Connect with us
Friday,28-August-2026
ताज़ा खबर

अंतरराष्ट्रीय समाचार

हम 100 विशेष आर्थिक जोन स्थापित करेंगे: शेख हसीना

Published

on

Sheikh-Hasina

बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने घोषणा की है कि उनकी सरकार औद्योगीकरण और अधिक रोजगार पैदा करने के लिए 100 विशेष आर्थिक जोन (एसईजेड) स्थापित कर रही है।

उन्होंने गुरुवार को अपने आधिकारिक आवास गणभवन पर दो बिजली संयंत्रों, 11 ग्रिड सब-स्टेशनों और छह नई ट्रांसमिशन लाइनों का शुभारंभ करने के दौरान यह बात कही।

हसीना ने कहा, “बिजली के उत्पादन के लिए बहुत बड़ी राशि खर्च की जा रही है। हम अब एलएनजी का आयात कर रहे हैं और हम अभी भी बिजली क्षेत्र को भारी मात्रा में सब्सिडी दे रहे हैं। लेकिन हमें यह ध्यान रखना होगा कि हमेशा सब्सिडी देना संभव नहीं है।”

उन्होंने कहा, “हम पहले से ही देश के 97.5 प्रतिशत लोगों को बिजली प्रदान कर रहे हैं और हमें उम्मीद है कि हम 2021 तक 100 प्रतिशत लोगों को दे सकेंगे।”

हसीना ने कहा कि देश के समग्र आर्थिक विकास के लिए उनकी सरकार ने 2021 तक 24,000 मेगावाट, 2030 तक 40,000 मेगावाट और 2041 तक 60,000 मेगावाट बिजली उत्पादन करने की योजना बनाई है।

उन्होंने कहा, “हमने बंगबंधु शेख मुजीबुर्रहमान की जन्मशती वर्ष और 2021 में स्वतंत्रता की स्वर्ण जयंती मनाने के लिए बड़े पैमाने पर कार्यक्रमों की योजना बनाई है और हमारा लक्ष्य 2021 तक देश के हर घर को रोशन करना है।”

उन्होंने कहा कि सरकार न केवल बिजली का उत्पादन और बिजली संयंत्रों का निर्माण कर रही है, बल्कि ट्रांसमिशन लाइनों की व्यवस्था भी कर रही है।

हसीना ने कहा कि बिजली का इस्तेमाल करने वालों की संख्या 47 प्रतिशत से बढ़कर 97.5 प्रतिशत हो गई है और ग्राहकों की संख्या 1 करोड़ से बढ़कर 3.74 करोड़ हो गई है।

लॉन्च के दौरान, ऊर्जा विभाग के सचिव सुल्तान अहमद ने पिछले 11 वर्षों में सेक्टर के विकास पर ‘पावर सेक्टर इन बांग्लादेश : फ्रॉम बंगबंधु टू बंगबंधु डॉटर’ (बांग्लादेश में ऊर्जा क्षेत्र : बंगबंधु से बंगबंधु बेटी तक) शीर्षक से एक प्रेजेंटेशन दिया।

इसके अलावा, बिजली क्षेत्र के विकास पर एक वृत्तचित्र भी प्रदर्शित किया गया।

कोरोनावायरस महामारी के बारे में हसीना ने कहा कि न केवल बांग्लादेश बल्कि पूरी दुनिया इसका सामना कर रही है।

प्रधानमंत्री ने सभी से आग्रह किया कि वे बीमारी से खुद को बचाने के लिए स्वास्थ्य नियमों का ठीक से पालन करें।

अंतरराष्ट्रीय समाचार

नेपाल त्रासदी : बाढ़ में जान गंवाने वालों की संख्या 469 पहुंची, 977 लोग अब भी लापता

Published

on

नेपाल के भोटेकोसी नदी में आई विनाशकारी बाढ़ में मरने वालों की संख्या बढ़कर 469 हो गई है जबकि 977 लोग अभी भी लापता हैं। यह जानकारी नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (एनडीआरआरएमए) ने शुक्रवार को जारी की।

माना जा रहा है कि यह बाढ़ नेपाल और चीन की सीमा के बीच बहने वाली एक अंतरराष्ट्रीय नदी में ऊपर की ओर हुए हिमस्खलन के कारण आई। इससे भोटेकोसी नदी के किनारे के निचले इलाकों में भारी तबाही मची है। बाढ़ के तेज बहाव में कई बस्तियां, सड़कें, जलविद्युत परियोजनाएं, बिजली प्रसारण ढांचा और अन्य सुविधाएं बह गईं।

