Connect with us
Wednesday,06-May-2026
ताज़ा खबर

राष्ट्रीय

दिल्ली के पॉश ‘खान मार्किट’ में दुकानदारों को ग्राहकों का इंतजार

Published

on

Khan-Market

राजधानी की सबसे पॉश माने जाने वाले खान मार्केट में फेस्टिवल सीजन में रौनक दिखने लगी है। लेकिन विदेशी राजनयिकों और राजनेताओं के इस प्रिय बाजार में अभी तक ग्राहक गायब है। दीवाली को कुछ ही दिन शेष हैं लेकिन दुकानदारों की मानें तो इस बाजार पर फेस्टिवल सीजन का कोई असर नहीं होता है। कोरोना महामारी से पहले खान मार्केट में विदेशी ग्राहक हर समय दिख जाया करते थे। लेकिन अब गिने चुने ही नजर आ रहे हैं। खान मार्केट ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष संजीव मेहरा ने आईएएनएस को बताया, कोरोना का प्रभाव सभी मार्केटों में है लेकिन दूसरे मार्केट के मुकाबले यहां कम है। लेकिन सरकार की तरफ से कोरोना को लेकर जब बयान आते हैं तो लोगों में डर बैठ जाता है। जिसकी वजह से ग्राहक बाहर निकलना बंद कर देते हैं। यही कारण है कि मार्केट में आज भीड़ कम है और ग्राहक बाहर निकल कर नहीं आ रहे हैं।

उन्होंने बताया, करीब 15 दिन पहले इस बाजार में अच्छा फुटफॉल था और लोग खरीददारी भी कर रहे थे। लेकिन डर की वजह से कम हो गया। हम उम्मीद करते हैं कि फेस्टिवल सीजन में शायद कुछ व्यापार और लोगों की आवाजाही में इजाफा हो।

हालांकि इस बाजार में कुछ दुकानें ऐसी भी थी जो कि कोविड की वजह से खाली करनी पड़ गई। लेकिन आज की तारीख में खाली हुई सभी दुकानों में नई दुकाने खुल चुकीं हैं। दरअसल जिस जगह आज खान मार्केट है वहां कभी बाजार के नाम पर चंद दुकानें हुआ करती थीं। जिसे बैरक मार्केट कहा जाता था।

आजादी के पहले सुजान सिंह पार्क में ब्रिटिश सेना के जवान रहते थे। इनकी तादाद ज्यादा होने के कारण रोजमर्रा की जरूरतों का सामान उपलब्ध कराने वाली कुछ दुकानें यहां खुल गई थीं। ये दुकान सैनिकों को राशन-पानी आदि उपलब्ध कराती थीं। इसलिए इसे लोग इसे बैरक मार्केट ही कहते थे।

खान मार्केट में लेडीस कपड़े बेचने वाले दुकानदार सुनील जैन ने आईएएनएस को बताया, इस बाजार में फेस्टिवल सीजन का इतना प्रभाव नहीं पड़ता क्योंकि ये एक लोकल मार्केट है। ग्राहक खरीदारी के लिए बहुत कम आ रहे हैं वहीं फुटफॉल भी कम है।

उन्होंने आगे कहा, अनलॉक से पहले जो भीड़ हुआ करती थी उसका 10 फीसदी भी नहीं है। उम्मीद ही लगाए बैठे हुए हैं। लेकिन जब तक कोरोना का डर खत्म नहीं होगा तब तक भीड़ में इजाफा नहीं होगा।

दरअसल खान मार्किट दिल्ली के सबसे महंगी मार्केट में आता है और अक्सर इस मार्केट में राजनेताओं और बड़ी हस्तियों का आना जाना लगा रहता है। जिसकी वजह से इसका असर ज्यादा दिख रहा है। हालांकि लोगों का आना जाना अभी भी बना हुआ है लेकिन दुकानों पर लोग अपने हिसाब से खरीदारी कर रहे हैं। कुछ दुकानदारों का ये भी मानना है कि लोगों ने अपनी लाइफस्टाइल को चेंज कर लिया है।

