अंतरराष्ट्रीय
टोक्यो ओलंपिक खेलों की मशाल रिले 25 मार्च से शुरू होगी
टोक्यो ओलंपिक खेलों की मशाल रिले की शुरुआत 25 मार्च 2021 को फुकुशिमा प्रायद्वीप के जे विलेज ट्रेनिंग सेंटर से शुरू होगी और यह 121 दिनों तक जापान के सभी 47 प्रांत से गुजरेगी। अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) ने इसकी घोषणा की। टोक्यो ओलंपिक खेलों का आयोजन वास्तव में इस साल 24 जुलाई से नौ अगस्त तक होनी थी, लेकिन कोरोना वायरस के कारण इसे 2021 तक के लिए स्थगित कर दिया गया था और अब इसका आयोजन अगले साल 23 जुलाई से आठ अगस्त तक होनी है।
आईओसी ने कहा कि मशाल नौ जुलाई को टोक्यो के ओलंपिक स्टेडियम में पहुंचेगी और 23 जुलाई को उद्घाटन समारोह के लिए इसे रखा जाएगा। आईओसी ने साथ ही कहा कि टोक्यो ओलंपिक और पैरालंपिक खेलों की मशाल रिले के मार्ग और कार्यक्रम में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा।
टोक्यो 2020 के आयोजकों ने कहा है कि ओलंपिक टॉर्चबियर को अगले साल के रिले में चलाने के लिए प्राथमिकता दी जाएगी। इस आयोजन में लगभग 10,000 मशालधारियों के हिस्सा लेने की उम्मीद है।
अंतरराष्ट्रीय
इमरान खान के बेटे कासिम पिता से मिलने की गुहार लेकर पहुंचे यूएनएचआरसी, पाकिस्तान सरकार को घेरा

imran khan
नई दिल्ली, 26 मार्च : पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के प्रमुख इमरान खान दो साल से ज्यादा समय से जेल में बंद हैं। इस दौरान उन्हें अपने बेटे से मिलने नहीं दिया जा रहा है। ऐसे में पीटीआई प्रमुख खान के बेटे कासिम खान ने बुधवार को यूनाइटेड नेशंस ह्यूमन राइट्स काउंसिल (यूएनएचआरसी) में अपने पिता का मामला उठाया। कासिम ने कहा कि अधिकारियों का पूर्व प्रधानमंत्री के साथ बर्ताव अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कन्वेंशन का उल्लंघन है।
बता दें, इमरान खान को तोशखाना और भ्रष्टाचार मामले में 14 और 17 साल की सजा सुनाई गई है और 2023 से वह जेल में हैं। खान के कैद में जाने के बाद से उनकी पार्टी के लोग लगातार ये आरोप लगा रहे हैं कि पीटीआई चीफ को गलत इरादे से अकेले रखा जा रहा है; उन्हें किसी से भी मिलने नहीं दिया जा रहा है। जनवरी में यह बात सामने आने के बाद कि उन्हें आंख की बीमारी है, उनके मेडिकल ट्रीटमेंट पर बार-बार चिंता जताई गई है।
ऐसे में यूएनएचआरसी में उनके बेटे कासिम खान ने यूएनएचआरसी में इस मुद्दे को उठाया और कहा कि इमरान का मामला कोई अलग-थलग घटना नहीं थी। असल में, यह 2022 के बाद से पाकिस्तान में दमन के एक बहुत बड़े पैटर्न का सबसे साफ उदाहरण था। इस सिलसिले में उन्होंने राजनीतिक कैदियों की हिरासत, मिलिट्री कोर्ट द्वारा आम लोगों पर मुकदमा चलाने और उन्हें सजा देने और पत्रकारों को चुप कराने, किडनैप करने या देश निकाला देने का जिक्र किया।
इस दौरान कासिम ने फरवरी 2024 के आम चुनावों का भी थोड़ा जिक्र किया और पीटीआई के इन आरोपों को दोहराया कि चुनाव में धांधली हुई थी। कासिम ने कहा कि पाकिस्तान ने जीएसपी प्लस फ्रेमवर्क के तहत अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कन्वेंशन को बनाए रखने के लिए जरूरी कमिटमेंट किए हैं, जिसमें अंतरराष्ट्रीय कवनेंट ऑन सिविल एंड पॉलिटिकल राइट्स और यूनाइटेड नेशंस कन्वेंशन अगेंस्ट टॉर्चर शामिल हैं।
