Connect with us
Wednesday,04-November-2026
ताज़ा खबर

राष्ट्रीय समाचार

चीनी एप की टक्कर में ‘बिहारी ब्राउजर’

Published

on

बिहार के युवा सिर्फ चीन की सीमाओं पर ही नहीं, तकनीक पर भी चीन को कड़ी टक्कर दे रहे हैं। देश में चल रहे चाइनीज एप्स के बहिष्कार के अभियान और केंद्र सरकार द्वारा 59 चायनीज एप्स को बंद किए जाने के बाद ‘मेड इन इंडिया’ एप की मांग बढ़ी है। इसी क्रम में दो बिहारी युवाओं का बनाया ‘मैगटैप’ नाम के वेब ब्राउजर गूगल प्ले स्टोर पर खूब डाउनलोड किया जा रहा है।

गूगल प्ले स्टोर पर आने के कुछ महीनों में ही इसे 8 लाख से ज्यादा बार डाउनलोड किया जा चूका है और फिलहाल इसकी रेटिंग 4़ 9 है।

एप से जुड़े सत्यपाल चंद्रा बताते हैं कि ‘मैगटैप’ पूरी तरह से ‘मेड इन इंडिया’ है। उन्होंने कहा, “‘मैगटैप’ एक ‘विजुअल ब्राउजर’ के साथ-साथ डक्यूमेंट रीडर, ट्रांसलेशन और ई-लनिर्ंग की सुविधा देने वाला एप है। इस एप को खास तौर पर देश के हिंदी भाषी छात्रों को ध्यान में रखकर बनाया गया है।

उन्होंने दावा करते हए कहा, “प्ले स्टोर पर एजुकेशन कैटेगरी में यह एप दुनिया भर में पहले नंबर पर है। हाल ही में इसका वर्जन 2 भी लांच किया गया है। वर्जन 2 के लांच होने और फिर चायनीज ऐप्स पर बैन के बाद ‘मैगटैप’ को 2़ 5-3 लाख के करीब डाउनलोड किया गया है।”

वे कहते हैं कि इंटरनेट पर अधिकतर अच्छी जानकारियां अंग्रेजी में हैं, ऐसे में उन्हें पढ़ते वक्त यह एप किसी भी शब्द, वाक्य या पूरे पैराग्राफ को भी हिंदी सहित देश की 12 भाषाओँ में अनुवाद कर सकता है। साथ में कोई भी दूसरा एप जैसे- व्हाट्सएप, फेसबुक, मैसेंजर आदि में भी किसी शब्द पर टैप कर उसका अर्थ जाना जा सकता है।

‘मैगटैप’ को डेवलप करने वाले रोहन कुमार ने बताया कि उन्होंने अभी ही इसका अपडेटेड वर्जन ‘मैगटैप 2़ 0’ लांच किया है। इस नए अपडेट में कई और सुविधाएं जोड़ी गयी हैं, जिससे यह एप चीन की यूसी ब्राउजर के साथ ही गूगल के क्रोम और ओपेरा ब्राउजर से भी बेहतर साबित होगा।

उन्होंने दावा करते हुए कहा कि एप का ट्रांसलेशन फीचर अब 12 भारतीय भाषाओँ के साथ फ्रेंच, जर्मन, इटालियन और अरबी समेत 29 विदेशी भाषाओं में भी पल भर में अनुवाद कर सकेगा। इससे भारत में हिंदी सहित कोई भी भाषा जानने वाले लोग अपने देश ही नहीं, बल्कि दुनिया भर की सभी मुख्य भाषाओं को घर बैठे सीख सकते हैं। इसके अलावा इस नए अपडेट में आवाज से आवाज और चित्र से आवाज में अनुवाद की भी सुविधा दी गई है।

मैगटैप ऐप बनाने वाली कंपनी ‘मैगटैप टेक्नोलॉजी’ का मुख्यालय मुंबई में है। यह कंपनी भारत सरकार के स्टार्टअप योजना से भी जुड़ी है। कंपनी के दोनों फाउंडर, सत्यपाल चंद्रा जहां गया के रहने वाले हैं वहीं रोहन सिंह समस्तीपुर के हैं। ‘मैगटैप’ को रोहन ने डिजाईन किया है और इसके तकनीकी पक्षों को संभालने में उनके 18 वर्षीय भाई अभिषेक सिंह मदद करते हैं।

