनकार किया। देश में कुछ मीडिया रिपोटरें में दावा किया गया है कि टीम के कुछ खिलाड़ियों ने जानबूझकर खराब प्र्दशन किया जिसके चलते टीम को दक्षिण अफ्रीका से 3-0 से हार का समना करना पड़ा। एसएलसी ने एक आधिकारिक बयान में कहा, श्रीलंका क्रिकेट को राष्ट्रीय टीम के किसी भी खिलाड़ी के खिलाफ टीम प्रबंधन से ऐसी कोई शिकायत नहीं मिली है। श्रीलंका क्रिकेट आपको सूचित करना चाहता है कि यह वही खिलाड़ियों का समूह था जिन्होंने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वनडे सीरीज में जीत हासिल की थी।
एसएलसी ने देश के समाचार संगठनों से ओमान और यूएई में 17 अक्टूबर से शुरू होने वाले पुरुष टी20 विश्व कप से पहले नैतिक पत्रकारिता का पालन करने का भी अनुरोध किया है।
एसएलसी ने कहा, श्रीलंका क्रिकेट संबंधित समाचार संगठनों से अनुरोध करना चाहता है कि वह नैतिक पत्रकारिता प्रथाओं का पालन करें और झूठी और मनगढ़ंत समाचार प्रकाशित न करें। ऐसी झूठी रिपोटिर्ंग महत्वपूर्ण आईसीसी पुरुष टी 20 विश्व से पहले राष्ट्रीय टीम की तैयारियों को अस्थिर और खराब कर देगी।
2014 के चैंपियन श्रीलंका को मेगा इवेंट के पहले दौर के ग्रुप ए में रखा गया है। वह 18 अक्टूबर को टी20 विश्व कप के अपने पहले मैच में अपने ग्रुप ए विरोधियों नामीबिया से भिड़ने वाले हैं, इसके बाद आयरलैंड से 20 अक्टूबर को अबू धाबी में और नीदरलैंड से 22 अक्टूबर को शारजाह में खेलेंगे।
अंतरराष्ट्रीय
बांग्लादेश चुनाव से पहले हिंसा का खतरा, जमात-ए-इस्लामी और आईएसआई की भूमिका पर खुफिया एजेंसियों की चेतावनी

नई दिल्ली, 31 जनवरी : बांग्लादेश में 12 फरवरी को संसदीय चुनाव होने जा रहा है। चुनाव से पहले देश में अपराध और राजनीतिक हिंसा की घटनाओं के मद्देनजर भारतीय इंटेलिजेंस एजेंसियों ने आगाह किया है। एजेंसियों का कहना है कि संसदीय चुनाव और नेशनल रेफरेंडम एक साथ कराने के दौरान गंभीर हिंसा हो सकती है।
पिछले साल बांग्लादेश में शेख हसीना को सत्ता से बेदखल करने के दौरान भारी हिंसा हुई थी और आईएसआई समर्थित कट्टरपंथी संगठन जमात-ए-इस्लामी का नाम उभरकर सामने आया था। इंटेलिजेंस एजेंसियों का कहना है कि अगर बांग्लादेश में चुनाव जीतने के लिए जमात-ए-इस्लामी पूरी ताकत लगा देगी, लेकिन अगर उन्हें लगा कि वे जीत नहीं पा रहे हैं, तो देश की सड़कों पर कई कट्टरपंथी तत्व छोड़ दिए जाएंगे और ऐसी स्थिति में बहुत हिंसा हो सकती है।
बांग्लादेश चुनाव में सीधा मुकाबला बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) और जमात के बीच होगा। बांग्लादेश पर नजर रखने वालों का कहना है कि अगर बीएनपी सत्ता में आती है तो पाकिस्तान की निश्चित रूप से इसमें भूमिका होगी, क्योंकि मुहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार के दौरान पाकिस्तान को आसान यात्रा, व्यापार और हथियारों के सौदे संबंधी कई छूट दी गई हैं, हालांकि पाकिस्तान यह नहीं चाहेगा कि बांग्लादेश भारत के साथ संबंध बनाए।