खान मार्केट में खाने पीने की कुछ अच्छे कैफे भी हैं लेकिन इन कैफे में भी लोगों की भीड़ नहीं है जो कि अक्सर देखी जाती रही है। लेकिन कपड़ो और अन्य व्यापार से खाने पीने के व्यापार में थोड़ी राहत है। परिवार और अपने दोस्तों के साथ लोग इन कैफे में बैठे दिख सकते हैं।

खान मार्केट में कुछ कपड़े बेचने वाले दुकानदार फोन पर गेम खेलते हुये भी नजर आते हैं। उनके मुताबिक व्यापार बिल्कुल नहीं है। ग्राहक आते हैं और कपड़े देख कर चले जाते हैं, कोई खरीदना पसंद ही नहीं कर रहा है।

राष्ट्रीय

पश्चिम एशिया संकट के बीच डीजी शिपिंग का बड़ा कदम, निर्यातकों को राहत देने के निर्देश; नाविकों को सुरक्षित रहने की सलाह

Published

on

oil

नई दिल्ली, 9 अप्रैल : पश्चिम एशिया में जारी संकट के बीच नौवहन महानिदेशालय (डीजी शिपिंग) ने बंदरगाहों को निर्देश दिया है। कि युद्ध प्रभावित पर्शियन गल्फ (फारस की खाड़ी) क्षेत्र में फंसे माल (कार्गो) वाले निर्यातकों को राहत दी जाए और उन्हें जरूरी छूट प्रदान की जाए।

एक सर्कुलर में कहा गया है कि बंदरगाह प्राधिकरण द्वारा दी जाने वाली छूट, जैसे डिटेंशन चार्ज, ग्राउंड रेंट, रीफर प्लग-इन (कनेक्टेड लोड) और अन्य टर्मिनल चार्ज, सभी मामलों में समान रूप से निर्यातकों तक नहीं पहुंच रही हैं।

डीजी शिपिंग ने निर्देश दिया है कि पोर्ट अथॉरिटी द्वारा दी गई सभी छूट पारदर्शी तरीके से सीधे संबंधित हितधारकों, जिनमें फ्रेट फॉरवर्डर्स और एनवीओसीसी शामिल हैं, को दी जाएं और वे आगे इसे निर्यातकों तक पहुंचाएं।

इसके साथ ही बंदरगाह प्राधिकरणों को यह जिम्मेदारी भी दी गई है कि वे टर्मिनल स्तर पर इसकी निगरानी करें ताकि छूट का लाभ बिना देरी के सही लोगों तक पहुंचे।

रेगुलेटर ने पोर्ट और टर्मिनल ऑपरेटर्स से कहा है कि वे इन निर्देशों का सख्ती से पालन करें ताकि लागत में पारदर्शिता बनी रहे, निर्यातकों के हित सुरक्षित रहें और संकट के दौरान कामकाज प्रभावित न हो।

यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि निर्यातक 497 करोड़ रुपए की रेजिलिएंस एंड लॉजिस्टिक्स इंटरवेंशन फॉर एक्सपोर्ट फैसिलिटेशन (रिलीफ) योजना के तहत दावा कर सकें और लाभ उठा सकें।

डीजी शिपिंग ने कहा, “शिपिंग कंपनियां ऐसे मामलों में पूरी पारदर्शिता और ऑडिट की सुविधा बनाए रखें। साथ ही, कार्गो पर लगने वाला वॉर रिस्क प्रीमियम भी बदला है, जो पहले के निर्देशों के अनुरूप नहीं हो सकता। इस मामले को बीमा कंपनियों के साथ उठाया जा रहा है।

इसी बीच डीजी शिपिंग ने ईरान के आसपास के समुद्री क्षेत्रों में काम कर रहे भारतीय नाविकों के लिए सुरक्षा एडवाइजरी भी जारी की है।

एडवाइजरी में कहा गया है कि जो नाविक किनारे पर हैं, वे घर के अंदर रहें, संवेदनशील जगहों से दूर रहें और अपनी आवाजाही के लिए भारतीय दूतावास के संपर्क में रहें।