नक्सल प्रभावित गया के इमामगंज प्रखंड के रहने वाले सत्यपाल चंद्रा अभाव और गरीबी के बीच प्रारंभिक पढाई पूरी कर कमाने के इरादे से वे दिल्ली चले गए। सत्यपाल ने करीब छह माह दिनरात मेहनत कर अंग्रेजी बोलना-लिखना सीखा। इसके बाद उन्होंने एक के बाद एक कई अंग्रेजी उपन्यास लिख डाले। उनकी किताबें ‘द मोस्ट इलिजिबल बैचलर’ और ‘व्हेन हेवेन्स फॉलडाउन’ काफी चर्चित रही हैं।

समस्तीपुर के मोहनपुर प्रखंड के निवासी रोहन सिंह ने 19 साल की उम्र में ही वेब डेवलपर के तौर पर काम किया है।

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

राजनीति

पश्चिम बंगाल की राजनीतिक लड़ाई में ‘बेबी-ममता’ की नजदीकियों से वामपंथियों के बीच बेचैनी बढ़ी

Published

on

सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ पूरे देश में एक गठबंधन बनाने के लिए विपक्ष के बीच दिख रही एकजुटता शायद अभी तक शीर्ष नेतृत्व से नीचे जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं तक नहीं पहुंची है। हाल ही में कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) यानी सीपीआईएम के महासचिव एमए बेबी और ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल कांग्रेस गुट के बीच दिखी नजदीकी ने खबरों के अनुसार वाम मोर्चा (लेफ्ट फ्रंट) के कुछ हिस्सों में एक असहज बहस छेड़ दी है।

ऐसा लगता है कि नई दिल्ली में रविवार को ‘इंडिया’ ब्लॉक की रैली की एक तस्वीर सामने आने के बाद यह विवाद और भड़क गया है। इस तस्वीर में ‘बेबी’ (एमए बेबी) ममता बनर्जी के कान में कुछ फुसफुसाते हुए दिख रहे हैं, और ममता मुस्कुराते हुए उनकी बात ध्यान से सुन रही हैं।

कुछ समय पहले तक ऐसी तस्वीर की कल्पना करना भी मुश्किल था, और लोग इसे नापसंद भी करते। ऐसा इसलिए है क्योंकि ममता का एकमात्र राजनीतिक लक्ष्य पश्चिम बंगाल में वामपंथियों (लेफ्ट) के गढ़ को तोड़ना था। उन्होंने 2011 में यह हासिल भी कर लिया—कांग्रेस पार्टी छोड़ने के लगभग 13 साल बाद जब उन्होंने कांग्रेस के राजनीतिक इरादों पर सवाल उठाए थे।

इस विवाद के केंद्र में यह सवाल है कि क्या वामपंथी दल, ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ कड़ा राजनीतिक संघर्ष जारी रखते हुए भाजपा से भी प्रभावी ढंग से लड़ सकते हैं, खासकर पश्चिम बंगाल में?

कम्युनिस्टों के बीच एक विचारधारा यह है कि भाजपा से लड़ने के लिए वामपंथी दलों को अपने ‘दुश्मन के दुश्मन’ के साथ हाथ मिला लेना चाहिए, भले ही वे क्षेत्रीय स्तर पर उनके विरोधी ही क्यों न हों।

इस विचार का समर्थन करने वाले लोग बताते हैं कि वामपंथियों का एकजुट होना तभी संभव हो पाया, जब सीपीआईएम की सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था ने ‘सांप्रदायिक ताकतों’ के खिलाफ लड़ाई में कांग्रेस पार्टी को समर्थन देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी।

वे यह भी मानते हैं कि कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) से समर्थन वापस लेने के बाद ही वामपंथियों के जनाधार में गिरावट शुरू हुई। हालांकि, इस विचार का कड़ा विरोध भी हो रहा है। विरोध करने वालों का तर्क है कि पश्चिम बंगाल में जब ममता बनर्जी अपने चरम पर थीं, तब कांग्रेस के साथ गठबंधन करने के बावजूद वे उन्हें चुनौती देने में विफल रहे थे।

एक और पहलू यह है कि केरल में वामपंथी गठबंधन का सीधा मुकाबला कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन से है। जमीनी स्तर पर हो रही चर्चाओं और मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, पार्टी का एक धड़ा इस नई राजनीतिक दिशा को वरिष्ठ मार्क्सवादी नेता और पूर्व महासचिव प्रकाश करात की रणनीतिक सोच से दूर जाने के रूप में देख रहा है।