तारिक रहमान की वापसी के बाद से उम्मीद लगाई जा रही है कि उनकी सरकार बनने के बाद बीएनपी भारत के साथ अपने संबंध खराब नहीं करेगी, हालांकि दूसरी तरफ बीएनपी पाकिस्तान को भी खुश रखने की कोशिश करेगी। खालिदा जिया के समय में भारत और बांग्लादेश के बीच संबंधों में तनाव देखने को मिला था। ऐसे में बीएनपी सरकार की वापसी पर ज्यादा उम्मीदें नहीं की जा सकती हैं।
वहीं अगर जमात सत्ता में आती है, तो वह आईएसआई की कठपुतली के अलावा कुछ नहीं होगी। जमात सरकार हर वह काम करेगी जो पाकिस्तान उसे करने को कहेगा। यही कारण है कि पाकिस्तान किसी भी कीमत पर जमात सरकार चाहता है।
अगर जमात सत्ता में आती है तो पूरी संभावना है कि यूनुस को देश का राष्ट्रपति बनाया जाएगा। यूनुस, आईएसआई और जमात नेतृत्व के बीच कई बैठकें हुई हैं, जिनमें उनकी राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी पर चर्चा हुई है। राष्ट्रपति बनने के लिए यूनुस ने पाकिस्तान और जमात दोनों के लिए कई छूट दी हैं।
शेख हसीना की सरकार गिराए जाने के बाद से बांग्लादेश में आईएसआई काफी तेजी से एक्टिव हो गया है और इसका श्रेय जमात-ए-इस्लामी को जाता है। आईएसआई चाहती है कि जमात किसी भी कीमत पर यह चुनाव जीते ताकि वह देश पर अपना नियंत्रण बनाए रख सके।
जब यूनुस ने सत्ता संभाली थी, तो सबसे पहले उन्होंने जमात पर लगा बैन हटाया। उन्होंने संगठन के कहने पर कई कट्टर कट्टरपंथियों और आतंकवादियों को रिहा भी किया। अधिकारियों का कहना है कि ये सभी सोची-समझी चालें थीं ताकि ये लोग जमात के पक्ष में माहौल बनाने के लिए बड़े पैमाने पर हिंसा कर सकें।
हालिया सर्वे में बीएनपी को जमात पर बढ़त हासिल है। अगर यह चुनाव के दिन तक जारी रहा, तो हिंसा पक्की है। अधिकारियों का कहना है कि चुनाव टालने की पूरी कोशिश की जाएगी ताकि मौजूदा अंतरिम सरकार राज करती रहे।
हालांकि हिंसा भड़काने की योजना पहले से ही बनाई जा रही है, लेकिन बांग्लादेश का चुनाव आयोग चाहता है कि पूरी प्रक्रिया आसानी से हो जाए। बांग्लादेशी चुनाव आयोग ने सरकारी अधिकारियों को रेफरेंडम में ‘हां’ वोट के लिए कैंपेन न करने का आदेश दिया है।
इसमें कहा गया कि इस तरह के कैंपेन से रेफरेंडम के नतीजे पर असर पड़ेगा। अगर वोटर रेफरेंडम के दौरान ‘हां’ में वोट देकर जुलाई चार्टर को मंजूरी देते हैं, तो नई पार्लियामेंट 84 सुधार प्रस्तावों को लागू करने के लिए कानूनी तौर पर मजबूर हो जाएगी। इनमें बड़े संवैधानिक बदलाव शामिल हैं। इस रेफरेंडर के लागू होने के साथ ही कार्यकारी शक्ति, न्यायपालिका, चुनाव प्रक्रिया और राज्य के स्ट्रक्चर पर असर पड़ेगा। इसके अलावा, ‘बंगाली’ शब्द की जगह ‘बांग्लादेशी’ शब्द इस्तेमाल करके राज्य की पहचान भी बदल जाएगी।
बड़े पैमाने पर हिंसा की आशंका को देखते हुए भारत की सीमा ‘बहुत हाई अलर्ट’ पर है। इस दौरान नॉर्थ-ईस्ट के राज्यों और पश्चिम बंगाल में घुसपैठ की कोशिशें की जाएंगी। अधिकारियों का कहना है कि गैर-कानूनी इमिग्रेशन को रोकने के लिए बॉर्डर इलाकों में पेट्रोलिंग बढ़ा दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि हिंसा में अल्पसंख्यकों को भी निशाना बनाया जाएगा।
