Connect with us
Tuesday,17-March-2026
ताज़ा खबर

अनन्य

चमोली बचाव अभियान में गरुड़ एयरोस्पेस ड्रोन को तैनात किया जाएगा

Published

on

 ड्रोन व सर्विस कंपनी गरुड़ एयरोस्पेस, उत्तराखंड के चमोली जिले में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) द्वारा चलाए जा रहे राहत अभियान में तीन ड्रोन तैनात करेगा। कंपनी के एक शीर्ष अधिकारी ने यह जानकारी दी।

शहर स्थित गरुड़ एयरोस्पेस के प्रबंध निदेशक अग्निश्वर जयप्रकाश ने आईएएनएस को बताया, “हमें एनडीआरएफ ने उत्तराखंड के चमोली आपदा के लिए चलाए जा रहे बचाव और राहत कार्यो में तीन ड्रोन तैनात करने के लिए संपर्क किया।”

उन्होंने कहा कि कंपनी एनडीआरएफ के बचाव और राहत कार्यो में सहयोग करने के लिए तीन प्रकार के ड्रोन तैनात करेगी।

जयप्रकाश ने कहा कि एक ड्रोन को वीडियो निगरानी के लिए तैनात किया जाएगा, ताकि जमीनी बल क्षतिपूर्ति का जायजा ले सके और रियल टाइम सूचना पर भरोसा कर सकें। यह एनटीपीसी के फंसे श्रमिकों के बारे में भी जानकारी देगा, जो वहां एक बिजली संयंत्र का निर्माण कर रहे थे।”

उन्होंने कहा कि अन्य दो ड्रोनों का इस्तेमाल केबल बिछाने और खाद्य आपूर्ति व आपातकालीन आपूर्ति के लिए किया जाएगा।

जयप्रकाश ने कहा कि स्ट्रिंग ड्रोन, सामग्री को स्थानांतरित करने के लिए एक स्थान से दूसरे स्थान तक केबल बिछाएगा, जबकि यह भोजन और आपातकालीन आपूर्ति के लिए ड्रोन 20 किग्रा तक भार उठा सकता है।

उन्होंने कहा, “डिलिवरी ड्रोन का इस्तेमाल कोविड महामारी के दौरान कीटाणुनाशक दवाओं के छिड़काव के लिए किया जाता था और इसके सहयोग से टिड्डियों की रोकथाम के लिए कीटनाशकका भी छिड़काव किया जाता था।”

जयप्रकाश ने कहा, “तीन ड्रोन और चार पायलटों की हमारी टीम पहले से ही देहरादून में है और जल्द ही ड्रोन ऑपरेशन शुरू करने के लिए इसे जोशीमठ तक एयरलिफ्ट किया जाएगा।”

उन्होंने कहा कि वीडियो निगरानी ड्रोन, लाइव हाई डिफिनेशन प्रसारण प्रदान करेंगे और इसमें सुरंगों या अंधेरे क्षेत्रों में इस्तेमाल होने वाली फ्लैश लाइटें लगी होंगी।

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

अनन्य

मुंबई : मलाड रेलवे स्टेशन पर नमाज़ का वीडियो वायरल होने के बाद 3 हॉकरों के खिलाफ एफ आई आर दर्ज

