व्यापार
सितंबर में भारतीय माल का निर्यात 5 प्रतिशत से अधिक बढ़ा : गोयल
एक आत्मनिर्भर भारत और घरेलू उद्योगों के विकास पर जोर देने के बीच, देश के माल निर्यात ने सितंबर में साल-दर-साल के आधार पर 5.27 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की। केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने यह जानकारी दी। भारत का कुल माल निर्यात सिंतबर 2019 के 26.02 अरब डॉलर के मुकाबले पिछले महीने 27.40 अरब डॉलर रहा।
एक ट्वीट में, मंत्री ने महामारी के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था की रिकवरी के रूप में एक और संकेत के तौर पर निर्यात में वृद्धि का हवाला दिया।
उन्होंने कहा, “‘मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वल्र्ड’..भारतीय माल का निर्यात पिछले साल की तुलना में 20 सितंबर को 5.27 प्रतिशत बढ़ा है। यह भारतीय अर्थव्यवस्था की तेजी से रिकवरी का एक और संकेत है क्योंकि इसने कोविड पूर्व के स्तर के पैरामीटर को पार किया है।”
व्यापार
बजट से पहले भारत का विदेशी मुद्रा भंडार ऑल-टाइम हाई 709.413 अरब डॉलर पर पहुंचा

नई दिल्ली, 30 जनवरी : भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 23 जनवरी को समाप्त हुए हफ्ते में 8.053 अरब डॉलर बढ़कर ऑल टाइम हाई 709.413 अरब डॉलर पर पहुंच गया है। यह जानकारी भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की ओर से शुक्रवार को जारी किए गए डेटा में दी गई।
इससे पहले विदेशी मुद्रा भंडार का ऑल-टाइम हाई 704.89 अरब डॉलर था, जो कि सितंबर 2024 में देखा गया था।
आरबीआई के आंकड़ों के मुताबिक, 23 जनवरी को समाप्त हुए हफ्ते में विदेशी मुद्रा भंडार के सबसे बड़े घटक फॉरेन करेंसी एसेट्स (एटीए) की वैल्यू 2.367 अरब डॉलर बढ़कर 562.885 अरब डॉलर हो गई है।
वहीं, विदेशी मुद्रा भंडार में मौजूद सोने की वैल्यू 5.635 अरब डॉलर बढ़कर 123.088 अरब डॉलर हो गई है।
एसडीआर की वैल्यू 3.3 करोड़ डॉलर बढ़कर 18.737 अरब डॉलर हो गई है। वहीं, आईएमएफ के पास रिजर्व पॉजिशन की वैल्यू 1.8 करोड़ डॉलर बढ़कर 4.703 अरब डॉलर हो गई है।
पिछले हफ्ते विदेशी मुद्रा भंडार 14.167 अरब डॉलर बढ़कर 701.360 अरब डॉलर के स्तर पर था।
एक फरवरी को वित्त वर्ष निर्मला सीतारमण की ओर से संसद में बजट पेश किया जाएगा। मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार देश की अच्छी आर्थिक स्थिति को बताता है।
किसी भी देश की लिए उसका विदेशी मुद्रा भंडार काफी महत्वपूर्ण होता है और इससे उस देश की आर्थिक स्थिति का पता लगता है। इससे अलावा यह मुद्रा की विनिमय दर को स्थिर रखने में बड़ी भूमिका निभाता है।
उदाहरण के लिए अगर किसी स्थिति में डॉलर के मुकाबले रुपए पर अधिक दबाव देखने को मिलता है और उसकी वैल्यू कम होती है तो केंद्रीय बैंक विदेशी मुद्रा भंडार का इस्तेमाल कर डॉलर के मुकाबले रुपए को गिरने से रोक सकता है और विनिमय दर को स्थिर रखता है।
बढ़ता हुआ विदेशी मुद्रा भंडार यह भी दिखाता है कि देश में डॉलर की आवक बड़ी मात्रा में बनी हुई है और यह देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाता है। साथ ही इसके बढ़ने से देश के लिए विदेशों में व्यापार करना भी आसान हो जाता है।
व्यापार
भारतीय शेयर बाजार लाल निशान में बंद, सेंसेक्स 296 अंक फिसला