अंतरराष्ट्रीय
कल्पना चावला: वो भारतीय बेटी जो अंतरिक्ष को छूकर आंखों से ओझल हो गई, आज भी जख्म हरे कर जाती है कोलंबिया हादसे की याद

नई दिल्ली, 31 जनवरी : 1 फरवरी का दिन भारत और अमेरिकी अंतरिक्ष वैज्ञानिकों के लिए काला दिन है। ऐसा इसलिए क्योंकि इसी दिन 1 फरवरी 2003 को भारत की शान और अमेरिकी स्पेस मिशन की एस्ट्रोनॉट कल्पना चावला का निधन हो गया था। उस दिन को याद कर आज भी दिल में एक टीस उठती है, जब स्पेस मिशन पूरा कर पूरी टीम के साथ धरती पर लौट रहीं कल्पना चावला एक भयानक हादसे का शिकार हो गई थीं।
कल्पना चावला का जन्म 17 मार्च 1962 को भारत के हरियाणा के करनाल में हुआ था। बचपन से ही उन्हें स्पेस और विज्ञान में काफी रुचि थी। उन्होंने पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज से एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की थी। इसके बाद वह आगे की पढ़ाई के लिए अमेरिका चली गईं। 1994 में उन्हें अमेरिका स्पेस एजेंसी नासा ने अपने अगले मिशन के लिए चुना था।
कल्पना चावला पहली बार अपने स्पेस मिशन पर 1997 में गई थीं। कोलंबिया स्पेस शटल (एसटीएस-87) मिशन के लिए उड़ान भरने के साथ ही कल्पना चावला अंतरिक्ष मिशन पर जाने वाली पहली भारतीय मूल की महिला बनीं। उनका पहला स्पेस मिशन सफल रहा और वह सकुशल धरती पर लौटीं।
इसके बाद उनका दूसरा मिशन 16 जनवरी 2003 को शुरू हुआ, जो आखिरी था। कल्पना 16 जनवरी को दूसरे स्पेस मिशन एसटीएस107 के लिए रवाना हुईं। इस दौरान कोलंबिया यान ने 80 से अधिक वैज्ञानिक प्रयोग किए। आखिरकार 1 फरवरी 2003 को कल्पना अपनी टीम के साथ कोलंबिया स्पेसक्राफ्ट से वापस पृथ्वी पर लौट रही थीं।
पृथ्वी पर लैंडिंग से महज 16 मिनट की दूरी पर कुछ ऐसा हुआ, जिसने सबको हिलाकर रख दिया। कोलंबिया यान जब पृथ्वी से 16 मिनट की दूरी पर था, स्पेसक्राफ्ट में कुछ तकनीकी दिक्कत आ गई।
यान के बाएं पंखे में छेद होने की वजह से बाहर की गैस अंतरिक्ष यान के अंदर तेजी से भरने लगी। यान में गैस भरने की वजह से सेंसर ने काम करना बंद कर दिया और स्पेसक्राफ्ट बड़े हादसे का शिकार हो गया और इस तरह कल्पना उस मिशन से कभी लौटी ही नहीं। इस हादसे में कल्पना चावला समेत सभी सात अंतरिक्ष यात्रियों की मौत हो गई।
कल्पना चावला भारत की गौरव हैं। मरणोपरांत उन्हें कई सम्मानों से नवाजा गया। उनके नाम पर कई संस्थान, छात्रवृत्ति और अंतरिक्ष यानों का नाम रखा गया। तत्कालीन राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश द्वारा चावला को मरणोपरांत कांग्रेसनल स्पेस मेडल ऑफ ऑनर से सम्मानित किया गया।
अंतरराष्ट्रीय
पीएम मोदी ने आईईडब्ल्यू 2026 का उद्घाटन किया, भारत-यूरोपीय संघ के फ्री ट्रे़ड एग्रीमेंट को सराहा

PM MODI
