मनोरंजन
अस्पताल से वापस आए रेमो डिसूजा
कोरियोग्राफर-फिल्म निर्माता रेमो डिसूजा को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। रेमो ने अस्पताल से घर लौटने के बाद इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा किया है, जिसमें उन्होंने खुद को मिले प्यार और प्रार्थनाओं के लिए सभी को धन्यवाद दिया है। वीडियो साझा करते हुए डिसूजा ने लिखा है, “आप सभी के प्यार, प्रार्थनाओं और आशीर्वाद से मैं वापस आ गया हूं ..धन्यवाद। इस खूबसूरत स्वागत के लिए गैब्रिएल डिसूजा और मेरे सभी दोस्तों को धन्यवाद।”
शुक्रवार की देर रात साझा किए गए वीडियो में, डिसूजा गुब्बारों से घिरे हुए हैं। बता दें कि इस महीने की शुरूआत में डिसूजा को कार्डियक समस्याओं के चलते अस्पताल ले जाया गया था। वहां उनकी एंजियोप्लास्टी की गई।
डिसूजा द्वारा वीडियो पोस्ट करने के बाद बॉलीवुड में उनके दोस्तों और सहयोगियों ने उनकी घर वापसी पर शुभकामनाएं दीं। अभिनेता टाइगर श्रॉफ ने लिखा, “अब पहले से कहीं अधिक मजबूत होने का समय है।”
‘स्ट्रीट डांसर 3 डी’ अभिनेता वरुण धवन ने पोस्ट पर दिल के इमोजी के साथ कमेंट किया। वहीं इसी फिल्म की अभिनेत्री श्रद्धा कपूर ने लिखा, ‘वॉरियर रेमो सर।’
कोरियोग्राफर टेरेंस लुईस ने लिखा, “इसने मेरा दिन बना दिया! आपको अपने प्रियजनों के साथ सुरक्षित घर पर देखकर बहुत खुशी हुई! मैं जल्द ही आपसे मिलने आ रहा हूं! भाई आपके लिए ढेर सारा प्यार और पॉजिटिव हीलिंग!”
कोरियाग्राफर गीता कपूर ने लिखा, “तुम्हें घर पर देखकर बहुत खुश हूं। घर पर रहो, स्वस्थ्य और खुश रहो।”
मनोरंजन
‘हम 24 में 36 घंटे काम करते थे’, रवीना-करिश्मा ने याद किया 90 के दशक का दौर

सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविजन के शो ‘इंडियाज बेस्ट डांसर सीजन 5’ के सेट पर एक्ट्रेस रवीना टंडन ने 90 के दशक के बॉलीवुड दौर को याद किया। वह शो के सेमी-फिनाले एपिसोड में स्पेशल गेस्ट बनकर पहुंचीं थी।
इस दौरान उन्होंने शो की जज और साथी एक्ट्रेस करिश्मा कपूर के साथ पुराने दौर की कई यादें साझा कीं। रवीना ने बताया कि उस समय वह और करिश्मा एक दिन में कई फिल्मों की शूटिंग करती थीं और कई बार उन्हें खुद भी याद नहीं रहता था कि वह किस फिल्म के किस किरदार में हैं।
रवीना ने मजाकिया अंदाज में कहा, ”मुझे लगता है कि 90 के दशक में शायद दो ही हीरोइनें थीं, जो 24 घंटे में 36 घंटे काम करती थीं। इनमें एक करिश्मा कपूर थी और दूसरी मैं खुद थी। एक ही दिन में करीब छह अलग-अलग प्रोडक्शन के सेट पर शूटिंग करनी पड़ती थी। कहीं दो घंटे शूटिंग, फिर दूसरे सेट पर डेढ़ घंटे, उसके बाद किसी और जगह तीन घंटे और फिर दूसरे सेट पर चार घंटे। इस तरह पूरा दिन अलग-अलग लोकेशन और किरदारों के बीच निकल जाता था।”
रवीना ने कहा, ”लगातार इतने प्रोजेक्ट्स पर काम करने की वजह से एक वक्त के बाद हमें यह तक याद नहीं रहता था कि हम किस किरदार में हैं। एक ही तरह का किरदार कई अलग-अलग फिल्मों में निभाते हुए कई बार बस यही करना होता था कि जो बताया गया है, उसे कर दो। अगर किसी फिल्म में मेरा किरदार अमीर और बिगड़ी हुई लड़की का था, तो वही किरदार छह अलग-अलग सेट पर भी चल रहा होता था।”
