Connect with us
Friday,21-August-2026
ताज़ा खबर

अंतरराष्ट्रीय

खाद्यान्नों के सार्वजनिक वितरण के लिए एमएसपी पर खरीद जरूरी : सरकार

Published

on

Farmers

केंद्र सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर किसानों से फसलों की खरीद जारी रहने का भरोसा दिलाते है हुए कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के लिए खाद्यान्नों की सरकारी खरीद जरूरी है। खाद्य सचिव सुधांशु पांडेय ने बुधवार को यहां एक प्रेसवार्ता में कहा कि सरकार को हर साल के लिए 550 लाख टन खाद्यान्न की आवश्यकता होती है, जिसकी खरीद एमएसपी पर ही की जाती है।

इससे पहले कृषि सचिव संजय अग्रवाल ने एमएसपी को लेकर मीडिया के एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि सरकार ने बार-बार कहा है कि एमएसपी पर खरीद की व्यवस्था आगे भी बनी रहेगी और इस साल पंजाब और हरियाणा में धान की खरीद तय समय (एक अक्टूबर ) से पहले 26 सितंबर से ही शुरू कर दी गई।

नये कृषि कानून को लेकर पंजाब और हरियाणा में सबसे ज्यादा विरोध हो रहा है। विरोध की एक वजह यह है कि किसानों को आशंका है कि नये कानून में एमएसपी पर फसलों की खरीद को लेकर कोई जिक्र नहीं होने से आगे सरकार इस व्यवस्था को समाप्त कर सकती है। लिहाजा, इस विषय पर केंद्र सरकार की ओर से लगातार बयान दिया जा रहा है कि एमएसपी पर खरीद की व्यवस्था आगे जारी रहेगी।

एमएसपी पर किसानों से फसलों की खरीद का जो ब्योरा अधिकारियों ने दिया उसके अनुसार, इस साल रबी सीजन में किसानों को गेहूं, धान, दलहनों और तिलहनों के एमएसपी के तौर पर 1,13,000 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया, जोकि पिछले साल की इसी अवधि के 86,805 करोड़ रुपये से 31 फीसदी ज्यादा है।

प्रेसवार्ता में मौजूद केंद्रीय कपड़ा मंत्रालय में सचिव रवि कपूर ने कपास की सरकारी खरीद की सरकार की योजना की जानकारी दी। कपूर ने कहा कि पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में कपास की नई फसल की आवक शुरू होने के साथ-साथ एमएसपी पर खरीद भी शुरू हो चुकी है। उन्होंने कहा कि भारतीय कपास निगम ने पिछले सीजन में रिकॉर्ड 105 लाख गांठ (170 किलो प्रति गांठ) कपास खरीदी थी और इस साल उस रिकॉर्ड को तोड़ते हुए 125 लाख गांठ कपास खरीद का लक्ष्य रखा गया है।

चालू खरीफ सीजन में धान की खरीद पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के अलावा अन्य राज्यों में भी शुरू हो चुकी है और छह अक्टूबर तक 15 लाख टन से ज्यादा धान की खरीद हो चुकी है।

भारतीय खाद्य निगम यानी एफसीआई और राज्यों की एजेंसियों ने चालू सीजन में 738 लाख टन धान (495 लाख टन चावल) खरीद का लक्ष्य रखा है जबकि पिछले साल 626 लाख टन धान (420 लाख टन चावल) की खरीद हुई थी।

राष्ट्रीय समाचार

एसबीआई ने बचत खातों से नकद निकासी की फीस में किया बदलाव, अब 15 रुपए प्रति लेनदेन का करना होगा भुगतान

Published

on

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) ने बेसिक बचत बैंक जमा (बीएसबीडी) खातों से नकद निकासी की फीस में बदलाव किया है। अब खाताधारकों को एक निश्चित सीमा से अधिक बार निकासी करने पर 15 रुपए प्रति लेनदेन का भुगतान करना होगा। यह जानकारी बैंक की ओर से गुरुवार को दी गई।

