राजनीति
किसानों की मांग पर प्रधानमंत्री ने की तोमर, गोयल की बात सुनने की अपील
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नये कृषि कानूनों और किसानों की मांगों के संबंध में लोगों से केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और पीयूष गोयल की बात सुनने की अपील की है। प्रधानमंत्री ने दोनों मंत्रियों की प्रेसवार्ता का वीडियो शेयर करते हुए शुक्रवार को एक ट्वीट किया जिसमें उन्होंने उनकी बातों को सुनने की अपील की। प्रधानमंत्री ने प्रेसवार्ता का वीडियो शेयर करते हुए ट्वीट में कहा, मंत्रिमंडल के मेरे दो सहयोगी नरेंद्र सिंह तोमर जी और पीयूष गोयल जी ने नए कृषि कानूनों और किसानों की मांगों को लेकर विस्तार से बात की है। इसे जरूर सुनें।
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और रेलमंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को यहां एक प्रेसवार्ता में किसान नेताओं से आंदोलन का रास्ता छोड़ सरकार से बातचीत जारी रखने की अपील की।
नये कृषि कानूनों पर सरकार का रुख स्पष्ट करते हुए दोनों केंद्रीय मंत्रियों ने कहा था कि किसानों से जुड़े मसलों का हल वार्ता के माध्यम से ही निकलेगा, इसलिए किसान यूनियनों को सरकार द्वारा दिए गए प्रस्तावों पर विचार कर फिर बातचीत के लिए आगे आना चाहिए। तोमर ने कहा कि किसानों की हर समस्या के समाधान के लिए सरकार तैयार है।
सरकार की ओर से किसानों की सारी समस्याओं का सुलझाने और उनकी आशंकाओं को दूर करने को लेकर नौ दिसंबर को भेजे गए प्रस्तावों को किसान यूनियनों द्वारा खारिज करने और आंदोलन तेज करने का आह्वान करने के एक दिन बाद दोनों मंत्रियों ने प्रेसवार्ता में उनसे बातचीत के लिए मेज पर आने की अपील की।
तोमर ने कहा कि मोदी सरकार कृषि के क्षेत्र में निजी निवेश खेत तक पहुंचाने और खेती-किसानी को बढ़ावा देने की दिशा में काम कर रही है और नए कृषि कानून के लागू होने से देश के किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए पहले से मौजूद मंडियों के अलावा अन्य विकल्प भी मिलेंगे। वहीं, कांट्रैक्ट फार्मिग से जुड़े कानून से किसान महंगी फसलों की खेती करने के प्रति उत्साहित होंगे, जिससे उनकी आमदनी बढ़ेगी।
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देकर किसानों की आमदनी दोगुनी करने के को लेकर प्रतिबद्ध है।
मंत्री ने कहा कि कृषि क्षेत्र में सुधार के लिए लाए गए नए कानूनों से किसानों को फायदा होगा, इसलिए किसानों को इसे वापस लेने की मांग त्याग कर इसके फायदे के बारे में विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसानों को इन कानूनों से संबंधित जो भी शंकाएं हैं, उनका समाधान करने के लिए सरकार तैयार है।
नये कृषि कानून से किसानों के सामने खड़ी होने वाली समस्याओं को लेकर सरकार के साथ किसान यूनियनों के प्रतिनिधियों की प्रस्तावित छठे दौर की वार्ता से एक दिन पहले आठ दिसंबर को उन्होंने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के आमंत्रण पर उनसे मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान हुई बातचीत के मुताबिक किसान नेताओं को सरकार की ओर से किसानों के हर मुद्दे को चिन्हित कर उस पर प्रस्तावों का एक मसौदा भेजा गया।
सरकार की ओर से दिए गए प्रस्तावों में नये कानूनों से राज्यों में कृषि उपज विपणन समितियों द्वारा संचालित मंडियों के कारोबार को बेअसर बनाने के उपायों और न्यूनतम समर्थन मूल्य यान एमएसपी पर फसलों की खरीद जारी रखने का आश्वासन दिया गया है। इसके अलावा, कांट्रैक्ट फामिर्ंग से संबंधित नये कानून व अन्य मसलों पर विचार प्रस्ताव शामिल है।
उधर, किसान नेताओं का कहना है कि सरकार वही बात दोहरा रही है जिसकी चर्चा पूर्व में केंद्रीय मंत्रियों के साथ विज्ञान-भवन में आयोजित बैठक के दौरान हुई थी। उनका कहना है कि अगर सरकार कोई नया प्रस्ताव लाए तो बातचीत हो सकती है। नये कृषि कानूनों को निरस्त करने की मांग को लेकर दिल्ली के सिंघु बॉर्डर किसान 26 नवंबर से डेरा डाले हुए हैं।
