अंतरराष्ट्रीय
कोरोनावायरस से उबरे क्रिस्टियानो रोनाल्डो
पुर्तगाल के करिश्माई फुटबालर क्रिस्टियानो रोनाल्डो कोरोनावायरस से उबर गए हैं। आइसोलेशन की अवधि पूरा करने के बाद रोनाल्डो का कोविड-19 टेस्ट रिपोर्ट नेगेटिव आया है। ईएसपीएन की रिपोर्ट के अनुसार, रोनाल्डो 13 अक्टूबर को कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे, उसके बाद से उनको आइसोलेशन में रखा गया था।
कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के चलते रोनाल्डो पुर्तगाल का एक और जुवेंतस के चार मैच नहीं खेल सके थे। इसमें चैंपियंस के खिलाफ खेले गए मुकाबले में बार्सिलोना से मिली 0-2 की हार भी शामिल है। इसके बाद मंगलवार को भी रोनाल्डो का टेस्ट पॉजिटिव पाया गया था।
जुवेंतस ने एक बयान में कहा, ” क्रिस्टियानो रोनाल्डो आज एक टेस्ट से गुजरे और उनके टेस्ट की रिपोर्ट निगेटिव आई है। यह खिलाड़ी लगभग 19 दिन बाद कोरोना से रिकवर हो गया है और अब उनको होम आइसोलेशन में रहने की कोई जरूरत नहीं है।”
कोरोना वायरस की चपेट में आने से पहले रोनाल्डो ने लीग के दो मैचों में जुवेंतस के लिए तीन गोल किए थे। रोनाल्डो ने अपना पिछला मैच 11 अक्टूबर को नेशंस लीग में फ्रांस के खिलाफ खेला था, जहां दोनों टीमों को गोलरहित ड्रॉ खेलकर अंक बांटने पर मजबूर होना पड़ा था।
जुवेंतस को अपना अगला मुकाबला रविवार को सेरी-ए मे स्पेजिया के खिलाफ खेलना है।
अंतरराष्ट्रीय
12 अरब और इस्लामिक देशों के विदेश मंत्रियों ने ईरान से हमले रोकने की अपील की

नई दिल्ली, 19 मार्च : इजरायल और ईरान के बीच जारी जंग के बीच कई देशों की हवा बारूद के धुएं से भर गई। इजरायल की ओर से ईरान के सबसे बड़े गैस प्लांट साउथ पार्स फील्ड पर हमले के बाद ईरान ने कतर और संयुक्त अरब अमीरात के गैस प्लांट पर हमला कर दिया। इस बीच 12 अरब और इस्लामिक देशों के विदेश मंत्रियों ने ईरान के इस हमले की निंदा की और इन्हें तुरंत रोककर अंतरराष्ट्रीय कानून का सम्मान करने को कहा।
सऊदी की राजधानी रियाद में गुरुवार को हुई मीटिंग के बाद जारी एक संयुक्त बयान में 12 अरब और इस्लामिक देशों के विदेश मंत्रियों ने ईरान से हमले तुरंत रोकने और अंतरराष्ट्रीय कानून का सम्मान करने को कहा।
यह बयान अजरबैजान, बहरीन, मिस्र, जॉर्डन, कुवैत, लेबनान, पाकिस्तान, कतर, सऊदी अरब, सीरिया, तुर्किए और संयुक्त अरब अमीरात के मंत्रियों की ओर से जारी किया गया था।
बयान में, मंत्रियों ने खाड़ी देशों-जॉर्डन, अजरबैजान और तुर्किए पर हमलों की निंदा की। विदेश मंत्रियों ने कहा कि ईरान ने रिहायशी क्षेत्रों, नागरिकों के इलाके के ढांचे, जिसमें तेल की फैसिलिटी, डीसेलिनेशन प्लांट, एयरपोर्ट, रेजिडेंशियल बिल्डिंग और डिप्लोमैटिक जगहें शामिल हैं, को टारगेट किया था।
इसके अलावा मंत्रियों ने लेबनान पर इजरायल के हमलों की भी निंदा की और इलाके की सुरक्षा, स्थिरता और क्षेत्रीय अखंडता के लिए समर्थन दोहराया।यह संयुक्त बयान तब आया, जब ईरान ने खाड़ी में एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया और कतर में सुविधाओं में आग लगने और सऊदी अरब में बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने की खबरें आईं।
संयुक्त बयान में विदेश मंत्रियों ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि ईरान के साथ संबंधों का भविष्य देशों की संप्रभुता का सम्मान करने और उनके अंदरूनी मामलों में दखल न देने पर निर्भर करता है। साथ ही, किसी भी तरह से उनकी संप्रभुता या उनके इलाकों का उल्लंघन करने से बचना चाहिए और इलाके के देशों को धमकाने के लिए अपनी सैन्य क्षमताओं का इस्तेमाल या विकास नहीं करना चाहिए।
इससे पहले, ईरानी सरकारी मीडिया ने अमेरिका और इजरायल पर उसके तेल और प्राकृतिक गैस उत्पादन सुविधाओं के कुछ हिस्सों पर हमला करने का आरोप लगाया था।