एनडीआरआरएमए के अनुसार, विभिन्न जिलों से अब तक 469 शव बरामद किए जा चुके हैं। इनमें सबसे ज्यादा 178 शव चितवन जिले से मिले हैं। इसके बाद नवलपरासी पूर्व में 110, गोरखा में 44, नुवाकोट में 37, तनहुन में 28, नवलपरासी पश्चिम में 27, धाडिंग में 23 और रसुवा में 12 शव बरामद किए गए हैं। प्राधिकरण के अनुसार, जिन 977 लोगों से संपर्क नहीं हो पाया है, उनमें 517 विदेशी नागरिक शामिल हैं।

भारत के विदेश मंत्रालय ने गुरुवार रात बताया था कि भोटेकोसी नदी में आई इस आपदा के बाद 290 भारतीय नागरिक अब भी लापता हैं।

अमेरिका ने कहा है कि करीब 90 अमेरिकी नागरिक इस बाढ़ से प्रभावित हो सकते हैं, जबकि चीन के अनुसार बुधवार को हुए भूस्खलन के बाद नेपाल की तरफ लगभग 100 चीनी नागरिक अब भी लापता हैं। लापता लोगों में विदेशों में रहने वाले 127 नेपाली नागरिक भी शामिल हैं।

अथॉरिटी के अनुसार, संपर्क से बाहर लोगों में नेपाल पुलिस के 28 जवान, नेपाल सेना के 45 जवान, आर्म्ड पुलिस फोर्स के 13 जवान, कस्टम ऑफिस के 15 कर्मचारी और इमिग्रेशन ऑफिस के चार कर्मचारी शामिल हैं।

अथॉरिटी ने बताया कि इस आपदा में अब तक 73 लोग घायल हुए हैं। जिनमें रसुवा में 43, धाडिंग में तीन और नुवाकोट में 27 लोग शामिल हैं।

बचाव और राहत कार्यों के लिए 13,295 सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। इनमें नेपाल पुलिस, नेपाली सेना और सशस्त्र पुलिस बल के जवान शामिल हैं। अब तक बचाव दलों ने 3,253 लोगों को सुरक्षित निकाला है। फंसे हुए लोगों को निकालने और राहत सामग्री पहुंचाने के लिए हेलीकॉप्टरों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।

नेपाल के प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने राहत सामग्री वितरित करने या बचाव कार्य में मदद करने के इच्छुक लोगों और संगठनों से अपील की है कि वे पहले अपने संबंधित जिले के जिला प्रशासन कार्यालय से संपर्क करें और आवश्यक समन्वय के बाद ही राहत सामग्री भेजें।

पीएमओ ने कहा, “संबंधित मुख्य जिला अधिकारी (सीडीओ) का कार्यालय क्षेत्र की जरूरतों और प्राथमिकताओं के अनुसार राहत सामग्री सीधे प्रभावित इलाकों तक पहुंचाने की समन्वित व्यवस्था करेगा।”

प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, हाल के दिनों में कई लोग और संगठन बिना पूर्व समन्वय के छोटे निजी वाहनों में सीमित मात्रा में राहत सामग्री लेकर प्रभावित क्षेत्रों की ओर पहुंच रहे हैं। सरकार का कहना है कि इससे सड़कों पर भारी जाम लग रहा है। इसके कारण आपातकालीन मरीजों को ले जा रही एम्बुलेंसों की आवाजाही प्रभावित हुई है। साथ ही, सरकार की मुख्य बचाव टीमों और प्राथमिकता वाले राहत वाहनों को भी समय पर अपने गंतव्य तक पहुंचने में कठिनाई हो रही है।

Continue Reading

अंतरराष्ट्रीय समाचार

नेपाल त्रासदी : बाढ़ में जान गंवाने वालों की संख्या 469 पहुंची, 977 लोग अब भी लापता

Published

on

नेपाल के भोटेकोसी नदी में आई विनाशकारी बाढ़ में मरने वालों की संख्या बढ़कर 469 हो गई है जबकि 977 लोग अभी भी लापता हैं। यह जानकारी नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (एनडीआरआरएमए) ने शुक्रवार को जारी की।

माना जा रहा है कि यह बाढ़ नेपाल और चीन की सीमा के बीच बहने वाली एक अंतरराष्ट्रीय नदी में ऊपर की ओर हुए हिमस्खलन के कारण आई। इससे भोटेकोसी नदी के किनारे के निचले इलाकों में भारी तबाही मची है। बाढ़ के तेज बहाव में कई बस्तियां, सड़कें, जलविद्युत परियोजनाएं, बिजली प्रसारण ढांचा और अन्य सुविधाएं बह गईं।

