राजनीति
‘आजादी का अमृत महोत्सव’ के साथ रविवार को लाल किले में राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 अगस्त, 2021 को नई दिल्ली में लाल किले की प्राचीर से इस ऐतिहासिक 75वें स्वतंत्रता दिवस को मनाने में राष्ट्र की अगुवाई करेंगे। वह राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे और पारंपरिक रूप से राष्ट्र को संबोधित करेंगे। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री ने भारत की स्वतंत्रता का 75वां वर्ष मनाने के लिए मार्च 2021 में गुजरात के अहमदाबाद के साबरमती आश्रम से ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ शुरू किया था। यह समारोह 15 अगस्त, 2023 तक जारी रहेगा।
लाल किले पर प्रधानमंत्री के आगमन पर रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह, रक्षा राज्य मंत्री श्री अजय भट्ट और रक्षा सचिव डॉ. अजय कुमार उनकी अगवानी करेंगे।
रक्षा सचिव, दिल्ली क्षेत्र के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (जीओसी), लेफ्टिनेंट जनरल विजय कुमार मिश्रा, एवीएसएम का प्रधानमंत्री से परिचय कराएंगे।
इसके बाद दिल्ली क्षेत्र के जीओसी श्री नरेन्द्र मोदी को सैल्यूटिंग बेस तक ले जाएंगे, जहां एक संयुक्त इंटर-सर्विसेज और दिल्ली पुलिस गार्ड प्रधानमंत्री को सामान्य सलामी देंगे। इसके बाद प्रधानमंत्री सलामी गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण करेंगे।
प्रधानमंत्री के लिए गार्ड ऑफ ऑनर दल में सेना, नौसेना, वायु सेना और दिल्ली पुलिस प्रत्येक में से एक-एक अधिकारी और 20 जवान शामिल होंगे।
सलामी गार्ड ऑफ ऑनर की कमान कमांडर पीयूष गौड़ संभालेंगे। प्रधानमंत्री के गार्ड में नौसेना दल की कमान लेफ्टिनेंट कमांडर सुने फोगट, सेना की टुकड़ी की कमान मेजर विकास सांगवान और वायु सेना की टुकड़ी की कमान स्क्वाड्रन लीडर ए. बेरवाल संभालेंगे। दिल्ली पुलिस दल की कमान अतिरिक्त डीसीपी (पश्चिम जिला) श्री सुबोध कुमार गोस्वामी संभालेंगे।
सलामी गारद के निरीक्षण के बाद, प्रधानमंत्री मोदी लाल किले की प्राचीर के लिए रवाना होंगे, जहां उनका स्वागत रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह, रक्षा राज्य मंत्री श्री अजय भट्ट, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत, थल सेनाध्यक्ष जनरल एमएम नरवणे, नौसेनाध्यक्ष एडमिरल करमबीर सिंह और वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल आर. के. एस. भदौरिया द्वारा किया जाएगा। दिल्ली क्षेत्र के जीओसी राष्ट्रीय ध्वज फहराने के लिए प्रधानमंत्री को प्राचीर स्थित मंच पर ले जाएंगे।
ध्वज फहराने के बाद तिरंगे को राष्ट्रीय सलामी दी जाएगी। नौसेना बैंड, जिसमें 16 लोग शामिल होंगे, राष्ट्रीय ध्वज फहराने और राष्ट्रीय सलामी के दौरान राष्ट्रगान बजाएंगे। बैंड का संचालन एमसीपीओ विंसेंट जॉनसन द्वारा किया जाएगा।
लेफ्टिनेंट कमांडर पी. प्रियंबदा साहू राष्ट्रीय ध्वज फहराने में प्रधानमंत्री की सहायता करेंगे। इसे इलीट 2233 फील्ड बैटरी (औपचारिक) के बहादुर गनर्स द्वारा दागे गए 21 तोपों की सलामी के साथ सिंक्रोनाइज किया जाएगा।
राष्ट्रीय ध्वज गार्ड, जिसमें सेना, नौसेना, वायु सेना और दिल्ली पुलिस के पांच अधिकारी और 130 जवान शामिल हैं, प्रधानमंत्री द्वारा राष्ट्रीय ध्वज फहराने के समय राष्ट्रीय सलामी देंगे। भारतीय नौसेना के कमांडर कुलदीप एम. नेरालकर इंटर-सर्विसेज गार्ड और पुलिस गार्ड की कमान संभालेंगे।
राष्ट्रीय ध्वज गार्ड में नौसेना की टुकड़ी की कमान लेफ्टिनेंट कमांडर प्रवीण सारस्वत, सेना की टुकड़ी की कमान मेजर अंशुल कुमार और वायुसेना की टुकड़ी की कमान स्क्वाड्रन लीडर रोहित मलिक संभालेंगे। दिल्ली पुलिस दल की कमान अतिरिक्त डीसीपी (दक्षिण पश्चिम जिला) अमित गोयल संभालेंगे।