वहीं, जो नाविक जहाज पर हैं, उन्हें जहाज पर ही रहने और बिना जरूरत किनारे पर जाने से बचने की सलाह दी गई है।

सभी कर्मियों से सतर्क रहने, आधिकारिक जानकारी पर नजर रखने और अपनी कंपनी व संबंधित अधिकारियों के संपर्क में बने रहने की अपील की गई है।

Continue Reading

राष्ट्रीय

राणा अयूब के संदेशों पर दिल्ली हाईकोर्ट सख्त, केंद्र सरकार, दिल्ली पुलिस और एक्स से मांगा जवाब

Published

on

law

नई दिल्ली, 8 अप्रैल : दिल्ली उच्च न्यायालय में पत्रकार राणा अयूब से जुड़े एक मामले में अहम सुनवाई हुई है।

यह मामला वर्ष 2013 से 2017 के बीच उनके सामाजिक माध्यम पर किए गए संदेशों से जुड़ा है, जिनमें उन पर भारत विरोधी भावना फैलाने का आरोप लगाया गया है। अदालत ने इस मामले को गंभीर मानते हुए संबंधित पक्षों से जवाब मांगा है।

सुनवाई के दौरान अदालत ने राणा अयूब द्वारा हिंदू देवी-देवताओं और वीर सावरकर को लेकर किए गए कुछ संदेशों पर कड़ी टिप्पणी की। न्यायालय ने कहा कि ये संदेश अपमानजनक, भड़काऊ और सांप्रदायिक प्रकृति के प्रतीत होते हैं, जो समाज में तनाव पैदा कर सकते हैं। अदालत ने यह भी कहा कि ऐसे मामलों में उचित कार्रवाई होना आवश्यक है।

दिल्ली उच्च न्यायालय ने इस संबंध में केंद्र सरकार, दिल्ली पुलिस और एक्स को निर्देश दिया है कि वे इन संदेशों के खिलाफ अब तक की गई कार्रवाई की जानकारी दें। साथ ही, यह भी बताएं कि आगे क्या कदम उठाए गए हैं। अदालत ने स्पष्ट किया कि इस मामले में देरी उचित नहीं है और इसे तुरंत सुना जाना जरूरी है।

न्यायालय ने राणा अयूब को भी नोटिस जारी किया है और उनसे इस मामले में अपना पक्ष रखने को कहा है। अदालत का कहना है कि यह मामला सार्वजनिक भावना और सामाजिक सौहार्द से जुड़ा हुआ है, इसलिए इसकी गंभीरता को देखते हुए सभी पक्षों का जवाब समय पर आना जरूरी है।

साथ ही, दिल्ली उच्च न्यायालय ने दिल्ली पुलिस, केंद्र सरकार और सोशल साइट एक्स को निर्देश दिया है कि वे अगले दिन तक अपना जवाब दाखिल करें। अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई 10 अप्रैल को तय की है, जहां इस पूरे प्रकरण पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।

Continue Reading

राजनीति

बारामती उपचुनाव से पहले कांग्रेस उम्मीदवार आकाश मोरे की इस शर्त से बढ़ी सियासी हलचल

Published

on

पुणे, 6 अप्रैल : बारामती विधानसभा उपचुनाव में एक नए मोड़ आ गया है। कांग्रेस उम्मीदवार और वकील आकाश मोरे ने साफ कह दिया है कि वह अपना नामांकन तभी वापस लेंगे, जब महाराष्ट्र सरकार अजित पवार के विमान हादसे की जांच के लिए एफआईआर दर्ज करेगी। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि यह हादसा केवल संयोग नहीं था और सच सामने लाना बेहद जरूरी है।

आकाश मोरे ने कहा, “हम यह लड़ाई लोकतंत्र की रक्षा और भाजपा की विचारधारा का विरोध करने के लिए लड़ रहे हैं। अगर सरकार इस मामले में एफआईआर दर्ज करती है और गंभीर जांच करती है, तभी मैं अपना नामांकन वापस लेने पर विचार करूंगा।”