सालों तक, बंगाल के वामपंथी नेताओं का यही मानना ​​रहा है कि भाजपा और तृणमूल कांग्रेस एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। वामपंथी नेताओं का तर्क था कि ममता बनर्जी के साथ किसी भी तरह का राजनीतिक समझौता करने से उनकी अपनी स्वतंत्र पहचान कमजोर होगी और उनके कार्यकर्ताओं में भ्रम पैदा होगा, खासकर ऐसे राज्य में, जहां पार्टी का आरोप रहा है कि ममता के शासन में उनके समर्थकों पर अत्याचार किए गए हैं। पर्यवेक्षकों का मानना ​​है कि सीपीआईएम प्रमुख बनने के बाद से, बेबी ने ‘भाजपा-विरोधी एकता’ को मजबूत करने पर काफी जोर दिया है। इस दौरान, ‘इंडिया’ ब्लॉक के दायरे में ममता बनर्जी के साथ उनकी बातचीत काफी ‘सौहार्दपूर्ण’ रही है।

भारतीय राजनीति में भाजपा एक प्रमुख ताकत बनी हुई है, लेकिन संसद में सीपीआईएम की मौजूदगी अब पहले की तुलना में बहुत कम रह गई है। ऐसे हालात में पार्टी के भीतर कई लोगों का मानना ​​है कि विपक्ष की एकता अब केवल एक विकल्प नहीं, बल्कि एक रणनीतिक जरूरत बन गई है, लेकिन पार्टी के कट्टर समर्थकों को डर है कि इन तस्वीरों और संदेशों से यह संकेत जा सकता है कि सीपीआईएम तृणमूल के प्रति अपना विरोध नरम कर रही है।

Continue Reading

राष्ट्रीय समाचार

झारखंड में सांसदों-विधायकों पर लंबित आपराधिक मामलों में जांच एजेंसियों की सुस्ती पर हाई कोर्ट नाराज, सीबीआई से पूछे सवाल

Published

on

झारखंड हाई कोर्ट ने सांसदों और विधायकों के खिलाफ लंबित आपराधिक मामलों की सुनवाई में हो रही देरी पर नाराजगी जताई है। अदालत ने जांच एजेंसियों की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों से जुड़े मामलों में सुनवाई तेज करने के लिए जरूरी कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। अदालत ने विशेष रूप से केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से गवाहों को समय पर पेश नहीं कर पाने और जांच से जुड़े दस्तावेज जुटाने में हो रही देरी पर सवाल किए।

झारखंड में फिलहाल सांसदों और विधायकों के खिलाफ 11 आपराधिक मामले लंबित हैं। न्यायमूर्ति रोंगोन मुखोपाध्याय की पीठ में बुधवार को इस मामले की सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद जनप्रतिनिधियों के खिलाफ आपराधिक मुकदमों का ट्रायल लंबे समय से लंबित है। ऐसे मामलों की सुनवाई प्राथमिकता के आधार पर होनी चाहिए, ताकि उनका निपटारा अनावश्यक रूप से नहीं टले।

अदालत ने जांच एजेंसियों की भूमिका पर टिप्पणी करते हुए कहा कि दस्तावेज जुटाने में ही काफी समय लग जाता है। इसके अलावा, गवाहों को अदालत में पेश करने के मामले में भी अपेक्षित तेजी नहीं दिखाई दे रही है। इससे मुकदमों की सुनवाई प्रभावित होती है और उनके निपटारे में देरी होती है।

सीबीआई की ओर से अदालत को बताया गया कि कुछ पुराने मामलों में गवाह अपने दिए गए पते पर नहीं मिल रहे हैं। इस कारण उन्हें अदालत में पेश करने और उनकी गवाही दर्ज कराने में व्यावहारिक कठिनाइयां आ रही हैं। एजेंसी ने इसे सुनवाई में देरी की एक वजह बताया। मामलों की वास्तविक स्थिति और सुनवाई की प्रगति का आकलन करने के लिए हाई कोर्ट ने दो प्रमुख मामलों का पूरा रिकॉर्ड संबंधित निचली अदालत से तलब किया है।

इन रिकॉर्ड के जरिए अदालत यह देखना चाहती है कि मुकदमों की सुनवाई किस स्तर पर है और किन कारणों से उनमें देरी हो रही है। उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट ने देशभर की अदालतों को सांसदों और विधायकों के खिलाफ लंबित आपराधिक मामलों की सुनवाई प्राथमिकता के आधार पर करने और उनके शीघ्र निपटारे के निर्देश दिए हैं।

