राजनीति
हाईकोर्ट के नोटिस के बाद ट्विटर ने दोहराया कि वह आईटी के नए नियमों का पालन करेगा
ट्विटर ने सोमवार को भारत में नए आईटी मध्यस्थ दिशानिर्देशों का पालन करने की बात को दोहराया क्योंकि दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा ट्विटर इंडिया और ट्विटर इंक द्वारा गैर-अनुपालन को लेकर एक याचिका पर नोटिस जारी किया गया है। अधिवक्ता अमित आचार्य की ओर से दायर इस याचिका में हाईकोर्ट से अपील की गई है कि उनके द्वारा केंद्र को यह निर्देश जारी किया जाए कि वह बिना किसी देरी के सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यस्थ दिशानिर्देश और डिजिटल आचार संहिता) नियम, 2021 के नियम 4 के तहत निवासी शिकायत अधिकारी को नियुक्त करने के लिए ट्विटर इंडिया और ट्विटर को आवश्यक निर्देश दें।
हाईकोर्ट ने केंद्र और ट्विटर को नोटिस जारी कर याचिका पर उनका रुख पूछा।
ट्विटर के एक प्रवक्ता ने आईएएनएस को बताया कि जैसा कि पहले भी कहा जा चुका है कि ट्विटर भारत में लागू कानून का पालन करने का हमेशा प्रयास करता है।
उन्होंने आगे कहा, “हम भारतीय कानून के तहत अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और गोपनीयता की रक्षा के लिए कड़ाई से निर्देशित हैं। हम पारदर्शिता के सिद्धांतों का भी ख्याल रखते हैं।”
गौरतलब है कि फेसबुक, व्हाट्सएप, गूगल, टेलीग्राम, लिंक्डइन वगैरह ने या तो पूरी तरह से या आंशिक रूप से नए आईटी नियमों का पालन किया है, जबकि ट्विटर ने अभी तक नियामों का पालन नहीं किया है।
ट्विटर ने पिछले हफ्ते आईटी मंत्रालय से कंपनी के लिए नए मध्यस्थ दिशानिदेशरें को लागू करने के लिए न्यूनतम तीन महीने के विस्तार पर विचार करने का अनुरोध किया है।
राजनीति
सिब्बल के बयान का जिक्र कर फडणवीस बोले, एसआईआर का विरोध करने से पहले कांग्रेस अपना इतिहास देखे

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी के नेतृत्व में चुनाव आयोग तथा एसआईआर प्रक्रिया के खिलाफ हुए जोरदार विरोध प्रदर्शन और उससे मध्य दिल्ली में काफी देर तक यातायात प्रभावित रहने पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को कांग्रेस पर तीखा हमला बोला।
सीएम फडणवीस ने सोशल मीडिया पर संसद का पुराना फुटेज साझा किया, जिसमें कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार के समय तत्कालीन केंद्रीय कानून मंत्री कपिल सिब्बल एसआईआर फ्रेमवर्क का आधिकारिक तौर पर समर्थन करते हुए दिख रहे हैं।
फडणवीस की ओर से साझा की गई वीडियो क्लिप तेजी से वायरल हो रही है। यह क्लिप विपक्ष की ओर से किए गए उन दावों को खारिज करती है, जिसमें कहा गया है कि वोटर लिस्ट में बदलाव की प्रक्रिया एक ‘साजिश’ या असंवैधानिक तरीका है। विपक्षी पार्टियों का आरोप है कि ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में 13 करोड़ से ज्यादा लोगों के नाम छूट गए हैं और वे इसके खिलाफ विरोध-प्रदर्शन कर रही हैं।
कांग्रेस नेतृत्व पर सीधा हमला करते हुए देवेंद्र फडणवीस ने पार्टी के पुराने रुख और अभी सड़कों पर हो रहे विरोध-प्रदर्शनों के बीच जबरदस्त अंतर को उजागर किया। सीएम सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, “कांग्रेस हर मंच से एसआईआर के खिलाफ शोर मचा रही है, लेकिन उनके ही पूर्व कानून मंत्री कपिल सिब्बल के शब्द इस ड्रामे की पोल खोल रहे हैं। राजनीतिक सुविधा के हिसाब से संसद का रिकॉर्ड नहीं बदलता। शायद नई-नई साजिश की थ्योरी गढ़ने से पहले कांग्रेस को अपना इतिहास देख लेना चाहिए। कभी-कभी, सबसे अच्छा जवाब आपकी अपनी पार्टी के अतीत से ही मिलता है।”
महाराष्ट्र के सीएम ने वीडियो का कैप्शन ‘कांग्रेस का दोहरा रवैया’ रखा और नागरिकों से यूपीए के समय की संसद की आधिकारिक कार्यवाही सुनने और यह तय करने की अपील की कि कौन सच बोल रहा है?
