राजनीति
पोखरियाल को ‘वतन शिखर सम्मान’ मिलने पर राष्ट्रपति कोविंद ने दी बधाई
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ को इस साल का ‘वतन शिखर सम्मान’ मिलने पर बधाई दी है।
एक बयान में कहा गया, “राष्ट्रपति कोविंद ने शिक्षा मंत्री को साहित्य जगत में उनके योगदान और ‘वतन लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड’ से नवाजे जाने पर बधाई दी है।”
राष्ट्रपति ने पोखरियाल को शिक्षा के जरिए राष्ट्र निर्माण की दिशा में जन जागरूकता बढ़ाने के प्रयासों के लिए भी शुभकामनाएं दी। साथ ही उन्होंने भारत की राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को मिली वैश्विक सराहना के लिए भी पोखरियाल को शुभकामनाएं दी।
बता दें कि लंदन के वतन-यूके संगठन द्वारा कवियों, लेखकों और कलाकारों को उनके संबंधित क्षेत्रों में किए गए उल्लेखनीय कामों के लिए अंतर्राष्ट्रीय वतन पुरस्कार दिए जाते हैं।
अपराध
फिल्म निर्देशक कवल शर्मा पर धोखाधड़ी का केस दर्ज, निवेश के बहाने एक्ट्रेस से ठगी का आरोप

मुंबई, 29 नवंबर: भारतीय फिल्म निर्देशक और निर्माता कवल शर्मा पर फिल्मों और वेब सीरीज बनाने के बहाने पैसों की धोखाधड़ी का आरोप लगा है। मुंबई की खार पुलिस ने अभिनेत्री किरण आहूजा से 71.50 लाख रुपए की धोखाधड़ी के आरोप में कवल शर्मा के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
किरण आहूजा और कवल शर्मा ने एक फिल्म और कई विज्ञापनों में काम किया है। शिकायत में बताया गया कि साल 2016 में किरण आहूजा और निर्माता कवल शर्मा की पहली बार एक दोस्त के जरिए मुलाकात हुई थी। मुलाकात के समय कवल शर्मा ने उन्हें बताया कि वह अंधेरी स्थित फिल्म फार्मिंग एंटरटेनमेंट नेटवर्क इंडिया नामक एक कंपनी चलाते हैं और उन्हें सीरियल में कास्ट करना चाहते हैं। उस वक्त एक्ट्रेस ने मना कर दिया था, लेकिन 7 साल बाद 2023 में दोनों की फिर से एक कार्यक्रम में मुलाकात हुई।
किरण आहूजा ने शिकायत में बताया कि कवल ने एक्ट्रेस को 3 लाख रुपए के निवेश पर अच्छा रिटर्न देने की बात कही। हालांकि उन्होंने मना कर दिया, लेकिन 2024 में कथित तौर पर दोबारा संपर्क में आने के बाद एक्ट्रेस ने कवल के प्रोडक्शन हाउस में बनने वाली वेब सीरीज “लक बाय एक्सचेंज” में 60-70 लाख रुपए निवेश किए, क्योंकि उन्हें पैसा किस्तों में लौटाने का वादा किया गया था। संतोषजनक जानकारी न मिलने के बाद एक्ट्रेस ने पैसे वापस करने की मांग की, लेकिन जो चेक निर्माता की तरफ से दिए गए, वे बाउंस हो गए।
ऐसे में एक्ट्रेस ने परेशान होकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।
इससे पहले इसी साल जुलाई में भी हल्द्वानी कोतवाली पुलिस ने चेक बाउंस के मामले में कवल शर्मा को गिरफ्तार किया था। साल 2022 में पैसों की धोखाधड़ी को लेकर हल्द्वानी मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने 1 साल की सजा और 51.10 लाख रुपए का जुर्माना लगाया था, लेकिन जमानत मिलने के बाद फरार हो गया था। कवल शर्मा ने कई हिंदी फिल्मों का निर्माण और निर्देशन किया है। उन्होंने ‘हीरालाल पन्नालाल,’ ‘गुनाहों का देवता,’ ‘जीते है शान से’ और ‘मर मिटेंगे’ जैसी फिल्मों का निर्देशन किया।
राष्ट्रीय समाचार
केंद्रीय मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति का बड़ा फैसला, विवेक चतुर्वेदी बने नए सीबीआईसी चेयरमैन