एनडीआरआरएमए के अनुसार, विभिन्न जिलों से अब तक 469 शव बरामद किए जा चुके हैं। इनमें सबसे ज्यादा 178 शव चितवन जिले से मिले हैं। इसके बाद नवलपरासी पूर्व में 110, गोरखा में 44, नुवाकोट में 37, तनहुन में 28, नवलपरासी पश्चिम में 27, धाडिंग में 23 और रसुवा में 12 शव बरामद किए गए हैं। प्राधिकरण के अनुसार, जिन 977 लोगों से संपर्क नहीं हो पाया है, उनमें 517 विदेशी नागरिक शामिल हैं।

भारत के विदेश मंत्रालय ने गुरुवार रात बताया था कि भोटेकोसी नदी में आई इस आपदा के बाद 290 भारतीय नागरिक अब भी लापता हैं।

अमेरिका ने कहा है कि करीब 90 अमेरिकी नागरिक इस बाढ़ से प्रभावित हो सकते हैं, जबकि चीन के अनुसार बुधवार को हुए भूस्खलन के बाद नेपाल की तरफ लगभग 100 चीनी नागरिक अब भी लापता हैं। लापता लोगों में विदेशों में रहने वाले 127 नेपाली नागरिक भी शामिल हैं।

अथॉरिटी के अनुसार, संपर्क से बाहर लोगों में नेपाल पुलिस के 28 जवान, नेपाल सेना के 45 जवान, आर्म्ड पुलिस फोर्स के 13 जवान, कस्टम ऑफिस के 15 कर्मचारी और इमिग्रेशन ऑफिस के चार कर्मचारी शामिल हैं।

अथॉरिटी ने बताया कि इस आपदा में अब तक 73 लोग घायल हुए हैं। जिनमें रसुवा में 43, धाडिंग में तीन और नुवाकोट में 27 लोग शामिल हैं।

बचाव और राहत कार्यों के लिए 13,295 सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। इनमें नेपाल पुलिस, नेपाली सेना और सशस्त्र पुलिस बल के जवान शामिल हैं। अब तक बचाव दलों ने 3,253 लोगों को सुरक्षित निकाला है। फंसे हुए लोगों को निकालने और राहत सामग्री पहुंचाने के लिए हेलीकॉप्टरों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।

नेपाल के प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने राहत सामग्री वितरित करने या बचाव कार्य में मदद करने के इच्छुक लोगों और संगठनों से अपील की है कि वे पहले अपने संबंधित जिले के जिला प्रशासन कार्यालय से संपर्क करें और आवश्यक समन्वय के बाद ही राहत सामग्री भेजें।

पीएमओ ने कहा, “संबंधित मुख्य जिला अधिकारी (सीडीओ) का कार्यालय क्षेत्र की जरूरतों और प्राथमिकताओं के अनुसार राहत सामग्री सीधे प्रभावित इलाकों तक पहुंचाने की समन्वित व्यवस्था करेगा।”

प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, हाल के दिनों में कई लोग और संगठन बिना पूर्व समन्वय के छोटे निजी वाहनों में सीमित मात्रा में राहत सामग्री लेकर प्रभावित क्षेत्रों की ओर पहुंच रहे हैं। सरकार का कहना है कि इससे सड़कों पर भारी जाम लग रहा है। इसके कारण आपातकालीन मरीजों को ले जा रही एम्बुलेंसों की आवाजाही प्रभावित हुई है। साथ ही, सरकार की मुख्य बचाव टीमों और प्राथमिकता वाले राहत वाहनों को भी समय पर अपने गंतव्य तक पहुंचने में कठिनाई हो रही है।

Continue Reading

अंतरराष्ट्रीय समाचार

जापान दौरे के दौरान पीयूष गोयल ने अधिक निवेश और मजबूत औद्योगिक साझेदारियों का किया आह्वान, भारत-जापान आर्थिक सहयोग को मिली नई गति

Published

on

सरकार ने गुरुवार को कहा कि केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के जापान दौरे ने भारत और जापान के बीच विशेष रणनीतिक एवं वैश्विक साझेदारी को नई मजबूती प्रदान की है। इस यात्रा ने व्यापार, निवेश, प्रौद्योगिकी और औद्योगिक सहयोग को गहरा करने के प्रयासों को नया प्रोत्साहन दिया है। साथ ही भारत को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी विनिर्माण, प्रौद्योगिकी और निवेश केंद्र बनाने की दिशा में जापानी कंपनियों की भागीदारी बढ़ाने की मजबूत नींव भी रखी है।

एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि टोक्यो, नागोया और ओसाका में आयोजित उच्चस्तरीय बैठकों और कार्यक्रमों के साथ संपन्न हुई इस आधिकारिक यात्रा का मुख्य उद्देश्य जापानी निवेश को बढ़ावा देना, औद्योगिक साझेदारियों को मजबूत करना और उभरते तथा रणनीतिक क्षेत्रों में द्विपक्षीय आर्थिक सहयोग का विस्तार करना था।

दौरे के दौरान पीयूष गोयल ने जापान सरकार के वरिष्ठ नेताओं, प्रमुख वित्तीय संस्थानों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से व्यापक चर्चा की। उन्होंने भारत में निवेश की संभावनाएं तलाश रही या पहले से कारोबार कर रही 30 से अधिक प्रमुख जापानी कंपनियों और वित्तीय संस्थानों के शीर्ष अधिकारियों से मुलाकात की। इन चर्चाओं में निवेश विस्तार, मजबूत और लचीली आपूर्ति शृंखलाओं का निर्माण, तकनीकी सहयोग और दोनों देशों के उद्योगों के बीच नए व्यावसायिक अवसरों पर विशेष जोर दिया गया।

इस यात्रा का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य भारत के लिए दीर्घकालिक जापानी संस्थागत पूंजी को आकर्षित करना भी था। इसी क्रम में गोयल ने एमयूएफजी, मिजुहो, नोमुरा, निप्पॉन लाइफ, डेवलपमेंट बैंक ऑफ जापान और मॉर्गन स्टेनली एमयूएफजी सिक्योरिटीज सहित कई प्रमुख वित्तीय संस्थानों के नेताओं से मुलाकात की। इन बैठकों में भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर, मैन्युफैक्चरिंग, टेक्नोलॉजी और वित्तीय क्षेत्रों में निवेश बढ़ाने की संभावनाओं पर चर्चा हुई।

केंद्रीय मंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों पर केंद्रित विशेष गोलमेज बैठकों की भी अध्यक्षता की। इन बैठकों में भारतीय और जापानी उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। चर्चा का केंद्र ठोस निवेश परियोजनाओं, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और व्यावसायिक सहयोग के अवसर तलाशना था। खासतौर पर भारत के टियर-2 और टियर-3 आपूर्तिकर्ता नेटवर्क तथा एमएसएमई क्षेत्र को जापानी उद्योगों के साथ जोड़ने पर जोर दिया गया।

पीयूष गोयल ने जापानी निवेशकों के सामने भारत के सेमीकंडक्टर क्षेत्र की संभावनाओं को भी प्रमुखता से रखा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2032 तक भारत में सेमीकंडक्टर की मांग 150 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। उन्होंने सरकार की छह स्तंभों वाली रणनीति का उल्लेख करते हुए बताया कि इसमें चिप डिजाइन, सेमीकंडक्टर मशीनरी एवं सामग्री, चिप निर्माण, एटीएमपी/ओसैट, अनुसंधान एवं विकास तथा प्रतिभा विकास जैसे क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जा रही है।

दौरे के दौरान गोयल ने जापान के अर्थव्यवस्था, व्यापार एवं उद्योग मंत्री अकाजावा रयोसेई से भी मुलाकात की। इसके अलावा, उन्होंने जापान एक्सटर्नल ट्रेड ऑर्गनाइजेशन (जेट्रो), जापान बैंक फॉर इंटरनेशनल कोऑपरेशन (जेबीआईसी) और जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (जायका) के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ भी बैठकें कीं। इन चर्चाओं में व्यापार, निवेश, आपूर्ति शृंखलाओं की मजबूती, विनिर्माण सहयोग, प्रौद्योगिकी, अवसंरचना विकास और भारत की विकास यात्रा में जापानी कंपनियों की भागीदारी बढ़ाने पर विचार-विमर्श किया गया।

नागोया में पीयूष गोयल ने “भारत-जापान नेक्स्ट जेनरेशन इकोनॉमिक पार्टनरशिप” रोडशो को भी संबोधित किया। यह कार्यक्रम चुकिरेन और अन्य प्रमुख व्यापारिक संगठनों के सहयोग से आयोजित किया गया था, जिसमें जापान के चूबू क्षेत्र की 80 से अधिक कंपनियों ने भाग लिया। चर्चा के प्रमुख विषयों में ऑटोमोबाइल, एयरोस्पेस, मशीन टूल्स, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटो कंपोनेंट्स और एमएसएमई क्षेत्र शामिल रहे।

