राजनीति
यूपी पंचायत चुनाव में 3.19 लाख उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए
उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव में कुल 3.19 लाख उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित घोषित किए गए हैं।
एसईसी नेकहा, “पंचायत चुनावों में 3,19,317 उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए हैं। इसमें जिला पंचायत के सात सदस्य, पंचायत के 2,005 सदस्य और 3.17 लाख से अधिक सदस्य हैं, जो इस पंचायत चुनाव में निर्विरोध चुने गए हैं। कुल 178 उम्मीदवार ग्राम पंचायतों के प्रधान पद के लिए भी निर्विरोध चुने गए थे।”
उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनावों की मतगणना रविवार सुबह शुरू हुई।
एसईसी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “मतों की गिनती तब तक जारी रहेगी जब तक सभी मतपत्रों की गिनती नहीं हो जाती। पूरी प्रक्रिया में दो दिन लग सकते हैं।”
एसईसी अधिकारी ने कहा कि आमतौर पर वोटों की गिनती आठ घंटे की शिफ्ट में होती है।
एसईसी ने कहा कि हर मतगणना केंद्र में, एक स्वास्थ्य डेस्क स्थापित किया गया है जहां एक डॉक्टर दवाओं के साथ मौजूद है।
एसईसी ने कहा, मतगणना केंद्रों पर कोविड-19 जैसे बुखार, सर्दी और खांसी के लक्षण दिखाने वालों को अनुमति नहीं दी जाएगी। मतगणना केंद्र में प्रवेश करने वाले हर व्यक्ति को थर्मल स्कैनिंग से गुजरना पड़ा था।
यह स्पष्ट रूप से कहा गया है कि जीत के लिए जुलूसों पर पूर्ण प्रतिबंध होगा।
उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनावों के लिए मतदान 29 अप्रैल को चौथे और अंतिम चरण में 75 प्रतिशत मतदान के साथ समाप्त हुआ।
ग्राम पंचायत के वाडरें में 7.32 लाख से अधिक सीटों के लिए लाखों उम्मीदवार मैदान में थे, ग्राम पंचायतों में 58,176, क्षत्र पंचायतों में 75,852 और राज्य पंचायतों में 3,050 में चार चरणों में चुनाव हुए।
अंतरराष्ट्रीय समाचार
भारत-न्यूजीलैंड एफटीए से देश में निवेश बढ़ेगा, अधिक श्रम उपयोग वाले सेक्टर्स को होगा फायदा

भारत-न्यूजीलैंड के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) पर सोमवार को साइन होंगे। न्यूजीलैंड की सरकार इसे एक पीढ़ी में एक बार आने वाला मौका बता रही है। वहीं, भारत को भी इस समझौते से काफी फायदा होगा। इससे देश में निवेश बढ़ेगा, साथ ही अधिक श्रम उपयोग वाले सेक्टर्स के लिए ज्यादा मौके पैदा होंगे।
एफटीए के तहत न्यूजीलैंड ने अपनी 95 प्रतिशत टैरिफ लाइनों पर भारतीय निर्यात के लिए शुल्क में कमी की है। इससे न्यूजीलैंड में भारतीय उत्पादों के लिए बड़े स्तर पर ड्यूटी-फ्री एक्सेस का रास्ता खुला है।
इस एफटीए के लागू होने के बाद भारत से अधिक श्रम उपयोग वाले सेक्टर्स जैसे टेक्सटाइल, प्लास्टिक, लेदर और इंजीनियरिंग के उत्पाद जीरो ड्यूटी पर न्यूजीलैंड में प्रवेश कर पाएंगे, जिन पर फिलहाल औसत 2.3 प्रतिशत टैरिफ है।
इस समझौते के तहत न्यूजीलैंड ने भारत में अगले 15 वर्षों में 20 अरब डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश करने का ऐलान किया है।
एफटीए से भारतीय पेशेवरों के लिए भी उच्च वेतन वाले रोजगार के अवसर खुलेंगे। समझौते के तहत कौशल युक्त भारतीय पेशेवरों को न्यूजीलैंड अस्थायी रोजगार वीजा देगा, जिसके तहत पेशेवर न्यूजीलैंड में तीन साल तक रहकर कार्य कर सकेंगे। हालांकि, यह कोटा 5,000 वीजा का निर्धारित किया गया है।
इससे आईटी, एजुकेशन, फाइनेंशियल सर्विसेज, पर्यटन, कंस्ट्रक्शन और अन्य बिजनेस सर्विसेज से जुड़े पेशेवरों को फायदा होगा।