Published

on

namaaz

मुंबई : रेलवे पुलिस ने बताया कि मलाड रेलवे स्टेशन पर नमाज़ पढ़ते हुए तीन फेरीवालों का एक वीडियो ऑनलाइन वायरल होने के बाद उनके खिलाफ एफ आई आर दर्ज की गई है। रिपोर्ट के अनुसार, तीनों हॉकरों की पहचान मुश्ताक बाबू लोन, सोहेब सदाकत साहा और बिस्मिल्लाह दीन अंसारी के रूप में हुई है। आरपीएफ ने अनाधिकार प्रवेश के लिए रेलवे अधिनियम की धारा 147 के तहत मामला दर्ज किया, जबकि जीआरपी ने स्टेशन मास्टर की शिकायत के बाद बीएनएस की धारा 168 के तहत एक और मामला दर्ज किया। वीडियो वायरल होने के बाद, भाजपा नेता किरीट सोमैया ने कहा कि इस घटना के संबंध में एफ आई आर दर्ज की जाएगी। समाचार एजेंसी से बात करते हुए उन्होंने कहा, “मुंबई के मलाड रेलवे स्टेशन पर, स्टेशन के प्लेटफॉर्म के ऊपर, खुलेआम एक छोटे मंडप जैसी संरचना बना दी गई है, और वहाँ नमाज़ पढ़ी जाने लगी है… इस पूरे मामले को लेकर एक एफ आई आर दर्ज की जाएगी।”

वायरल वीडियो में कुछ लोग मलाड रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 1 के ठीक बगल में बने एक अस्थायी शेड के नीचे नमाज़ पढ़ते हुए दिखाई दिए। रिपोर्ट के अनुसार, मलाड वेस्ट रेलवे स्टेशन पर विस्तार का काम चल रहा है और रेलवे ने इस प्रोजेक्ट के लिए प्लेटफॉर्म नंबर 1 के पास एक बड़ी खुली जगह बनाई है। इस बीच, पिछले ही हफ़्ते बॉम्बे हाई कोर्ट ने टैक्सी और ऑटो-रिक्शा चालकों को रमज़ान के दौरान शहर के हवाई अड्डे के भीतर एक अस्थायी शेड में नमाज़ अदा करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया, यह कहते हुए कि सुरक्षा धर्म से ऊपर है।

अदालत ने कहा कि रमज़ान मुस्लिम धर्म का एक अहम हिस्सा है, लेकिन साथ ही यह भी जोड़ा कि लोग किसी भी जगह पर नमाज़ पढ़ने के धार्मिक अधिकार का दावा नहीं कर सकते, खासकर हवाई अड्डे के आस-पास, जहाँ सुरक्षा को लेकर काफ़ी चिंताएँ होती हैं। अदालत टैक्सी-रिक्शा ओला-ऊबर मेंस यूनियन की तरफ़ से दायर एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें यह दावा किया गया था कि जिस अस्थायी शेड में वे नमाज़ पढ़ते थे, उसे पिछले साल गिरा दिया गया था। याचिका में अदालत से यह गुज़ारिश की गई थी कि वह अधिकारियों को निर्देश दे कि वे उन्हें उसी इलाके में नमाज़ पढ़ने के लिए कोई जगह आवंटित करें।

Continue Reading

अनन्य

असदुद्दीन ओवैसी ने असम के मुख्यमंत्री के खिलाफ कार्रवाई की मांग की, विवादित वीडियो को लेकर दी शिकायत

Published

on

हैदराबाद, 9 फरवरी : एआईएमआईएम प्रमुख और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने सोमवार को असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की मांग करते हुए हैदराबाद के पुलिस कमिश्नर को औपचारिक शिकायत दी। यह शिकायत एक कथित विवादित और अब डिलीट किए जा चुके वीडियो को लेकर की गई है, जिसमें सीएम सरमा को मुसलमानों पर गोली चलाते हुए दिखाया गया है।

पुलिस कमिश्नर को लिखे पत्र में ओवैसी ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा पिछले कई वर्षों से सोशल मीडिया, प्रिंट मीडिया, सार्वजनिक भाषणों और अन्य मंचों के माध्यम से मुस्लिम समुदाय के खिलाफ बयान देते रहे हैं, जिनमें से कई अब भी सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध हैं।