एसबीआई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कहा कि बदले हुए नियमों के तहत, ग्राहकों को हर महीने चार बार मुफ्त कैश निकालने की सुविधा मिलती रहेगी, जबकि इस सीमा से ज्यादा बार नकद निकालने पर हर लेनदेन के लिए 15 रुपए (जीएसटी को हटाकर) के शुल्क का भुगतान करना होगा।

हालांकि, बैंक के अनुसार, सभी डिजिटल लेनदेन बिना किसी रोक-टोक के मुफ्त बने रहेंगे।

इसके अलावा, बैंक ने आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम (एईपीएस) लेनदेन के नियमों में भी बदलाव किया है। पहले, महीने के चार मुफ्त लेनदेन की गिनती करते समय डिजिटल लेनदेन के तहत एईपीएस लेनदेन को शामिल नहीं किया जाता था। बदले हुए नियमों के तहत, इस छूट को हटा दिया गया है।

इसके अतिरिक्त, एसबीआई का वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही में बैंक का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 10.23 प्रतिशत बढ़कर 21,121.22 करोड़ रुपए हो गया है, जो कि वित्त वर्ष 26 की पहली तिमाही में 19,160.44 करोड़ रुपए था।

वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही में बैंक की ब्याज से आय सालाना आधार पर 8.5 प्रतिशत बढ़कर 1,27,896.46 करोड़ रुपए हो गई है, जो कि वित्त वर्ष 26 की पहली तिमाही में 1,17,830.28 करोड़ रुपए थी।

अन्य आय को मिलाकर वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही में एसबीआई की कुल आय सालाना आधार पर 6.2 प्रतिशत बढ़कर 1,43,819.15 करोड़ रुपए हो गई है, जो कि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में 1,35,341.56 करोड़ रुपए थी।

इस दौरान बैंक के कुल खर्च में भी बढ़ोतरी देखी गई है। वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही में एसबीआई का कुल खर्च सालाना आधार पर 5.2 प्रतिशत बढ़कर 1,10,289.97 करोड़ रुपए हो गया है, जो कि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में 1,04,797.09 करोड़ रुपए था।

Continue Reading

राष्ट्रीय समाचार

भारतीय शेयर बाजार लगातार सात सत्रों की गिरावट के बाद हरे निशान में बंद, सेंसेक्स 628 अंक बढ़ा

Published

on

भारतीय शेयर बाजार लगातार सात सत्रों की गिरावट के बाद गुरुवार के कारोबारी सत्र में हरे निशान में बंद हुआ। दिन के अंत में सेंसेक्स 628.04 अंक या 0.82 प्रतिशत की तेजी के साथ 77,537.72 और निफ्टी 153.55 अंक या 0.64 प्रतिशत की तेजी के साथ 24,231.85 पर था।

बाजार में तेजी का नेतृत्व मीडिया, रियल्टी और प्राइवेट बैंक ने किया। सूचकांकों में निफ्टी मीडिया (2.13 प्रतिशत), निफ्टी रियल्टी (1.41 प्रतिशत) और निफ्टी प्राइवेट बैंक (0.89 प्रतिशत) की बढ़त के साथ टॉप गेनर्स थे। इसके बाद निफ्टी एफएमसीजी, निफ्टी आईटी, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज, निफ्टी सर्विसेज, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और निफ्टी इन्फ्रा सबसे ज्यादा बढ़ने वाले सूचकांक थे। निफ्टी इंडिया डिफेंस, निफ्टी पीएसई और निफ्टी पीएसयू बैंक लाल निशान में बंद हुए।

लार्जकैप के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप में भी खरीदारी देखी गई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 262.80 अंक या 0.41 प्रतिशत की तेजी के साथ 63,671.55 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 134.30 अंक या 0.68 प्रतिशत की मजबूती के साथ 19,841.45 पर था।