नई दिल्ली, 29 नवंबर: केंद्र सरकार ने 1990 बैच के आईआरएस (सीएंडआईटी) अधिकारी विवेक चतुर्वेदी को केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) का नया चेयरमैन नियुक्त किया है। कैबिनेट की नियुक्ति समिति (एसीसी) ने यह फैसला जारी आधिकारिक आदेश के माध्यम से लिया।
जारी आदेश के अनुसार, वर्तमान में सीबीआईसी सदस्य के रूप में कार्यरत विवेक चतुर्वेदी अब बोर्ड के सर्वोच्च पद (चेयरमैन) की जिम्मेदारी संभालेंगे। यह नियुक्ति राजस्व प्रशासन, सीमा शुल्क व्यवस्था और अप्रत्यक्ष कर प्रबंधन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखी जा रही है।
यह आदेश कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय द्वारा जारी किया गया। आदेश पर उप सचिव सुबीर कुमार के हस्ताक्षर हैं।
जारी पत्र की प्रतियां सरकार के प्रमुख कार्यालयों को भेजी गई हैं, जिनमें प्रधानमंत्री कार्यालय, कैबिनेट सचिवालय और गार्ड फाइल शामिल हैं।
साथ ही यह आदेश वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग को भी भेजा गया है, जहां सचिव अरविंद श्रीवास्तव को इसकी सूचना दी गई है। नियुक्ति से संबंधित आधिकारिक संवाद में संपर्क नंबर 2401 0487 का भी जिक्र है।
सीबीआईसी देश के अप्रत्यक्ष कर ढांचे (जैसे जीएसटी, कस्टम्स और सेंट्रल एक्साइज) के संचालन और निगरानी का शीर्ष संस्थान है। ऐसे में इस पद पर नियुक्ति न केवल प्रशासनिक स्तर पर, बल्कि कर सुधारों और नीति क्रियान्वयन के दृष्टिकोण से भी अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है।
विवेक चतुर्वेदी के पास कर प्रणाली, कस्टम्स, डिजिटल कर प्रशासन और नीतिगत मामलों में लंबा अनुभव है। एक वरिष्ठ आईआरएस अधिकारी होने के नाते उनसे उम्मीद की जा रही है कि वे बोर्ड के कामकाज में और अधिक पारदर्शिता, दक्षता और तकनीकी सुधारों को बढ़ावा देंगे।
केंद्र सरकार हाल के वर्षों में आईआरएस और प्रशासनिक सेवाओं से जुड़े शीर्ष पदों पर तेजी से बदलाव कर रही है ताकि नीतियों के क्रियान्वयन और निगरानी में अधिक प्रभावशीलता लाई जा सके।
राजनीति
नेशनल हेराल्ड केस: राऊज एवेन्यू कोर्ट में ईडी की चार्जशीट पर फैसला टला, अब 16 दिसंबर को सुनाया जाएगा आदेश

नई दिल्ली, 29 नवंबर: राऊज एवेन्यू कोर्ट ने शनिवार को नेशनल हेराल्ड से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी द्वारा दाखिल चार्जशीट पर संज्ञान लेने का फैसला टाल दिया। अब अदालत 16 दिसंबर को अपना आदेश सुनाएगी, हालांकि ईडी की जांच पर कांग्रेस की दलील थी कि यह राजनीतिक बदले की कार्रवाई है।
इस मामले में कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस ओवरसीज प्रमुख सैम पित्रोदा, सुमन दुबे, सुनील भंडारी, यंग इंडियन और डोटेक्स मर्चेंडाइज प्राइवेट लिमिटेड को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत आरोपी बनाया गया है।
ईडी का आरोप है कि कांग्रेस के शीर्ष नेताओं ने एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) की 2,000 करोड़ रुपए से अधिक की संपत्तियों पर गलत तरीके से कब्जा किया। एजेंसी का दावा है कि यह पूरी योजना महज 50 लाख रुपए में यंग इंडियन नाम की कंपनी के माध्यम से की गई। इस कंपनी में सोनिया और राहुल गांधी की अधिकांश हिस्सेदारी है।
अदालत ने 7 नवंबर को आदेश सुरक्षित रखते हुए ईडी से कुछ अतिरिक्त स्पष्टीकरण मांगे थे। विशेष न्यायाधीश (पीसी एक्ट) विशाल गोगने ने कहा था कि कुछ दस्तावेज और वित्तीय लेन-देन की जानकारी को और गहराई से देखना जरूरी है। अदालत ने केस रिकॉर्ड की जांच के बाद बताया कि लेन-देन से जुड़े दस्तावेज, कथित किराए की रसीदें और फंड फ्लो का पूरा पैटर्न विस्तार से देखने के बाद ही फैसला लिया जा सकता है।
अदालत ने कहा था, “अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ने केस फाइलों की जांच के मद्देनजर जरूरी स्पष्टीकरण दे दिए हैं। आदेश अब 16 दिसंबर को सुनाया जाएगा।”
ईडी का कहना है कि इसमें फर्जीवाड़ा और मनी लॉन्ड्रिंग के स्पष्ट सबूत मिले हैं और यह एक गंभीर आर्थिक अपराध है। वहीं कांग्रेस का दावा है कि यह राजनीतिक बदले की कार्रवाई है। उनका कहना है कि यंग इंडियन का गठन कानूनी नियमों के तहत हुआ और इसमें किसी भी तरह का निजी लाभ शामिल नहीं है।
ईडी ने आरोप लगाया है कि कई वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं के निर्देश पर कुछ लोगों ने वर्षों तक फर्जी अग्रिम किराया भुगतान दिखाया और नकली किराया रसीदें जारी कीं। एजेंसी के अनुसार, यह सब एजेएल की संपत्तियों पर नियंत्रण हासिल करने की योजना का हिस्सा था।
इस विवाद की शुरुआत 2012 में हुई, जब भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने ट्रायल कोर्ट में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि एजेएल के अधिग्रहण की प्रक्रिया में कांग्रेस नेताओं ने धोखाधड़ी और भरोसे का उल्लंघन किया।
इस केस की अगली सुनवाई अब 16 दिसंबर को होगी, जब अदालत तय करेगी कि क्या ईडी की चार्जशीट पर संज्ञान लिया जाएगा या नहीं।
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