पुलिस कमिश्नर के नाम पत्र में ओवैसी ने कहा, “मैं आपका ध्यान इस बात की ओर दिलाना चाहता हूं कि असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा पिछले कई सालों से सोशल मीडिया, प्रिंट मीडिया, सार्वजनिक भाषणों और अन्य प्लेटफॉर्म के जरिए मुस्लिम समुदाय के खिलाफ लगातार बयान दे रहे हैं। ऐसे कई भाषण अभी भी पब्लिक डोमेन में उपलब्ध हैं। हाल के महीनों में मुख्यमंत्री ने जानबूझकर अपने नफरत भरे भाषणों को और तेज कर दिया है, जिसका साफ और सचेत इरादा मुसलमानों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना और हिंदुओं और मुसलमानों के बीच दुश्मनी और नफरत को बढ़ावा देना है, यह जानते हुए भी कि ऐसे आरोप राष्ट्रीय एकता के लिए हानिकारक हैं और सांप्रदायिक सद्भाव को नष्ट करने वाले हैं।”

ओवैसी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने शाहीन अब्दुल्ला बनाम यूनियन ऑफ इंडिया और अन्य के मामले में साफ तौर पर कहा है कि मौलिक अधिकारों की रक्षा करना, संवैधानिक मूल्यों को बनाए रखना और राष्ट्र के धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक चरित्र, विशेष रूप से कानून के शासन की रक्षा करना राज्य और कानून लागू करने वाली एजेंसियों का संवैधानिक कर्तव्य है। कोर्ट ने आगे निर्देश दिया कि पुलिस को औपचारिक शिकायत के अभाव में भी नफरत भरे भाषणों के मामलों में स्वतः संज्ञान लेकर कार्रवाई करनी चाहिए और कोई भी निष्क्रियता या हिचकिचाहट कर्तव्य की गंभीर लापरवाही मानी जाएगी।

उन्होंने कहा, “मैं यह बताना चाहता हूं कि असम भारतीय जनता पार्टी के आधिकारिक ‘एक्स’ अकाउंट द्वारा 7 फरवरी को पोस्ट किया गया एक हालिया वीडियो, जिसे एक दिन बाद हटा दिया गया था लेकिन अभी भी सोशल मीडिया पर उपलब्ध है, उसमें हिमंत बिस्वा सरमा को हथियार से लैस दिखाया गया है और वे उन लोगों को निशाना बना रहे हैं जिन्हें साफ तौर पर मुसलमान दिखाया गया है और उन्हें गोली मार रहे हैं। उक्त पोस्ट और वीडियो, उसमें इस्तेमाल की गई तस्वीरों और ‘पॉइंट ब्लैंक शॉट’ और ‘कोई दया नहीं’ जैसे बयानों के साथ, मुसलमानों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने, धार्मिक समुदायों के बीच नफरत और दुर्भावना को बढ़ावा देने और सांप्रदायिक हिंसा भड़काने के इरादे से किया गया एक जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण कार्य है।”

उन्होंने आगे कहा कि यह वीडियो ऑनलाइन पोस्ट किया गया था और पूरे भारत में उपलब्ध था, जिसमें इस पुलिस स्टेशन का अधिकार क्षेत्र भी शामिल है। मैंने इसे इस पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में देखा है। उपरोक्त तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए, मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि आप कानून के अनुसार श्री हिमंत बिस्वा सरमा के खिलाफ तत्काल और आवश्यक कानूनी कार्रवाई करें।

Continue Reading

अनन्य

केरल : स्थानीय निकाय चुनाव में जीत को कांग्रेस उम्मीदवार वैष्णव सुरेश ने ‘लोकतंत्र की जीत’ बताया

Published

on

तिरुवनंतपुरम, 13 दिसंबर: कांग्रेस उम्मीदवार वैष्णव सुरेश ने शनिवार को केरल लोकल चुनावों में अपनी जीत को ‘लोकतंत्र और सच्चाई की जीत’ बताया। कुछ दिन पहले अधिकारियों ने उनकी उम्मीदवारी को खारिज कर दिया था, लेकिन केरल हाई कोर्ट के दखल के बाद उनकी उम्मीदवारी बहाल कर दी गई थी।