महाराष्ट्र
मुंबई में अब 12 की जगह 15 जोनल डीसीपी हैं, पांच नए पुलिस स्टेशन बनने के बाद नोटिफिकेशन जारी

मुंबई; मुंबई शहर में बढ़ती आबादी की वजह से पांच पुलिस स्टेशन बढ़ने के बाद अब मुंबई शहर और उपनगरों में नई हदबंदी की गई है। शहर में 15 ज़ोन में 15 डीसीपी तैनात किए गए हैं। पहले 12 ज़ोन थे, अब 15 ज़ोन हैं। इस बारे में एक नोटिफिकेशन भी जारी किया गया है। पांच नए पुलिस स्टेशनों में असल्फा, महाराष्ट्र नगर, गोलीबार, मलाड मिध, अरला शामिल हैं। इसमें तीन नए एसीपी भी तैनात किए जाएंगे। इन पुलिस स्टेशनों के बढ़ने के साथ ही अब शहर में 100 से ज़्यादा पुलिस स्टेशन हो जाएंगे। पांच एडिशनल कमिश्नर और 15 डीसीपी की नियुक्ति से शहर में व्यवस्था बनाने में और मदद मिलेगी। क्राइम कंट्रोल करने और व्यवस्था बनाने के लिए मुंबई शहर को आबादी के हिसाब से नए ज़ोन और नए पुलिस स्टेशनों की ज़रूरत थी। जब से मुंबई पुलिस कमिश्नर देविन भारती ने कमिश्नर का पद संभाला है, इस प्रोसेस में तरक्की हुई है और अब इसे अमल में लाया गया है। जल्द ही नए पुलिस स्टेशन बनने के बाद पुलिस स्टेशनों का काम का बोझ कम हो जाएगा। कई पुलिस स्टेशनों की सीमाएं भी बदली गई हैं। मुंबई शहर और उपनगरों के कई पुलिस स्टेशनों को आबादी के आधार पर नए पुलिस स्टेशनों से जोड़ा गया है। इस सीमा से पुलिस स्टेशनों का काम का बोझ कम होगा और इलाकों में बेहतर सुपरविज़न और एडमिनिस्ट्रेशन भी पक्का होगा।
राष्ट्रीय समाचार
अंतरिक्ष एजेंसियों व तकनीकी साझेदारों से जुड़ेगी उच्च शिक्षा संस्थानों की रिसर्च

भारत अपने नवाचार और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करेगा। शिक्षा मंत्रालय की पहल पर फ्रांस में भारतीय आईआईटी, विश्वविद्यालय व अन्य संस्थानों की रिसर्च वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित की जाएगी। यहां भारतीय नवउद्यम वैश्विक निवेशकों, अंतरिक्ष एजेंसियों और तकनीकी साझेदारों से जुड़ेंगे।
भारत इनोवेटस 2026 एक ग्लोबल एक्सेलेरेटर के रूप में 100 से अधिक डीप-टेक स्टार्टअप्स और प्रमुख संस्थानों को 13 अत्याधुनिक क्षेत्रों में अंतरराष्ट्रीय भागीदारों से जोड़ रहा है। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, भारत के उच्च शिक्षण संस्थान अब केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये संस्थान नवाचार, उद्यमिता और गहन प्रौद्योगिकी अनुसंधान के शक्तिशाली केंद्र बनकर उभर रहे हैं।
शोध प्रयोगशालाओं से लेकर रिसर्च सेंटर्स और नवउद्यम सहायता केंद्रों तक, देश के विश्वविद्यालय तेजी से बढ़ते नवउद्यम तंत्र को दिशा दे रहे हैं। इसी सोच को वैश्विक मंच तक पहुंचाने के उद्देश्य से शिक्षा मंत्रालय द्वारा भारत इनोवेटस 2026 का आयोजन किया जा रहा है। यह पहल भारतीय उच्च शिक्षण संस्थानों से जुड़े नवउद्यमों, शोधकर्ताओं और युवा नवप्रवर्तकों को दुनिया भर के निवेशकों, उद्योग जगत, विश्वविद्यालयों और नवाचार साझेदारों से जोड़ने का बड़ा मंच बनेगी।
शिक्षा मंत्रालय के अनुसार यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की दूरदर्शी सोच को आगे बढ़ाती है। इसमें नवाचार आधारित शिक्षा, बहु-विषयक अनुसंधान और उद्योग तथा शिक्षण संस्थानों के बीच मजबूत सहयोग पर विशेष जोर दिया गया है। सरकार का मानना है कि भारत के युवा नवप्रवर्तक अब केवल देश की जरूरतों के लिए नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए समाधान विकसित कर रहे हैं।
शिक्षा मंत्रालय ने बताया कि “भारत इनोवेट्स 2026” में भारत की अग्रणी अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी कंपनी ध्रुव स्पेस भी भाग लेगी। हैदराबाद स्थित यह कंपनी भारत की पहली निजी अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी कंपनियों में शामिल है और पूर्ण अंतरिक्ष अभियांत्रिकी समाधान उपलब्ध करा रही है। कंपनी उपग्रह मंच, सौर पैनल और प्रक्षेपण सेवाओं जैसे क्षेत्रों में काम कर रही है। यह नागरिक और रक्षा दोनों क्षेत्रों के लिए सेवाएं प्रदान कर रही है। कंपनी ने भारत सरकार को अंतरिक्ष गुणवत्ता वाले सौर पैनल उपलब्ध कराए हैं।