सेंसेक्स पैक में इटरनल, कोटक महिंद्रा बैंक, आईटीसी, बजाज फाइनेंस, एक्सिस बैंक, इन्फोसिस, अल्ट्राटेक सीमेंट, पावर ग्रिड, एलएंडटी, एचयूएल, एनटीपीसी, भारती एयरटेल, एचडीएफसी बैंक और एमएंडएम गेनर्स थे। टाटा स्टील, इंडिगो, एचसीएल टेक और टाइटन लूजर्स थे।

जानकारों के मुताबिक, बॉन्ड यील्ड में तेजी को रोकने के लिए यूएस ट्रेजरी के दखल से बाजार को बहुत जरूरी राहत मिली, जिससे जबरदस्त तेजी आई और घरेलू बाजार में हफ्ते भर से जारी गिरावट का सिलसिला थम गया। इस दखल से डॉलर कमजोर हुआ और इससे रुपए को मजबूती मिलने एवं यील्ड का दबाव कम होने से उभरते बाजार निवेशकों के लिए आकर्षण हो गए।

उन्होंने आगे कहा कि बाजार में यह सुधार सभी सेक्टर में दिखा, जिसमें मुख्य रूप से आईटी और फाइनेंशियल शेयरों में तेजी का योगदान रहा, क्योंकि यील्ड में नरमी से खर्च को बढ़ावा मिलता है। हालांकि, अभी भी कच्चे तेल की कीमत उच्च स्तर पर हैं, जिससे महंगाई बढ़ने का खतरा बना हुआ है।

Continue Reading

व्यापार

वैश्विक तनावों और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के बीच सपाट खुला बाजार, सेंसेक्स-निफ्टी पर दबाव, आईटी शेयरों ने किया सपोर्ट

Published

on

पश्चिम एशिया में जारी तनावों के बीच कमजोर वैश्विक संकेतों के चलते हफ्ते के तीसरे कारोबारी दिन बुधवार को भी भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ लाल निशान में खुला। यह लगातार सातवां दिन है जब प्रमुख बेंचमार्कों सेंसेक्स और निफ्टी में बिकवाली का दबाव बना रहा, लेकिन आईटी शेयरों में खरीदारी से प्रमुख सूचकांकों को कुछ समर्थन मिला।

वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी और बॉन्ड प्रतिफल (यील्ड) में उछाल के बीच, बीएसई सेंसेक्स अपने पिछले बंद 77,235.46 से 17.41 अंक यानी 0.02 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ 77,218.05 पर सपाट खुला। हालांकि, बाद में गिरावट और बढ़ गई, और एक समय इसने 0.31 प्रतिशत यानी 244 अंक गिरकर 76,991.28 का इंट्रा-डे लो छुआ, जबकि 77,347.81 का स्तर दिन का हाई रहा।

वहीं, एनएसई निफ्टी 50 अपने पिछले बंद 24,154.90 से 0.01 प्रतिशत यानी 2.85 अंक की मामूली गिरावट के साथ 24,152.05 पर सपाट खुला। हालांकि बाद के सत्र में गिरावट और बढ़ गई, और एक समय इसने 0.37 प्रतिशत या करीब 90 अंक फिसलकर 24,065.10 का दिन का लो और 24,172.85 का दिन का हाई छुआ।

खबर लिखे जाने तक सेंसेक्स 222.87 अंक यानी 0.29 प्रतिशत की गिरावट के साथ 77,012.59 पर कारोबार करता नजर आया। वहीं निफ्टी 50 74.00 (0.31 प्रतिशत) अंक गिरकर 24,080.90 पर ट्रेड करता नजर आया।

व्यापक बाजारों में, निफ्टी मिडकैप और निफ्टी स्मॉलकैप क्रमशः 0.39 प्रतिशत और 0.37 प्रतिशत की गिरावट के साथ कारोबार करते नजर आए।