वहीं कतर ने रास लफ्फान इंडस्ट्रियल सिटी को निशाना बनाकर किए गए ईरानी हमले की कड़ी निंदा की है। कतर ने कहा कि यह हमला संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 का उल्लंघन है। इस हमले के बाद ईरानी दूतावास के सैन्य अटैशे और सुरक्षा अटैशे के साथ-साथ उनके ऑफिस के स्टाफ को भी ‘पर्सोना नॉन ग्राटा’ घोषित कर दिया और उन्हें 24 घंटे के अंदर देश छोड़ने का निर्देश दिया गया। जब कोई देश किसी विदेशी राजनयिक को स्वीकार नहीं करता या उसे देश छोड़ने के लिए कह देता है, तो उसे पर्सोना नॉन ग्राटा घोषित किया जाता है।
एक आधिकारिक बयान में कतर ने इस हमले को देश की आजादी का खुला उल्लंघन और अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा और इलाके की स्थिरता के लिए सीधा खतरा बताया।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि कतर शुरू से ही इस संघर्ष से खुद को दूर रखने की नीति पर चल रहा है। तनाव बढ़ने से बचने के वादे के बावजूद ईरान ने उसे और पड़ोसी देशों को निशाना बनाना जारी रखा है। यह एक गैर-जिम्मेदाराना तरीका है जो इलाके की सुरक्षा को कमजोर करता है और अंतरराष्ट्रीय शांति के लिए खतरा है।
अंतरराष्ट्रीय
यूएई ने हबशान गैस प्लांट पर ईरान के हमले की कड़ी निंदा की, कुछ समय के लिए रोका गया ऑपरेशन

अबू धाबी, 19 मार्च : ईरान ने कतर और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के गैस फैसिलिटी फील्ड पर हमला किया है। ईरान की इस कार्रवाई की यूएई के अधिकारियों ने कड़ी आलोचना की है। यूएई के अधिकारियों ने गुरुवार को कहा कि मिसाइलों के इंटरसेप्शन से गिरते मलबे के कारण हबशान गैस फैसिलिटी में ऑपरेशन कुछ समय के लिए रोक दिया गया है।
यूएई के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, “संयुक्त अरब अमीरात ने हबशान गैस फैसिलिटी और बाब फील्ड को निशाना बनाकर किए गए ईरान के हमले की कड़ी निंदा की है। यूएई के एयर डिफेंस ने ईरान की ओर से किए गए इस हमले को सफलतापूर्वक रोक दिया और किसी के घायल होने की खबर नहीं है।”
विदेश मंत्रालय ने कहा कि ये हमले अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन हैं। यूएई अपनी संप्रभुता और राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा करने और अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाने का पूरा अधिकार रखता है।”
मंत्रालय ने कहा कि यह “महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर और तेल फैसिलिटी को निशाना बनाने वाला हमला क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता के साथ-साथ वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए सीधा खतरा है।”
इससे पहले बुधवार को, यूएई ने कहा था कि ईरान के साउथ पार्स गैस फील्ड से जुड़ी ऊर्जा फैसिलिटी को निशाना बनाना वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के साथ-साथ क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता के लिए भी खतरा है।
यूएई के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि ईरान में साउथ पार्स फील्ड से जुड़े एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमले एक खतरनाक बढ़ोतरी दिखाते हैं। साउथ पार्स गैस फील्ड उत्तर में कतर के इलाके तक फैला हुआ है।
न्यूज एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, मंत्रालय ने जोर देकर कहा कि एनर्जी सेक्टर के इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाना वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा और इलाके और उसके लोगों की सुरक्षा और स्थिरता के लिए सीधा खतरा है।
इसमें यह भी कहा गया कि ऐसी हरकतों के गंभीर नतीजे भी हो सकते हैं और आम लोगों, नेविगेशन रूट, साथ ही जरूरी इंडस्ट्रियल और शहरी सुविधाओं को सीधे खतरे में डाल सकते हैं।
मंत्रालय ने किसी भी हालत में जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर को टारगेट करने से बचने की जरूरत पर जोर दिया और अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करने और इलाके में सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने की अहमियत को दोहराया।