मुंबई, 30 जनवरी : भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार के कारोबारी सत्र में लाल निशान में बंद हुआ। दिन के अंत में सेंसेक्स 296.59 अंक या 0.36 प्रतिशत की गिरावट के साथ 82,269.78 और निफ्टी 98.25 अंक या 0.39 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 25,320.65 पर बंद हुआ।
बाजार में गिरावट का नेतृत्व मेटल स्टॉक्स ने किया। निफ्टी मेटल इंडेक्स 5.21 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ। निफ्टी कमोडिटीज 2.13 प्रतिशत, निफ्टी आईटी 1.03 प्रतिशत, निफ्टी पीएसई 0.90 प्रतिशत और निफ्टी सर्विसेज 0.64 प्रतिशत की कमजोरी के साथ बंद हुआ।
दूसरी तरफ निफ्टी मीडिया 1.85 प्रतिशत, निफ्टी इंडिया डिफेंस 1.43 प्रतिशत, निफ्टी एफएमसीजी 1.37 प्रतिशत, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स 1.08 प्रतिशत, निफ्टी रियल्टी 0.84 प्रतिशत, निफ्टी ऑटो 0.73 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ।
लार्जकैप की अपेक्षा मिडकैप और स्मॉलकैप में मिलाजुला कारोबार हुआ। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 109 अंक या 0.19 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 58,432 अंक और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 54.10 अंक या 0.32 प्रतिशत की तेजी के साथ 16,879.10 पर था।
सेंसेक्स पैक में एमएंडएम, एसबीआई, आईटीसी, बीईएल, एचयूएल, टाइटन, मारुति सुजुकी, एशिनय पेंट्स, एक्सिस बैंक, सन फार्मा और अदाणी पोर्ट्स गेनर्स थे। टाटा स्टील, आईसीआईसीआई बैंक, पावर ग्रिड, एचसीएल टेक, टेक महिंद्रा, इन्फोसिस, कोटक महिंद्रा बैंक, ट्रेंट और टीसीएस लूजर्स थे।
बाजार के जानकारों ने कहा कि आम बजट से पहले भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। मेटल शेयरों में तेज बिकवाली ने बाजार पर दबाव बनाने का काम किया। डॉलर में मजबूती के चलते सोने और चांदी में तेज गिरावट देखने को मिली।
उन्होंने आगे कहा कि वैश्विक स्तर पर अमेरिकी सरकार के हालिया कामकाज ठप होने को टालने के लिए हुए समझौते ने अस्थायी राहत प्रदान की, लेकिन नए फेड अध्यक्ष की नियुक्ति से पहले बाजार सतर्क बने हुए हैं, क्योंकि अधिक सख्त रुख से तरलता कम हो सकती है और उभरते बाजारों पर दबाव पड़ सकता है।
कमजोर ग्लोबल संकेतों से भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार को गिरावट के साथ खुला। सुबह 9:19 पर सेंसेक्स 444 अंक या 0.54 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 82,100 और निफ्टी 157 अंक या 0.62 प्रतिशत की गिरावट के साथ 25,261 पर था।
व्यापार
भारत-ईयू ट्रेड डील एक परिवर्तनकारी समझौता, रोजगार सृजित करने में मिलेगी मदद : पीएम मोदी

नई दिल्ली, 30 जनवरी : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को भारत-यूरोपीय संघ (ईयू) फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) को परिवर्तनकारी समझौता बताया। साथ ही कहा कि इससे देश के बाजारों का विस्तार होगा और रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
प्रधानमंत्री कार्यकाल की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर की गई पोस्ट में कहा गया कि केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने ऐतिहासिक भारत-ईयू ट्रेड डील पर एक लेख लिखा है। यह समझौता पूरी तरह से विकसित भारत के विजन पर समर्पित है।
केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) का सफल समापन वास्तव में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है, जो यूपीए युग के विपरीत है, जहां समझौते जल्दबाजी में किए गए थे और भारत ने अकसर हासिल करने की तुलना में कहीं अधिक त्याग किया था।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यूरोपीय संघ के साथ व्यापार समझौता हमारी अर्थव्यवस्था के प्रमुख क्षेत्रों को मजबूत करेगा और समृद्धि को बढ़ावा देगा।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्णायक नेतृत्व और रणनीतिक दूरदर्शिता के मार्गदर्शन में हुए समझौते भारत के मूल हितों को प्राथमिकता देते हुए बाजारों का विस्तार करते हैं, रोजगार सृजित करते हैं और आर्थिक विकास को गति देते हैं।
इससे पहले, गोयल ने भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर कांग्रेस की आलोचना का कड़ा जवाब देते हुए कहा कि यह समझौता एकतरफा नहीं है, बल्कि पारस्परिक रूप से लाभकारी है जो भारत की आर्थिक वृद्धि को गति देगा और व्यवसायों एवं नागरिकों के लिए व्यापक अवसर खोलेगा।
प्रधानमंत्री मोदी के अनुसार, यह समझौता आर्थिक संबंधों को गहरा करेगा, हमारे लोगों के लिए अवसर पैदा करेगा और समृद्ध भविष्य के लिए भारत-यूरोप साझेदारी को मजबूत करेगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यूरोपीय संघ के साथ यह ऐतिहासिक समझौता, जो भारत का अब तक का सबसे बड़ा मुक्त व्यापार समझौता है, भारत की 1.4 अरब जनता के लिए महत्वपूर्ण लाभ लेकर आएगा। इससे हमारे किसानों और लघु उद्योगों के लिए यूरोपीय बाजारों तक पहुंच आसान हो जाएगी, विनिर्माण क्षेत्र में नए अवसर पैदा होंगे और हमारे सेवा क्षेत्रों के बीच सहयोग मजबूत होगा।
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