क्षेत्रवार प्रदर्शन में आईटी शेयरों ने सबसे बेहतर प्रदर्शन किया। निफ्टी आईटी सूचकांक 0.82 प्रतिशत की बढ़त के साथ शीर्ष पर रहा। इसके अलावा, निफ्टी मिडस्मॉल आईटी एंड टेलीकॉम में 0.59 प्रतिशत की तेजी और निफ्टी एफएमसीजी में 0.2 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। रियल्टी और रियल एस्टेट निवेश ट्रस्ट (रीट्स) से जुड़े सूचकांकों में भी लगभग 0.2 प्रतिशत तक की बढ़त देखने को मिली, जबकि वहीं, ऑयल एंड गैस में 0.08 प्रतिशत की मामूली बढ़त देखने को मिली।

दूसरी ओर, मेटल और ऑटो शेयरों में दबाव बना रहा। निफ्टी मेटल 0.35 प्रतिशत टूट गया, जबकि निफ्टी ऑटो में 0.14 प्रतिशत की गिरावट रही। हेल्थकेयर, फार्मा और केमिकल्स से जुड़े सूचकांकों में भी हल्की कमजोरी दर्ज की गई।

बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा कमजोरी का मुख्य कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी और वैश्विक बॉन्ड यील्ड का ऊंचे स्तर पर बने रहना है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और संघर्ष को लेकर अनिश्चितता के कारण तेल कीमतों में तेजी बनी हुई है। इससे महंगाई को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं और बॉन्ड यील्ड पर भी दबाव पड़ा है।

विश्लेषकों के अनुसार, अमेरिकी 30-वर्षीय बॉन्ड यील्ड वर्ष 2007 के बाद के उच्चतम स्तरों पर पहुंच गई है, जिससे वैश्विक निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता प्रभावित हो रही है। इसके बावजूद भारतीय बाजार अपेक्षाकृत मजबूती दिखा रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की मजबूत आर्थिक बुनियाद, सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि की बेहतर संभावनाएं, वित्त वर्ष 2026-27 में कॉरपोरेट आय में सुधार की उम्मीद और घरेलू निवेशकों की मजबूत भागीदारी बाजार को सहारा दे रही है।

उन्होंने कहा कि दीर्घकालिक निवेशकों के लिए मौजूदा गिरावट गुणवत्तापूर्ण वृद्धि वाले शेयरों में निवेश बढ़ाने का अवसर हो सकती है। विशेष रूप से मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में अभी भी अपेक्षाकृत बेहतर गति बनी हुई है।

इस बीच एशियाई बाजारों में भी कमजोरी देखने को मिली। सेमीकंडक्टर शेयरों में दबाव और पश्चिम एशिया की परिस्थितियों ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड लगभग 92 डॉलर प्रति बैरल के स्तर तक पहुंच गया, जो पिछले तीन सप्ताह का उच्चतम स्तर है।

ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद रखने के संकेत और अमेरिका द्वारा युद्धविराम अवधि बढ़ाने से इनकार किए जाने के बाद ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंताएं और बढ़ गई हैं।

विश्लेषकों का मानना है कि जब तक पश्चिम एशिया की स्थिति में स्पष्ट सुधार नहीं होता और कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता नहीं आती, तब तक भारतीय शेयर बाजारों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। हालांकि मजबूत घरेलू आर्थिक संकेतक बाजार को बड़े नुकसान से बचाए रख सकते हैं।

Continue Reading
Advertisement
महाराष्ट्र14 hours ago

मुंबई: नेहरू साइंस सेंटर मेट्रो स्टेशन को वर्ली से जोड़ने वाले अंडरग्राउंड पैदल सबवे के प्रस्ताव को मंज़ूरी मिली