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की ओर से शेयर किए गए वीडियो में तत्कालीन कानून मंत्री कपिल सिब्बल उन तीन खास कैटेगरी के बारे में बता रहे हैं जिनके तहत एसआईआर प्रक्रिया वोटर लिस्ट से नाम हटाती है या अपडेट करती है। पूर्व कानून मंत्री ने वीडियो में कह रहे हैं, “डुप्लीकेट एंट्री तब हटाई जाती हैं जब कोई वोटर एक निर्वाचन क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र में जाता है और नए पते पर आसानी से दोबारा रजिस्टर हो जाता है। चुनावी क्षेत्रों की सीमाओं के पुनर्गठन के दौरान पुरानी वोटर लिस्ट को अपडेट करते समय भी ऐसा होता है। वेरिफिकेशन के बाद मृत लोगों के नाम भी नियमित रूप से हटाए जाएंगे।”
फुटेज में सिब्बल ने जोर देकर कहा कि रजिस्ट्रेशन अधिकारी किसी भी वैध वोटर को नहीं रोक सकते, क्योंकि लाखों नागरिक तय कानूनी प्रावधानों के तहत नाम शामिल कराने के लिए नियमित रूप से आवेदन करते हैं।
सीएम फडणवीस की ओर से साझा किया हुआ यह वीडियो ऐसे वक्त पर आया है, जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा एसआईआर प्रक्रिया को रोकने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर लगातार सड़क पर विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका दावा है कि हालिया एसआईआर प्रक्रिया के दौरान 13 करोड़ लोगों को वोट देने के अधिकार से वंचित कर दिया गया है। जंतर-मंतर और चुनाव आयोग के हेडक्वार्टर के पास हो रहे विरोध-प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षा बलों के साथ तीखी झड़पें हुईं, जिसके बाद पुलिस में शिकायतें दर्ज की गईं और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला।
भाजपा नेताओं ने सीएम फडणवीस के बयान का समर्थन करते हुए कहा है कि विपक्ष वोटर लिस्ट को ठीक करने की एक सामान्य प्रक्रिया को लेकर बेवजह विवाद खड़ा करने की कोशिश कर रहा है। इस प्रक्रिया को उनकी अपनी सरकार ने पहले संसद में मंजूरी दी थी और उसका बचाव भी किया था।
राष्ट्रीय समाचार
पंजाब में गैंगस्टर और असामाजिक तत्वों के लिए कोई जगह नहीं : डीजीपी

पंजाब के डीजीपी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर पंजाब में शांति और कानून-व्यवस्था को लेकर बड़ी बात कही है। उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस पंजाब में शांति और सद्भाव बनाए रखने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
डीजीपी ने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “मैं पंजाब में शांति और सद्भाव बनाए रखने के लिए पंजाब पुलिस की प्रतिबद्धता को दोहराता हूं। राष्ट्र विरोधी तत्वों को उनके नापाक इरादों में सफल नहीं होने दिया जाएगा।”
डीजीपी गौरव यादव ने साफ शब्दों में कहा कि पंजाब में गैंगस्टरों और असामाजिक तत्वों के लिए कोई जगह नहीं है। वे चाहे कहीं भी छिपे हों, चाहे भारत में या विदेश में, पंजाब पुलिस उन्हें गिरफ्तार करेगी और न्याय के कठघरे में लाएगी। गैंगस्टरों और उनके नेटवर्क के खिलाफ ऑपरेशन को और तेज किया जाएगा।
डीजीपी ने बताया कि हाल ही में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की और ‘युद्ध नाशियन विरुद्ध’ अभियान को और तेज करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार के सभी विभाग, पंजाब पुलिस और जनता मिलकर इस अभियान को उसके अंजाम तक पहुंचाएंगे।