उन्होंने दावा किया कि इमरान को मनमाने तरीके से हिरासत में लिया गया था और उन्हें अकेले कैद में रखा जा रहा है। कासिम ने आगे बताया कि उनके परिवार को उनसे मिलने पर रोक है। इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि इमरान खान को मेडिकल केयर देने से मना किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इसने, मिलिट्री कोर्ट में आम लोगों के ट्रायल के साथ उन ट्रीटी की शर्तों का उल्लंघन किया।
उन्होंने कहा, “मैं और मेरा भाई राजनीतिक लोग नहीं हैं। हम कभी भी इस तरह के संगठनों के सामने नहीं आना चाहते थे लेकिन मेरे पिता की जिंदगी की मांग है कि हम एक्शन लें। हम चुपचाप खड़े नहीं रह सकते क्योंकि उसकी सेहत बिगड़ रही है और उन्हें हमसे दूर रखा जा रहा है। अगर हालात उल्टे होते, तो हम जानते हैं कि वह तब तक लड़ना बंद नहीं करेंगे जब तक हम आजाद नहीं हो जाते। हम उनके लिए कम से कम इतना तो कर ही सकते हैं।”
कासिम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इमरान का एक मैसेज भी साझा किया। यह मैसेज तब आया जब सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तरार ने कहा कि इमरान को ईद-उल-फितर पर अपने बच्चों से बात करने की इजाजत दी जाएगी।
कासिम ने कहा कि उन्होंने शनिवार को इमरान से बात की थी। कासिम द्वारा शेयर किए गए मैसेज में इमरान ने न्यायपालिका पर हमला करते हुए कहा कि उन्होंने “अपनी ईमानदारी बेच दी है”।
कासिम और उनके बड़े भाई सुलेमान अपनी मां के साथ लंदन में रहते हैं और उन्हें इमरान से मिलने के लिए पाकिस्तान जाना होगा। दोनों ने दिसंबर 2025 में कहा था कि उन्होंने अपने वीजा के लिए अप्लाई कर दिया है और जनवरी में पाकिस्तान जाने का प्लान बना रहे हैं। हालांकि, इससे पहले भी इमरान खान की पूर्व पत्नी ने बताया था कि पाकिस्तानी सरकार उनके बेटों के वीजा एप्लिकेशन को रिजेक्ट कर रही है।
इस सिलसिले में कासिम ने यूएनएचआरसी में अपना आरोप दोहराया कि पाकिस्तानी सरकार ने “जानबूझकर” उनके और उनके भाई के वीजा को अप्रूव करने से मना कर दिया था। उन्होंने दुख जताते हुए कहा, “किसी कैदी के बच्चों को उससे मिलने का हक न देना, पूरे परिवार के लिए सजा की तरह है। हमारे बीच जो कम बातचीत हुई, उससे मुझे पता है कि मेरे पिता परेशान थे लेकिन वह अपनी हालत के बारे में बात करने से मना कर रहे हैं। इसलिए वह जो कुछ भी झेल रहे हैं, उसकी डिटेल उनसे नहीं बल्कि इंडिपेंडेंट सोर्स और खुद संयुक्त राष्ट्र से मिली है।”
अंतरराष्ट्रीय
बदलते वैश्विक हालात में अमेरिका की मुश्किलें बढ़ीं, चीन-रूस बने बड़ी चुनौती

वॉशिंगटन, 26 मार्च : वैश्विक हालात में तेजी से बदलाव के बीच अमेरिका अब एक साथ दो परमाणु खतरों—चीन और रूस का सामना कर रहा है। यह बात शस्त्र नियंत्रण और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के अवर सचिव थॉमस डिनानो ने कांग्रेस में सुनवाई के दौरान सांसदों से कही।
डिनानो ने कहा कि मौजूदा खतरे का माहौल एक ऐतिहासिक बदलाव को दर्शाता है, जिसमें वाशिंगटन को बीजिंग और मॉस्को दोनों से एक साथ परमाणु चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा छोटे परमाणु देशों से भी खतरे बढ़ रहे हैं।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पारंपरिक हथियार नियंत्रण ढांचे अब मौजूदा भू-राजनीतिक और तकनीकी चुनौतियों के पैमाने और जटिलता को संभालने में सक्षम नहीं हैं।
डिनानो ने कहा, “एक नामांकित अधिकारी के रूप में मैंने ऐसे हथियार नियंत्रण समझौते तलाशने का संकल्प लिया है, जो सत्यापन योग्य और लागू करने योग्य हों तथा अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करें।”