रवीना की इस बात पर करिश्मा कपूर भी अपनी एक याद साझा करती हैं। वह बताती हैं, ”उस समय ज्यादातर शूटिंग फिल्म सिटी में होती थी। हम दोनों सुबह सात बजे से काम शुरू कर देती थीं। कभी-कभी तो हम दोनों एक-दूसरे को अलग-अलग सेट पर जाते हुए देखती थीं। एक सेट से निकलकर दूसरे सेट पर पहुंचना, रास्ते में कपड़े बदलना और फिर तुरंत अगले सेट पर शूटिंग के लिए तैयार होना हमारी दिनचर्या का हिस्सा था।”
मनोरंजन
‘जनादेश नहीं मिल रहा तो लोकतंत्र का अपमान करने का अधिकार नहीं’, अखिलेश के बयान पर भाजपा का पलटवार

समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव के 2027 के चुनाव को लेकर दिए बयान और सरकार व संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने के बाद भाजपा नेताओं ने सपा पर निशाना साधा। कैबिनेट मंत्री मनोज पांडेय ने अखिलेश यादव के 2027 के चुनाव को आखिरी चुनाव बताए जाने पर कहा कि लोकतंत्र में कोई आखिरी या नया चुनाव नहीं होता।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनादेश का सम्मान करना चाहिए और जो लोग जनादेश हासिल नहीं कर पा रहे हैं, उन्हें जनादेश का अपमान करने का अधिकार नहीं है। मनोज पांडेय ने सपा शासनकाल के दौरान नौकरियों, छात्रों पर कार्रवाई, दंगों और कानून-व्यवस्था का मुद्दा उठाते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता सब देख चुकी है।
उन्होंने कहा कि आज किसान, गरीब, नौजवान, पिछड़ा और अगड़ा वर्ग ऐसा प्रदेश चाहता है, जहां शांति और सुरक्षा के साथ खेती, कारोबार और जीवनयापन किया जा सके। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में बदले की राजनीति का कोई स्थान नहीं है।
योगी सरकार में मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने अखिलेश के चुनाव आयोग पर सवाल उठाने को लेकर कहा कि सपा का संवैधानिक संस्थाओं पर भरोसा नहीं है। उन्होंने कहा कि चुनाव दर चुनाव हार के बाद सपा निर्वाचन आयोग, पुलिस व्यवस्था और संविधान पर सवाल उठाती है। पीडीए के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि अधिकारियों का चयन जाति के आधार पर नहीं, बल्कि योग्यता और क्षमता के आधार पर होता है।
उन्होंने राम मंदिर और कारसेवकों का जिक्र करते हुए सपा पर निशाना साधा। मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने कहा कि सपा नेताओं को एसी में बैठकर प्रेस कॉन्फ्रेंस करने, भ्रम फैलाने और गलत आंकड़े जनता के सामने रखने की आदत हो गई है। यही उनका एजेंडा बन गया है। उन्होंने सपा से 2012 से 2017 तक के दंगों, अपराध, महिलाओं के खिलाफ अपराध और सरकारी नौकरियों से जुड़े आंकड़े जारी करने को कहा।
पीडीए के आरोपों पर दानिश ने कहा कि सपा नेता एसी कमरों से बाहर निकलेंगे तो उन्हें धरातल की हकीकत पता चलेगी। उन्होंने मेडिकल कॉलेज, स्वास्थ्य सुविधाओं और स्कॉलरशिप का जिक्र करते हुए कहा कि पिछड़े, दलित और पसमांदा समाज को इनका लाभ मिल रहा है। एसआईआर पर सपा के सवालों को लेकर दानिश ने कहा कि सिर्फ सवाल खड़े करना और भ्रम फैलाना सपा का ‘मूल कैरेक्टर’ बन गया है।
मनोरंजन
अजय देवगन की ‘दृश्यम : द कन्क्लूजन’ का दूसरा गाना ‘मुस्कुरा दो’ आया सामने, लकी अली ने बिखेरा जादू

