अंतरराष्ट्रीय
एसी मिलान ने मिडफील्डर डियाज के साथ किया करार
इटली फुटबाल लीग सेरी-ए के क्लब एसी मिलान ने रियल मेड्रिड के मिडफील्डर ब्राहिम डियाज के साथ लोन पर आधारित करार किया है, जिसके तहत अब वह 30 जून 2021 तक इटालियन क्लब के साथ रहेंगे। एसी मिलान ने एक बयान में कहा, ” एसी मिलान को स्पेन के फुटबॉलर ब्राहिम अब्देलकादर डियाज के साथ रियल मेड्रिड से लोन पर करार करने की घोषणा करते हुए खुशी हो रही है। वह 30 जून 2021 तक मिलान के साथ रहेंगे।”
क्लब ने साथ ही कि डियाज एसी मिलान में 21 नंबर की जर्सी पहनेंगे।
डियाज ने 2016 में मैनचेस्टर सिटी के साथ फस्र्ट टीम के लिए पदार्पण किया था। उन्होंने सिटी के लिए 15 मैचों में दो गोल किए थे। इसके बाद वह 2019 में रियल मेड्रिड से जुड़ गए थे। उन्होंने मेड्रिड के लिए भी 21 मैचों में दो ही गोल किया था।
इससे पहले, स्टार फुटबालर ज्लाटन इब्राहिमोविच ने अपने भविष्य को लेकर लगाई जा रही अटकलों को विराम देते हुए एसी मिलान के साथ अपने करार को 2021 तक के लिए बढ़ा दिया है।
क्लब ने एक बयान में कहा, ” एसी मिलान इस बात की घोषणा कर खुश है कि इब्राहिमोविच ने क्लब के साथ अपने करार को 30 जून, 2021 तक के लिए बढ़ा दिया है।”
अंतरराष्ट्रीय
यूएई ने हबशान गैस प्लांट पर ईरान के हमले की कड़ी निंदा की, कुछ समय के लिए रोका गया ऑपरेशन

अबू धाबी, 19 मार्च : ईरान ने कतर और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के गैस फैसिलिटी फील्ड पर हमला किया है। ईरान की इस कार्रवाई की यूएई के अधिकारियों ने कड़ी आलोचना की है। यूएई के अधिकारियों ने गुरुवार को कहा कि मिसाइलों के इंटरसेप्शन से गिरते मलबे के कारण हबशान गैस फैसिलिटी में ऑपरेशन कुछ समय के लिए रोक दिया गया है।
यूएई के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, “संयुक्त अरब अमीरात ने हबशान गैस फैसिलिटी और बाब फील्ड को निशाना बनाकर किए गए ईरान के हमले की कड़ी निंदा की है। यूएई के एयर डिफेंस ने ईरान की ओर से किए गए इस हमले को सफलतापूर्वक रोक दिया और किसी के घायल होने की खबर नहीं है।”
विदेश मंत्रालय ने कहा कि ये हमले अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन हैं। यूएई अपनी संप्रभुता और राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा करने और अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाने का पूरा अधिकार रखता है।”
मंत्रालय ने कहा कि यह “महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर और तेल फैसिलिटी को निशाना बनाने वाला हमला क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता के साथ-साथ वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए सीधा खतरा है।”
इससे पहले बुधवार को, यूएई ने कहा था कि ईरान के साउथ पार्स गैस फील्ड से जुड़ी ऊर्जा फैसिलिटी को निशाना बनाना वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के साथ-साथ क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता के लिए भी खतरा है।
यूएई के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि ईरान में साउथ पार्स फील्ड से जुड़े एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमले एक खतरनाक बढ़ोतरी दिखाते हैं। साउथ पार्स गैस फील्ड उत्तर में कतर के इलाके तक फैला हुआ है।
न्यूज एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, मंत्रालय ने जोर देकर कहा कि एनर्जी सेक्टर के इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाना वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा और इलाके और उसके लोगों की सुरक्षा और स्थिरता के लिए सीधा खतरा है।
इसमें यह भी कहा गया कि ऐसी हरकतों के गंभीर नतीजे भी हो सकते हैं और आम लोगों, नेविगेशन रूट, साथ ही जरूरी इंडस्ट्रियल और शहरी सुविधाओं को सीधे खतरे में डाल सकते हैं।
