राजनीति
बीजेपी के कृष्ण गोपाल से मिलिए, जो सड़क से उठाईं 11 सौ गायों की कर रहे देखभाल
जैसा नाम वैसा काम। उनके नाम में गोपाल भी लगा है और कृष्ण भी। काम भी वैसा ही कर रहे हैं। वह बीजेपी के ऐसे नेता हैं, जो दस, बीस, पचास नहीं, 11 सौ गायों की देखभाल का बीड़ा उठाए हुए हैं। ये ऐसी गायें हैं जो या तो लावारिस हाल में भूखीं सड़कों पर टहलतीं मिलीं या फिर कहीं घायल होकर जिंदगी और मौत से जूझ रहीं थीं। ऐसी गायों को पूरे नोएडा से तलाश-तलाश कर वह अपनी गौशाला में लाकर देखभाल कर रहे हैं। हम बात कर रहे हैं भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गोपाल कृष्ण अग्रवाल की। उनके समाज सेवा कार्यों की संघ प्रमुख मोहन भागवत, बाबा रामदेव और गृहमंत्री अमित शाह भी सराहना कर चुके हैं।
भाजपा नेता गोपाल कृष्ण अग्रवाल का श्री जी गौ सदन नोएडा के सेक्टर 94 में संचालित है। गोशाला में कुल 14 बाड़े हैं। जिसमें इस वक्त 11 सौ गायें हैं। कुल 45 कर्मचारियों को देखपाल के लिए लगाया है। गौशाला में ही चिकित्सालय है। जिसमें एक डॉक्टर सहित चार स्टाफ की तैनाती है। गौशाला की बीमार गायों की देखभाल हो या फिर बाहर मिलीं घायल गायों का उपचार, यह सब गौशाला की चिकित्सकीय टीम करती है। यह एनसीआर की एकमात्र गौशाला है जहां संचालित पैथोलॉजिकल लैब में गायों के ब्लड टेस्ट की भी सुविधा है। एनसीआर से कोई भी व्यक्ति गायों की ब्लड टेस्ट यहां करा सकता है। गौशाला में गोबर गैस के दो प्लांट भी लगे हैं। प्लांट से निकलने वाली ऊर्जा का कनेक्शन परिसर में रहने वाले कर्मचारियों के घर को दिया गया है। जिससे वे गोबर गैस के जरिए खाना बनाते हैं। बिजली चली जाने पर गोबर गैस प्लांट से ही जनरेटर चलता है। चारे के लिए दो भूसाघर भी है।
गौशाला खोलने का आइडिया कहां से आया? इस सवाल पर गोपाल कृष्ण अग्रवाल कहते हैं, “साल 2000 में एक गाय तस्कर का मैने पीछा किया था। इस दौरान कई गायें घायल मिलीं थी। तब नोएडा में पशुओं के इलाज के लिए सुविधा नहीं थी। जिसके बाद मैने लोगों की मदद से सेक्टर 94 में श्री जी गौ सदन खोलने का निर्णय लिया। इस गौशाला में सभी सड़क से उठाई गईं गायें हैं। एक भी गाय खरीदी हुई नहीं है।”
गोपाल कृष्ण अग्रवाल ने आईएएनएस को बताया कि पिछले 20 वर्षों से संचालित इस गौसेवा सदन के लिए उन्होंने सरकार से कभी फूटी कौड़ी नहीं ली। सिर्फ समाज की मदद से गायों की सेवा चल रही है। 11 सौ में से दो सौ गायें दूध देने वाली हैं। जिनके दूध को गौसेवा सदन के सदस्यों को दिया जाता है। सदस्य बदले में गौसेवा प्रबंधन को पैसे देते हैं।
श्री जी गौसेवा सदन में गायों के गोबर से कंडे और गौमूत्र से फिनाइल बनाने का भी काम चल रहा है। यहां दो भूसाघर भी हैं। लॉकडाउन के दौरान नोएडा में जब कई पशुपालकों के सामने चारे की समस्या हुई तो श्री जी गौ सेवा सदन ने मदद की। गोपाल कृष्ण अग्रवाल ने कई पशुपालकों के घर भूसा और चारा भेजा।
