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Friday,04-September-2026
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महाराष्ट्र में 2021-22 में जानवरों के हमले में 86 लोगों की मौत

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ऐसे समय में जब पूरे देश का ध्यान मध्य प्रदेश के कुनो राष्ट्रीय उद्यान पर केंद्रित है, जहां नामीबिया से आठ चीते लाए गए हैं, नवीनतम आंकड़ों से पता चलता है कि पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र में जानवरों के हमलों के कारण इंसानों के हताहतों की संख्या आश्चर्यजनक रूप से बढ़ी है। आंकड़ों का हवाला देते हुए, महाराष्ट्र के वन मंत्री सुधीर मुगंतीवार ने बताया कि 2019-20 में जंगली जानवरों के हमलों में कम से कम 47 लोगों की जान चली गई, 2020-21 में 80 लोग मारे गए, और 2021-22 में 86 लोगों की मौत हो गई।

राज्य में मानव-पशु संघर्ष की घटनाओं पर बोलते हुए, महाराष्ट्र के प्रधान मुख्य वन संरक्षक, सुनील लिमये ने कहा कि यह इतना अच्छा नहीं है, लेकिन इतना बुरा भी नहीं है। उन्होंने कहा कि यह बात इंसानों के समझने के लिए है, जानवरों के लिए नहीं।

अभयारण्यों से सटे इलाकों में स्पष्ट निर्देश के बावजूद मनुष्य लगातार वन्यजीव क्षेत्रों में प्रवेश या अतिक्रमण करते हैं। इंसान वन्यजीवों से अधिक से अधिक जगह हथिया रहे हैं, और जंगली जानवरों को अपने गलियारों का उपयोग करने की अनुमति नहीं देते। या जब वे देखे जाते हैं तो उनका पीछा भी करते हैं, जिसके चलते संघर्ष होता है, लिमये ने कहा।

उन्होंने कहा कि सरकार ने लोगों को जंगलों में भटकने से आगाह करने के लिए प्रतिक्रिया दल तैनात किए हैं, खासकर जब वन्यजीव बाहर निकलते हैं, यहां तक कि इस तरह की त्रासदियों के मामले में रैपिड रेस्क्यू टीमें भी इंसानों और जानवरों दोनों को बचाती हैं।

वन्यजीव संरक्षणवादी और बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसाइटी (बीएनएचएस) के सचिव किशोर रिठे ने कहा कि फिर भी, महाराष्ट्र में मानव-पशु संघर्ष काफी व्यापरक है।

रिठे ने समझाया, यहां लोगों को बाघ, भालू, तेंदुए, जंगली सूअर से सबसे अधिक हमलों का सामना करना पड़ता है, मुख्य रूप से इंसानों के उनके इलाके में प्रवेश करने या भोजन के लिए अपने इलाकों से बाहर घूमने वाले जानवरों के कारण।

रीठे ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में महाराष्ट्र, पड़ोसी कर्नाटक और ओडिशा से बढ़ते हाथियों के खतरे से चिंतित है। हाथी उपजाऊ कृषि भूमि और फसलों पर कहर बरपा रहे हैं।

हाथी अब खास कर कोंकण में हैं और विदर्भ के जंगलों के कुछ हिस्सों में ‘प्रवासी’ हैं, साल में तीन-चार महीने यहां बिताते हैं, जिससे इंसानों और अन्य जंगली जीवों के लिए जटिलताएं बढ़ जाती हैं, रीठे ने कहा।

लिमये और रिथे दोनों ने मानव-पशु संघर्ष को कम करने के लिए एक चौतरफा रणनीति का आह्वान किया, जिसमें इंसान संघर्षों से बचने के लिए जानवरों की जरूरतों को समझे और उसके हिसाब से प्रतिक्रिया दे।

महाराष्ट्र ने अब तक राज्य भर में 52 वन्यजीव अभयारण्य / रिजर्व घोषित किए हैं, और जल्द ही सात और जुड़ने वाले हैं।

मुनगंटीवार ने कहा कि इससे 13,000 वर्ग किमी तक का इलाका संरक्षित क्षेत्रों में आ जाएगा — विशेष रूप से राष्ट्रीय उद्यानों / अभयारण्यों / रिजर्व या उन्हें जोड़ने वाले ‘जंगल कॉरिडोर’ से सटे इलाकों में।