मंत्रालय ने किसी भी हालत में जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर को टारगेट करने से बचने की जरूरत पर जोर दिया और अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करने और इलाके में सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने की अहमियत को दोहराया।
अंतरराष्ट्रीय
कतर में हमले से भड़के ट्रंप ने ईरान को दी तबाह करने की चेतावनी, बोले-हिचकिचाऊंगा नहीं

वॉशिंगटन, 19 मार्च : इजरायल ने ईरान के सबसे बड़े पार्स गैस फील्ड पर भीषण हमला किया है। साउथ पार्स दुनिया की सबसे बड़ी प्राकृतिक गैस फील्ड मानी जाती है। वहीं, जवाबी कार्रवाई में ईरान ने कतर की मेन गैस फैसिलिटी पर बड़ा हमला किया है। ईरान के इस हमले में कतर को भारी नुकसान हुआ है। इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कड़ी चेतावनी सामने आई है। ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका बिना इजरायल की मदद या सहमति के ही ईरान के साउथ पार्स गैस फील्ड को इतनी ताकत से उड़ा सकता है, जितनी उसने पहले कभी नहीं देखी होगी।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी कहा है कि उन्हें इजरायल की ओर से किए गए हमले के बारे में कुछ नहीं पता था। ट्रूथ सोशल पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने लिखा, “मिडिल ईस्ट में जो हुआ, उससे गुस्से में इजरायल ने ईरान में दक्षिण पार्स गैस फील्ड नाम की एक बड़ी फैसिलिटी पर हिंसक हमला किया है। पूरे इलाके का एक छोटा सा हिस्सा ही प्रभावित हुआ है। अमेरिका को इस खास हमले के बारे में कुछ नहीं पता था और कतर किसी भी तरह से इसमें शामिल नहीं था और न ही उसे इस बात का कोई अंदाजा था कि ऐसा होने वाला है।”
ट्रंप ने कहा है कि इजरायल साउथ पार्स फील्ड पर और हमला नहीं करेगा। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, “बदकिस्मती से ईरान को यह या साउथ पार्स हमले से जुड़ी कोई भी जरूरी बात नहीं पता थी और उसने गलत तरीके से कतर की एलएनजी गैस फैसिलिटी के एक हिस्से पर हमला कर दिया। इजरायल इस बहुत जरूरी और कीमती साउथ पार्स फील्ड पर कोई और हमला नहीं करेगा।”
वहीं कतर पर ईरान के हमले को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। अमेरिकी राष्ट्रपति ने सीधा कहा है कि अगर ईरान कतर पर हमला करता है तो अमेरिका उसकी रक्षा के लिए ईरान को जवाब देगा। उन्होंने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा, “अमेरिका, इजरायल की मदद या सहमति के बिना, पूरे साउथ पार्स गैस क्षेत्र को इतनी ताकत से उड़ा देगा जैसा ईरान ने पहले कभी नहीं देखा होगा। मैं इस स्तर की हिंसा और तबाही की इजाजत नहीं देना चाहता, क्योंकि इसका ईरान के भविष्य पर लंबे समय तक असर पड़ेगा, लेकिन अगर कतर के एलएनजी पर फिर से हमला होता है, तो मैं ऐसा करने में हिचकिचाऊंगा नहीं।”
वहीं ईरान की ओर से की गई इस कार्रवाई पर कतर का भी गुस्सा फूटा है। कतर के विदेश मंत्रालय ने ईरान के सैन्य और सुरक्षा अटैशे (राजनयिक) को उनके स्टाफ के साथ 24 घंटे के अंदर देश छोड़ने का आदेश दिया है।
मंत्रालय ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, “एम्बेसी में सैन्य अटैशे और सुरक्षा अटैशे, दोनों अटैची ऑफिस में काम करने वालों के अलावा, पर्सोना नॉन ग्राटा हैं और उनसे अपील की जाती है कि वे ज्यादा से ज्यादा 24 घंटे के अंदर देश के इलाकों को छोड़ दें।” सैन्य अटैशे किसी देश की सेना का वह वरिष्ठ अधिकारी होता है, जिसे दूसरे देश में स्थित अपने दूतावास में तैनात किया जाता है। वहीं सुरक्षा अटैशे किसी दूतावास या मिशन में सुरक्षा से जुड़े मामलों की देखरेख करता है।
ईरानी हमले में हुए नुकसान को लेकर कतर के रक्षा मंत्रालय ने गुरुवार सुबह कहा कि ईरान के मिसाइल हमले से कतर के उत्तरी कोस्ट पर मौजूद मेन गैस फैसिलिटी को नुकसान हुआ है। कतर के रक्षा मंत्रालय ने एक्स पर पोस्ट किया, “ईरान की तरफ से कतर पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया गया, जिसने रास लफ्फान इंडस्ट्रियल सिटी को टारगेट किया और नुकसान पहुंचाया।” कतर ने रात में कहा कि गैस फैसिलिटी पर हमले उसकी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सीधा खतरा हैं।
