राजनीति
मध्य प्रदेश में उपचुनाव से पहले कांग्रेस को और झटके लगने के आसार
मध्य प्रदेश में विधानसभा के उपचुनाव कांग्रेस में हुई बगावत के कारण हो रहे हैं, मगर उसके बाद भी कांग्रेस में बगावत का दौर थमने का नाम नहीं ले रही है। आगामी लगभग एक हफ्ते में उप-चुनाव के लिए मतदान होने वाला है और इस बीच कांग्रेस को कई और झटके लगने के आसार बने हुए हैं।
राज्य में लगभग सात माह पूर्व कांग्रेस के तत्कालीन 22 विधायकों के विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दिए जाने और भाजपा में शामिल होने से कांग्रेस की कमल नाथ के नेतृत्व वाली सरकार गिर गई थी। उसके बाद से कांग्रेस छोड़कर भाजपा में जाने वालों का सिलसिला थमा नहीं है। पहले एक-एक कर तीन विधायकों ने सदस्यता छोड़ी और भाजपा का दामन थामा तो चुनाव से ठीक पहले दमोह से कांग्रेस विधायक राहुल लोधी ने रविवार को विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देकर भाजपा का दामन थाम लिया।
पार्टी सूत्रों की माने तो कांग्रेस के कई और विधायक भाजपा के संपर्क में है और संभावना इस बात की है कि मतदान के कुछ दिन पहले भी कुछ विधायक कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो सकते हैं। भाजपा ऐसा करके कांग्रेस के मनोबल को गिराने के साथ जनता के बीच यह संदेश देना चाह रही है कि कांग्रेस की किसी भी सूरत में सत्ता में वापसी संभव नहीं है। ऐसा जनमानस के बीच संदेश जाने पर भाजपा को बड़ी जीत हासिल हो सकती है और उसी के अनुसार भाजपा आगे बढ़ रही है।
राज्य की विधानसभा की स्थिति पर गौर करें तो पता चलता है कि वर्तमान में कुल 29 स्थान रिक्त है, उनमें से 28 स्थानों पर उप-चुनाव हो रहे हैं। इस तरह राज्य में जिस भी दल के पास 115 विधायक होंगे, वही सरकार बना लेगा। भाजपा के पास 107 विधायक पहले से ही हैं, उसे पूर्ण बहुमत के लिए आठ विधायकों की जरुरत है। उसे चार निर्दलीय विधायकों ने अपना समर्थन पहले ही दे दिया है। वहीं सपा-बसपा के भी विधायक सरकार के साथ खड़े नजर आ रहे हैं। इस तरह भाजपा को एक विधायक की जरुरत है। बाहर से समर्थन देने वालों को अलग कर दिया जाए तो भाजपा को ज्यादा से ज्यादा आठ सीटों पर जीत जरूरी है। कांग्रेस के पास 87 विधायक हैं और उसे पूर्ण बहुमत के लिए 28 विधायकों की जरुरत है। इस तरह उसे उप-चुनाव में सभी स्थानों पर जीत जरुरी है। वहीं निर्दलीय और सपा-बसपा के विधायकों का समर्थन हासिल करने पर कांग्रेस को कम से कम 21 सीटें जीतना जरुरी है।
राजनीतिक विश्लेशक शिव अनुराग पटेरिया का कहना है कि राज्य के विधानसभा के उप-चुनाव में कांग्रेस के पक्ष में न तो माहौल है और न ही अंक गणित। भाजपा इस बात को मतदाता ही नहीं अपने दल के नेताओं के बीच भी स्थापित करना चाहती है। साथ ही दल बदल करने की सोच रहे नेताओं को भी साफ संदेश दिया जा रहा है। इसी रणनीति पर भाजपा काम कर रही है। यही कारण है कि कांग्रेस के नेता को जोड़ने में परहेज नहीं किया जा रहा है। आने वाले दिनों में कुछ और विधायक भाजपा में आ जाएं तो किसी को अचरज नहीं हेाना चाहिए।
राष्ट्रीय समाचार
बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री भोला पासवान शास्त्री को भारत रत्न देने की मांग, 21 सितंबर को जयंती समारोह

बिहार प्रदेश कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग ने पूर्व मुख्यमंत्री भोला पासवान शास्त्री को भारत रत्न से सम्मानित किए जाने की मांग उठाई है। विभाग के प्रदेश अध्यक्ष रविन्द्र कुमार पासवान ने कहा कि भोला पासवान शास्त्री बिहार के पहले दलित मुख्यमंत्री होने के साथ-साथ देश के प्रमुख दलित नेताओं में शामिल थे। उनका सार्वजनिक जीवन सामाजिक न्याय और जनसेवा के लिए समर्पित रहा।
रविन्द्र कुमार पासवान ने कहा कि भोला पासवान शास्त्री को उनके योगदान के अनुरूप सम्मान नहीं मिला है। बिहार में सत्ता में रही विभिन्न सरकारों पर उनके राजनीतिक और सामाजिक योगदान की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस उनके सम्मान और विरासत को जन-जन तक पहुंचाने के लिए लगातार आवाज उठाती रहेगी। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि भोला पासवान शास्त्री को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से एक भारत रत्न से सम्मानित किया जाए। इसके साथ ही पटना के किसी प्रमुख चौराहे पर उनकी प्रतिमा स्थापित करने और उनके नाम पर संग्रहालय बनाने की भी मांग की गई है।