उन्होंने यह भी बताया कि उनका कार्यालय पुराने तंत्र को आधुनिक बनाने पर ध्यान दे रहा है। मौजूदा संधियां आज की वास्तविकताओं को, खासकर अमेरिका के विरोधियों की बढ़ती परमाणु क्षमताओं के संदर्भ में नहीं दर्शातीं।
अमेरिका और रूस के बीच परमाणु हथियारों को सीमित करने वाली अंतिम प्रमुख संधि का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “न्यू स्टार्ट ने सिर्फ अमेरिका को रोका, जबकि रूस को एक बड़ा थिएटर-रेंज्ड न्यूक्लियर हथियार बनाने और बनाए रखने की इजाजत दी।” उन्होंने सरकार के एक्सपायर हो चुके समझौते से आगे बढ़ने के फैसले का बचाव किया।
डिनानो ने कहा कि सरकार अब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नए समझौते के दृष्टिकोण के हिसाब से अपडेटेड फ्रेमवर्क पर काम कर रहा है, जो लागू करने लायक हों और उभरते खतरों के हिसाब से ढल सकें।
उन्होंने कहा, “राष्ट्रपति ने एक नई संधि की मांग की और कहा कि भविष्य के अरेंजमेंट में तकनीकी बदलाव और बड़े रणनीतिक प्रतिस्पर्धा का ध्यान रखना होगा।”
अपने कार्यालय के दायरे को समझाते हुए डिनानो ने कहा कि स्टेट डिपार्टमेंट का विस्तारित “टी फैमिली” ढांचा अब हथियार नियंत्रण, परमाणु अप्रसार, आतंकवाद-रोधी प्रयास और राजनीतिक-सैन्य मामलों जैसे प्रमुख सुरक्षा कार्यों को एकीकृत करता है।
उन्होंने कहा, “इस पुनर्गठन से विभाग के अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा कार्यों का एकीकरण हुआ है और इससे निर्यात नियंत्रण, प्रतिबंधों के पालन और संधि सत्यापन में बेहतर समन्वय संभव हुआ है।”
उन्होंने कहा, “रीऑर्गेनाइजेशन ने विभाग के अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े कामों को मजबूत किया है। नया स्ट्रक्चर एक्सपोर्ट कंट्रोल, बैन लागू करने और ट्रीटी वेरिफिकेशन में सहयोग को बेहतर बनाता है।”
उन्होंने बताया कि उनकी टीम बड़े पैमाने पर तबाही मचाने वाले हथियारों के फैलाव को रोकने से लेकर हथियारों की बिक्री को मैनेज करने और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा साझेदारी में सहयोग करने तक के बड़े पोर्टफोलियो की देखरेख करती है।
डिनानो ने कहा, “हमारी टीम सामूहिक विनाश के हथियारों के प्रसार को रोकने से लेकर आतंकवाद से मुकाबला करने तक राष्ट्रीय सुरक्षा के महत्वपूर्ण मुद्दों पर काम करती है।”
उन्होंने कहा, “राज्य विभाग में हमारा मकसद कूटनीति को आगे बढ़ाना और गठबंधनों का प्रभावी प्रबंधन करना है।” इसके साथ ही उन्होंने अगली पीढ़ी के खतरों से निपटने के लिए सूचना साझा करने के महत्व पर भी जोर दिया।
यह बात ऐसे समय में आई है जब ग्लोबल हथियार कंट्रोल फ्रेमवर्क पर दबाव बढ़ रहा है। न्यू स्टार्ट संधि के खत्म होने से अमेरिका और रूस के रणनीतिक हथियारों पर लगी लिमिट हट गई है, जिससे हथियारों की नई रेस की चिंता बढ़ गई है।
इसके साथ ही चीन का बढ़ता न्यूक्लियर प्रोग्राम ने नए बहुपक्षीय समझौता बनाने की कोशिशों को मुश्किल बना दिया है। यह किसी भी बाइंडिंग हथियार कम करने के फ्रेमवर्क से बाहर है। यह एक ज्यादा बिखरे हुए और अनिश्चित ग्लोबल न्यूक्लियर ऑर्डर की ओर बदलाव का संकेत है।
अंतरराष्ट्रीय
मिडटर्म चुनाव में ‘ऐतिहासिक जीत’ का दावा, ट्रंप ने डेमोक्रेट्स पर साधा निशाना

TRUMP
वाशिंगटन, 26 मार्च : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आगामी मिडटर्म चुनावों को लेकर बड़ा दावा करते हुए रिपब्लिकन पार्टी की ऐतिहासिक जीत का भरोसा जताया। साथ ही उन्होंने डेमोक्रेट्स पर तीखा हमला बोलते हुए अपनी सरकार की आर्थिक, सैन्य और सीमा सुरक्षा नीतियों को बड़ी उपलब्धि बताया।