अभिनेता अजय देवगन की आगामी फिल्म ‘दृश्यम : द कन्क्लूजन’ के मेकर्स ने बुधवार को ‘मुस्कुरा दो’ गाना रिलीज कर दिया। यह गाना विजय सालगांवकर के आसपास के सस्पेंस और टेंशन से हटकर उसके परिवार पर फोकस करता है, जिसके लिए वह लड़ता आ रहा है।
इस गाने को लकी अली ने अपनी आवाज में गाया है, रोचक कोहली ने कंपोज किया है और मनोज मुंतशिर ने लिखा है। ‘मुस्कुरा दो’ सालगांवकर परिवार के बीच के प्यार, अपनापन और एकजुटता को दिखाता है और विजय की जिंदगी के सुकून भरे पलों की झलक देता है।
लकी अली इस गाने में एक पुरानी यादों वाली मिठास लेकर आए हैं। साथ ही यह अजय देवगन के साथ उनका पहला म्यूजिकल कोलैब भी है, जो गाने को खास बनाता है।
लकी अली ने कहा, “‘मुस्कुरा दो’ दिल को अच्छी तरह से छूता है। इसमें एहसास पहले से ही मौजूद हैं, जिस वजह से हमने इमोशन को जबरदस्ती दिखाने की कोशिश नहीं की है। इस गाने ने मुझे परिवार के साथ उन पलों की याद दिला दी, जहां खुश होने के लिए कुछ खास होना जरूरी नहीं है। मैं अपनी गायकी के जरिए इसी एहसास को करीब रखना चाहता था और गाने को जितना हो सके नेचुरल रहने देना चाहता था।”
कंपोजर रोचक कोहली ने कहा, “जब मैंने ‘मुस्कुरा दो’ पर काम शुरू किया, तो मुझे पता था कि इसे एक फैमिली सॉन्ग जैसा लगना चाहिए। ‘दृश्यम: द कन्क्लूजन’ जैसी गंभीर और थ्रिलर फिल्म में इतनी गर्मजोशी वाला गाना बनाना एक अलग तरह का प्रेशर था। मैं चाहता था कि धुन में अपनापन हो, लेकिन वह बहुत आसान भी लगे। कहानी में बहुत टेंशन है, इसलिए इस गाने को थोड़ा खुलकर सांस लेने और एक अलग एहसास देने की जरूरत थी। जब लकी अली इस गाने से जुड़े, तो गाने का इमोशनल मूड बिल्कुल साफ हो गया।”
गीतकार मनोज मुंतशिर ने कहा, “मैं बार-बार इसी ख्याल पर लौट रहा था कि परिवार अक्सर बहुत छोटी-छोटी बातों से बनता है। कमरे के दूसरे कोने से एक मुस्कान, साथ बैठना, बिना कुछ कहे बहुत कुछ कह देना, यही वो चीजें हैं, जो हमें याद रहती हैं। वहीं से मेरे लिए ‘मुस्कुरा दो’ बना। मैं चाहता था कि शब्द फिल्मी न लगकर जिंदगी के करीब और बातचीत जैसे लगें।”
‘मुस्कुरा दो’ फिल्म के पहले गाने ‘विंगांसा’ से बिल्कुल अलग है। ‘विंगांसा’ में फिल्म का डार्क और बदले वाला मूड दिखाया गया था, जबकि यह नया गाना प्यार और सुकून भरा है। ‘दृश्यम : द कन्क्लूजन’ फिल्म ‘दृश्यम’ फ्रेंचाइजी का तीसरा और आखिरी चैप्टर है।
-
दुर्घटना1 year agoनागपुर विस्फोट: बाजारगांव स्थित सौर ऊर्जा संयंत्र में बड़ा विस्फोट; 1 की मौत, कम से कम 10 घायल
-
महाराष्ट्र1 year agoमीरा भयंदर हजरत सैयद बाले शाह बाबा की मजार को ध्वस्त करने का आदेश
-
व्यापार6 years agoआईफोन 12 का उत्पादन जुलाई से शुरू होगा : रिपोर्ट
-
महाराष्ट्र1 year agoईद 2025 पर डोंगरी में दंगे और बम विस्फोट की ‘चेतावनी’ के बाद मुंबई पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी
-
राजनीति1 year agoवक्फ संशोधन बिल लोकसभा में होगा पेश, भाजपा-कांग्रेस समेत कई पार्टियों ने जारी किया व्हिप
-
अपराध4 years agoभगौड़े डॉन दाऊद इब्राहिम के गुर्गो की ये हैं नई तस्वीरें
-
खेल1 year agoआईपीएल 2025 : शानदार रिकॉर्ड के नाम रहा एमआई और केकेआर का मैच, डेब्यूटेंट अश्विनी ने रचा इतिहास
-
महाराष्ट्र1 year agoहाईकोर्ट ने मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोटिस जारी किया, मस्जिदों के लाउडस्पीकर विवाद पर