नई दिल्ली, 27 जनवरी : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को इंडिया एनर्जी वीक (आईईडब्ल्यू) 2026 कॉन्क्लेव के चौथे एडिशन का वर्चुअली उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते को सभी डील्स की जननी और दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच तालमेल का एक बेहतरीन उदाहरण बताया।
उद्घाटन के बाद प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आप सभी एनर्जी और सस्टेनेबिलिटी पर चर्चा करने के लिए भारत आए हैं, मैं सभी का स्वागत करता हूं। इंडिया एनर्जी वीक (आईईडब्ल्यू) बहुत कम समय में बातचीत और एक्शन के लिए एक ग्लोबल प्लेटफॉर्म बन गया है। उन्होंने आगे कहा कि आज भारत एनर्जी सेक्टर के लिए अपार अवसरों की भूमि बन गया है।
इस बात पर जोर देते हुए कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था है, जिसका मतलब है कि यहां एनर्जी प्रोडक्ट्स की मांग लगातार बढ़ रही है, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत ग्लोबल मांग को पूरा करने के लिए बेहतरीन अवसर प्रदान करता है। आज हम पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स के लिए दुनिया के टॉप पांच देशों में से हैं। हमारा एक्सपोर्ट 150 से ज्यादा देशों तक पहुंचता है। भारत की क्षमता आपके लिए बहुत उपयोगी होगी, इसीलिए एनर्जी वीक जैसा प्लेटफॉर्म हमारी पार्टनरशिप को बढ़ावा देने के लिए एक बेहतरीन जगह है।
पीएम मोदी ने कहा कि वह एक बड़े डेवलपमेंट का जिक्र करना चाहेंगे, जिसमें भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच एक बहुत महत्वपूर्ण समझौते के लगभग पूरा होने की बात कही।
उन्होंने भारत-ईयू फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) के बारे में बात करते हुए कहा कि दुनिया इसे ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ कह रही है। इस समझौते ने भारत के 140 करोड़ लोगों और यूरोपियन देशों के करोड़ों लोगों के लिए ज़बरदस्त अवसर लाए हैं।
भारत और ईयू ने एक ऐतिहासिक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर बातचीत पूरी कर ली है, जिसे व्यापार बढ़ाने और आर्थिक संबंधों को मजबूत करने के लिए डिजाइन किया गया है। इस डील की घोषणा आज बाद में होने वाली है।
प्रधानमंत्री ने एफटीए को दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच तालमेल का एक बेहतरीन उदाहरण बताया, जो उनके अनुसार, दुनिया की कुल जीडीपी का लगभग 25 प्रतिशत और दुनिया के कुल व्यापार का लगभग एक-तिहाई हिस्सा है।
उन्होंने कहा कि यह समझौता न सिर्फ व्यापार को मजबूत करता है, बल्कि लोकतंत्र और कानून के शासन के प्रति हमारी साझा प्रतिबद्धता को भी मजबूत करता है। इसके अलावा, ईयू के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट ब्रिटेन और ईएफटीए के साथ हुए समझौतों को भी पूरा करेगा। इससे व्यापार और ग्लोबल सप्लाई चेन दोनों मजबूत होंगे। मैं इसके लिए भारत के युवाओं और देश के सभी नागरिकों को बधाई देता हूं।