Continue Reading
Advertisement
अंतरराष्ट्रीय समाचार31 minutes ago

नेपाल त्रासदी : बाढ़ में जान गंवाने वालों की संख्या 469 पहुंची, 977 लोग अब भी लापता

मनोरंजन54 minutes ago

कृति सेनन के विज्ञापन पर प्रियंका चोपड़ा की मां मधु चोपड़ा ने कहा-गरिमा बनाए रखना जरूरी

राष्ट्रीय समाचार1 hour ago

भारत और कनाडा आर्थिक पूरकताओं के आधार पर मजबूत वित्तीय साझेदारी का निर्माण कर सकते हैं: वित्त मंत्री सीतारमण

मनोरंजन2 hours ago

छोटी बेटी अलीशा के जन्मदिन पर सुष्मिता सेन ने लुटाया प्यार, लिखा- तुम भगवान का दिया अनमोल तोहफा हो

राष्ट्रीय समाचार2 hours ago

आईटी शेयरों में खरीदारी से शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 193 अंक चढ़ा, निफ्टी में भी बढ़त

अंतरराष्ट्रीय समाचार2 hours ago

नेपाल त्रासदी : बाढ़ में जान गंवाने वालों की संख्या 469 पहुंची, 977 लोग अब भी लापता

अपराध2 hours ago

टोरेस ज्वैलर्स घोटाला : 177 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग मामले का मुख्य आरोपी दुबई में गिरफ्तार

राष्ट्रीय समाचार3 hours ago

रक्षाबंधन पर ‘भारत रक्षा पर्व’ स्कूली बच्चों ने थल सेनाध्यक्ष को बांधी राखी

राजनीति20 hours ago

नेपाल बाढ़ त्रासदी में 160 से ज्यादा मौतें, भारत हर संभव मदद के लिए तैयार: संजय निरुपम

राष्ट्रीय समाचार20 hours ago

योगी सरकार को महिलाओं की याद देर से आई, योजनाएं जमीन पर दिखें: इमरान मसूद

महाराष्ट्र3 weeks ago

महाराष्ट्र में मछली पकड़ने पर 15 अगस्त तक पाबंदी, मंत्री नितेश राणे ने गोवा से मांगा सहयोग

मनोरंजन4 weeks ago

जाह्नवी कपूर ने शिखर पहाड़िया और परिवार के साथ बिताए गए खास पलों की तस्वीरें शेयर कीं

व्यापार3 weeks ago

आदित्य बिड़ला फैशन एंड रिटेल का पहली तिमाही में घाटा बढ़ा, 249 करोड़ रुपए का हुआ नुकसान

मनोरंजन3 weeks ago

‘खतरनाक स्टंट करने की हिम्मत देते हैं’, फरहाना भट्ट ने रोहित शेट्टी को बताया मजबूत सपोर्ट

महाराष्ट्र4 weeks ago

मुंबई: 8 साल के बच्चे के माता-पिता को टी-शर्ट से मिला सुराग, जोगेश्वरी से लापता बच्चा सुरक्षित माता-पिता को सौंपा गया, मुंबई पुलिस की बड़ी कामयाबी

राष्ट्रीय समाचार3 weeks ago

भारत का लक्ष्य 2030 तक 10,000 जीआई पंजीकरण और एफटीए के लिए वैश्विक बाजारों तक पहुंच बनाना

महाराष्ट्र2 weeks ago

महाराष्ट्र: टीईटी पेपर लीक मामले में पुलिस प्रशिक्षण संस्थान का संचालक गिरफ्तार, भिवंडी कोर्ट में किया जा सकता है पेश

राष्ट्रीय समाचार4 weeks ago

ओडिशा पुलिस की बड़ी सफलता, 6 महीने में 17,590 गुमशुदा महिलाएं और बच्चे खोजे गए

राजनीति3 weeks ago

केजरीवाल के कार्यकाल में सरकार को भारी जीएसटी नुकसान, रिश्वत-वसूली के लिए नहीं की गई कार्रवाई: प्रवेश वर्मा

राष्ट्रीय समाचार2 weeks ago

सरकारी योजनाओं के दम पर भारतीय विनिर्माण क्षेत्र की रफ्तार मजबूत, 10.88 प्रतिशत सीएजीआर से बढ़ रहा मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर

रुझान