राष्ट्रीय
टेस्ला ने केबिन कैमरे का उपयोग कर ड्राइवर निगरानी प्रणाली जारी की
अपने ऑटोपायलट सिस्टम से कथित रूप से जुड़ी लगातार दुर्घटनाओं से चिंतित टेस्ला ने आखिरकार अपने केबिन-फेसिंग कैमरे का उपयोग करते हुए एक ड्राइवर मॉनिटरिंग सिस्टम सॉफ्टवेयर जारी किया है, जिसे मूल रूप से सीईओ एलन मस्क ने खारिज कर दिया था। कंपनी की उन्नत ड्राइवर सहायता प्रणाली, इलेक्ट्रेक की रिपोर्ट के अनुसार इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करने में मदद करना है कि ड्राइवर ऑटोपायलट का उपयोग करते समय सड़क पर ध्यान दें।
टेस्ला ने एक विज्ञप्ति में कहा, “आपके रियरव्यू मिरर के ऊपर केबिन कैमरा अब ऑटोपायलट लगे होने पर ड्राइवर की असावधानी का पता लगा सकता है और सचेत कर सकता है। ध्यान दें कि कैमरा डेटा कार को खुद नहीं छोड़ता है, जिसका मतलब है कि सिस्टम तब तक जानकारी को सहेज या प्रसारित नहीं कर सकता है जब तक कि डेटा साझाकरण सक्षम न हो।”
नया अपडेट टेस्ला की अपनी नई ‘विजन’ प्रणाली के रिलीज के साथ मेल खाता है जो पूरी तरह से कैमरों का उपयोग करके कंप्यूटर ²ष्टि पर निर्भर करता है और इसमें कोई रडार नहीं है।
रियरव्यू मिरर के ऊपर केबिन-फेसिंग कैमरा मॉडल 3 और मॉडल वाई वाहनों में सक्रिय होगा।
2021 से पहले बनी मॉडल एस और मॉडल एक्स की गाड़ियों में अभी केबिन कैमरा नहीं है।
पिछले साल, टेस्ला ने पहली बार एक सॉफ्टवेयर अपडेट में कैमरे को सक्रिय किया, जिसमें लोगों से ऑटोमेकर को स्वैच्छिक आधार पर ‘भविष्य में सुरक्षा सुविधाओं और संवर्धन को विकसित करने’ के लिए वीडियो और तस्वीरें लेने की अनुमति देने के लिए कहा गया।
टेस्ला वाहन सोशल मीडिया पर मस्क द्वारा अक्सर वर्णित स्वायत्तता के स्तर तक पहुंचने से बहुत दूर हैं।
कम से कम 23 टेस्ला ऑटोपायलट से संबंधित दुर्घटनाएं हुई हैं, वर्तमान में यूएस नेशनल हाईवे ट्रैफिक सेफ्टी एडमिनिस्ट्रेशन (एनएचटीएसए) द्वारा जांच की जा रही है।
पूर्ण सेल्फ-ड्राइविंग तकनीक के बारे में मस्क द्वारा ट्विटर पर किए गए लंबे दावों के बावजूद, इलेक्ट्रिक कार निर्माता टेस्ला ने निजी तौर पर स्वीकार किया है कि इस तरह के दावे इंजीनियरिंग वास्तविकता से मेल नहीं खाते हैं।
टेस्ला वाहन ‘ऑटोपायलट’ नामक एक ड्राइवर सहायता प्रणाली के साथ आते हैं जो पहिया के पीछे सुरक्षा और सुविधा को बढ़ाता है। जब ठीक से उपयोग किया जाए तो ऑटोपायलट एक ड्राइवर के रूप में आपके समग्र कार्यभार को कम करता है।
अतिरिक्त 10,000 डॉलर के लिए, लोग ‘फुल सेल्फ-ड्राइविंग’ या एफएसडी खरीद सकते हैं।
राष्ट्रीय
क्या सरकार सोनम वांगचुक को मारना चाहती है: संजय राउत

मुंबई, 13 जुलाई: शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत सोनम वांगचुक के अनशन को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने सोमवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि पिछले 16 दिनों से सोनम वांगचुक अनशन पर हैं, लेकिन अफसोस की बात है कि सरकार की ओर से किसी भी प्रकार के सकारात्मक कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। ऐसी स्थिति में यही सवाल उभरकर सामने आ रहा है कि क्या सरकार सोनम वांगचुक को मारना चाहती है?
संजय राउत ने सोनम वांगचुक की उपलब्धियों को भी रेखांकित किया। उनके मुताबिक, सोनम वांगचुक असाधारण, पर्यावरणविद, शिक्षाविद और पद्मश्री अवार्ड से सम्मानित हैं।
शिवसेना (यूबीटी) नेता ने यह भी बताया कि आखिर सोनम वांगचुक क्यों अनशन पर बैठे हैं। उन्होंने बताया कि केंद्रीय मंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे धर्मेंद्र प्रधान ने पूरी तरह से भ्रष्टाचार किया है। उनके कार्यकाल के दौरान ही नीट जैसी परीक्षा लीक हुई। कई छात्रों ने मौत को भी गले लगा लिया। इन्हीं सब स्थिति को देखते हुए सोनम वांगचुक आज अनशन पर बैठे हुए हैं।
उनके मुताबिक, सरकार को सोनम वांगचुक के पास आकर उनसे बात करनी चाहिए थी। उनसे बात करनी चाहिए थी, लेकिन अफसोस की बात है कि अभी तक सरकार की तरफ से कोई भी उनके पास नहीं आया। कुल मिलाकर हमें यह समझना होगा कि सोनम वांगचुक अनशन पर क्यों बैठे हैं। सोनम वांगचुक हम सभी लोगों के लिए ही बैठे हैं।
इसके अलावा, उन्होंने अन्ना हजारे का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जब अन्ना हजारे अनशन पर बैठे हुए थे, तब तत्कालीन सरकार की ओर से कई लोग उनके पास गए थे और उनसे संवाद स्थापित करके उनका पक्ष जानने की कोशिश की थी। उन्होंने कहा कि अन्ना हजारे के लिए भी यह जरूरी हो जाता है कि वो सोनम वांगचुक का समर्थन करें, उनसे मुलाकात करें।
अपराध
बदरपुर में 17 वर्षीय नाबालिग की चाकू मारकर हत्या, प्रेम संबंध की शक में बुलाकर किया हमला