उन्होंने टेक्सटाइल, रत्न और आभूषण, चमड़ा और फुटवियर जैसे सेक्टर और हर दूसरे सेक्टर से जुड़े सभी लोगों को भी बधाई दी।
उन्होंने कहा कि यह ट्रेड डील न सिर्फ भारत में मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देगी, बल्कि सर्विस से जुड़े सेक्टरों का भी ज्यादा विस्तार होगा। यह फ्री ट्रेड एग्रीमेंट हर बिज़नेस और इन्वेस्टर के लिए भारत पर दुनिया का भरोसा और मजबूत करेगा। पीएम मोदी ने कहा कि आज भारत हर सेक्टर में ग्लोबल पार्टनरशिप पर बड़े पैमाने पर काम कर रहा है।
उन्होंने आगे कहा, “अगर मैं सिर्फ़ एनर्जी सेक्टर की बात करूं, तो यहां एनर्जी वैल्यू चेन से जुड़े अलग-अलग एरिया में बहुत ज्यादा इन्वेस्टमेंट की संभावना है। उदाहरण के लिए, एक्सप्लोरेशन सेक्टर को ही लें – भारत ने अपने एक्सप्लोरेशन सेक्टर को काफ़ी हद तक खोल दिया है। आप हमारे डीप सी एक्सप्लोरेशन मिशन के बारे में भी जानते हैं। हम इस दशक के आखिर तक अपने ऑयल और गैस सेक्टर में इन्वेस्टमेंट को 100 बिलियन डॉलर तक ले जाने की कोशिश कर रहे हैं।”
उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य एक्सप्लोरेशन एरिया को एक मिलियन स्क्वायर किलोमीटर तक बढ़ाना है। इसी विजन के तहत, 1.7 मिलियन स्क्वायर किलोमीटर से ज़्यादा के ब्लॉक पहले ही दिए जा चुके हैं। अंडमान और निकोबार बेसिन भी हमारा अगला हाइड्रोकार्बन हब बन रहा है। क्यों? क्योंकि हमने एक्सप्लोरेशन सेक्टर में बड़े सुधार किए हैं। ‘नो-गो’ एरिया को बहुत कम कर दिया गया है।
इंडिया एनर्जी वीक के पिछले एडिशन के दौरान मिले सुझावों और फीडबैक के आधार पर पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने अपने कानूनों और नियमों में सुधार किए हैं। अगर आप भारत के एक्सप्लोरेशन सेक्टर में इन्वेस्ट करते हैं, तो आपकी कंपनी का प्रॉफिट बढ़ना तय है।
प्रधानमंत्री मोदी के अनुसार, एनर्जी सेक्टर में भारत को बहुत ज्यादा फायदा पहुंचाने वाली एक और ताकत हमारी बड़ी रिफाइनिंग क्षमता है। उन्होंने कहा, “हम रिफाइनिंग क्षमता में दुनिया में दूसरे नंबर पर हैं और जल्द ही नंबर एक होंगे। आज, भारत की रिफाइनिंग क्षमता लगभग 260 मिलियन टन है। इसे बढ़ाकर 300 मिलियन टन से ज्यादा करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।”
ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर उन्होंने कहा, “एलएनजी ट्रांसपोर्टेशन के लिए खास जहाजों की जरूरत होती है और हम उन्हें भारत में ही बनाने पर काम कर रहे हैं। हाल ही में भारत में जहाज निर्माण के लिए 70,000 करोड़ रुपए का एक प्रोग्राम शुरू किया गया है। साथ ही, देश के बंदरगाहों पर एलएनजी टर्मिनल बनाने में भी निवेश के कई मौके हैं। एलएनजी के लिए बड़ी पाइपलाइनों की भी जरूरत है।”