इसके अलावा पिछले महीने एक स्वागत योग्य कदम में, राज्य सरकार ने वन्यजीवों के हमलों से इंसानों और मवेशियों को होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए मुआवजे की राशि बढ़ाने का ऐलान किया है।

अपराध

अग्रीपाड़ा में घरेलू विवाद के बाद 19 वर्षीय युवक ने पत्नी की हत्या कर की खुदकुशी

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मुंबई: दक्षिण मुंबई के अग्रीपाड़ा इलाके में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां 19 वर्षीय दैनिक मजदूर ने घरेलू विवाद के बाद अपनी 19 वर्षीय पत्नी की हत्या कर दी और फिर खुद भी जीवन लीला समाप्त कर ली। यह घटना कालापानी चौकी के पास तड़के करीब 5:00 बजे घटी।

अग्रीपाड़ा पुलिस के अनुसार, आरोपी की पहचान मोहम्मद अहसान शेख (19) और उसकी पत्नी की पहचान जन्नत अहसान शेख (19) के रूप में हुई है। दोनों के बीच तड़के किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। बहस बढ़ने पर अहसान ने रसोई के चाकू से जन्नत का गला रेत दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

वारदात को अंजाम देने के तुरंत बाद अहसान ने उसी चाकू से अपना भी गला रेत लिया। घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस ने उसे गंभीर हालत में बीवाईएल नायर अस्पताल पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान उसने भी दम तोड़ दिया।

अग्रीपाड़ा पुलिस ने इस मामले में कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। मोहम्मद अहसान शेख के खिलाफ अपनी पत्नी की हत्या का मामला दर्ज किया जा रहा है, जबकि उसकी अपनी मौत के संबंध में एडीआर (आकस्मिक मृत्यु रिपोर्ट) दर्ज की जा रही है। पुलिस विवाद के कारणों की आगे की जांच कर रही है।

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अपराध

टोरेस ज्वैलर्स घोटाला : 177 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग मामले का मुख्य आरोपी दुबई में गिरफ्तार

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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने दुबई में कथित टोरेस ज्वैलर्स पोंजी स्कीम से जुड़े 177 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में वांछित आरोपी सागर मेहता की गिरफ्तारी की पुष्टि की है।

मेहता के वकील ने ईडी के कहने पर उनके खिलाफ शुरू की गई उद्घोषणा की कार्यवाही को वापस लेने के लिए अदालत का रुख किया। अदालत को बताया गया कि भारतीय एजेंसी के अनुरोध पर जारी रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर दुबई अधिकारियों ने गुरुवार को मेहता को गिरफ्तार कर लिया था।

मेहता इस मामले में मुख्य आरोपी है और उस पर कथित धोखाधड़ी से मिली रकम को इकट्ठा करने और ट्रांसफर करने में भूमिका निभाने का आरोप है। ईडी ने विशेष पीएमएलए अदालत को बताया कि वह कई महीनों तक फरार रहने के बाद गिरफ्तार किया गया।

अदालत ने पहले मेहता और तीन यूक्रेनी नागरिक ओलेना स्टोइयन, ओलेक्जेंडर जापिचेंको और विक्टोरिया कोवालेन्को के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किए थे। जांचकर्ताओं के अनुसार, जापिचेंको और स्टोइयन ने कथित तौर पर इस योजना के वित्तीय ढांचे और मनी-लॉन्ड्रिंग के तरीकों को तैयार करने में मदद की थी। इन पर अवैध तरीकों से शुरुआती फंड का इंतजाम करने और बिना हिसाब-किताब वाले पैसे को वैध निवेश में बदलने में मदद करने का भी आरोप है।

टोरेस ज्वैलर्स का मामला इस आरोप से जुड़ा है कि कंपनी ने सिंथेटिक मोइसैनाइट को कीमती रत्न बताकर और निवेशकों को बहुत ज़्यादा रिटर्न का वादा करके एक धोखाधड़ी वाली इन्वेस्टमेंट स्कीम चलाई।