सुरेश ने मौजूदा तिरुवनंतपुरम कॉर्पोरेशन पार्षद अंशु वामादेवन को हराया, जो अपनी मूल सीट छोड़कर मुट्टाडा सीट से चुनाव लड़ने आए थे, लेकिन पहली बार चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार से हार गए।

मुट्टाडा सीट, जब से बनी है, सीपीआई(एम) का गढ़ रही है। शुरुआती नतीजों से उनकी जीत का संकेत मिलते ही, वैष्णव ने कहा कि वह ‘बहुत खुश’ हैं और इस नतीजे को लोगों का साफ संदेश बताया।

उन्होंने कहा, “यह लोकतंत्र की जीत है। सच्चाई की हमेशा जीत होती है, और यहां भी ऐसा ही हुआ है। लोगों को पता था कि क्या हो रहा है। अच्छी लड़ाई लड़ी।”

तकनीकी कारणों से नामांकन पत्र जांच के दौरान खारिज होने के बाद वैष्णव की उम्मीदवारी ने पूरे राज्य का ध्यान खींचा था। इस फैसले से कांग्रेस ने विरोध प्रदर्शन किया, जिसने अनुचित व्यवहार का आरोप लगाया और दावा किया कि यह खारिज करना राजनीतिक मकसद से किया गया था।

इसके बाद वैष्णव ने हाई कोर्ट का रुख किया, जिसने उनकी याचिका सुनने के बाद अधिकारियों को उनका नामांकन स्वीकार करने का आदेश दिया, जिससे उन्हें फिर से चुनाव लड़ने की अनुमति मिल गई। कानूनी लड़ाई, साथ ही उनकी कम उम्र ने वैष्णव को निर्वाचन क्षेत्र में कांग्रेस अभियान का एक प्रमुख चेहरा बना दिया।

पार्टी नेताओं ने उनके मामले को संस्थागत अन्याय के उदाहरण के रूप में पेश किया और जिसे उन्होंने लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए लड़ाई बताया, उसके इर्द-गिर्द समर्थन जुटाया। अदालत के आदेश के बाद फिर से शुरू हुए उनके अभियान में शासन के मुद्दों के साथ-साथ लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं की सुरक्षा के बड़े विषय पर ध्यान केंद्रित किया गया।

राजनीतिक पर्यवेक्षकों का कहना है कि उनके पक्ष में आया फैसला न केवल कांग्रेस के लिए, बल्कि स्थानीय निकाय चुनावों के व्यापक संदर्भ में भी महत्वपूर्ण है, जहां कई जगहों पर कानूनी चुनौतियां प्रमुखता से सामने आईं।

वैष्णव की जीत को कांग्रेस के लिए, खासकर युवाओं और पहली बार चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के लिए मनोबल बढ़ाने वाला माना जा रहा है। कांग्रेस नेताओं ने इस नतीजे का स्वागत करते हुए कहा कि इसने न्यायपालिका और चुनावी प्रक्रिया दोनों में जनता के विश्वास को फिर से पक्का किया है।

उन्होंने मतदाताओं को ‘एक उम्मीदवार को चुनाव लड़ने के वैध अधिकार से वंचित करने के प्रयासों को समझने’ के लिए भी श्रेय दिया।

वैष्णव के लिए, यह जीत कड़ी सार्वजनिक निगरानी में उनकी राजनीतिक यात्रा की शुरुआत है।

मतदाताओं के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए, उन्होंने कहा कि वह उन पर जताए गए भरोसे को सही साबित करने के लिए काम करेंगी और स्थानीय मुद्दों को हल करने पर ध्यान केंद्रित करेंगी।