भाला फेंकने वाले सूबेदार, ट्रैक और फील्ड में भारत के पहले स्वर्ण पदक विजेता नीरज चोपड़ा सहित ओलंपिक के बत्तीस विजेताओं के साथ-साथ भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) के दो अधिकारियों को लाल किले में समारोह में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया है।
लगभग 240 ओलंपियन, सहयोगी स्टाफ और साई तथा खेल महासंघ के अधिकारियों को भी प्राचीर के सामने ज्ञान पथ की शोभा बढ़ाने के लिए आमंत्रित किया गया है।
राष्ट्र के नाम प्रधानमंत्री के संबोधन के समापन पर राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) के कैडेट राष्ट्रगान गाएंगे।
राष्ट्रीय समाचार
राजस्थान: श्रद्धालुओं से भरी बस की ट्रक से टक्कर, 22 घायल

राजस्थान के टोंक जिले के नया गांव के पास नेशनल हाईवे 52 पर करीब 25 यात्रियों को ले जा रही बस एक ट्रक से टकराने के बाद कम से कम 22 लोग घायल हो गए।
पत्रकारों से बातचीत करते हुए हादसे में घायल एक महिला यात्री ने बताया कि वे दर्शन करने जा रहे थे, रास्ते में हादसा हो गया। एक और महिला यात्री ने बताया कि कोटा से स्वस्ति धाम दर्शन करने के लिए एक बस रवाना की गई थी। रास्ते में वह टकरा गई। हादसे के बाद सभी को अस्पताल में भर्ती कराया गया और सभी का इलाज चल रहा है। भगवान से प्रार्थना है कि जल्द से जल्द सभी ठीक हों और मां के दर्शन करें।”
कोटा की रहने वाली रेनू जैन ने बताया कि बस की टक्कर होने से कई लोग घायल हो गए हैं। कई लोग गंभीर रूप से चोटिल हो गए हैं।
यात्री मुकेश कुमार जैन ने बताया कि कोटा से मौजमाबाद दर्शन करने जा रहे थे। खड़े ट्रेलर से बस की टक्कर हो गई। बस में 25 लोग सवार थे, जिसमें से 22 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जबकि तीन लोगों को मामूली चोट लगी है। चालक की हालत गंभीर है।
एक और शख्स ने कहा कि हादसे में 22 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। सभी का उपचार किया जा चुका है। जिनको गंभीर चोटें लगी हैं, उनको जयपुर रेफर किया जा रहा है।
मामले की जानकारी देते हुए एक अधिकारी ने कहा कि मुझे टेलीफोन के माध्यम से जानकारी मिली थी कि यात्रियों से भरी एक बस का एक्सीडेंट हो गया है। सभी मंदिर में दर्शन करने जा रहे थे। सभी घायलों को वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है।
राष्ट्रीय समाचार
शिक्षा के मुद्दे पर छात्र आंदोलन दबाने की हर कोशिश नाकाम होगी : दीपांकर भट्टाचार्य

शिक्षा में भ्रष्टाचार, पेपर लीक, फीस वृद्धि, विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता पर कथित हमलों और छात्र आंदोलनों पर कार्रवाई के मुद्दे को लेकर भाकपा (माले) ने रविवार को केंद्र सरकार पर निशाना साधा। पार्टी के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा कि शिक्षा के सवाल पर देशभर में चल रहे छात्र आंदोलन को दबाने की हर कोशिश विफल होगी और यह आंदोलन लगातार व्यापक होता जा रहा है।
पटना के गांधी मैदान के समीप आईएमए हॉल में आयोजित प्रेस वार्ता में दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा कि शिक्षा का सवाल केवल छात्रों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह नई पीढ़ी और समाज के विभिन्न तबकों का साझा मुद्दा बन चुका है। उन्होंने दावा किया कि बिहार से लेकर दिल्ली तक छात्र, युवा, मजदूर और मेहनतकश वर्ग इस संघर्ष के साथ खड़े हैं।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया वीडियो बयान पर भी टिप्पणी करते हुए आरोप लगाया कि छात्रों को माफी देने की बात के बहाने रूढ़िवादी और पितृसत्तात्मक सोच को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एक 15 वर्षीय छात्रा तक को सुनियोजित तरीके से निशाना बनाया गया। उनके अनुसार, नई पीढ़ी के साथ खड़ा होना लोकतंत्र और शिक्षा व्यवस्था की रक्षा का प्रश्न है।
दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज का उल्लेख करते हुए दीपांकर भट्टाचार्य ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री के बाद अब गृह मंत्री की जवाबदेही भी तय होनी चाहिए। साथ ही आरोप लगाया कि मुकदमे वापस लेने की घोषणा के बावजूद आंदोलन से जुड़े सभी मामलों को वापस नहीं लिया जा रहा है, जो लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन है।