अभियोजन पक्ष के अनुसार, टोरेस ज्वैलर्स का संचालन करने वाली कंपनी प्लेटिनम हर्न प्राइवेट लिमिटेड ने अच्छे रिटर्न और इनाम का लालच देकर निवेशकों को आकर्षित किया। कंपनी ने कथित तौर पर सोना, चांदी, हीरे के गहनों और कीमती रत्नों में निवेश पर हर हफ्ते 2 से 9 फीसदी तक रिटर्न देने का वादा किया था।

ईडी ने यह भी आरोप लगाया है कि स्कीम में नए लोगों को लाने पर निवेशकों को 20 फीसदी का “इन्वेस्टमेंट बोनस” दिया जाता था, जिससे एक रेफरल-आधारित सिस्टम बन गया था।

जांचकर्ताओं का आरोप है कि यह ऑपरेशन निवेशकों को लुभाने के लिए गुमराह करने वाले विज्ञापनों, आकर्षक बोनस और अवास्तविक रिटर्न के वादों पर निर्भर था, ये सभी पोंजी स्कीम की आम विशेषताएं हैं।

अभियोजन पक्ष का आरोप है कि मेहता इस धोखाधड़ी वाले ऑपरेशन में शामिल थे, लेकिन 24 दिसंबर 2024 को भारत से भाग गए। दुबई में उसकी गिरफ्तारी, कथित मनी-लॉन्ड्रिंग नेटवर्क और इस मामले से जुड़े फंड के लेन-देन की चल रही जांच के लिए अहम मानी जा रही है।

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अपराध

मुंबई की एंटी-नारकोटिक्स सेल ने 10 करोड़ की चरस के सप्लायर को बिहार से किया गिरफ्तार

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मुंबई क्राइम ब्रांच की एंटी-नारकोटिक्स सेल ने बांद्रा टर्मिनस के पास 10 करोड़ रुपए की चरस बरामदगी के मामले में मुख्य सप्लायर को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। मुंबई पुलिस ने गुरुवार को बताया कि आरोपी नेपाल भागने की तैयारी कर रहा था।

मुंबई पुलिस के अनुसार, 17 अगस्त को वर्ली यूनिट की एक टीम ने बांद्रा टर्मिनस के पास एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया और उसके पास से 10 किलो से अधिक चरस बरामद की। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत 10 करोड़ रुपए से अधिक है। इस मामले में निर्मल नगर पुलिस थाने में केस दर्ज किया गया था।

गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के दौरान उसने उस व्यक्ति के बारे में जानकारी दी, जिसने यह चरस सप्लाई की थी। इसके बाद आरोपी की तलाश के लिए वर्ली यूनिट की टीम को बिहार भेजा गया। 23 अगस्त को टीम बिहार के रक्सौल जिले में पहुंची। इसके बाद पुलिस की तलाश की गई।

मुंबई पुलिस ने बताया कि बिहार की स्थानीय पुलिस की मदद से आरोपी को पूर्वी चंपारण से गिरफ्तार किया गया। वह नेपाल भागने की तैयारी कर रहा था।

पिछले हफ्ते मुंबई के न्हावा शेवा बंदरगाह के पास स्थित कंटेनर फ्रेट स्टेशन (सीएफएस) के पास 55 किलोग्राम मेथाम्फेटामाइन जब्त किया गया, जिसकी लागत 300 करोड़ बताई गई।

इस मामले में आईएसआई से जुड़ा तस्कर हुसैन दाद संदेह के घेरे में आया। हुसैन के बारे में बताया जाता है कि उसका भारत के नशे के बाजार में दबदबा है। इससे पहले अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स के बाजार से भी उसका पुराना नाता रहा है। वह मूल रूप से अफगानिस्तान के कंधार का रहने वाला है। मौजूदा समय में वह इंटर-सर्विस इंटेलिजेंस का हिस्सा बनकर पाकिस्तान को मदद पहुंचाने का काम कर रहा है। वहीं, ड्रग्स से प्राप्त होने वाले धन का इस्तेमाल आतंकवादी गतिविधियों में करने में उसकी मुख्य भूमिका रही है।

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