इस एफटीए में आपसी हितों का ध्यान रखा गया है। इस वजह से इससे न्यूजीलैंड के निर्यातकों को भी फायदा होगा।
भारत ने न्यूजीलैंड को अपनी करीब 70 प्रतिशत टैरिफ लाइनों पर छूट प्रदान की है, जिसमें से 54.11 प्रतिशत टैरिफ लाइनों पर छूट इस समझौते के लागू होने के पहले दिन से ही शुरू हो जाएगी। इसमें भेड़ों का मांस, ऊन, कोयला और वानिकी से जुड़े उत्पाद शामिल हैं।
भारत ने न्यूजीलैंड के सेब, किवीफ्रूट, शहद और अन्य उत्पादों को टैरिफ छूट में रखा है। हालांकि, इसके लिए कोटा और न्यूनतम आयात कीमत (एमआईपी) को निर्धारित किया गया है। साथ ही, इस समझौते के तहत कई समुद्री उत्पादों जैसे मसल्स और सैल्मन पर लगने वाला शुल्क सात साल की अवधि में समाप्त कर दिया जाएगा।
भारत सरकार ने किसानों और एमएसएमई के हितों का ध्यान रखते हुए डेयरी, पशु उत्पाद, सब्जियों और चीनी जैसे उत्पादों को इस एफटीए से बहार रखा है।
अंतरराष्ट्रीय समाचार
व्हाइट हाउस के डिनर प्रोग्राम में गोलीबारी से ‘चिंतित’ नहीं थे ट्रंप, एजेंसियों की तुरंत कार्रवाई की प्रशंसा

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स एसोसिएशन डिनर के दौरान गोलीबारी के बाद अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि जब ये घटना हुई, वे चिंतित नहीं थे। हालांकि, उन्होंने माना कि फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप काफी घबरा गई थीं।
राष्ट्रपति ट्रंप ने एक इंटरव्यू में कहा, “मुझे कोई चिंता नहीं थी। मैं जिंदगी को समझता हूं। हम एक पागल दुनिया में रहते हैं।” उन्होंने बताया कि जब सुरक्षाकर्मी उन्हें बाहर ले जा रहे थे, तब उनकी प्रतिक्रिया क्या थी।
ट्रंप ने कहा कि उन्होंने पहले स्थिति को समझने की कोशिश की, फिर सीक्रेट सर्विस के निर्देशों का पालन किया। उन्होंने कहा, “मैं देखना चाहता था कि क्या हो रहा है। सुरक्षाकर्मियों ने कहा कि कृपया नीचे झुक जाएं, फर्श पर लेट जाएं। तो मैं नीचे लेट गया। फर्स्ट लेडी भी जमीन पर लेट गईं।”
फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप को लेकर राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, “जो कुछ हुआ, उसे लेकर वह बहुत परेशान लग रही थीं। ऐसी स्थिति होने पर कौन परेशान नहीं होगा? उन्होंने स्थिति को बहुत अच्छे से संभाला। उन्हें पता था कि क्या हो रहा है।”
इस दौरान, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एजेंसियों की तुरंत कार्रवाई की प्रशंसा की। उन्होंने बताया कि कितनी तेजी से संदिग्ध को काबू कर लिया गया। उन्होंने कहा, “वह (हमलावर) बहुत शातिर था, लेकिन उन्होंने (सुरक्षाकर्मियों) तुरंत उसे काबू कर लिया।”
राष्ट्रपति ने संदिग्ध युवक की ओर से सुरक्षा घेरा तोड़ने पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा, “ये लोग बेवकूफ नहीं हैं और वे चीजों को तुरंत समझ लेते हैं। वैसे हमलावर काफी अनाड़ी भी था, तभी तो वह पकड़ा गया।”
घटना के बावजूद, ट्रंप ने कहा कि वे चाहते थे कि कार्यक्रम जारी रहे। उन्होंने उम्मीद जताई कि इसे जल्द ही दोबारा आयोजित किया जाएगा।
बता दें कि व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स एसोसिएशन डिनर में एक 31 साल के संदिग्ध में गोलीबारी की। वह सुरक्षा घेरे को तोड़ते हुए होटल में दाखिल हुआ था। इस डिनर में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अलावा फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप, उपराष्ट्रपति और वरिष्ठ अधिकारियों समेत 2,500 से अधिक मेहमान इकट्ठा हुए थे। गोलीबारी के तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों ने संदिग्ध को पकड़ लिया। फिलहाल, जांच एजेंसियां 31 वर्षीय संदिग्ध से पूछताछ कर रही हैं।