पंजाब पुलिस संगठित अपराध को खत्म करने, ड्रग नेटवर्क को तोड़ने और पंजाब को सुरक्षित, शांतिपूर्ण और नशा-मुक्त बनाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
पंजाब की भगवंत मान सरकार ने शुक्रवार को 1992 बैच के आईपीएस अधिकारी गौरव यादव को राज्य का नियमित पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) नियुक्त किया है। राज्य सरकार ने इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी कर लंबे समय से चली आ रही कार्यवाहक डीजीपी की व्यवस्था को समाप्त कर दिया है।
57 वर्षीय गौरव यादव जुलाई 2022 से पंजाब पुलिस के कार्यवाहक डीजीपी के रूप में जिम्मेदारी संभाल रहे थे। उन्हें संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की ओर से अनुशंसित तीन वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के पैनल में से चुना गया है। पैनल में शामिल अन्य दो अधिकारियों में शरद सत्य चौहान और हरप्रीत सिंह सिद्धू के नाम थे।
गौरव यादव की नियुक्ति की प्रक्रिया कई महीनों से लंबित थी। यूपीएससी ने जुलाई में राज्य सरकार को अधिकारियों का पैनल भेजा था, जिसके बाद नियमित डीजीपी की नियुक्ति को लेकर अंतिम निर्णय का इंतजार किया जा रहा था।
अपराध
दिल्ली पुलिस ने मकोका के दो फरार आरोपियों को गिरफ्तार किया, 30 लाख रुपए बरामद

ARREST
आउटर नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट पुलिस ने नरेला पुलिस स्टेशन में महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गेनाइज्ड क्राइम एक्ट (मकोका) के तहत दर्ज एक मामले में दो फरार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही, पुलिस ने अपराध से हासिल हुई बताई जा रही 30 लाख रुपए की रकम और एक महिंद्रा थार गाड़ी भी बरामद की है।
पुलिस ने लामपुर इलाके में एक आरोपी द्वारा चलाए जा रहे जुए के अड्डे का भी भंडाफोड़ किया, जिससे 10 लोगों की गिरफ्तारी हुई और जुआ अधिनियम के तहत एक अलग मामला दर्ज किया गया।
यह मामला उस एफआईआर से जुड़ा है, जो नरेला पुलिस स्टेशन में इलाके में सक्रिय एक संगठित अपराध गिरोह के खिलाफ मकोका की धारा 3 और 4 के तहत दर्ज था। पुलिस के अनुसार, हालिया गिरफ्तारियों से पहले इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका था।
नरेला पुलिस स्टेशन की एक विशेष टीम ने, पक्की खुफिया जानकारी के आधार पर और वरिष्ठ अधिकारियों की देखरेख में काम करते हुए, फरार आरोपियों का पता लगाने के लगातार प्रयासों के बाद छापेमारी की।
गिरफ्तार लोगों की पहचान विनोद उर्फ खलीफा (39) और विकास उर्फ विक्की (43) के रूप में की गई है। दोनों दिल्ली के नरेला इलाके में बकनर के रहने वाले हैं।
पुलिस के अनुसार, विनोद पहले 10 आपराधिक मामलों में शामिल रहा है, जबकि विकास के खिलाफ छह मामले दर्ज हैं।
जांच के दौरान, विनोद से मिली जानकारी के बाद पुलिस ने लामपुर इलाके में कथित जुए के अड्डे पर छापेमारी की। मौके से दस लोगों को पकड़ा गया और जुआ अधिनियम के तहत एक अलग मामला दर्ज किया गया।
विनोद से मिली अतिरिक्त जानकारी के आधार पर, पुलिस ने हरियाणा के सोनीपत जिले के मुरथल में उसके घर पर भी छापेमारी की। ऑपरेशन के दौरान, उन्होंने अपराध से कमाई गई 30 लाख रुपए की नकदी बरामद की और एक महिंद्रा थार गाड़ी जब्त की।
पुलिस ने कहा कि आपराधिक गतिविधियों से हासिल की गई अन्य संपत्तियों और एसेट्स की पहचान करने और उनका पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी है।
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