Continue Reading

राजनीति

इंसाफ रैली में राहुल गांधी बोले-‘पंजाब में ऐसी सरकार चाहिए, जो जनता के लिए काम करे’

Published

on

लोकसभा के नेता विपक्ष राहुल गांधी ने पंजाब में ‘इंसाफ रैली’ में विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए केंद्र सरकार और पंजाब की ‘आप’ सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि पंजाब को ऐसी सरकार चाहिए जो यहां की जनता के लिए काम करे।

राहुल गांधी ने कहा कि पंजाब की सरकार दिल्ली से नहीं चलाई जा सकती। कांग्रेस पार्टी जब सरकार में होती है तो यहां सरकार पंजाब से ही चलाई जाती है। हमारा मुख्यमंत्री पंजाब का मुख्यमंत्री होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की सरकार में पंजाब को न हिंदुस्तान का गृह मंत्री चलाता है और न ही दिल्ली का पूर्व मुख्यमंत्री चलाता है। आज दिल्ली से पंजाब की सरकार चलाई जा रही है। आधी लगाम अमित शाह ने और आधी केजरीवाल ने पकड़ रखी है।

राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी पर भी तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि ट्रंप के धमकाने पर मोदी ने 5 मिनट के अंदर यूएस डील साइन कर दी। इस बारे में कैबिनेट तक को जानकारी नहीं दी गई और न ही किसी ब्यूरोक्रेट को बताया गया। मोदी ने हिंदुस्तान के किसानों और एमएसएमई का डेटा ट्रंप के हवाले कर दिया।

राहुल ने कहा कि अमित शाह लॉ एंड ऑर्डर की बात करते हैं लेकिन पूरा देश जानता है, उन्होंने जेल में गैंगस्टर्स पाल रखे हैं। अमित शाह बताएं कि मणिपुर में क्या स्थिति है क्योंकि वहां की कानून व्यवस्था के चलते नरेंद्र मोदी मणिपुर भी नहीं जा सकते।

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान पर निशाना साधते हुए राहुल गांधी ने कहा कि युवाओं को नशे में झोंकने वाली ‘आप’ सरकार को माफ नहीं किया जा सकता। प्रदेश की जनता इन्हें सत्ता से बाहर का रास्ता जरूर दिखाएगी। उन्होंने कहा कि भगवंत मान जब सांसद थे तो हमारे पास बैठकर चुटकुले सुनाते थे। भगवंत मान का शराब पीना उनका व्यक्तिगत मामला है लेकिन अगर पंजाब नशे से लड़ना चाहता है, तो यहां का मुख्यमंत्री हर शाम नशा नहीं कर सकता।

राहुल ने कहा कि पंजाब में नशा सबसे बड़ा मुद्दा है। यहां ‘आप’ सरकार बनी और पंजाब के लोगों ने उनमें अपना भरोसा दिखाया। ‘आप’ सरकार का वादा था कि हम पंजाब से नशा मिटा देंगे। मैं आपसे पूछना चाहता हूं कि इस सरकार ने पंजाब के किस कोने से नशा मिटा दिया क्योंकि सच यही है कि ये लोग नशा नहीं हटा सकते।

राहुल गांधी ने गायक सिद्धू मूसेवाला को भावुक श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि सिद्धू मूसेवाला एक डायनामिक और टैलेंटेड युवा थे। मैं जब पहली बार उससे मिला, तब मैं उसे जानता नहीं था। मुझे सिर्फ ये बताया गया था कि वो एक अच्छा लड़का है, म्यूजिशियन है और कांग्रेस में आना चाहता है।

उन्होंने कहा कि जब मैंने उसका गाना 295 सुना, तब जाना कि पंजाब का एक बेहतरीन म्यूजिशियन राजनीति में आ रहा है। वो पंजाब के लिए बड़े काम कर सकते थे क्योंकि उसके अंदर पंजाब की आवाज थी, जिसे वो अपने गानों के जरिए दुनिया के सामने रखता था। इस बीच सिद्धू को धमकियां मिलने लगी थीं लेकिन फिर भी उसकी सिक्योरिटी हटा दी गई और एक दिन सबके सामने दिनदहाड़े उसकी हत्या कर दी गई। जो सिद्धू मूसेवाला के साथ हुआ, वो पंजाब में फैशन बन चुका है। जिस सोच ने सिद्धू मूसेवाला को मार डाला, वही सोच आज पंजाब के हर कोने में घूम रही है।