आकाश मोरे पेशे से वकील हैं और उनकी एक राजनीतिक विरासत है। उनके पिता 2014 में अजित पवार के खिलाफ चुनाव लड़ चुके हैं।

उन्होंने महाराष्ट्र सरकार की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए कहा कि गृह मंत्रालय को इतने बड़े नेता की मौत को गंभीरता से लेना चाहिए। मोरे ने कहा, “बारामती और महाराष्ट्र के ‘कर्तापुरुष’ चले गए। सवाल यह है कि आखिर एफआईआर क्यों नहीं हुई या जांच क्यों नहीं हुई? हमने अजित दादा का राजनीतिक विरोध किया, ये हो सकता है, लेकिन राज्य के विकास के मामले में उनके साथ खड़े रहे। अगर कोई बड़ा नेता हादसे में मर जाए और एफआईआर दर्ज न हो, तो यह गंभीर सवाल खड़े करता है।”

उन्होंने कहा कि राज्य कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल भी इस रुख से सहमत हैं। पार्टी के वरिष्ठ प्रवक्ता अतुल लोंढे ने कहा कि मोरे की शर्त पूरी तरह जायज है। उन्होंने कहा, “अजित दादा के निधन के बाद उनके परिवार ने भी जांच की मांग की थी। इसलिए उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने सीबीआई जांच की मांग की थी, लेकिन यह प्रक्रिया कहां अटकी? रोहित पवार को एफआईआर दर्ज कराने के लिए महाराष्ट्र भर में दौड़ लगानी पड़ी और आखिरकार यह एफआईआर केवल कर्नाटक में हुई। क्या यही संवेदनशीलता है? हमारी मांग है कि एफआईआर महाराष्ट्र, खासकर बरामती में दर्ज हो तभी हम निर्णय करेंगे।”

अतुल लोंढे ने कहा कि मोरे सोमवार को कांग्रेस की तरफ से नामांकन दाखिल करेंगे। इस पर काफी चर्चा और आलोचना हो रही है। कई लोग पुरानी परंपराओं का हवाला देते हुए सुझाव दे रहे हैं कि कांग्रेस को इस चुनाव में निर्विरोध मतदान होने देना चाहिए। क्या नांदेड में वसंतराव चव्हाण की मृत्यु के बाद चुनाव नहीं हुए थे? क्या भरत भालके के निधन के बाद मंगलवेढा में चुनाव नहीं हुए थे? ऐसे अनगिनत उदाहरण दिए जा सकते हैं जहां भाजपा ने अपनी सुविधा के अनुसार राजनीति की है।”

कांग्रेस के इस कदम ने निर्विरोध चुनाव की संभावना को रोक दिया है। पहले यह उम्मीद की जा रही थी कि शरद पवार और उद्धव ठाकरे के समर्थन से सुनेत्रा पवार बिना मुकाबले चुनाव जीत सकती हैं, लेकिन कांग्रेस द्वारा आकाश मोरे को मैदान में उतारे जाने के फैसले ने सबको चौंका दिया और अब नामकंन वापस लेने के लिए ये मांग रखी है।

उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने पहले कोशिश की कि चुनाव बिना मुकाबले हो, लेकिन कांग्रेस ने आकाश मोरे को मैदान में उतारकर खेल बदल दिया। जैसे-जैसे नामांकन वापस लेने की आखिरी तारीख नजदीक आ रही है, सबकी नजरें अब महायुति सरकार पर हैं कि वह इस मांग का क्या जवाब देती है। इस बीच, एनसीपी (एसपी) विधायक रोहित पवार ने बारामती के लोगों से अपील की है कि सुनेत्रा पवार को रिकॉर्ड बहुमत से चुने।

Continue Reading
Advertisement
महाराष्ट्र23 minutes ago

नगर निगम कमिश्नर का निर्देश, गर्मी से बचने के लिए सफाई कर्मचारियों के लिए पोस्ट पर ओरल रिहाइड्रेशन पाउडर और पीने का पानी उपलब्ध कराया जाए।