प्रदेश कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के अध्यक्ष ने कहा कि संग्रहालय के निर्माण से आने वाली पीढ़ियों को भोला पासवान शास्त्री के जीवन, संघर्ष, विचारों और सामाजिक योगदान के बारे में जानकारी मिल सकेगी। उन्होंने कहा कि महान नेताओं के योगदान और उनकी विरासत को संरक्षित करना समाज की जिम्मेदारी है।
रविन्द्र कुमार पासवान ने बताया कि आगामी 21 सितंबर को बिहार प्रदेश कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के प्रदेश कार्यालय में भोला पासवान शास्त्री की जयंती पर विशेष समारोह का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि समारोह में प्रदेशभर से करीब 5,000 से अधिक लोग शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अनुसूचित जाति विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेन्द्र पाल गौतम शामिल होंगे।
उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं, समर्थकों और भोला पासवान शास्त्री के चाहने वालों से समारोह में पहुंचने की अपील की। रबीन्द्र कुमार पासवान ने कहा कि भोला पासवान शास्त्री के विचार और सामाजिक योगदान आज भी प्रासंगिक हैं। उनकी स्मृति और सम्मान से जुड़ी मांगों को लेकर कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग आगे भी अपना अभियान जारी रखेगा। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को उनके संघर्ष और सामाजिक न्याय के प्रति प्रतिबद्धता से परिचित कराना भी इस अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
राजनीति
पीएम मोदी के जन्मदिन पर बुर्ज खलीफा पर दिखी तस्वीरें, ‘इंडिया फर्स्ट’ और ’75 वर्ष’ के संदेशों से रोशन हुई इमारत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिन पर विश्व की सबसे ऊंची इमारत दुबई का बुर्ज खलीफा भी पीएम मोदी की तस्वीरों और बधाई संदेशों से जगमगा उठा।
दुबई के समाजसेवी बू अब्दुल्ला ग्रुप के चेयरमैन डॉ. बू अब्दुल्ला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पोस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर रोशनी से जगमगाते बुर्ज खलीफा का वीडियो साझा किया।
डॉ. अब्दुल्ला ने पोस्ट में बताया कि दुनिया की सबसे ऊंची इमारत प्रधानमंत्री मोदी के चित्रों, भारतीय तिरंगे और ‘जन्मदिन मुबारक’, ’76 वर्ष’, ‘सेवा ही संकल्प है’ और ‘इंडिया फर्स्ट, द इंस्पिरेशन’ जैसे संदेशों से जगमगा उठी, जिसे डाउनटाउन दुबई में हजारों लोगों ने देखा।
उन्होंने कहा कि यह सम्मान सिर्फ जन्मदिन की शुभकामना नहीं है बल्कि कई महत्वपूर्ण बातों का प्रतीक भी है। यह उन गहरे संबंधों को दर्शाता है जो आपसी सम्मान, साझा विकास और भाईचारे की भावना पर आधारित हैं। यह रिश्ता यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान और प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में और मजबूत हुआ है।
उन्होंने कहा कि दुनियाभर के नेताओं की शुभकामनाओं के बीच, बुर्ज खलीफा का यह लाइट शो प्रधानमंत्री मोदी की एक सच्चे और सम्मानित वैश्विक नेता के रूप में प्रतिष्ठा का प्रतीक है।
यह आयोजन दुनिया के मंच पर उभरते हुए भारत और दुनिया भर में बसे 140 करोड़ भारतीयों के गर्व का भी जश्न है। साथ ही, यूएई में रहने वाले बड़े और सक्रिय भारतीय समुदाय की भावनाओं को भी यह दर्शाता है। विश्व की सबसे ऊंची इमारत में एक वैश्विक हस्ती के रूप में प्रधानमंत्री मोदी का यह सम्मान भारत के लिए गर्व की बात है।
भारत में स्लोवाकिया के राजदूत रॉबर्ट मैक्सियन ने भी पूरे स्लोवाकिया की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। राजदूत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, ”मैं आपके अच्छे स्वास्थ्य, खुशी, ऊर्जा और आने वाले वर्षों में लगातार सफलता की कामना करता हूं। स्लोवाकिया की आपकी यात्रा के लिए आपका धन्यवाद। आपकी यह यादगार यात्रा आज भी हमारे मन में ताजा है। हम आपके साथ बिताए गए आत्मीय पलों, मित्रता और सुखद यादों को प्यार से याद करते हैं।
ईश्वर करे कि आने वाला वर्ष आपके लिए और भारत के लोगों के लिए शांति, समृद्धि और निरंतर प्रगति लेकर आए। वंदे मातरम्!”