अंत में राहुल गांधी ने कहा कि पंजाब के भाइयों और बहनों, आप सभी पंजाब में ऐसी सरकार बनाइए जो आपके लिए काम करे। ऐसी सरकार बनाइए जो नशा खत्म करे, एमएसएमई तैयार करे, युवाओं को रोजगार दे और किसानों की रक्षा करे। आप सब पंजाब में कांग्रेस की सरकार बनाइए।

Continue Reading
Advertisement
राजनीति1 hour ago

पश्चिम बंगाल की राजनीतिक लड़ाई में ‘बेबी-ममता’ की नजदीकियों से वामपंथियों के बीच बेचैनी बढ़ी

अंतरराष्ट्रीय समाचार2 hours ago

अमेरिका से बातचीत शांति का विकल्प, लेकिन राष्ट्रीय हितों से समझौता नहीं करेगा उत्तर कोरिया: किम यो जोंग

व्यापार2 hours ago

ट्रंप की चुनावी हार के बाद कीमती धातुओं में जोरदार उछाल, पलक झपकते ही सोना 3,000 रुपए और चांदी 6,900 रुपए तक चढ़ी

व्यापार2 hours ago

भारत की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता 2030 तक 530 गीगावाट तक पहुंचने का अनुमान

राष्ट्रीय समाचार3 hours ago

झारखंड में सांसदों-विधायकों पर लंबित आपराधिक मामलों में जांच एजेंसियों की सुस्ती पर हाई कोर्ट नाराज, सीबीआई से पूछे सवाल

खेल3 hours ago

‘मैं अब युवा नहीं रही, बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर फाइनल से लिया ब्रेक’: पीवी सिंधु

खेल3 hours ago

बर्थडे स्पेशल: विराट कोहली के 38वें जन्मदिन पर जानें उनके शरीर पर बने 13 ‘टैटू’ का राज

खेल3 hours ago

रोहित भाई के उस ‘रन-आउट’ ने मैच का रुख बदल दिया: कप्तान गिल

मनोरंजन3 hours ago

आंध्र प्रदेश में चेनसॉ हमले के बाद फिल्मों पर उठे सवालों पर बोले संदीप रेड्डी वांगा, कहा- ‘सिनेमा को बलि का बकरा न बनाएं’

मनोरंजन3 hours ago

‘मैगजीन कमेंट करती थीं पर आज जितनी ट्रोलिंग नहीं थी’, माधुरी दीक्षित ने 90 के दशक को किया याद

अपराध4 weeks ago

दिल्ली पुलिस ने मकोका के दो फरार आरोपियों को गिरफ्तार किया, 30 लाख रुपए बरामद

मनोरंजन4 weeks ago

कनिका-लव की लड़ाई में कूदी आम्रपाली, गुल्लू से हुई बहस

राजनीति4 weeks ago

“आप” का आरोप: जंतर-मंतर पर प्रदर्शन रोकने के लिए दिल्ली छावनी में तब्दील

राष्ट्रीय समाचार4 weeks ago

दिल्ली एयरपोर्ट ने यात्रियों से विरोध-प्रदर्शन के कारण यात्रा की योजना पहले से बनाने की दी सलाह

महाराष्ट्र2 weeks ago

टाइगर श्रॉफ से जुड़ी फायरिंग की घटना पर सियासत तेज, विपक्ष ने महाराष्ट्र सरकार और कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल

राजनीति4 weeks ago

जंतर-मंतर जा रहे राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत इंडिया ब्लॉक के नेता हिरासत में लिए गए

फिल्मी खबरे2 weeks ago

“समुदाय से माफी मांगें, वरना अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहें”: टाइगर श्रॉफ पर हमले के बाद लॉरेंस बिश्नोई के चचेरे भाई की सलमान खान को चेतावनी।

फिल्मी खबरे2 weeks ago

टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग की घटना पर अमाल मलिक की प्रतिक्रिया, बोले, ‘आखिर मुंबई में यह सब क्या हो रहा है?’

फिल्मी खबरे2 weeks ago

टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग के बाद बॉलीवुड निशाने पर, बिश्नोई गैंग के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू, तीन शूटर गिरफ्तार।

व्यापार3 weeks ago

सकारात्मक वैश्विक संकेतों के बीच हरे निशान में खुला बाजार, सेंसेक्स में 412 अंकों की बढ़त; निफ्टी में 0.58 प्रतिशत की तेजी

रुझान