राजनीति
पीएम मोदी ने शरद पवार को फोन कर जाना हाल, स्वास्थ्य पर चर्चा से महाराष्ट्र की राजनीति में बढ़ी हलचल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को एनसीपी(एसपी) अध्यक्ष शरद पवार को फोन किया और उनका हालचाल पूछा। इस बात की पुष्टि शरद पवार के पारिवारिक मित्र और करीबी सहयोगी विट्ठल मनियार ने की है। हालांकि, प्रधानमंत्री के इस फोन कॉल ने महाराष्ट्र में राजनीतिक चर्चाओं को हवा दे दी है।
अस्पताल के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए मनियार ने बताया कि पीएम मोदी ने वरिष्ठ नेता से आग्रह किया कि वे अपनी सेहत को प्राथमिकता दें और आराम करें।
पीएम मोदी ने शरद पवार से कहा, “सुप्रिया और हम देश संभाल लेंगे। आप अपनी सेहत का ध्यान रखें और आराम करें। अपना आशीर्वाद हम पर बनाए रखें।”
पीएम मोदी के फोन कॉल के बाद पवार के अस्पताल में भर्ती होने की खबर ने राजनीतिक चर्चाओं को जन्म दे दिया। पीएम मोदी ने सुबह-सुबह फोन करके शरद पवार का हाल-चाल पूछा था।
पवार ने फोन करने के लिए प्रधानमंत्री को धन्यवाद दिया और उन्हें भरोसा दिलाया कि वे आराम कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “आप सभी के रहते मुझे देश की कोई चिंता नहीं है।”
दोनों नेताओं के बीच हुई इस बातचीत ने महाराष्ट्र के राजनीतिक समीकरणों को लेकर मीडिया में फिर से अटकलें तेज कर दी हैं। हालांकि उनके करीबी सहयोगियों का कहना है कि यह केवल पवार की सेहत के बारे में पूछा गया एक शिष्टाचार भरा कॉल था।
मनियार ने पुष्टि की कि वरिष्ठ नेता की हालत स्थिर है और कोई गंभीर समस्या नहीं है। “उनकी सेहत काफी अच्छी है; कोई गंभीर बात नहीं है। दो दिन पहले उन्हें खांसी और सीने में जकड़न (कंजेशन) की शिकायत थी, जिसके चलते उन्हें यहां भर्ती कराया गया था। वे अपनी सेहत को लेकर हमेशा बहुत सतर्क रहते हैं, इसलिए वे रूटीन चेक-अप के लिए आए थे।”
पुणे के रूबी हॉल क्लिनिक में रूटीन मेडिकल चेक-अप और सीने की जकड़न व थकान के इलाज के बाद पवार को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। वे आराम करने के लिए मुंबई स्थित अपने आवास ‘सिल्वर ओक’ चले गए हैं। डॉक्टरों ने उन्हें अपनी यात्राओं को सीमित करने, ज्यादा भागदौड़ न करने और खान-पान के सख्त नियमों का पालन करने की सलाह दी है।
डॉक्टरों ने उन्हें सार्वजनिक कार्यक्रमों में फिर से शामिल होने से पहले कम से कम 2 से 4 दिन तक पूरा आराम करने की सलाह दी है। शरद पवार अपनी बेटी और लोकसभा सांसद सुप्रिया सुले के साथ सीधे दक्षिण मुंबई स्थित अपने घर चले गए। आराम करने के दौरान वे अपनी निजी मेडिकल टीम की देखरेख में रहेंगे।