उन्होंने कहा कि सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क भारत के कई शहरों तक पहुंच गया है और सरकार दूसरे शहरों को भी तेज़ी से जोड़ रही है और इसे निवेश के लिए बहुत आकर्षक सेक्टर बताया। प्रधानमंत्री ने कहा, “भारत की आबादी इतनी बड़ी है, और हमारी अर्थव्यवस्था लगातार बढ़ रही है। ऐसे भारत में पेट्रोकेमिकल प्रोडक्ट्स की मांग भी लगातार बढ़ने वाली है। इसलिए, हमें एक बहुत बड़े एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर की ज़रूरत होगी। और इसमें आपका निवेश भी आपको काफी ग्रोथ देगा। इन सबके अलावा, भारत में डाउनस्ट्रीम एक्टिविटीज़ में भी निवेश के कई मौके हैं।”
पीएम मोदी ने यह भी कहा कि भारत अब ‘रिफॉर्म्स एक्सप्रेस’ पर सवार है और हर सेक्टर में तेज़ी से सुधार लागू कर रहा है। उन्होंने कहा कि देश घरेलू हाइड्रोकार्बन उत्पादन को बढ़ावा देने और ग्लोबल सहयोग के लिए एक पारदर्शी और निवेशक-अनुकूल माहौल बनाने के लिए सुधार कर रहा है।
उन्होंने कहा, “भारत अब एनर्जी सिक्योरिटी से आगे बढ़कर एनर्जी इंडिपेंडेंस के मिशन पर काम कर रहा है… हमारा एनर्जी सेक्टर हमारी आकांक्षाओं के केंद्र में है। इसमें 500 बिलियन डॉलर के निवेश का मौका है। मैं आपको इस आह्वान के साथ आमंत्रित करता हूं — मेक इन इंडिया, इनोवेट इन इंडिया, स्केल विद इंडिया, इन्वेस्ट इन इंडिया।”
केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी, यूएई के उद्योग और उन्नत प्रौद्योगिकी मंत्री सुल्तान अहमद अल जाबेर, कनाडा के ऊर्जा और प्राकृतिक संसाधन मंत्री टिम हॉजसन, साथ ही अफ्रीका, मध्य पूर्व, मध्य एशिया और ग्लोबल साउथ के उच्च पदस्थ मंत्री दक्षिण गोवा जिले के बेटुल गांव में उद्घाटन समारोह में मौजूद रहे। आईईडब्ल्यू का मकसद एनर्जी सिक्योरिटी को बढ़ाना, इन्वेस्टमेंट को आकर्षित करना, और डीकार्बनाइजेशन के लिए असरदार, स्केलेबल तरीकों को बढ़ावा देना है, जिन्हें डेवलपमेंट के अलग-अलग स्टेज वाली इकॉनमी अपना सकती हैं।
इस तीन-दिवसीय इवेंट में अमेरिका, यूरोप, मिडिल ईस्ट, अफ्रीका और एशिया-पैसिफिक क्षेत्र के प्रतिनिधिमंडल शामिल होंगे, जो ग्लोबल एनर्जी डिप्लोमेसी में आईईडब्ल्यू के बढ़ते प्रभाव को दिखाता है। आईईडब्ल्यू को उम्मीद है कि 120 से ज्यादा देशों से 75,000 से ज़्यादा एनर्जी प्रोफेशनल्स इसमें शामिल होंगे।
-
व्यापार6 years agoआईफोन 12 का उत्पादन जुलाई से शुरू होगा : रिपोर्ट
-
अपराध3 years agoभगौड़े डॉन दाऊद इब्राहिम के गुर्गो की ये हैं नई तस्वीरें
-
महाराष्ट्र7 months agoहाईकोर्ट ने मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोटिस जारी किया, मस्जिदों के लाउडस्पीकर विवाद पर
-
अनन्य3 years agoउत्तराखंड में फायर सीजन शुरू होने से पहले वन विभाग हुआ सतर्क
-
न्याय1 year agoमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के खिलाफ हाईकोर्ट में मामला दायर
-
अपराध3 years agoबिल्डर पे लापरवाही का आरोप, सात दिनों के अंदर बिल्डिंग खाली करने का आदेश, दारुल फैज बिल्डिंग के टेंट आ सकते हैं सड़कों पे
-
अपराध3 years agoपिता की मौत के सदमे से छोटे बेटे को पड़ा दिल का दौरा
-
राष्ट्रीय समाचार11 months agoनासिक: पुराना कसारा घाट 24 से 28 फरवरी तक डामरीकरण कार्य के लिए बंद रहेगा