राजनीति
‘एक आदमी गलत हो सकता है, लेकिन सात लोग नहीं’, राघव चड्ढा ने ‘आप’ छोड़ने की बताई वजह

राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने आम आदमी पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया है। इस फैसले के बाद से लगातार उन पर कई सवाल उठ रहे थे। कुछ लोग उन्हें शुभकामनाएं दे रहे थे तो कुछ उनके फैसले के पीछे के कारण जानना चाहते थे। इन सवालों का जवाब देने के लिए राघव चड्ढा ने सोमवार को अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो पोस्ट किया।
राघव चड्ढा ने वीडियो में कहा कि पिछले तीन दिनों से उनके पास ढेर सारे मैसेज आ रहे हैं। ज्यादातर लोग उन्हें बेस्ट विशेस और बधाई दे रहे हैं, जबकि कुछ लोग उनके इस बड़े फैसले के पीछे क्या वजहें हैं, ये जानना चाहते हैं। इसलिए उन्होंने यह वीडियो उन सभी के लिए बनाया है, जिन्होंने शायद उनकी प्रेस कॉन्फ्रेंस भी नहीं देखी।
उन्होंने बताया कि राजनीति में आने से पहले वह एक प्रैक्टिसिंग चार्टर्ड अकाउंटेंट थे। उनके सामने एक बहुत अच्छा करियर था, लेकिन उन्होंने उस करियर को छोड़कर राजनीति में कदम रखा। उन्होंने कभी करियर बनाने के लिए राजनीति नहीं की। बल्कि वे आम आदमी पार्टी के फाउंडिंग मेंबर बने और उस पार्टी को अपने युवा दिनों के पूरे 15 साल दिए। उन्होंने अपनी मेहनत, खून-पसीने से उस पार्टी को सींचा और बड़ा किया। लेकिन अब वह पार्टी अब पहले जैसी नहीं रही। आम आदमी पार्टी में आज एक टॉक्सिक माहौल बन गया है। वहां काम करने से रोका जाता है, संसद में बोलने से रोका जाता है। पूरी पार्टी अब कुछ भ्रष्ट और समझौता करने वाले लोगों के हाथ में फंसकर रह गई है। ये लोग अब देश के लिए नहीं, बल्कि अपने निजी फायदे के लिए काम करते हैं।
राघव चड्ढा ने कहा कि पिछले कई सालों से ये महसूस हो रहा था कि वे सही जगह पर नहीं हैं। उन्होंने कहा, “शायद मैं सही आदमी हूं, लेकिन गलत पार्टी में।” उनके सामने सिर्फ तीन रास्ते थे। पहला, पूरी तरह राजनीति छोड़ देना। दूसरा, उसी पार्टी में रहकर चीजें सुधारने की कोशिश करना, जो संभव नहीं हुआ और तीसरा, अपनी एनर्जी और अनुभव को लेकर किसी और प्लेटफॉर्म पर जाकर सकारात्मक राजनीति करना। इसलिए उन्होंने तीसरा रास्ता चुना, लेकिन उन्होंने अकेले यह फैसला नहीं लिया। उनके साथ और भी सांसद थे। कुल सात सांसदों ने मिलकर यह तय किया कि अब वो इस पार्टी से अपना रिश्ता तोड़ रहे हैं। उन्होंने कहा, “एक आदमी गलत हो सकता है, दो आदमी गलत हो सकते हैं, लेकिन सात लोग गलत नहीं हो सकते।”
उन्होंने कहा कि कितने सारे पढ़े-लिखे, समझदार लोग इस पार्टी के सपने के साथ जुड़े थे, लेकिन बाद में उन्होंने भी पार्टी छोड़ दी। क्या वो सब गलत हो सकते हैं?
राघव चड्ढा ने उदाहरण देते हुए कहा, “आप में से जो लोग नौकरी करते हैं, अगर आपका ऑफिस एक टॉक्सिक जगह बन जाए, जहां आपको काम करने नहीं दिया जाता, आपकी मेहनत को दबाया जाता है और आपको चुप करा दिया जाता है, तो आप क्या करेंगे? जाहिर है, आप उस जगह को छोड़ देंगे।” उन्होंने कहा कि उन्होंने भी ठीक वही किया है।
उन्होंने कहा, “मैं अब आपकी समस्याओं को पहले से भी ज्यादा जोश और एनर्जी के साथ उठाऊंगा। अच्छी बात ये है कि अब हम उन समस्याओं के समाधान भी ढूंढ पाएंगे और उन्हें लागू भी करा पाएंगे।”
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