इससे पहले, सुप्रिया सुले ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, “बाबा अब काफी बेहतर हैं और हम मुंबई जा रहे हैं। रूबी हॉल की पूरी टीम का बहुत-बहुत धन्यवाद, जिन्होंने उनका इतना अच्छा ख्याल रखा। आप सभी की शुभकामनाओं के लिए मैं तहे दिल से आभारी हूं।”
राष्ट्रीय समाचार
भारत का प्राइवेट क्रेडिट एयूएम 2030 तक तीन गुना बढ़कर 65 अरब डॉलर पहुंचने की उम्मीद: रिपोर्ट

भारत पर केंद्रित प्राइवेट क्रेडिट के तहत एसेट अंडर मैनेजमेंट (एयूएम) 2030 तक बढ़कर 56-65 अरब डॉलर होने का अनुमान है, जो कैलेंडर वर्ष 2025 में 21.8 अरब डॉलर पर था। यह लगभग तीन गुना वृद्धि और करीब 21-24 प्रतिशत की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (सीएजीआर) को दर्शाता है। यह जानकारी बुधवार को जारी एक रिपोर्ट में दी गई।
केयरएज रेटिंग्स की रिपोर्ट के अनुसार, भारत का प्राइवेट क्रेडिट बाजार अभी विकास के शुरुआती चरण में है। देश की जीडीपी में इसकी हिस्सेदारी महज 0.6 प्रतिशत है, जबकि अमेरिका में यह 4.4 प्रतिशत और ब्रिटेन में 8.4 प्रतिशत है। इससे इस क्षेत्र में लंबी अवधि में विकास की व्यापक संभावनाएं दिखाई देती हैं।
भारत का क्रेडिट-टू-जीडीपी अनुपात, जो आमतौर पर 90 प्रतिशत से 102 प्रतिशत के बीच रहता है, 2022 में घटकर 88.3 प्रतिशत रह गया था। इसके बाद यह 2023 में बढ़कर 93.8 प्रतिशत, 2024 में 95.3 प्रतिशत और 2025 में 102.3 प्रतिशत हो गया।
इसके मुकाबले अमेरिका, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया जैसी विकसित अर्थव्यवस्थाओं में क्रेडिट-टू-जीडीपी अनुपात 140 प्रतिशत से 200 प्रतिशत के बीच बना हुआ है।
प्राइवेट क्रेडिट उन मध्यम आकार की कंपनियों, विकास के चरण में मौजूद कारोबारों और कम परिसंपत्तियों वाले व्यवसायों की वित्तपोषण जरूरतों को पूरा कर रहा है, जिन्हें पारंपरिक ऋणदाताओं से पर्याप्त मदद नहीं मिल पाती है।
इस क्षेत्र की वृद्धि के प्रमुख कारणों में बैंकों के सख्त ऋण नियम, विशेष जरूरतों के अनुरूप वित्तपोषण समाधानों की बढ़ती मांग, कर्ज के पुनर्वित्तपोषण के बड़े अवसर और दिवाला एवं कर्ज वसूली व्यवस्था का मजबूत होना शामिल हैं।
केयरएज एडवाइजरी की सीनियर डायरेक्टर तन्वी शाह ने कहा, “लचीली पूंजी की बढ़ती कॉरपोरेट मांग के चलते भारत का प्राइवेट क्रेडिट बाजार 2030 तक 56-65 अरब डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है। मानकीकृत ऋण उत्पादों से इतर वित्तपोषण की मांग इस वृद्धि को समर्थन देगी। डायरेक्ट लेंडिंग, वेंचर डेट, स्पेशल सिचुएशंस और रियल एस्टेट क्रेडिट इस विस्तार को गति देने की उम्मीद है।”
शाह ने कहा कि बाजार की वृद्धि को टिकाऊ रिटर्न में बदलने के लिए अनुशासित ऋण मूल्यांकन, जोखिम के अनुरूप ब्याज दरें और मजबूत ऋण शर्तों का संरक्षण बेहद महत्वपूर्ण होगा।