अंतरराष्ट्रीय
कतर में हमले से भड़के ट्रंप ने ईरान को दी तबाह करने की चेतावनी, बोले-हिचकिचाऊंगा नहीं

वॉशिंगटन, 19 मार्च : इजरायल ने ईरान के सबसे बड़े पार्स गैस फील्ड पर भीषण हमला किया है। साउथ पार्स दुनिया की सबसे बड़ी प्राकृतिक गैस फील्ड मानी जाती है। वहीं, जवाबी कार्रवाई में ईरान ने कतर की मेन गैस फैसिलिटी पर बड़ा हमला किया है। ईरान के इस हमले में कतर को भारी नुकसान हुआ है। इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कड़ी चेतावनी सामने आई है। ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका बिना इजरायल की मदद या सहमति के ही ईरान के साउथ पार्स गैस फील्ड को इतनी ताकत से उड़ा सकता है, जितनी उसने पहले कभी नहीं देखी होगी।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी कहा है कि उन्हें इजरायल की ओर से किए गए हमले के बारे में कुछ नहीं पता था। ट्रूथ सोशल पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने लिखा, “मिडिल ईस्ट में जो हुआ, उससे गुस्से में इजरायल ने ईरान में दक्षिण पार्स गैस फील्ड नाम की एक बड़ी फैसिलिटी पर हिंसक हमला किया है। पूरे इलाके का एक छोटा सा हिस्सा ही प्रभावित हुआ है। अमेरिका को इस खास हमले के बारे में कुछ नहीं पता था और कतर किसी भी तरह से इसमें शामिल नहीं था और न ही उसे इस बात का कोई अंदाजा था कि ऐसा होने वाला है।”
ट्रंप ने कहा है कि इजरायल साउथ पार्स फील्ड पर और हमला नहीं करेगा। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, “बदकिस्मती से ईरान को यह या साउथ पार्स हमले से जुड़ी कोई भी जरूरी बात नहीं पता थी और उसने गलत तरीके से कतर की एलएनजी गैस फैसिलिटी के एक हिस्से पर हमला कर दिया। इजरायल इस बहुत जरूरी और कीमती साउथ पार्स फील्ड पर कोई और हमला नहीं करेगा।”
वहीं कतर पर ईरान के हमले को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। अमेरिकी राष्ट्रपति ने सीधा कहा है कि अगर ईरान कतर पर हमला करता है तो अमेरिका उसकी रक्षा के लिए ईरान को जवाब देगा। उन्होंने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा, “अमेरिका, इजरायल की मदद या सहमति के बिना, पूरे साउथ पार्स गैस क्षेत्र को इतनी ताकत से उड़ा देगा जैसा ईरान ने पहले कभी नहीं देखा होगा। मैं इस स्तर की हिंसा और तबाही की इजाजत नहीं देना चाहता, क्योंकि इसका ईरान के भविष्य पर लंबे समय तक असर पड़ेगा, लेकिन अगर कतर के एलएनजी पर फिर से हमला होता है, तो मैं ऐसा करने में हिचकिचाऊंगा नहीं।”
वहीं ईरान की ओर से की गई इस कार्रवाई पर कतर का भी गुस्सा फूटा है। कतर के विदेश मंत्रालय ने ईरान के सैन्य और सुरक्षा अटैशे (राजनयिक) को उनके स्टाफ के साथ 24 घंटे के अंदर देश छोड़ने का आदेश दिया है।
मंत्रालय ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, “एम्बेसी में सैन्य अटैशे और सुरक्षा अटैशे, दोनों अटैची ऑफिस में काम करने वालों के अलावा, पर्सोना नॉन ग्राटा हैं और उनसे अपील की जाती है कि वे ज्यादा से ज्यादा 24 घंटे के अंदर देश के इलाकों को छोड़ दें।” सैन्य अटैशे किसी देश की सेना का वह वरिष्ठ अधिकारी होता है, जिसे दूसरे देश में स्थित अपने दूतावास में तैनात किया जाता है। वहीं सुरक्षा अटैशे किसी दूतावास या मिशन में सुरक्षा से जुड़े मामलों की देखरेख करता है।
ईरानी हमले में हुए नुकसान को लेकर कतर के रक्षा मंत्रालय ने गुरुवार सुबह कहा कि ईरान के मिसाइल हमले से कतर के उत्तरी कोस्ट पर मौजूद मेन गैस फैसिलिटी को नुकसान हुआ है। कतर के रक्षा मंत्रालय ने एक्स पर पोस्ट किया, “ईरान की तरफ से कतर पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया गया, जिसने रास लफ्फान इंडस्ट्रियल सिटी को टारगेट किया और नुकसान पहुंचाया।” कतर ने रात में कहा कि गैस फैसिलिटी पर हमले उसकी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सीधा खतरा हैं।
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