नई दिल्ली, 13 जुलाई: दक्षिण दिल्ली के बदरपुर इलाके के मोलरबंद एक्सटेंशन में 40 फीट रोड पर एक 17 वर्षीय नाबालिग युवक की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान यश के रूप में हुई है, जो 12वीं कक्षा का छात्र था। घटना शाम करीब पौने सात बजे पांडे मेडिकल स्टोर के पास गली नंबर 4 में हुई। पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि बाकी आरोपियों की तलाश जारी है।
मृतक के पिता जगमोहन सिंह ने आईएएनएस से बात करते हुए बताया, “मुझे कुछ पता नहीं था। सूचना मिलने पर जब अस्पताल पहुंचा तो देखा कि मेरा लड़का मर चुका था। उसकी छाती पर चाकू लगा हुआ था। मेरे इकलौते बेटे को ताबड़तोड़ चाकू के वार किए गए। वह 12वीं कक्षा में पढ़ता था। मुझे न्याय चाहिए, अगर इंसाफ नहीं मिला तो मैं कुछ भी कर सकता हूं।”
जगमोहन सिंह का कहना है कि उनका बेटा शांत स्वभाव का था और उन्होंने पुलिस से जल्द से जल्द दोषियों को सजा दिलाने की मांग की है।
प्रारंभिक जांच के अनुसार, यश उस लड़की के भाई द्वारा मौके पर बुलाया गया था, जिसके साथ वह रिलेशनशिप में था। यश तीन दोस्तों के साथ वहां पहुंचा। वहां दूसरे ग्रुप से झगड़ा हो गया। विवाद के दौरान यश की छाती और पेट में धारदार हथियार से कई वार किए गए। स्थानीय लोगों ने मदद की और घायल यश को तुरंत एम्स ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही थी। चोटों की तीव्रता के कारण इलाज के दौरान यश की मौत हो गई।
थाना बदरपुर के अधिकारियों ने बताया कि रात करीब 8 बजे स्थानीय बीट स्टाफ से सूचना मिली। डीडी नंबर 94ए दर्ज कर मामले की जांच शुरू की गई। क्राइम टीम ने घटनास्थल (एसओसी) का निरीक्षण किया। पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। दो आरोपियों को मौके से पकड़ लिया गया है। बाकी आरोपियों की तलाश के लिए कई टीमें लगाई गई हैं।
दुर्घटना
कानपुर में खड़े ट्रक से टकराई स्कॉर्पियो, दो बच्चों समेत तीन की मौत

कानपुर, 13 जुलाई: उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में एक दुर्घटना में स्कॉर्पियो कार सवार दो बच्चों समेत तीन लोगों की मौत हो गई। इस हादसे में 5 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें कांशीराम अस्पताल में भर्ती कराया गया।
शुरुआती जानकारी के अनुसार, कानपुर जिले के महाराजपुर इलाके में सोमवार सुबह 6 बजे स्कॉर्पियो कार राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक खड़े ट्रक से जा टकराई। स्कॉर्पियो कार में हादसे के समय करीब 8 लोग सवार थे। यह कार फतेहपुर की ओर जा रही थी।
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों और राहगीरों की भीड़ जमा हो गई। पुलिस को भी इसकी सूचना दी गई। बताया गया कि टक्कर इतनी भीषण थी कि कार चकनाचूर हो गई। अंदर फंसे लोग दर्द से तड़पते रहे।
मौके पर पहुंचने के बाद पुलिस टीम ने सभी तीन मृतकों के शवों को अपने कब्जे में लिया और बाकी घायलों को अस्पताल के लिए भेजा। बताया गया कि मरने वालों में दो मासूम बच्चे भी शामिल थे। हालांकि, मृतकों की पहचान अभी सामने नहीं आई।
इससे पहले, एटा जिले में एक कार से सांड की टक्कर के बाद ड्राइवर की मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि एटा जिले के पिलुआ थाना क्षेत्र में निधोली रोड स्थित जवाहरपुर गोदाम के पास यह हादसा हुआ। मृतक की पहचान 35 वर्षीय नरेंद्र शर्मा के रूप में हुई, जो एटा जिले के जिटौली गांव के निवासी था। बताया गया कि नरेंद्र अपनी दुकान बंद करने के बाद गांव लौट रहा था। इसी दौरान रास्ते में सांड से कार की टक्कर हुई।
अग्निशमन प्रभारी जितेंद्र कुमार ने बताया कि उन्हें हादसे की सूचना मिली थी। बताया गया कि कार की सांड से टक्कर हुई है। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और इस दुर्घटना में घायल युवक को अस्पताल भेजा गया। साथ ही, पुलिस टीम ने कार को सड़क से हटाकर किनारे किया।
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