प्रेस वार्ता में मौजूद भाकपा (माले) विधायक संदीप सौरभ ने कहा कि देशभर के छात्र-युवाओं में केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ गहरा आक्रोश है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्र आंदोलन, विशेषकर छात्राओं को निशाना बनाकर कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। साथ ही बिहार के विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता समाप्त करने और फीस वृद्धि के जरिए गरीब छात्रों को उच्च शिक्षा से बाहर करने का आरोप लगाया।
आइसा के बिहार राज्य अध्यक्ष धनंजय, सचिव दीपांकर मिश्रा और उपाध्यक्ष सबा आफरीन ने कहा कि संगठन बिहार में शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग को लेकर आंदोलन जारी रखेगा।
उन्होंने स्नातक में 7.5 सीजीपीए की शर्त हटाने, पीएचडी फीस वृद्धि वापस लेने और नॉन-नेट फेलोशिप लागू करने की मांग दोहराई। साथ ही आरोप लगाया कि गांधी मैदान में शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान कई छात्रों और युवाओं के साथ पुलिस ने बर्बरता की तथा कई लोगों को बिना सूचना के हिरासत में रखा गया। उन्होंने कहा कि दमन की राजनीति का जवाब लोकतांत्रिक आंदोलन से दिया जाएगा।
राष्ट्रीय समाचार
भारत का कोयला उत्पादन जुलाई में 7.5 प्रतिशत बढ़कर 69.75 मिलियन टन रहा

भारत का कोयला उत्पादन जुलाई 2026 में सालाना आधार पर 7.51 प्रतिशत बढ़कर 69.75 मिलियन टन (प्रोविजनल) हो गया। इस वृद्धि में सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) के अधिक उत्पादन और पूरे क्षेत्र में लगातार दर्ज की गई बढ़ोतरी का अहम योगदान रहा। यह जानकारी केंद्रीय कोयला मंत्रालय ने रविवार को दी।
मंत्रालय के आधिकारिक बयान के अनुसार, जुलाई 2025 में देश का कोयला उत्पादन 64.88 मिलियन टन था।
जुलाई के दौरान कोयले का डिस्पैच भी बेहतर रहा और यह सालाना आधार पर 17.34 प्रतिशत बढ़कर 86.33 मिलियन टन (प्रोविजनल) पहुंच गया, जबकि पिछले वर्ष इसी महीने यह 73.57 मिलियन टन था।
मंत्रालय ने कहा कि उत्पादन और डिस्पैच में लगातार हो रही वृद्धि इस बात का प्रमाण है कि वह देश में कोयले की स्थिर आपूर्ति सुनिश्चित करने और पूरे क्षेत्र में परिचालन दक्षता बनाए रखने के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है।
चालू वित्त वर्ष के पहले चार महीनों में देश का संचयी कोयला उत्पादन 302.24 मिलियन टन (प्रोविजनल) रहा, जबकि संचयी कोयला डिस्पैच 354.70 मिलियन टन (प्रोविजनल) दर्ज किया गया। यह पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि की तुलना में 5.87 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है।
देश के कुल उत्पादन में सबसे बड़ा योगदान कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) का रहा। कंपनी ने जुलाई में 50.35 मिलियन टन कोयले का उत्पादन किया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 8.42 प्रतिशत अधिक है। वहीं, कंपनी ने जुलाई के दौरान 63.67 मिलियन टन कोयले का डिस्पैच किया, जो जुलाई 2025 की तुलना में 17.43 प्रतिशत ज्यादा रहा।
वित्त वर्ष 2026-27 की अप्रैल-जुलाई अवधि में सीआईएल का संचयी कोयला डिस्पैच भी पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि की तुलना में 6.81 प्रतिशत बढ़ा।
कोयला मंत्रालय ने कहा कि वह क्षेत्र में विकास की गति बनाए रखने, कोयले की उपलब्धता बढ़ाने और आयात पर भारत की निर्भरता कम करने के लिए प्रतिबद्ध है। उत्पादन और डिस्पैच में लगातार हो रही वृद्धि देश की आर्थिक प्रगति और ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने में कोयला क्षेत्र की अहम भूमिका को और सुदृढ़ करती है।
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