अंतरराष्ट्रीय समाचार14 hours ago

ईरान के खिलाफ ट्रंप की ‘आर्थिक हमले’ वाली बात चीन को नहीं आई रास

मनोरंजन15 hours ago

दिल्ली की सामान्य लड़की से बॉलीवुड-साउथ की स्टार बनीं भूमि चावला, संघर्ष से मिली पहचान

राष्ट्रीय समाचार15 hours ago

एसबीआई ने बचत खातों से नकद निकासी की फीस में किया बदलाव, अब 15 रुपए प्रति लेनदेन का करना होगा भुगतान

राष्ट्रीय समाचार15 hours ago

भारतीय शेयर बाजार लगातार सात सत्रों की गिरावट के बाद हरे निशान में बंद, सेंसेक्स 628 अंक बढ़ा

खेल15 hours ago

आईसीसी का फैसला, गद्दाफी स्टेडियम से ‘डिमेरिट अंक’ हटाया

राष्ट्रीय समाचार15 hours ago

भारत में त्योहारी सीजन में भर्ती में 15-20 प्रतिशत उछाल की उम्मीद, 2.5 लाख तक अस्थायी रोजगार सृजित होने की संभावना: रिपोर्ट

अंतरराष्ट्रीय समाचार16 hours ago

कोलंबिया भूकंप: प्रभावित इलाकों में 30 दिनों के लिए इमरजेंसी घोषित

राष्ट्रीय समाचार16 hours ago

सोनिया गांधी की आने वाली किताब को लेकर भाजपा-कांग्रेस आमने-सामने

राष्ट्रीय समाचार16 hours ago

2.39 करोड़ के बैंक धोखाधड़ी मामले में बैंक ऑफ इंडिया के पूर्व डीजीएम और पांच अन्य को 10 साल की सजा

अपराध3 weeks ago

मुंबई में आतंक! जुल्फिकार गैंग पर बिल्डर से हफ्ता मांगने और उसकी हत्या करने का आरोप, मुंबई क्राइम ब्रांच की कार्रवाई, 12 गुंडे गिरफ्तार

मनोरंजन3 weeks ago

जाह्नवी कपूर ने शिखर पहाड़िया और परिवार के साथ बिताए गए खास पलों की तस्वीरें शेयर कीं

राष्ट्रीय समाचार4 weeks ago

सीजेपी प्रदर्शन हिंसा मामले में दिल्ली पुलिस की कार्रवाई तेज, अब तक 10 एफआईआर दर्ज

महाराष्ट्र2 weeks ago

महाराष्ट्र में मछली पकड़ने पर 15 अगस्त तक पाबंदी, मंत्री नितेश राणे ने गोवा से मांगा सहयोग

व्यापार4 weeks ago

सोना इस हफ्ते 2 हजार रुपए से अधिक महंगा हुआ , चांदी 2.2 लाख के पार

महाराष्ट्र3 weeks ago

मुंबई: 8 साल के बच्चे के माता-पिता को टी-शर्ट से मिला सुराग, जोगेश्वरी से लापता बच्चा सुरक्षित माता-पिता को सौंपा गया, मुंबई पुलिस की बड़ी कामयाबी

राजनीति4 weeks ago

छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर राहुल गांधी का अमित शाह को पत्र, पैलेट गन के इस्तेमाल पर मांगा जवाब

राष्ट्रीय समाचार3 weeks ago

ओडिशा पुलिस की बड़ी सफलता, 6 महीने में 17,590 गुमशुदा महिलाएं और बच्चे खोजे गए

व्यापार2 weeks ago

आदित्य बिड़ला फैशन एंड रिटेल का पहली तिमाही में घाटा बढ़ा, 249 करोड़ रुपए का हुआ नुकसान

राष्ट्रीय समाचार2 weeks ago

भारत का लक्ष्य 2030 तक 10,000 जीआई पंजीकरण और एफटीए के लिए वैश्विक बाजारों तक पहुंच बनाना

रुझान