अंतरराष्ट्रीय समाचार
गाजा में इजरायली बमबारी में क्षतिग्रस्त बहुमंजिला इमारत गिरी, 11 बच्चों समेत 21 लोगों की मौत

पश्चिमी गाजा शहर में एक रिहायशी इमारत गिरने से मरने वालों की संख्या बढ़कर 21 हो गई है। मृतकों में 11 बच्चे और 6 महिलाएं शामिल हैं। इस हादसे में 25 से अधिक लोग घायल भी हुए हैं।
नागरिक सुरक्षा विभाग के प्रवक्ता महमूद बासल ने बताया कि ‘अल-सादा’ नाम की छह मंजिला इमारत बुधवार तड़के ढह गई। यह इमारत पहले इजरायली बमबारी में क्षतिग्रस्त हो चुकी थी। यह इमारत निकट पूर्व में फिलिस्तीनी शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र राहत एवं कार्य एजेंसी (यूएनआरडब्ल्यूए) के मुख्यालय के पास स्थित थी। इस इमारत में लगभग 100 विस्थापित लोग रह रहे थे।
सिन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, बासल ने कहा कि बचाव टीमों ने 16 घंटे तक चले अभियान के दौरान 45 लोगों को सुरक्षित निकाला और 21 शव बरामद किए। उन्होंने बताया कि 35 अन्य लोग खुद ही निकलने में सफल रहे।
इमारत के मलबे के बाहर दर्जनों शोकाकुल परिजन इकट्ठा हुए। कई लोग अपने हाथों से ही मलबा हटाकर अपने प्रियजनों को खोजने की कोशिश करते दिखाई दिए। 54 वर्षीय लुआय अल-अजला ने इस हादसे में अपने परिवार के लगभग 10 लोगों को खो दिया।
फिलिस्तीनी अधिकारियों ने आरोप लगाया कि बचाव कार्यों के लिए जरूरी भारी मशीनों और उपकरणों को लाने पर इजरायल की पाबंदियों के कारण राहत कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
गाजा में हमास की ओर से संचालित मीडिया कार्यालय ने एक बयान में कहा कि पूरे गाजा पट्टी में 8,500 से अधिक लापता लोग अब भी मलबे के नीचे दबे हुए हैं। बयान के अनुसार, भारी मशीनरी और बचाव उपकरणों की कमी के कारण उन्हें निकालना मुश्किल हो रहा है। कार्यालय ने हजारों क्षतिग्रस्त इमारतों को टाइम बम जैसा खतरा बताया।
महमूद बासल ने चेतावनी दी कि सर्दियों के करीब आने के साथ 2,000 से अधिक रिहायशी इमारतों के गिरने का खतरा बना हुआ है। उन्होंने ‘बोर्ड ऑफ पीस’ और युद्धविराम की गारंटी देने वाले देशों से अपील की कि बचाव उपकरणों को गाजा में आने की अनुमति दिलाई जाए।ऐसा न होने पर ‘कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।’
यह इमारत ऐसे समय में गिरी है जब युद्धविराम के उल्लंघन की घटनाएं जारी हैं। अक्टूबर 2025 में लागू हुए युद्धविराम समझौते के बावजूद, हमास और इजरायल के बीच चल रही बातचीत में अब तक कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है।
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