अंतरराष्ट्रीय
अफगान विदेश मंत्री ने राजनयिकों से कहा,’पाकिस्तान के क्रूर हमले की सच्चाई से दुनिया को कराएं रूबरू’

काबुल, 18 मार्च : अफगानिस्तान के विदेश मंत्री अमीर खान मुत्ताकी ने बुधवार को विदेशों में स्थित अफगान दूतावासों और वाणिज्य दूतावासों के राजनयिकों संग वर्चुअल बैठक की। इस बैठक में उन्होंने राजनयिकों को काबुल के स्पष्ट रुख, नीति और भविष्य की कार्ययोजना के संबंध में आवश्यक निर्देश और मार्गदर्शन दिए। यह बैठक पाकिस्तान द्वारा एक नशा मुक्ति अस्पताल पर की गई घातक बमबारी की घटना के बाद हुई, जिसमें सैकड़ों लोगों की जान चली गई थी।
अफगान विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस बैठक में मंत्री ने पाकिस्तानी सैन्य शासन द्वारा अफगानिस्तान की राष्ट्रीय संप्रभुता के खिलाफ की गई आक्रामकता और हाल की घटनाओं के बारे में जानकारी साझा की।
काबुल द्वारा जारी एक बयान में कहा गया, “उन्होंने इस क्रूर हमले की कड़ी निंदा की और इसे मानवीय सिद्धांतों का स्पष्ट उल्लंघन बताया। मुत्ताकी ने सभी प्रतिनिधिमंडलों के अधिकारियों को देश की ताजा स्थिति के संबंध में इस्लामिक अमीरात के रुख को अंतरराष्ट्रीय समुदाय तक पहुंचाने की अपील की।”
बयान में आगे कहा गया, “देश के विदेश मंत्री ने अपने प्रतिनिधिमंडल को इस्लामिक अमीरात ऑफ अफगानिस्तान के स्पष्ट रुख, नीति और भविष्य की कार्रवाइयों के संबंध में आवश्यक निर्देश और मार्गदर्शन दिया। बैठक का समापन पाकिस्तानी शासन की बमबारी में मारे गए शहीदों को श्रद्धांजलि के साथ हुआ।”
मंगलवार को, मुत्ताकी ने काबुल पर पाकिस्तानी हवाई हमले को मानवीय और इस्लामी सिद्धांतों का गंभीर उल्लंघन बताया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी हमले में 408 से ज्यादा लोग मारे गए और 260 से ज्यादा घायल हो गए; इनमें से अधिकतर एक नशा मुक्ति केंद्र में इलाज करवा रहे मरीज थे। उन्होंने पाकिस्तान पर जान-बूझकर नागरिक सुविधाओं को निशाना बनाने का आरोप लगाया।
काबुल में विभिन्न संगठनों के राजनयिकों और प्रतिनिधियों से बात करते हुए, मुत्ताकी ने कहा कि पाकिस्तानी हवाई हमले ने समाज के सबसे कमजोर तबकों में से एक को निशाना बनाया—ऐसे लोग जो नशे की लत के इलाज के लिए उपचार ले रहे थे।
उन्होंने कहा कि फरवरी से लगातार हो रहे हमलों, जिनमें अफगानिस्तान के विभिन्न हिस्सों में नागरिक इलाकों पर किए गए हमले भी शामिल हैं, ने कूटनीतिक समाधानों पर भरोसे को कम कर दिया है। एरियाना न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने चेतावनी दी कि अगर हमले जारी रहे तो अफगान सेना “उसी अनुपात में और वैध” रक्षात्मक जवाबी कार्रवाई जारी रखेगी; उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अफगानिस्तान युद्ध नहीं चाहता, लेकिन अपनी संप्रभुता और अपने क्षेत्र की रक्षा जरूर करेगा।
मुत्ताकी ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से पाकिस्तान के हमले की निंदा करने का आग्रह किया, और चेतावनी दी कि इस्लामाबाद द्वारा लगातार तनाव बढ़ाने से पूरे क्षेत्र में अस्थिरता फैलने और प्रमुख आर्थिक व विकास पहलों पर बुरा असर पड़ने का खतरा है।
इस बीच, अफगानिस्तान में मानवाधिकारों की स्थिति पर संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत और विशेष प्रतिवेदक रिचर्ड बेनेट ने बुधवार को, काबुल में एक नशा मुक्ति केंद्र पर पाकिस्तान द्वारा किए गए हवाई हमले की तत्काल, स्वतंत्र और पारदर्शी जांच की मांग की है।
उन्होंने यह भी मांग की कि पीड़ितों और उनके परिवारों को मुआवजा दिया जाए।
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