केयरएज एडवाइजरी के असिस्टेंट डायरेक्टर कल्पेश मंत्री ने कहा, “प्राइवेट क्रेडिट पारंपरिक ऋण व्यवस्था की जगह लेने के बजाय उसके साथ मिलकर काम करेगा। यह उन कर्जदारों के लिए लचीले और जरूरत के अनुरूप वित्तपोषण समाधान उपलब्ध कराकर वित्तपोषण व्यवस्था को मजबूत करेगा, जिन्हें पारंपरिक माध्यमों से पर्याप्त ऋण नहीं मिल पाता।”
रिपोर्ट में कहा गया है कि निकट भविष्य में डायरेक्ट लेंडिंग, वेंचर डेट और रियल एस्टेट डेट प्राइवेट क्रेडिट क्षेत्र की सबसे तेजी से बढ़ने वाली रणनीतियां रहने की उम्मीद है।
राजनीति
तमिलनाडु: ब्रेकफास्ट स्कीम के लिए टेंडर जारी, 34 लाख से ज्यादा बच्चों को लाभ

तमिलनाडु सरकार ने पेरुंथलाइवर कामराजर ब्रेकफास्ट स्कीम के लिए आवश्यक खाद्य सामग्री खरीदने के लिए पूरे राज्य में इलेक्ट्रॉनिक टेंडर आमंत्रित किए हैं। इस स्कीम से अभी राज्य भर के सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में पढ़ने वाले 34 लाख से अधिक बच्चों को लाभ हो रहा है।
यह खरीद राज्य के कंज्यूमर कोऑपरेटिव नेटवर्क के जरिए की जाएगी। इसका मकसद 1 जनवरी, 2027 से शुरू होने वाले तीन महीने के समय के दौरान ब्रेकफास्ट प्रोग्राम को बिना किसी रुकावट के लागू करना है।
टेंडर नोटिफिकेशन के मुताबिक, सरकार का प्रस्ताव है कि वह एक किलोग्राम के पैकेट में 1,300 मीट्रिक टन डबल-रोस्टेड रवा और एक किलोग्राम के पैकेट में पैक किया हुआ 1,200 मीट्रिक टन सांबा रवा, साथ ही 200 ग्राम के पैकेट में सप्लाई की जाने वाली खाद्य सामग्री की एक और कैटेगरी खरीदे।
टेंडर डॉक्यूमेंट्स 2 नवंबर को डाउनलोड के लिए उपलब्ध हो गए, जबकि बिड जमा करने की आखिरी तारीख 2 दिसंबर तय की गई है। पूरे भारत के सप्लायर इलेक्ट्रॉनिक टेंडरिंग प्रोसेस में हिस्सा ले सकते हैं।
ब्रेकफास्ट की यह पहल 15 सितंबर, 2022 को एम.के. स्टालिन की डीएमके सरकार की ओर से शुरू की गई थी। यह प्रोग्राम प्राइमरी स्कूल के बच्चों, खासकर आर्थिक रूप से पिछड़े परिवारों के बच्चों को पौष्टिक सुबह का खाना देने के लिए शुरू किया गया था।
शुरू में कुछ चुने हुए स्कूलों में लागू की गई इस स्कीम को बाद में तमिलनाडु के सरकारी प्राइमरी स्कूलों में शामिल करने के लिए कई चरणों में बढ़ाया गया। बाद में इसका कवरेज सरकारी मदद पाने वाले संस्थानों तक बढ़ा दिया गया, जिससे फायदा उठाने वालों की संख्या में काफी बढ़ोतरी हुई।
सितंबर में, मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने इस प्रोग्राम को क्लास 6 से 8 तक के छात्रों तक बढ़ा दिया है, जिससे 44,984 स्कूलों के लगभग 34.64 लाख बच्चों को लाभ होगा। इस विस्तार के लिए 217.63 करोड़ रुपए के अतिरिक्त आवंटन की जरूरत थी, जिससे प्रोग्राम का कुल आवंटन 724 करोड़ रुपए हो गया।
इस स्कीम के माध्यम से रेगुलर क्लासरूम एक्टिविटी शुरू होने से पहले छात्रों को ताजा नाश्ता दिया जाता है, जिसमें पोंगल, उपमा, खिचड़ी और दूसरी पौष्टिक डिश शामिल हैं।
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