महाराष्ट्र1 hour ago

मुंबई: गर्मियों में आग लगने की घटनाएं बढ़ जाती हैं, नागरिकों से गर्मियों में सार्वजनिक जगहों पर कचरा और दूसरा कचरा न जलाने की अपील

खेल2 hours ago

आईपीएल 2026: सबसे निचले पायदान पर मौजूद एलएसजी, मजबूत आरसीबी से होगा सामना

राजनीति3 hours ago

पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद केंद्र की योजनाओं को मिलेगा बढ़ावा, अब लागू होने की उम्मीद

मनोरंजन4 hours ago

रणदीप हुड्डा ने अपने पुश्तैनी घर और गांव के जीवन की झलक दिखाई

राष्ट्रीय समाचार5 hours ago

भारतीय कंपनियां अमेरिका में 20.5 अरब डॉलर से अधिक का निवेश करने के लिए तैयार: सर्जियो गोर

अंतरराष्ट्रीय समाचार6 hours ago

ईरान अंतरराष्ट्रीय कानून के दायरे में बातचीत के लिए तैयार: राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान

राजनीति6 hours ago

ममता बनर्जी और कांग्रेस संविधान और लोकतंत्र का अपमान कर रहे: एन रामचंद्र राव

राजनीति7 hours ago

राहुल गांधी का भाजपा पर तंज, कहा-वोट चोरी से सीटें चुराई जाती हैं तो कभी पूरी सरकार

महाराष्ट्र23 hours ago

अबू आसिम ने ईद-उल-अज़हा के दौरान जानवरों के ट्रांसपोर्टेशन में रुकावट डालने और उन्हें ज़ब्त करने पर रोक लगाने की मांग की

महाराष्ट्र2 weeks ago

मुंबई: नागपाड़ा के गैंगस्टर कालिया के एनकाउंटर का बदला लेने के लिए मुखबिर को मारा, क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई, कालिया का भतीजा और साथी गिरफ्तार

महाराष्ट्र1 week ago

मुंबई में संदिग्ध फूड पॉइजनिंग से एक ही परिवार के चार लोगों की मौत

महाराष्ट्र4 weeks ago

महाराष्ट्र पुलिस के लिए भी अब हेलमेट पहनना अनिवार्य, डीजीपी ने जारी किया आदेश

महाराष्ट्र4 weeks ago

मुंबई: मालेगांव विस्फोट मामले में गिरफ्तारी के बाद 2008 में पुरोहित के करियर की प्रगति लगभग रुक गई थी।

महाराष्ट्र4 weeks ago

ग्रांट रोड के बार पर छापा: मुंबई क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई

अपराध2 weeks ago

नासिक के बाद मुंबई में यौन उत्पीड़न के मामलों में लव जिहाद और कॉर्पोरेट जिहाद करने की साजिश, आरोपी गिरफ्तार, पुलिस ने कॉर्पोरेट जिहाद की बात से किया इनकार

अपराध2 weeks ago

मुंबई : हाथी दांत को 3.5 करोड़ रुपए में बेचने के मामले में चार आरोपी गिरफ्तार

महाराष्ट्र4 weeks ago

मुंबई: ओबीसी नेता शब्बीर अंसारी ने छोटा सोनापुर कब्रिस्तान की जगह खाली करवाई, मौलाना मोइन मियां ने शोक सभा में दावा किया! छगन भुजबल ने कहा कि यह मुस्लिम पिछड़े वर्ग के लिए बहुत बड़ा नुकसान है

राजनीति3 weeks ago

यूसीसी प्रक्रिया पर टीएस सिंह देव का सरकार से सवाल—पहले कैबिनेट में मंजूरी, फिर जनता से राय, ये कैसी उल्टी प्रोसेस?

व्यापार3 weeks ago

सोने की चमक बढ़ी, चांदी का दाम 2.55 लाख रुपए हुआ

रुझान