बुधवार (स्थानीय समय) को यहां यूनियन स्टेशन में आयोजित हाउस रिपब्लिकन डिनर को संबोधित करते हुए ट्रंप ने कहा कि उनकी सरकार ने बड़े परिणाम दिए हैं और आने वाले चुनावों में वे इतिहास को बदल देंगे। उन्होंने कहा, “आपकी मदद से इस नवंबर हम कट्टरपंथी वामपंथी डेमोक्रेट्स को हराएंगे और ऐसी जीत हासिल करेंगे जैसी देश ने पहले कभी नहीं देखी।”
राष्ट्रपति ट्रंप ने इस चुनाव को अपनी सरकार के कामकाज पर जनमत संग्रह (रेफरेंडम) बताया। उन्होंने कहा कि पिछली चुनावी जीत के बाद रिपब्लिकन को स्पष्ट जनादेश मिला है। हमने सभी सात स्विंग स्टेट्स जीते, हमने इलेक्टोरल कॉलेज जीता, हमने पॉपुलर वोट भी जीता।
राष्ट्रपति ने फंड रेजिंग को लेकर भी बड़ा दावा किया। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम में रिकॉर्ड 37 मिलियन डॉलर जुटाए गए। आज हमने 37 मिलियन डॉलर जुटाए और यह नया रिकॉर्ड है।
ट्रंप ने कहा कि उनकी नीतियों से घुसपैठ और नशे के अवैध कारोबार में कमी आई है। उन्होंने दावा किया, “लगातार 10 महीनों से एक भी अवैध प्रवासी को अमेरिका में प्रवेश नहीं दिया गया है।” साथ ही उन्होंने एयरपोर्ट पर सख्ती और इमिग्रेशन एजेंट्स के काम की भी सराहना की और कहा कि वे एयरपोर्ट्स पर शानदार काम कर रहे हैं, इंतजार का समय भी काफी घटा है।
विदेश नीति पर बोलते हुए ट्रंप ने ईरान के खिलाफ सख्त रुख का जिक्र किया। उन्होंने कहा, “हमें इस कैंसर को खत्म करना था। यह कैंसर ईरान का परमाणु हथियार था।” उन्होंने दावा किया कि हालिया सैन्य कार्रवाई से ईरान काफी कमजोर हुआ है। हमने उनकी नौसेना को खत्म कर दिया। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि ईरान अब बातचीत के लिए तैयार है और समझौता करना चाहता है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने डेमोक्रेट्स पर निशाना साधते हुए उन पर ‘खराब नीतियों’ और देश में अस्थिरता फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “वे अराजकता फैलाना चाहते हैं। उन्हें नीति बनानी नहीं आती।” वोटर आईडी और इमिग्रेशन नियंत्रण के विरोध पर उन्होंने कहा, “अगर आप इसका विरोध करते हैं तो इसका मतलब है कि आप धोखा देना चाहते हैं।”
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि डेमोक्रेट्स सीमा सुरक्षा और अपराध से जुड़े कानूनों को रोक रहे हैं। हमें बस कुछ और वोट चाहिए। हम चमत्कार कर सकते हैं।
आर्थिक मोर्चे पर डोनाल्ड ट्रंप ने महंगाई और दवाइयों की कीमतों में कमी का दावा करते हुए कहा कि हमने दवाइयों की कीमत 50, 60, 70, 80 और 90 प्रतिशत तक कम की है। साथ ही उन्होंने टिप और ओवरटाइम पर टैक्स खत्म करने जैसे प्रस्तावों का भी जिक्र किया।
डोनाल्ड ट्रंप ने पार्टी एकजुटता पर जोर दिया और कार्यकर्ताओं से मजबूती से चुनाव लड़ने की अपील की। उन्होंने कहा, “आपको लड़ना होगा और मजबूत बनना होगा। रिपब्लिकन को एकजुट रहना होगा। हम अमेरिका को फिर से सुरक्षित और महान बनाएंगे।”
बता दें कि इस साल होने वाले मिडटर्म चुनावों में कांग्रेस का नियंत्रण तय होगा और इसे ट्रंप सरकार की ताकत की बड़ी परीक्षा माना जा रहा है।
आमतौर पर अमेरिकी राष्ट्रपति की पार्टी मिडटर्म में सीटें खो देती है, लेकिन ट्रंप ने दावा किया कि इस बार यह ट्रेंड बदलेगा। फिलहाल कांग्रेस में रिपब्लिकन पार्टी के पास मामूली बहुमत है।
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