Continue Reading
Advertisement
व्यापार11 minutes ago

सेंसेक्स और निफ्टी सपाट, इन कारणों के चलते सीमित दायरे में कारोबार कर रहा बाजार

राजनीति18 minutes ago

कांग्रेस के काले कारनामों ने भारत के राजनीतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक इतिहास को किया प्रभावितः निशिकांत दुबे

राजनीति35 minutes ago

महाराष्ट्र: ‘महाराष्ट्र धर्म स्वतंत्रता अधिनियम 2026’ विधेयक विधानसभा से पास, विधान परिषद में आज बिल पर चर्चा

अंतरराष्ट्रीय49 minutes ago

पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के काबुल रिहैब सेंटर पर एयरस्ट्राइक की, 400 से ज्यादा मौतें : तालिबान

अंतरराष्ट्रीय54 minutes ago

बगदाद में अमेरिकी दूतावास पर हमला, धमाकों के बाद परिसर में लगी आग

अपराध1 hour ago

मुंबई के सेंट जेवियर्स कॉलेज को बम से उड़ाने की मिली धमकी

व्यापार1 hour ago

भारतीय शेयर बाजार मजबूत वैश्विक संकेतों से हरे निशान में खुला, मेटल और डिफेंस में खरीदारी

महाराष्ट्र19 hours ago

महाराष्ट्र में गैस संकट! लेकिन लोगों को चिंता करने की ज़रूरत नहीं, छगन भुजबल ने सदन में दावा किया… केरोसिन की सप्लाई भी मुमकिन है

राजनीति19 hours ago

बंगाल चुनाव 2026: भाजपा ने जारी की 144 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट, सुवेंदु अधिकारी को दो सीटों पर उतारा

राष्ट्रीय19 hours ago

मुंबई: डीआरडीओ के पूर्व वैज्ञानिक डॉ. प्रदीप कुरुलकर की जमानत पर फैसला सुरक्षित

महाराष्ट्र1 week ago

मुंब्रा में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर नदीम खान उर्फ ​​बाबा खान के घर पर फायरिंग, पुलिस टीम पर भी हमला, मुंब्रा में अलर्ट… नदीम ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया

महाराष्ट्र3 weeks ago

मुंबई साइबर फ्रॉड: 55 बैंक अकाउंट से फ्रॉड का खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार, संदिग्ध इक्विपमेंट, बैंक बुक और दूसरे डॉक्यूमेंट्स जब्त

व्यापार3 weeks ago

भारतीय शेयर बाजार सपाट बंद, डिफेंस स्टॉक्स उछले

व्यापार2 weeks ago

कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार लाल निशान में खुला, सेंसेक्स 300 अंक गिरा, आईटी शेयरों में बढ़त

महाराष्ट्र3 weeks ago

मुंबई: पुर्तगाली लड़की से छेड़छाड़ के आरोप में दो अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज, सनसनीखेज घटना से मुंबई शर्मसार, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल

व्यापार3 weeks ago

भारतीय शेयर बाजार लाल निशान में खुला, सेंसेक्स 350 अंक फिसला, आईटी शेयरों में बढ़त

खेल4 weeks ago

टी20 विश्व कप: ग्रुप स्टेज में इन चार छोटी टीमों का प्रदर्शन रहा दमदार, जिम्बाब्वे ने किया सबसे ज्यादा प्रभावित

अंतरराष्ट्रीय3 weeks ago

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को ‘नष्ट’ करने का दावा किया

व्यापार2 weeks ago

ईरान में चल रहे ‘बड़े सैन्य अभियानों’ के बीच एयर इंडिया ने मध्य पूर्व जाने वाली सभी उड़ानें कीं निलंबित

अपराध4 weeks ago

सेंट्रल एंड वेस्टर्न रेलवे (आरपीएफ) ने रेलवे डिब्बों और परिसरों में अवैध प्रचार सामग्री चिपकाने के आरोप में ‘बंगाली बाबा’ को गिरफ्तार किया।

रुझान