वहीं विदेशों की बात करें तो कंपनी ने संयुक्त अरब अमीरात, ऑस्ट्रिया, ऑस्ट्रेलिया तथा फ्रांस जैसे देशों को निर्यात भी किया है। इससे ‘मेड इन इंडिया’ अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी की वैश्विक क्षमता और विश्वसनीयता साबित हुई है। एक जानकारी में शिक्षा मंत्रालय ने बताया कि ध्रुव स्पेस अब तक विभिन्न निवेश चरणों के माध्यम से 21 मिलियन डॉलर से अधिक की पूंजी जुटा चुका है और तेजी से आगे विस्तार कर रहा है।
कंपनी वर्ष 2026 के अंत तक सिंथेटिक एपर्चर रडार आधारित उपग्रह समूह विकसित करने पर काम कर रही है। यह प्रणाली हर मौसम में चौबीसों घंटे उच्च गुणवत्ता वाली पृथ्वी निगरानी और चित्रण सुविधा प्रदान करेगी, जिसका उपयोग रणनीतिक और रक्षा उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।
शिक्षा मंत्रालय ने बताया कि भारत इनोवेट 2026 के माध्यम से भारत अपने नवाचार और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी सामर्थ्य को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करेगा। यह आयोजन 14 से 16 जून 2026 तक फ्रांस के नीस शहर में आयोजित होगा। यहां भारतीय नवउद्यम वैश्विक निवेशकों, अंतरिक्ष एजेंसियों और तकनीकी साझेदारों से जुड़ेंगे। सरकार का कहना है कि भारत की अंतरिक्ष क्रांति अब नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रही है और दुनिया जल्द ही भारतीय युवाओं द्वारा विकसित अत्याधुनिक तकनीकों का प्रभाव देखेगी।
अंतरराष्ट्रीय समाचार
यूएन प्रमुख ने यूक्रेन व रूस के बीच युद्धविराम और कैदियों के आदान-प्रदान का किया स्वागत

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के प्रवक्ता ने कहा कि यूक्रेन व रूस के बीच तीन दिवसीय युद्धविराम और कैदियों के आदान-प्रदान का स्वागत किया है।
गुटेरेस के प्रवक्ता स्टीफन डुजारिक ने बयान में कहा, “महासचिव ने यूएन चार्टर, अंतरराष्ट्रीय कानून और संबंधित यूएन प्रस्तावों के अनुरूप, न्यायपूर्ण, स्थायी और व्यापक शांति की दिशा में तत्काल, बिना शर्त और स्थायी युद्धविराम की अपील को दोहराया।”
समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, रूस और यूक्रेन 9 मई से 11 मई तक युद्धविराम और “हजार के बदले हजार” कैदियों के आदान-प्रदान पर सहमत हुए।
इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने घोषणा की कि रूस और यूक्रेन के बीच तीन दिवसीय युद्धविराम पर सहमति हो गई है, जिसे उन्होंने इस युद्ध को समाप्त करने की दिशा में संभावित कदम बताया।
ट्रम्प ने कहा, “मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध में तीन दिवसीय युद्धविराम (9, 10 व 11 मई) होगा।”
उन्होंने कहा कि युद्धविराम रूस के विजय दिवस समारोह के साथ होगा और द्वितीय विश्व युद्ध में यूक्रेन की भूमिका का उल्लेख किया। उन्होंने कहा, “रूस में विजय दिवस का जश्न मनाया जा रहा है लेकिन द्वितीय विश्व युद्ध में यूक्रेन की भी बड़ी भूमिका थी।”
ट्रम्प के अनुसार, समझौते में सक्रिय युद्ध अभियानों को रोकना शामिल है। इस युद्धविराम में सभी प्रकार की सैन्य गतिविधियों को फिलहाल निलंबित करना शामिल होगा।
ट्रम्प ने कहा कि दोनों पक्ष बड़ी संख्या में कैदियों की अदला-बदली पर भी सहमत हुए हैं। साथ ही, दोनों देशों से 1,000 कैदियों की अदला-बदली भी होगी।
उन्होंने कहा कि यह पहल सीधे उनकी ओर से की गई थी। ट्रम्प ने रूसी राष्ट्रपति पुतिन और यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की दोनों को शर्तों पर सहमत होने के लिए आभार व्यक्त किया।
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